Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1113
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत (cid:23) आि(cid:15)वन 1(cid:23)3(cid:24) (cid:25)श(cid:15)(cid:26)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1113) पटन(cid:4)

2(cid:15)15

पटन(cid:4)(cid:27) व५ह(cid:30)प०तव(cid:4)र, 1 [Çत३बर 2(cid:15)15

जल संसाधन विभाग

&&&&&&&&

vf/klwpuk

10 vxLr 2015

सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/1771—श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल 009 से मार्च 2012 तक) तब पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत जब उक्त पद पर पदस्थापित थे (माह सितम्बर 2009 से मार्च 2012 तक) तब पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत जब उक्त पद पर पदस्थापित थे (माह सितम्बर 2 उनके विरूद्व जल संसाधन विभाग की वहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का उनके विरूद्व जल संसाधन विभाग की वहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का उनके विरूद्व जल संसाधन विभाग की वहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 2004-05 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के 5 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 2004-0 12 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16 दिनांक लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1109 दिनांक 11.10.12 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16 दिनांक लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1109 दिनांक 11 13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत 13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 क 07.01.13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 क विभागीय कार्यवाही चलाई गई। इस बीच श्री सिंह दिनांक 28.02.13 को सेवानिवृत हो गये। तत्पश्चात विभागीय 13 को सेवानिवृत हो गये। तत्पश्चात विभागीय विभागीय कार्यवाही चलाई गई। इस बीच श्री सिंह दिनांक 28 08.13 द्वारा श्री सिंह को दिनांक 28.02.13 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए पूर्व 13 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए पूर्व अधिसूचना सं0-912 दिनांक 02.08 ही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में सम्परिवर्तित से नियम 17 के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में सम्परिवर्तित से नियम 17 के तहत संचालित विभागीय कार्यवा किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अि द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अतिक्रमित भूमि की द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि वर्तमान में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। वर्तमान में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। वर्तमान में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। ै, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में दस्तावेज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में दस्तावेज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया ह ग्राह्‌य करते हुए रसीद काटी गयी। ग्राह्‌य करते हुए रसीद काटी गयी। वर्णित स्थिति में उनके द्वारा बिना किसी छान बीन के और बिना अपने उच्चाधिकारियों केे आदेश प्राप्त किये वर्णित स्थिति में उनके द्वारा बिना किसी छान बीन के और बिना अपने उच्चाधिकारियों केे आदेश प्राप्त किये वर्णित स्थिति में उनके द्वारा बिना किसी छान बीन के और बिना अपने उच्चाधिकारियों केे आदेश प्राप्त किये ाणित पाया गया। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 99 रसीद काटने एवं अपनी स्वार्थ सिद्वि को पूर्ण करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 99 रसीद काटने एवं अपनी स्वार्थ सिद्वि को पूर्ण करने का आरोप प्रम 14 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन से निम्नलिखित असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- 14 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन से निम्नलिखित असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- दिनांक 20.01.14 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन से निम्नलिखित असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- '' विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जॅाच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की '' विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जॅाच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की '' विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जॅाच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गई जबकि लीज कागजात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत जात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत जात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत ढ़ंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भू-खण्ड से वेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित ढ़ंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भू-खण्ड से वेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित ढ़ंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भू-खण्ड से वेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती है।'' 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। पाया गया कि श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहा गया है कि श्री पी0 आर0 गुहा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, डिहरी प्रमण्डल, डिहरी के द्वारा दिनांक 03.03.47 को Home Street Land के लिए कैडेस्टल सर्वे 118 का 24 डि0 भू-खण्ड मोहिउद्‌दीन खॅा, पिता-स्व0 गुलाव खॅा, करबिगहिया, पटना के नाम पर वर्ष 1943-46 से 1946-49 के लीज पर दी गई। इस लीज डीड में अंकित लीज रेन्ट के आधार पर वर्ष 1943 से ही मनी रसीद निर्गत किया जाता रहा है। इससे साबित हो जाता है कि लीज कागजात फर्जी नहीं थे। रेन्ट का मनी रसीद निर्गत कर विभाग का स्वामित्व इस भू-खण्ड पर बरकरार रखा गया। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकथित लीज को समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा इस भूमि को लीज पर दिये जाने की न तो केाई अनुमति दी गई और न ही स्वीकृति दिया गया था। श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिये इनके विरूद्व तथाकथित लीज को बिना जॅाच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। वर्णित तथ्यों के आलोक में उक्त अवैध कार्य में इनकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। वर्णित स्थिति में प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री सिंह को निम्न दण्ड देने हेतु प्रस्तावित किया गयाः- (1) पॅाच प्रतिशत पेंशन पर पॅाच वर्षो तक रोक। निलंब अवधि के सेवा का निरूपण एवं वेतन भत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-11(5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा। उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना का परामर्श प्राप्त किया गया। तत्पश्चात मामले की पूनर्समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री सिंह को उक्त दण्ड देने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) पॅाच प्रतिशत पेंशन पर पॅाच वर्षो तक रोक। निलंब अवधि के सेवा का निरूपण एवं वेतन भत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-11(5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1113%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1113/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1113.