Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 16 September 2015

Published 16 September 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-09-16.1064
Languages
English, Hindi

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(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 25 भा(cid:14) 1(cid:26)3(cid:28) (cid:29)श(cid:15)(cid:30)

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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना

4 जुलाई 2015

सं0 1147—बेगुसराय जिल

बेगुसराय जिलान्तर्गत श्री राम जानकी मंदिर ग्राम-अयोध्या

अयोध्या, पो0अं0था0-तेघड़ा, जिला-बेगुसराय पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धाि

बेगुसराय पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-

र्मक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3676 है। इस न्यास

की गठित न्यास समिति पर एक-दूसरे पर दोषारोपण होने पर में महंथ राम नारायण दास एवं स्थानीय ग्रामीण की गठित न्यास समिति पर एक-दूसरे पर दोषारोपण होने पर में महंथ राम नारायण दास एवं स्थानीय ग्रामीण

वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए महंथ तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति पर पर्षदीय पत्रांक-1031, दिनांक वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए महंथ तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति पर पर्षदीय पत्रांक-1031, दिनांक 21/09/11 को समुचित प्रबंधन के लिए श्री सुनील दास को तत्काल न्यास का कार्यभार सौंपा गया था। इस प्रकार सुनवा को समुचित प्रबंधन के लिए श्री सुनील दास को तत्काल न्यास का कार्यभार सौंपा ग या था। इस प्रकार सुनवाई दिनांक 20/12/2012 के आदेष के आलोक में इस न्यास की जांच पर्षद द्वारा करवाई गयी। जांच प्रतिवेदन एवं अनुमण्डल 20/12/2012 के आदेष के आलोक में इस न्यास की जांच पर्षद द्वारा करवाई गयी। जांच प्रतिवेदन एवं अनुमण्डल 20/12/2012 के आदेष के आलोक में इस न्यास की जांच पर्षद द्वारा करवाई गयी। जांच प्रतिवेदन एवं अनुमण्डल पदाधिकारी, तेघड़ा द्वारा भी अपने पत्र सं0-2527, दिनांक 04/10/2012 से समुचित व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति , तेघड़ा द्वारा भी अपने पत्र सं0-2527, दिनांक 04/10/2012 से समुचित व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति

पर्षदीय पत्रांक- 569, दिनांक- 27/06/13 द्वारा अधिसूचना जारी के गठन की अनुषंसा की गई, जिसके आलोक में पर्षदीय पत्रांक- 569, दिनांक- 27/06/13 द्वारा अधिसूचना जारी के गठन की अनुषंसा की गई, जिसके आलोक में

कर गजट प्रकाषन हेतु निर्गत किया गया, परंतु कुछ अपरिहार्य कारणाें से अधिसूचना का गजट प्रकाषन पर रोक कर गजट प्रकाषन हेतु निर्गत किया गया, परंतु कुछ अपरिहार्य कारणाें से अधिसूचना का गजट प्रकाषन पर रोक कर गजट प्रकाषन हेतु निर्गत किया गया, परंतु कुछ अपरिहार्य कारणाें से अधिसूचना का गजट प्रकाषन पर रोक लगाकर, न्यास का पर्षदीय जांचोपरांत पुनः सुनवाई प्रारंभ की गई। पर्षदीय सुनवाई दिनांक लगाकर, न्यास का पर्षदीय जांचोपरांत पुनः सुनवाई प्रारंभ की गई। पर्षदीय सुनवाई दिनांक 19/05/14 में दोनों पक्षकार (चन्द्रभूषण सिंह वगैरह एवं महंत राम नारायण दास) के बीच सदभाव एवं आपसी सहमति के आधार पर नये पक्षकार (चन्द्रभूषण सिंह वगैरह एवं महंत राम नारायण दास) के बीच सदभाव एवं आपसी सहमति के आधार पर नये पक्षकार (चन्द्रभूषण सिंह वगैरह एवं महंत राम नारायण दास) के बीच सदभाव एवं आपसी सहमति के आधार पर नये न्यास समिति का गठन करने का आदेष पारित किया गया। ''इस आदेष के अनुसारः-''इस आदेष के अनुसारः-''इस आदेष के अनुसारः-''इस आदेष के अनुसारः- न्यास समिति का गठन करने का आदेष पारित किया गया।

1111.... महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- बेगुसराय के न्यासधारी ेगुसराय के न्यासधारी ेगुसराय के न्यासधारी ेगुसराय के न्यासधारी महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब महंत श्री राम नारायण दास, श्री राम जानकी मंदिर, अयोध्या, तेघड़ा, जिला- ब

