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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1105
Languages
English, Hindi

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जल संसाधन विभाग

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22 नि0 सि0(पट0)-03-01/2008/2210— श्री चन्द्रमणि बैठा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता,

के आदेश का अनुपालन न कर सरकारी वकील से मंतव्य प्राप्त कर प्रति दे देना।, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी जब उक्त पद पर पदस्थापित थे तब उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गई निम्नलिखित बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी जब उक्त पद पर पदस्थापित थे तब उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गई निम्नलिखित बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी जब उक्त पद पर पदस्थापित थे तब उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गई निम्नलिखित 09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक अनियमितता के लिए आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 812 दिनांक 19.08.09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक अनियमितता के लिए आरोप पत्र गठित कर विभागीय संक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना संचालन पदाधिकारी नियुक्त किये गये। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना संचालन पदाधिकारी नियुक्त किये गये। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना संचालन पदाधिकारी नियुक्त किये गये। 1) मुख्य अभियंता, पटना की पृच्छा के अनुरूप अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया जाना। 1) मुख्य अभियंता, पटना की पृच्छा के अनुरूप अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया जाना। (1) मुख्य अभियंता, पटना की पृच्छा के अनुरूप अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया जाना। (2) पूर्व कराये गये कार्यों को नियमतः बंद कराने तथा प्रतिभूति एवं सुरक्षित जमा राशि में जप्ति या विमुक्ति (2) पूर्व कराये गये कार्यों को नियमतः बंद कराने तथा प्रतिभूति एवं सुरक्षित जमा राशि में जप्ति या विमुक्ति (2) पूर्व कराये गये कार्यों को नियमतः बंद कराने तथा प्रतिभूति एवं सुरक्षित जमा राशि में जप्ति या विमुक्ति की कार्रवाई किये बिना आगे कार्य कराया जाना। की कार्रवाई किये बिना आगे कार्य कराया जाना। (3) मुख्य अभियंता, पटना के आदेश का अनुपालन न कर सरकारी वकील से मंतव्य प्राप्त कर प्रति दे देना। (3) मुख्य अभियंता, पटना (4) जमानत की राशि जप्त कर ली गयी है तो उसे राजस्व खाते में जमा न करना। (4) जमानत की राशि जप्त कर ली गयी है तो उसे राजस्व खाते में जमा न करना। (4) जमानत की राशि जप्त कर ली गयी है तो उसे राजस्व खाते में जमा न करना। (5) पुनपुन दायाँ तटबंध के अवशेष कार्य के लिए वांछित अभिलेख संशोधित/पुनरीक्षित प्राक्कलन के साथ (5) पुनपुन दायाँ तटबंध के अवशेष कार्य के लिए वांछित अभिलेख संशोधित/पुनरीक्षित प्राक्कलन के साथ (5) पुनपुन दायाँ तटबंध के अवशेष कार्य के लिए वांछित अभिलेख संशोधित/पुनरीक्षित प्राक्कलन के साथ ं उच्चस्तरीय निदेश के बावजूद समर्पित नहीं किया जाना जिससे कार्य की प्रगति पूर्णतः बाधित हुई तथा कई स्मार एवं उच्चस्तरीय निदेश के बावजूद समर्पित नहीं किया जाना जिससे कार्य की प्रगति पूर्णतः बाधित हुई तथा ं उच्चस्तरीय निदेश के बावजूद समर्पित नहीं किया जाना जिससे कार्य की प्रगति पूर्णतः बाधित हुई तथा राशि का उपयोग नहीं हो पाया। (6) ससमय कार्य निष्पादन की क्षमता तथा अधीनस्थों पर नियंत्रण का पूर्णरूपेण अभाव होना। (6) ससमय कार्य निष्पादन की क्षमता तथा अधीनस्थों पर नियंत्रण का पूर्णरूपेण अभाव होना। (6) ससमय कार्य निष्पादन की क्षमता तथा अधीनस्थों पर नियंत्रण का पूर्णरूपेण अभाव होना। प्रारंभ हुआ तथा 1999-2000 में कार्य कराया गया। इन कार्यों (7) पुनपुन दाँया तटबंध का कार्य 1982-83 से प्रारंभ हुआ तथा 1999-2000 में कार्य कराया गया। इन कार्यों (7) पुनपुन दाँया तटबंध का कार्य 1982-83 से को नियमतः फाइनल करते हुए उसका प्रतिभूति जमा/सुरक्षित जमा राशि को जप्ति/विमुक्ति की कार्रवाई नहीं किया को नियमतः फाइनल करते हुए उसका प्रतिभूति जमा/सुरक्षित जमा राशि को जप्ति/विमुक्ति की कार्रवाई नहीं किया को नियमतः फाइनल करते हुए उसका प्रतिभूति जमा/सुरक्षित जमा राशि को जप्ति/विमुक्ति की कार्रवाई नहीं किया जाना। