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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1103
Languages
English, Hindi

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विधि विभाग

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संकल्प

09 सितम्बर 2015

विषयः-बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015 विषयः- बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015

राज्य सरकार कल्याणकारी राज्य के दायित्व निर्वहन हेतु राज्य के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने एवं सम्पत्तियों का राज्य सरकार कल्याणकारी राज्य के दायित्व निर्वहन हेतु राज्य के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने एवं सम्पत्तियों का राज्य सरकार कल्याणकारी राज्य के दायित्व निर्वहन हेतु राज्य के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने एवं सम्पत्तियों का की चल सम्पत्ति की सुरक्षा तथा अचल सम्पत्ति को अतिक्रमण से बचाना एवं संरक्षण हेतु सतत प्रयत्नरत है और चूँकि मंदिरों की चल सम्पत्ति की सुरक्षा तथा अचल सम्पत्ति को अतिक्रमण से बचाना एवं संरक्षण हेतु सतत प्रयत्नरत है और चूँकि मंदिरों

बिहार राज्य में स्थित सभी ऐसे मंदिरों की जिनके पास बहुमूल्य मूर्ति, मुकुट, छत्र, आभूषण आदि है और मंदिर से सटी बिहार राज्य में स्थित सभी ऐसे मंदिरों की जिनके पास बहुमूल्य मूर्ति, मुकुट, छत्र, आभूषण आदि है और मंदिर से सटी बिहार राज्य में स्थित सभी ऐसे मंदिरों की जिनके पास बहुमूल्य मूर्ति, मुकुट, छत्र, आभूषण आदि है और मंदिर से सटी रकार निम्नलिखित योजना तुरंत जमीन है उसके लिए पक्की, मजबूत चाहरदिवारी का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार निम्नलिखित योजना तुरंत जमीन है उसके लिए पक्की, मजबूत चाहरदिवारी का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए राज्य स के प्रभाव से लागू करती है :-

बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015 बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015

''बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015'' के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नलिखित ''बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015'' के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नलिखित ''बिहार मंदिर चाहरदिवारी निर्माण निधि योजना, 2015'' के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश निम्नलिखित मंदिर से अभिप्रेत है देवालय, मठ या कोई भी पूजा-स्थल;

मंदिर का सार्वजनिक घोषित होना;

मंदिर का निबंधन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद में होना;

हैः- (1) अर्हत्ता (i) मंदिर से अभिप्रेत है देवालय, मठ या (ii) मंदिर का सार्वजनिक घोषित होना; (iii) मंदिर का निबंधन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद में होना (iv) मंदिर के पास चाहरदिवारी के लिए अपनी जमीन का होना;

मंदिर के पास चाहरदिवारी के लिए अपनी जमीन का होना; (v) मंदिर का निर्माण साठ साल पहले हुआ हो या ऐसे मंदिर हो जिसके निर्माण् मंदिर का निर्माण साठ साल पहले हुआ हो या ऐसे मंदिर हो जिसके निर्माण से बिहार में पर्यटन की मंदिर का निर्माण साठ साल पहले हुआ हो या ऐसे मंदिर हो जिसके निर्माण् संभावना बढ़ती हो या ऐसे मंदिर जहाँ विधि व्यवस्था का प्रश्न उत्पन्न हो गया संभावना बढ़ती हो या ऐसे मंदिर जहाँ विधि व् यवस्था का प्रश्न उत्पन्न हो गया हो।ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 2 (2) स्थल चयन जिला स्तर पर मंदिरों की चाहरदिवारी निर्माण के लिए उसका चयन जिला स्तरीय दो-सदस्यीय कमिटी द्वारा होगी। प्रत्येक जिला में कमिटी के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी होंगे और उसके सदस्य-सचिव आरक्षी अधीक्षक होंगे।

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा मंदिर की चाहरदिवारी निर्माण का प्रस्ताव संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी को भेजा जायेगा और जिला पदाधिकारी द्वारा उक्त कमिटी का गठन कर उसके संदर्भ में जाँच कर पन्द्रह दिनों के अंदर मंदिर की चाहरदिवारी का निर्माण कराये जाने या आवश्यक नहीं है, का प्रस्ताव/प्रतिवेदन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को उपलब्ध कराया जाएगा स्पष्ट रूप से उल्लेख होगा कि चाहरदिवारी का निर्माण ईट की दिवाल का होगा अथवा कंटीले तार का। 3. निर्माण एजेंसी

(i) चाहरदिवारी की ऊँचाई 8 फीट से अधिक नहीं होगी जिसका निर्धारण निर्माण एजेंसी (बिहार राज्य भवन निर्माण निगम) द्वारा किया जायेगा;