रहेंगे।रहेंगे।रहेंगे।रहेंगे।ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 2 2222.... पूजा-पाठ एवं अध्यात्मिक कार्यों का सम्पादन एवं पर्यवेक्षण महंत श्री राम नारायण दास के जिम्मे रहेगा। पूजा-पाठ एवं अध्यात्मिक कार्यों का सम्पादन एवं पर्यवेक्षण महंत श्री राम नारायण दास के जिम्मे रहेगा। पूजा-पाठ एवं अध्यात्मिक कार्यों का सम्पादन एवं पर्यवेक्षण महंत श्री राम नारायण दास के जिम्मे रहेगा। पूजा-पाठ एवं अध्यात्मिक कार्यों का सम्पादन एवं पर्यवेक्षण महंत श्री राम नारायण दास के जिम्मे रहेगा। इनका व्यक्तिगत खर्च, आवागमण, साधु-षाही, स्वास्थ्य, तीर्थ-यात्रा, राग-भोग आदि पर होने वाले व्यय के लिए इनको इनका व्यक्तिगत खर्च, आवागमण, साधु-षाही, स्वास्थ्य, तीर्थ-यात्रा, राग-भोग आदि पर होने वाले व्यय के लिए इनको इनका व्यक्तिगत खर्च, आवागमण, साधु-षाही, स्वास्थ्य, तीर्थ-यात्रा, राग-भोग आदि पर होने वाले व्यय के लिए इनको इनका व्यक्तिगत खर्च, आवागमण, साधु-षाही, स्वास्थ्य, तीर्थ-यात्रा, राग-भोग आदि पर होने वाले व्यय के लिए इनको आय का एक तिहाई अंष दिआय का एक तिहाई अंष दिआय का एक तिहाई अंष दिआय का एक तिहाई अंष दिया जायेगा।या जायेगा।या जायेगा।या जायेगा।

3333.... लौकिक कार्यों के लिए निम्नलिखित न्यास का गठन दोनों की सहमति से किया जाता है। लौकिक कार्यों के लिए निम्नलिखित न्यास का गठन दोनों की सहमति से किया जाता है। लौकिक कार्यों के लिए निम्नलिखित न्यास का गठन दोनों की सहमति से किया जाता है। लौकिक कार्यों के लिए निम्नलिखित न्यास का गठन दोनों की सहमति से किया जाता है।

महंत राम नारायण दास को चढ़ावा जमीन की उपज, दुकान का किराया आदि का तिहाई हिस्सा के लिए महंत राम नारायण दास को चढ़ावा जमीन की उपज, दुकान का किराया आदि का तिहाई हिस्सा के लिए महंत राम नारायण दास को चढ़ावा जमीन की उपज, दुकान का किराया आदि का तिहाई हिस्सा के लिए महंत राम नारायण दास को चढ़ावा जमीन की उपज, दुकान का किराया आदि का तिहाई हिस्सा के लिए

ं उसका अंष नहीं होगा, किन्तु करेगा। सामान्यतः वाहनों से जो शुल्क मंदिर के विकास के लिए लिया जाता है, उसमें उसका अंष नहीं होगा, किन्तु करेगा। सामान्यतः वाहनों से जो शुल्क मंदिर के विकास के लिए लिया जाता है, उसमे ं उसका अंष नहीं होगा, किन्तु ं उसका अंष नहीं होगा, किन्तु करेगा। सामान्यतः वाहनों से जो शुल्क मंदिर के विकास के लिए लिया जाता है, उसमे करेगा। सामान्यतः वाहनों से जो शुल्क मंदिर के विकास के लिए लिया जाता है, उसमे

