(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-10/2009
22/नि0सि0(सिवान)-11-10/2009/1788—श्री नरेन्द्र कुमार, (आई0 डी0-3849), तत्कालीन श्री नरेन्द्र कुमार, (आई0 डी0-3849), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा, शिविर-गोपालगंज द्वारा सारण प्रमंडल, छपरा के अधीन सारण कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा, शिविर-गोपालगंज द्वारा सारण प्रमंडल, छपरा के अधीन सारण कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा, शिविर-गोपालगंज द्वारा सारण प्रमंडल, छपरा के अधीन सारण तटबंध के कि0मी0 35.52 से 80. 00 कि0मी0 के बीच कराये जा रहे उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में बरती गई .00 कि0मी0 के बीच कराये जा रहे उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण अनियमितता की जॉंच उड़नदस्ता द्वारा करायी गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त इनके विरूद्ध अनियमितता की जॉंच उड़नदस्ता द्वारा करायी गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त इनके विरूद्ध अनियमितता की जॉंच उड़नदस्ता द्वारा करायी गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त इनके विरूद्ध शत-प्रतिशत प्री-लेवल की जॉंच नहीं करने तथा मुख्य अभियंता द्वारा लेवल जॉंच की सूचना देने का निदेश दिये शत-प्रतिशत प्री-लेवल की जॉंच नहीं करने तथा मुख्य अभियंता द्वारा लेवल जॉंच की सूचना देने का निदेश दिये शत-प्रतिशत प्री-लेवल की जॉंच नहीं करने तथा मुख्य अभियंता द्वारा लेवल जॉंच की सूचना देने का निदेश दिये े का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये जाने के उपरांत विभागी पत्रांक-1471 जाने के बावजूद अनुपालन नहीं करन जाने के बावजूद अनुपालन नहीं करने का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये जाने के उपरांत विभागी पत्रांक-1471 दिनांक 10.12.09 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। जिसके क्रम में श्री कुमार द्वारा कुछ अभिलेखों की मॉग की गई, 09 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। जिसके क्रम में श्री कुमार द्वारा कुछ अभिलेखों की मॉग की गई, 09 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। जिसके क्रम में श्री कुमार द्वारा कुछ अभिलेखों की मॉग की गई, जिसे उपलब्ध कराने के उपरांत श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा जिसे उपलब्ध कराने के उपरांत श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के जिसे उपलब्ध कराने के उपरांत श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के में निम्न तथ्य पाया गया :- 1. स्वीकृत प्राक्कलन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि सारण तटबंध के कि0मी0 35 स्वीकृत प्राक्कलन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि सारण तटबंध के कि0मी0 35.52 से 80.00 कि0मी0 स्वीकृत प्राक्कलन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि सारण तटबंध के कि0मी0 35 तक के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति कुछ शर्त्तों के साथ की गयी है। शर्त्त कंडिका-3 के अनुसार तक के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति कुछ शर्त्तों के साथ की गयी है। शर्त्त कंडिका-3 के अनुसार तक के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति कुछ शर्त्तों के साथ की गयी है। शर्त्त कंडिका-3 के अनुसार र्य के प्री-लेवल का शत-प्रतिशत जॉच कार्यपालक अभियंता द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। प्री-लेवल जॉच मिट्टी कार्य के प्री-लेवल का शत-प्रतिशत जॉच कार्यपालक अभियंता द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। प्री-लेवल जॉच र्य के प्री-लेवल का शत-प्रतिशत जॉच कार्यपालक अभियंता द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। प्री-लेवल जॉच कार्य हेतु गठित टीम से प्री-लेवल जॉंच कार्य सुनिश्चित की जायेगी। कार्य हेतु गठित टीम से प्री-लेवल जॉंच कार्य सुनिश्चित की जायेगी। 2. मुख्य अभियंता, सिवान के पत्रांक-1844 दिनांक 10 06 के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि मुख्य मुख्य अभियंता, सिवान के पत्रांक-1844 दिनांक 10.05.06 के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि मुख्य अभियंता, सिवान द्वारा बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल ठकराहा शिविर, गोपालगंज के अधीन सारण तटबंध के कि0मी0 35.52 अभियंता, सिवान द्वारा बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल ठकराहा शिविर, गोपालगंज के अधीन सारण तटबंध के कि0मी0 35 अभियंता, सिवान द्वारा बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल ठकराहा शिविर, गोपालगंज के अधीन सारण तटबंध के कि0मी0 35 00 कि0मी0 तक के प्री-लेवल के क्रॉस जॉंच हेतु