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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1116
Languages
English, Hindi

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जल संसाधन विभाग

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सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/177403.13 (न्याय निर्णय की तिथि) तक पूर्ण वेतन के हकदार है तथा दिनांक 22 2/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/1774—मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर 98 तक) तब उनके विरूद्व जल संसाधन विभाग जब उक्त पद पर पदस्थापित थे ( दिनांक 07.02.96 से दिनांक 07.08.98 तक) तब उनके विरूद्व जल संसाधन विभाग जब उक्त पद पर पदस्थापित थे ( दिनांक 07 मीन के अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर की वहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन के अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर की वहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी ज बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 1991-92 से 1998-99 तक रसीद काटने के प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1107 1991-92 से 1998-99 तक रसीद काटने के प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1107 1991-92 से 1998-99 तक रसीद काटने के प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1107 13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक 12 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14 दिनांक 07.01.13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक दिनांक 11.10.12 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14 दिनांक 07 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाई गई। (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाई गई। (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाई गई। उक्त निलंबन आदेश के विरूद्व मो0 इदरीश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 उक्त निलंबन आदेश के विरूद्व मो0 इदरीश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी उक्त निलंबन आदेश के विरूद्व मो0 इदरीश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी सं0-21173/12 दायर किया गया जिसमें दिनांक 21.03.13 को पारित न्याय निर्णय में आदेश दिया गया कि चूॅकि मो0 13 को पारित न्याय निर्णय में आदेश दिया गया कि चूॅकि मो0 सं0-21173/12 दायर किया गया जिसमें दिनांक 21 12 के आलोक में स्थगित है इसलिए इदरीश का निलंबन आदेश उक्त याचिका में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 05.12.12 के आलोक में स्थगित है इसलिए इदरीश का निलंबन आदेश उक्त याचिका में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 05 13 (न्याय निर्णय की तिथि) तक पूर्ण वेतन के हकदार है तथा दिनांक 22.03.13 से दिनांक 11.10.12 से दिनांक 21.03 बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता के हकदार है। बकाया वेतन का भुगतान न्याय निर्णय प्राप्ति के एक माह के अन्दर किया जाय। भत्ता के हकदार है। बकाया वेतन का भुगतान न्याय निर्णय प्राप्ति के एक माह के अन्दर किय भत्ता के हकदार है। बकाया वेतन का भुगतान न्याय निर्णय प्राप्ति के एक माह के अन्दर किय उक्त न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0-86 सह ज्ञापांक 698 दिनांक 19.06.13 द्वारा मो0 उक्त न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0-86 सह ज्ञापांक 698 दिनांक 19 उक्त न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0-86 सह ज्ञापांक 698 दिनांक 19 13 तक पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 22.03.13 से इनका 12 से दिनांक 21.03.13 तक पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 22 इदरीश को दिनांक 11.10.12 से दिनांक 21 ानुसार अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान करने का निलंबन प्रभावी रहेगा अतएव दिनांक 22.03.13 से नियमानुसार अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान करने का निलंबन प्रभावी रहेगा अतएव दिनांक 22 आदेश संसूचित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अतिक्रमित भूमि की द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि ि द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि ि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है, वह सही लीज है अथवा नहीं, इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। दस्तावेज तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। दस्तावेज तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। दस्तावेज द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में ग्राह्‌य करते हुए रसीद में वर्ष का उल्लेख नहीं है, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में ग्राह्‌य करते हुए रसीद में वर्ष का उल्लेख नहीं है, फिर भी उनके काटी गयी। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 वर्णित स्थिति में उनके द्वारा बिना किसी छान बीन के और बिना अपने उच्चाधिकारियों केे आदेश प्राप्त किये रसीद काटने एवं अपनी स्वार्थ सिद्वि को पूर्ण करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 102 दिनांक 20.01.14 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन से निम्नलिखित असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- '' विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता की बिना जॅाच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गई जबकि लीज कागजात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत ढ़ंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भू-खण्ड से वेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती है।'' मो0 इदरीश से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि मो0 इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहा गया है कि श्री पी0 आर0 गुहा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, डिहरी प्रमण्डल, डिहरी के द्वारा दिनांक 03.03.47 को Home Street Land के लिए कैडेस्टल सर्वे 118 का 24 डि0 भू-खण्ड मोहिउद्‌दीन खॅा, पिता-स्व0 गुलाव खॅा, करबिगहिया, पटना के नाम पर वर्ष 1943-46 से 1946-49 के लीज पर दी गई। इस लीज डीड में अंकित लीज रेन्ट के आधार पर वर्ष 1943 से ही मनी रसीद निर्गत किया जाता रहा है। इससे साबित हो जाता है कि लीज कागजात फर्जी नहीं थे। रेन्ट का मनी रसीद निर्गत कर विभाग का स्वामित्व इस भू-खण्ड पर बरकरार रखा गया। समीक्षा में पाया गया कि मो0 इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकथित लीज को समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा इस भूमि को लीज पर दिये जाने की न तो केाई अनुमति दी गई और न ही स्वीकृति दिया गया था। मो0 इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिये इनके विरूद्व तथाकथित लीज को बिना जॅाच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। वर्णित तथ्यों के आलोक में उक्त अवैध कार्य में इनकी संलिप्तता की पुष्टि होती है। प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 1558 दिनांक 22.10.2014 द्वारा मो0 इदरीश को तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः- (1) कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति। निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण एवं वेतन भत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-11(5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा। उक्त दण्डादेश के विरूद्व मो0 इदरीश द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक शून्य दिनांक 28.11.14 समर्पित किया गया। मो0 इदरीश से प्राप्त उक्त पुनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा के दरम्यान सरकार के संज्ञान में ऐसा कोई नया तथ्य पुनर्विलोकन अर्जी में नहीं पाया गया जिससे की उनके पुनर्विलोकन अर्जी को स्वीकार योग्य माना जा सके। समीक्षोपरान्त मो0 इदरीश से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करने तथा विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 1558 दिनांक 22.10.14 द्वारा संसूचित दण्ड को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवा निवृत कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक शून्य दिनांक 28.11.2014 को अस्वीकृत किया जाता है तथा विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 1558 दिनांक 22.10.14 द्वारा संसूचित दण्ड (1) ''कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति'' को यथावत रखा जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1116%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1116/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1116.