(ii) मंदिरों की चाहरदिवारी के निर्माण हेतु मंदिरों के नाम एवं जितनी जमीन पर चाहरदिवारी बनानी है उसका ब्यौरा पर्षद निगम (बिहार राज्य भवन निर्माण निगम) के पास भेजेगी;

(iii) निगम उसका प्राक्कलन तैयार कराकर उसका निर्माण विनिश्चत अवधि में पूर्ण करेगा; (iv) प्राक्कलन की स्वीकृति के बाद, विधि विभाग द्वारा उतनी (स्वीकृत) राशि 15 दिनों में निगम के नाम मुक्त कर दी जायेगी;

(v) विधि विभाग के सचिव, पर्षद के अध्यक्ष एवं निगम के अध्यक्ष द्वारा निर्माण कार्य की गुणवता एवं प्रगति की समीक्षा, समय-समय पर, की जाएगी;

(vi) अनुदान की राशि की प्राप्ति की तिथि से तीन माह के भीतर निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य प्रारम्भ कराया जाना अनिवार्य होगा।

4. निधि की अधिसीमा

(i) चाहरदिवारी निर्माण के लिए निधि का प्रावधान राज्य योजना मद से होगा; (ii) चाहरदिवारी निर्माण के लिए राज्य योजना मद में विधि विभाग के द्वारा प्रथम वर्ष के लिए कम-से-कम दस करोड़ निधि का बजट प्रावधान कराया जाना होगा;

(iii) पर्षद्‌ द्वारा जिन मंदिरों के नाम जिलावार संबंधित जिला पदाधिकारी एवं सरकार को सौपे जायेंगे उनकी चाहरदिवारियों का निर्माण ही प्रथम चरण में होगा;

(iv) इस संबंध में सरकार द्वारा समाचार पत्रों एवं मीडिया के अन्य माध्यमों से पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जायेगा, ताकि मंदिरों के न्यासी इसके लिए विनिश्त समय-सीमा में आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर सकें।

5. मंदिर चाहरदिवारी निर्माण योजना की प्रशासनिक स्वीकृति की वित्तीय शक्ति का अधिसीमा निम्नवत्‌ हैः- प्रशासनिक स्वीकृति हेतु सक्षम पदाधिकारी प्रशासनिक स्वीकृति हेतु अधिसीमा

दो करोड़ से ऊपर

i. सचिव-सह-विधि परामर्शी, विधि विभाग, बिहार, पटना।

पचास लाख तक

ii. प्रमंडलीय आयुक्त पचास लाख से ऊपर दो करोड़ रूपये तक iii. जिला पदाधिकारी

6. निर्माण में पारदर्शिता

(i) राशि प्राप्त होने के 6 माह के भीतर पर्षद्‌ द्वारा कार्य सम्पन्न कर राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं कार्य सम्पन्नता प्रतिवेदन, प्राधिकृत व्यक्ति एवं निगम के कार्यपालक अभियंता के भौतिक सत्यापन प्रमाण-पत्र के साथ, सरकार को उपलब्ध कराना होगा। इसकी जाँच निगम, पर्षद्‌ एवं सरकार द्वारा मनोनित टीम द्वारा तीन माह के भीतर पूरी की जायेगी।

(ii) विलंब की दशा में निगम द्वारा लिखित रूप से अपरिहार्य कारणों को पर्षद्‌ एवं सरकार को सूचित करना होगा।3 !बहार गजट (असाधारण), 1 अ(cid:27)तूबर 2015 7. अंकेक्षण एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र

(i) अनुदान की राशि की उपयोगिता प्रमाण-पत्र, कार्य आरंभ की तिथि से 12 माह के भीतर प्राप्त कर निगम द्वारा पर्षद्‌ कार्यालय को भेजना होगा।

(ii) निगम द्वारा अनुदान की राशि का चार्टड एकाउन्टेट से अंकेक्षित प्रतिवेदन सहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र सरकार को पर्षद्‌ के माध्यम से उपलब्ध कराना होगा।

8. अनुशासनिक कार्रवाई

उपर्युक्त प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर, निर्माण के लिए जिम्मेवार दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध राशि की वसूली तथा वैद्यानिक (दीवानी एवं फौजदारी) कार्यवाही आरंभ की जायेगी। इसके अलावे उनके विरूद्ध अन्य विधि सम्मत कार्रवाई भी की जायेगी। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उज्ज्वल कुमार दुबे, सरकार के प्रभारी सचिव ।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1103%5'1+100%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1103/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1103.