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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
23 मई 2015
सं0 593—गया जिला के बोधगया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार के सामने ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मन्दिर के गया जिला के बोधगया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार के सामने ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मन्दिर के गया जिला के बोधगया स्थित प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार के सामने ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मन्दिर के जीर्णोद्धार के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1111, दिनांक 2007 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में य अधिसूचना ज्ञापांक-1111, दिनांक 15.10.2007 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में
का गठन किया गया था। इस मन्दिर का उल्लेख फ्रांसिस बुकानन की सर्वे रिपोर्ट ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' का गठन किया गया था। इस मन्दिर का उल्लेख फ्रांसिस बुकानन की सर्वे रिपोर्ट ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति'' ''जगन्नाथ मन्दिर जीर्णोद्धार समिति''
में इस मन्दिर का उल्लेख मिलता है। उक्त समिति द्वारा इस मन्दिर का जीर्णोद्धार कर इसे एक विषिष्ट स्वरूप एवं में इस मन्दिर का उल्लेख मिलता है। उक्त समिति द्वारा इस मन्दिर का जीर्णोद्धार कर इसे एक विषिष्ट स्वरूप एवं में इस मन्दिर का उल्लेख मिलता है। उक्त समिति द्वारा इस मन्दिर का जीर्णोद्धार कर इसे एक विषिष्ट स्वरूप एवं
अवस्थित श्री राम जानकी मन्दिर का जीर्णोद्धार, सम्पूर्ण गरिमा प्रदान किया गया है। किन्तु अभी भी इस परिसर में अवस्थित श्री राम जानकी मन्दिर का जीर्णोद्धार, सम्पूर्ण गरिमा प्रदान किया गया है। किन्तु अभी भी इस परिसर में
परिसर का विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है। इसके लिए श्री जगन्नाथ मन्दिर एवं इस परिसर स्थित परिसर का विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है। इसके लिए श्री जगन्नाथ मन्दिर एवं इस परिसर स्थित परिसर का विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है। इसके लिए श्री जगन्नाथ मन्दिर एवं इस परिसर स्थित अन्य मन्दिरों के सुचारू प्रबंधन, सम्यक् संचालन एवं विकास के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- अन्य मन्दिरों के सुचारू प्रबंधन, सम्यक् संचालन एवं विकास के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32
गठन अधिसूचना संख्या-391, के तहत योजना का निरूपण एवं उसके कार्यान्वयन के लिए एक न्यास समिति का गठन अधिसूचना संख्या-391, के तहत योजना का निरूपण एवं उसके कार्यान्वयन के लिए एक न्यास समिति का
2015 द्वारा किया गया था; किन्तु इसमें कुछ भूल एवं असन्तुलन होने तथा उसके जिला गजट में दिनांक 08.05.2015 द्वारा किया गया था; किन्तु इसमें कुछ भूल एवं असन्तुलन होने तथा उसके जिला गजट में 2015 द्वारा किया गया था; किन्तु इसमें कुछ भूल एवं असन्तुलन होने तथा उसके जिला गजट में प्रकाषित नहीं होने के कारण उसे स्थगित इस कार्या
उसे स्थगित इस कार्यालय के आदेष ज्ञापांक-486, दिनांक
क-486, दिनांक 16.05.2015 द्वारा कर दिया गया था और यह निर्णय लिया गया था कि जगन्नाथ मन्दिर में ही जाकर वहाँ व्यापक विचार-विमर्ष के बाद योजना गया था और यह निर्णय लिया गया था कि जगन्नाथ मन्दिर में ही जाकर वहाँ व्यापक विचार-विमर्ष के बाद योजना गया था और यह निर्णय लिया गया था कि जगन्नाथ मन्दिर में ही जाकर वहाँ व्यापक विचार-विमर्ष के बाद योजना का निरूपण एवं समिति का गठन किया जाये। तद्नुसार पूर्व सूचना देकर मैं दिनांक 19.05 का निरूपण एवं समिति का गठन किया जाये। तद्न
05.2015 को जगन्नाथ मन्दिर गया और व्यापक विचार-विमर्ष के बाद मैं, बिहार हिन्दू धामि
पक विचार-विमर्ष के बाद मैं, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-
र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि संख्या-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, प्रयोग करते हुए पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि संख्या-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, प्रयोग करते हुए पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि संख्या-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, प्रयोग करते हुए
ायों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे श्री जगन्नाथ मन्दिर, बोधगया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे श्री जगन्नाथ मन्दिर, बोधगया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्त्ि2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
''श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास योजना'' जना'' जना'' जना'' 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास यो ''श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास यो ''श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास यो होगा तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं क्रियान्वयन के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री जगन्नाथ मन्दिर ''श्री जगन्नाथ मन्दिर ''श्री जगन्नाथ मन्दिर ''श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास समिति, बोधगया'' न्यास समिति, बोधगया'' न्यास समिति, बोधगया'' न्यास समिति, बोधगया'' होगा।
2. श्री जगन्नाथ मन्दिर एवं इसकी समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार श्री जगन्नाथ मन्दिर न्यास समिति में निहित होगा।
3. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।
4. न्यास समिति श्री राम जानकी मन्दिर के जीर्णोद्धार कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी और एक निष्चित समयावधि में इसे पूरा करेगी।
5. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।
6. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी । 7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।
8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।
9. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।
10. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 11. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।
12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।
13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहनें की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. न्यास समिति न्यास के किसी भू-खंड का अन्य संक्रमण या अन्य किसी भी तरह हस्तान्तरण नहीं करेगी। 15. न्यास समिति जगन्नाथ मन्दिर को समर्पित सभी भू-खण्डों के संरक्षण के लिए प्रयत्नषील रहेगी तथा अतिक्रमित भू-खण्डों की वापसी के लिए सभी वैधानिक कार्यवाही तत्परतापूर्वक करेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) महंत रमेष गिरि, बोध गया मठ, गया - संरक्षक (2) श्रीमती उषा डालमिया, पत्नी-स्व0 षिवराम डालमिया - अध्यक्ष
डालमिया सदन, के0 पी0 रोड, गया3 (cid:31)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 (3) श्री राय मदन किषोर, अंटा कोठी, कटारी हिल रोड, गया - सचिव
(4) श्री लल्लू प्रसाद गुप्ता, बोधगया बाजार - कोषाध्यक्ष (5) श्री षिव कैलाष डालमिया, डालमिया सदन, के0 पी0 रोड, गया - सदस्य (6) डा0 विनय गोपाल, बैजू बिद्या, बोधगया - सदस्य (7) श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह, दुमुहान, बोधगया - सदस्य (8) श्री ब्रजेन्द्र कुमार चौबे, दुमहान, बोधगया - सदस्य (9) श्री दीपक दास, पूर्व नियुक्त पुजारी, जगन्नाथ मन्दिर, बोधगया - सदस्य (10) डा0 अभय सिमबा, 440, ए0 पी0 कालोनी, गया - सदस्य (11) पंकज पासवान, बुद्ध विलास, लेन नं0-2, कटोरवा रोड, बोधगया - सदस्य यह आदेष गजट-प्रकाषन की तिथि से लागू होगा। इसका कार्यकाल 05 वर्षो के लिए होगा।
आदेष से,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1065%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in