वार्षिक मानदेय 1 लाख रूपया से कम होने पर उसका भी कुछ अंष दिया जा सकता है। न्यास समिति का मुख्य कार्य वार्षिक मानदेय 1 लाख रूपया से कम होने पर उसका भी कुछ अंष दिया जा सकता है। न्यास समिति का मुख्य कार्य वार्षिक मानदेय 1 लाख रूपया से कम होने पर उसका भी कुछ अंष दिया जा सकता है। न्यास समिति का मुख्य कार्य वार्षिक मानदेय 1 लाख रूपया से कम होने पर उसका भी कुछ अंष दिया जा सकता है। न्यास समिति का मुख्य कार्य मंदिर का जीर्णोद्धार करना एवं मंदिर परिसर का विकास करना होगा, जिसको सभी पक्ष, भक्तों के सहयोग से यथाषीघ्र मंदिर का जीर्णोद्धार करना एवं मंदिर परिसर का विकास करना होगा, जिसको सभी पक्ष, भक्तों के सहयोग से यथाषीघ्र मंदिर का जीर्णोद्धार करना एवं मंदिर परिसर का विकास करना होगा, जिसको सभी पक्ष, भक्तों के सहयोग से यथाषीघ्र मंदिर का जीर्णोद्धार करना एवं मंदिर परिसर का विकास करना होगा, जिसको सभी पक्ष, भक्तों के सहयोग से यथाषीघ्र आषा है कि भविष्य में ये सभी प्रेमपूर्वक रहेंगे। समिति के सदस्य महंतजी की आलोचना नहीं करेंगे और पुरा करेंगे। पुरा करेंगे। पुरा करेंगे। पुरा करेंगे। आषा है कि भविष्य में ये सभी प्रेमपूर्वक रहेंगे। समिति के सदस्य महंतजी की आलोचना नहीं करेंगे और आषा है कि भविष्य में ये सभी प्रेमपूर्वक रहेंगे। समिति के सदस्य महंतजी की आलोचना नहीं करेंगे और आषा है कि भविष्य में ये सभी प्रेमपूर्वक रहेंगे। समिति के सदस्य महंतजी की आलोचना नहीं करेंगे और महंतजी न्यास समिति के कार्याें में अनावष्यक हस्तक्षेप नहीं करेंगे। महंतजी न्यास समिति के कार्याें में अनावष्यक हस्तक्षेप नहीं करेंगे। महंतजी न्यास समिति के कार्याें में अनावष्यक हस्तक्षेप नहीं करेंगे। महंतजी न्यास समिति के कार्याें में अनावष्यक हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

अतीत में जो जमीन बेचकर अन्य जमीन ली गयी है, उसमें न्यायिक प्रक्रिया में जो आदेष होगा वह लागू अतीत में जो जमीन बेचकर अन्य जमीन ली गयी है, उसमें न्यायिक प्रक्रिया में जो आदेष होगा वह लागू अतीत में जो जमीन बेचकर अन्य जमीन ली गयी है, उसमें न्यायिक प्रक्रिया में जो आदेष होगा वह लागू अतीत में जो जमीन बेचकर अन्य जमीन ली गयी है, उसमें न्यायिक प्रक्रिया में जो आदेष होगा वह लागू रहरहरहरहेगा।ेगा।ेगा।ेगा।

यह आदेष दोनों पक्षों की सहमति से पारित किया जा रहा है।'' यह आदेष दोनों पक्षों की सहमति से पारित किया जा रहा है।'' यह आदेष दोनों पक्षों की सहमति से पारित किया जा रहा है।'' यह आदेष दोनों पक्षों की सहमति से पारित किया जा रहा है।''

उपरोक्त परिस्थिति को देखते हुए इस न्यास की सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मंदिर ग्राम- अयोध्या (तेघड़ा), जिला- बेगुसराय के सुचारू प्रबंध, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए पर्षदीय आदेष दिनांक 19/05/14 के आलोक में नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास यश्री राम जानकी मंदिर न्यास यश्री राम जानकी मंदिर न्यास यश्री राम जानकी मंदिर न्यास योजनाोजनाोजनाोजना ग्राम- अयोध्या, पो0अं0था0- तेघड़ा, जिला- बेगुसराय'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास समितिश्री राम जानकी मंदिर न्यास समितिश्री राम जानकी मंदिर न्यास समितिश्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति ग्राम- अयोध्या, पो0अं0था0- तेघड़ा, जिला- बेगुसराय'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।3 (cid:31)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी ।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः-

(1) श्री चन्द्र भूषण सिंह - अध्यक्ष (2) श्री विकास कुमार पिता- श्री शंभु प्रसाद सिंह ग्राम- अयोध्या - सचिव (3) श्री अषोक कुमार पिता- श्री केदार सिंह ग्राम- अयोध्या - कोषाध्यक्ष (4) श्री भोला प्रसाद सिंह - सदस्य (5) श्री सुखदेव सिंह - '' (6) श्री गया पासवान पिता- स्व0 भाई लाल पासवान ग्राम- अयोध्या, हरिपुर - '' (7) श्री राजनंदन सिंह - '' (8) श्री राम कुमार कुंवर पिता- स्व0 रामचन्द्र कुंवर - '' (9) श्री राजदेव महतो - '' उपरोक्त सभी निवासी-ग्राम-अयोध्या, पो0थानाअंचल-तेघड़ा, जिला-बेगुसराय

12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा ।

विश्वासभाजन,

किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,

अध्यक्ष।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1064%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 16 September 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-09-16.1064/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-09-16.1064.