(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 25 भा(cid:14) 1(cid:26)3(cid:27) (cid:28)श(cid:15)(cid:29)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1(cid:15)(cid:20)3) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:30) ब१धव(cid:4)र, 1(cid:20) ०सत"बर 2(cid:15)15
fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~
&&&&&&&&
अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
6 जुलाई 2015
सं0 1153—श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी, ग्राम-खुटहा डीह, पो0- खुटहा, थाना-बड़हिया, जिला- श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी, ग्राम-खुटहा डीह, पो0- खुटहा, थाना-बड़हिया, जिला- श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी, ग्राम-खुटहा डीह, पो0- खुटहा, थाना-बड़हिया, जिला- लखीसराय पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 3884 है। इस न्यास के लखीसराय पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 3884 है। इस न्यास के लखीसराय पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 3884 है। इस न्यास के
1999 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय की अध्यक्षता में सुचारू प्रबंधन हेतु पर्षदीय ज्ञापांक 1666 दिनांक 29.11.1999 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय की अध्यक्षता में सुचारू प्रबंधन हेतु पर्षदीय ज्ञापांक 1666
ग्यारह सदस्यीय एक न्यास समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गयी थी। कालान्तर में 05 सदस्यों के त्याग-पत्र ग्यारह सदस्यीय एक न्यास समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गयी थी। कालान्तर में 05 सदस्यों के त्याग-पत्र ग्यारह सदस्यीय एक न्यास समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गयी थी। कालान्तर में 05 सदस्यों के त्याग-पत्र तथा एक सदस्य के निधन के पश्चात् पर्षदीय पत्रांक 1736 दिनांक 29.06.2002 द्वारा छः नये सदस्यों का तथा एक सदस्य के निधन के पश्चात् पर्षदीय पत्रांक 1736 दिनांक 29 2002 द्वारा छः नये सदस्यों को मनोनीत किया गया था।
उपर्युक्त न्यास समिति द्वारा पर्षदीय आदेषों/निर्देषों के उल्लंघन तथा आय के दुरूपयोग आदि कारणों से उपर्युक्त न्यास समिति द्वारा पर्षदीय आदेषों/निर्देषों के उल्लंघन तथा आय के दुरूपयोग आदि कारणों से उपर्युक्त न्यास समिति द्वारा पर्षदीय आदेषों/निर्देषों के उल्लंघन तथा आय के दुरूपयोग आदि कारणों से
29(2) के तहत न्यास समिति को विघटित पर्षदीय आदेष संख्या 977 दिनांक 07.08.2008 द्वारा अधिनियम की धारा-29(2) के तहत न्यास समिति को विघटित पर्षदीय आदेष संख्या 977 दिनांक 07
गठन तक अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय को अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत किया गया तथा नई समिति के गठन तक अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय को अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत गठन तक अनुमंडल पदाधिकारी, लखीसराय को अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 2621 दिनांक 12.09.2008 द्वारा पर्षद को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 2621 दिनांक 12 अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 2621 दिनांक 12
सूचित किया कि सचिव ने इन्हें प्रभार नहीं सौंपा है। इस बीच ठाकुरबाड़ी एवं इसके भवनों की स्थिति जर्जर होती गई। सूचित किया कि सचिव ने इन्हें प्रभार नहीं सौंपा है। इस बीच ठाकुरबाड़ी एवं इसके भ वनों की स्थिति जर्जर होती गई। 2014 को गामीणों का एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें चाहरदिवारी, भवन, जगमोहन एवं दिनांक 23.09.2014 को गामीणों का एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें चाहरदिवारी, भवन, जगमोहन एवं 2014 को गामीणों का एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें चाहरदिवारी, भवन, जगमोहन एवं
2014 द्वारा वांछित अनुमति प्रदान मन्दिर के जीर्णोद्धार करने की अनुमति मांगी गयी। पर्षदीय पत्रांक 899 दिनांक 29.09.2014 द्वारा वांछित अनुमति प्रदान मन्दिर के जीर्णोद्धार करने की अनुमति मांगी गयी। पर्षदीय पत्रांक 899 दिनांक 29