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में कि संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0 2, 4 एवं 7 को अंशतः प्रमाणित पाया गया है। तीनों अंशतः प्रमाणित आरोप कि संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0 2, 4 एवं 7 को अंशतः प्रमाणित पाया गया है। तीनों अंशतः प्रमाणित आरोप कि संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0 2, 4 एवं 7 को अंशतः प्रमाणित पाया गया है। तीनों अंशतः प्रमाणित आरोप प्रतिभूति/सुरक्षित जमा की राशि को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने से संबंधित है। समीक्षोपरान्त संचालन प्रतिभूति/सुरक्षित जमा की राशि को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने से संबंधित है। समीक्षोपरान्त संचालन प्रतिभूति/सुरक्षित जमा की राशि को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने से संबंधित है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते 14 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए विभागीय पत्रांक 1023 दिनांक 31.07.14 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री बैठा से अंशतः प्रमाणित आरोप सं0 2, 4 एवं 7 के संबंध में द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। संलग्न करते हुए श्री बैठा से अंशतः प्रमाणित आरोप सं0 2, 4 एवं 7 के संबंध में द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। संलग्न करते हुए श्री बैठा से अंशतः प्रमाणित आरोप सं0 2, 4 एवं 7 के संबंध में द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री बैठा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया श्री बैठा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम श्री बैठा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम गया कि श्री बैठा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब मेंं मुख्य रूप से कहा गया है कि जब्त जमानत की राशि गया कि श्री बैठा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब मेंं मुख्य रूप से कहा गया है कि जब्त जमानत की राशि गया कि श्री बैठा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब मेंं मुख्य रूप से कहा गया है कि जब्त जमानत की राशि 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 विभागीय निदेश प्राप्त नहीं होने के कारण सरकारी खजाने में जमा नहीं किया जा सका। श्री बैठा के इस कथन को मान्य नहीं किया जा सकता है क्योंकि प्रतिभूति/जमानत की राशि कोषागार मेंं जमा करना एक सामान्य प्रक्रिया है। जिस समय कार्यपालक अभियंता के संज्ञान में यह आता है कि प्रतिभूति जमानत की राशि को कोषागार में जमा नहीं किया गया है बिना विलम्ब के इसे जमा कर देना चाहिये। विभाग का निदेश प्राप्त करना इसमें कोई बाध्यता नहीं हो सकता है। संचालन पदाधिकारी ने भी अपने जाँच प्रतिवेदन में इस चूक के लिए श्री बैठा को दोषी माना है। समीक्षा में श्री बैठा इस लापरवाही एवं चूक के लिए दोषी पाये गये। समीक्षोपरान्त इन प्रमाणित आरोपों के लिए श्री बैठा के विरूद्ध ''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री चन्द्रमणि बैठा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, पटना सिटी सम्प्रति कार्यवालक अभियंता, सोन कमाण्ड क्षेत्र विकास एजेन्सी, भभुआ, कैमूर को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1105/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1105.