ी के र्जीणोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ। स्थानीय मुखिया का एक पत्र दिनांक 28.04.2015 को ी के र्जीणोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ। स्थानीय मुखिया का एक पत्र दिनांक 28 की गयी और ठाकुरबाड़ी के र्जीणोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ। स्थानीय मुखिया का एक पत्र दिनांक 28
प्राप्त हुआ जिसमें न्यास समिति के गठन हेतु 11 व्यक्तियों का नाम दिया गया। प्राप्त हुआ जिसमें न्यास समिति के गठन हेतु 11 व्यक्तियों का नाम दिया गया।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 अंचल पदाधिकारी, बड़हिया ने भी अपने पत्र संख्या-508 दिनांक 22.06.2015 द्वारा पर्षद को एक प्रतिवेदन भेजा है, जिसमें वर्तमान प्रबंधन की प्रषंसा की गयी है। अंचलाधिकारी ने लिखा है कि मन्दिर की स्थिति दयनीय थी;
किन्तु हाल में दो बड़े हॉल का निर्माण, जगमोहन का र्जीणोद्धार तथा हनुमानजी एवं षिवजी के मन्दिरों का निर्माण किया गया है। इसमें ग्रामीणों का विषेषकर श्री रामयत्न सिंह, जिन्होंने 15 लाख रूपये खर्च कर यह भव्य कार्य किया है, का सराहनीय योगदान है। अंचल अधिकारी ने अन्त में लिखा है कि इसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन किया जा सकता है।
उपर्युक्त परिस्थिति में श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी, खुटहा डीह की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु स्थानीय मुखिया द्वारा अनुसंषित नामों की न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। उक्त सूची के क्रमांक-09 पर श्री राजीव कुमार का नाम है, उनके स्थान पर श्री मदन महतो पे0 श्री छोटी महतो को रखते हुए शेष नाम को मान्य रखा गया है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी, ग्राम-खुटहा डीह के सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं क्रियान्वयन के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना
''श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी न्यास 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी न्यास ''श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी न्यास ''श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' योजना'' योजना'' योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' श्री विजय राघव बड़ा '' श्री विजय राघव बड़ा '' श्री विजय राघव बड़ा '' श्री विजय राघव बड़ा ठाकुरबाड़ी न्यास समिति,'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति,'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति,'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति,'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष में से किन्ही दो के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।3 (cid:31)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) श्री अर्जून प्रसाद सिंह, पुत्र स्व0 रामचन्द्र प्रसाद सिंह अध्यक्ष (2) श्री रामषोभा सिंह, पुत्र श्री भोला सिंह- सचिव (3) श्री अर्जून सिंह, पुत्र स्व0 कारी सिंह- सदस्य (4) श्री वषिष्ठ नारायण सिंह, पुत्र स्व0 कपिलदेव सिंह कोषाध्यक्ष (5) श्री सकलदेव सिंह, पुत्र स्व0 तितु सिंह सदस्य (6) श्री रामानुज सिंह , पुत्र स्व0 राघो सिंह सदस्य (7) श्री नवीन कुमार सिंह, पुत्र स्व0 सुरेष सिंह सदस्य (8) श्री शंकर कुमार, पुत्र श्री बाल्मिकी सिंह सदस्य (9) श्री मदन महतो, पुत्र स्व0 छोटी महतो सदस्य (10) श्रीमती नीलम देवी, पत्नी श्री नन्दलाल पासवान सदस्य (11) श्री रामनारायण सिंह, पुत्र स्व0 कमलेष्वरी सिंह सदस्य उपर्युक्त सभी ग्राम-खुटहा ड़ीह, पो0-खुटहा, जिला-लखीसराय।
श्री रामयत्न सिंह को मुख्य अर्चक एवं श्री उपेन्द्र प्रसाद सिंह को अर्चक के रूप में नियुक्त किया जाता है। न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा और अगली समिति द्वारा कार्यभार ग्रहण तक यह लागू होगा। यह आदेष दिनांक 10.07.2015 से प्रवृत होगा।
आदेष से,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1063%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in