एक कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता तथा दो से 80.00 कि0मी0 तक के प्री-लेवल के क्रॉस जॉंच हेतु एक कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता तथा दो 00 कि0मी0 तक के प्री-लेवल के क्रॉस जॉंच हेतु एक कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता तथा दो कनीय अभियंता का एक टीम गठित किया गया है। जिसमें निदेश है कि :- कनीय अभियंता का एक टीम गठित किया गया है। जिसमें निदे (क) कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता गठित जॉंच दल को जॉंच कार्य में पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान कर (क) कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता गठित जॉंच दल को जॉंच कार्य में पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान कर (क) कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता गठित जॉंच दल को जॉंच कार्य में पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान कर कार्य को सम्पन्न करावेंगे। (ख) गठित जॉंच दल कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता से सम्पर्क स्थापित कर जॉंच कार्य प्रारम्भ करेंगे (ख) गठित जॉंच दल कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता से सम्पर्क स्थापित कर जॉंच कार्य प्रारम्भ करेंगे (ख) गठित जॉंच दल कार्य के प्रभारी कार्यपालक अभियंता से सम्पर्क स्थापित कर जॉंच कार्य प्रारम्भ करेंगे एवं जॉंच दल अपने जॉंच कार्य का साप्ताहिक प्रगति से अवगत करावेंगे।
ॉंच कार्य का साप्ताहिक प्रगति से अवगत करावेंगे। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 3. आरोपी पदाधिकारी अपने बचाव बयान में उद्धृत किया है कि कार्य से संलग्न कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता द्वारा शत-प्रतिशत प्री-लेवल की जॉंच की गयी है एवं आरोपी तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा भी दिनांक 24.04.06 से 07.06.06 के बीच प्री-लेवल की जॉंच की गयी है जिसकी पुष्टि उड़नदस्ता जॉंच प्रतिवेदन में सलंग्न प्री-लेवल बुक के अवलोकन से भी स्पष्ट होता है कि कार्यपालक अभियंता द्वारा सारण तटबंध के कि0मी0 35. 20 से 76.75 तथा 77.58 से 79.75 कि0 मी0 तक का प्रीलेवल की जॅाच विभिन्न तिथि में की गयी है परन्तु कि0 मी0 76.75 से 77.53 तक का प्री लेवल की जॅाच इनके द्वारा नहीं किया गया है अतएव प्री-लेवल की शत प्रतिशत की जॉंच नहीं करने के आरोप को आंशिक प्रमाणित माना जा सकता है। 4. जॉंच प्रतिवेदन के साथ संलग्न प्री-लेवल बुक के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि प्री-लेवल की जॉंच असम्बद्ध गुण नियंत्रण प्रमंडल तथा मुख्य अभियंता द्वारा गठित टीम से करायी गयी है। 5. आरोपी पदाधिकारी तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा प्रमंडलीय विभिन्न पत्रों के माध्यम से सारण तटबंध के कि0मी0 35.20 से 44.20, 62.93 से 69.00 तथा 49.60 से 62.90 तक गुण नियंत्रण प्रमंडल से जॉंंचित प्री-लेवल बुक की अभिप्रमाणित प्रति अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, गोपालगंज को समर्पित करते हुए सूचना मुख्य अभियंता को दिया गया है। 6. मुख्य अभियंता के पत्रांक-1844 दिनांक 10.05.06 के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि प्री-लेवल की जॉंच कार्य की साप्ताहिक प्रगति से मुख्य अभियंता को अवगत कराने का दायित्व जॉंच दल की थी, आरोपी पदाधिकारी को मात्र जॉंच कार्य में पूर्ण रूप से सहयोग करने का दायित्व निर्धारित था। 7. उड़नदस्ता जॉंच प्रतिवदेन से स्पष्ट होता है कि कराये गये कार्य में किसी प्रकार का वित्तीय अनियमितता परिलक्षित नहीं है। उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा के विरूद्ध मुख्य अभियंता के आदेश के अवहेलना करते हुए सारण तटबंध के कि0 मी0 35.20 से 80.00 के बीच प्री-लेवल का शत-प्रतिशत जॉंच नहीं करने का आरोप अंशतः प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कुमार को सक्षम प्राधिकार द्वारा विभागीय अधिसूचना सं0 1971 दिनांक 16.12.14 द्वारा निम्न दंड अधिरोपित कियाः- ''एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।'' उक्त अधिरोपित दंड के विरूद्ध श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा पुनिर्विलोकन अर्जी दायर किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर से की गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा निम्न तथ्यों के आलोक में अधिरोपित दण्ड से मुक्त करने का अनुरोध किया गया हैः- 1. मुख्य अभियंता द्वारा आलोच्य कार्य का स्वीकृत प्राक्कलन के कंडिका-3 के आधार पर मिट्टी कार्य के प्री-लेवल की जाँच शत प्रतिशत कार्यपालक अभियंता द्वारा सुनिश्चित की जायेगी तथा प्री-लेवल जाँच कार्य हेतु गठित टीम से प्री-लेवल जाँच कार्य सुनिश्चित किया जायेगा। इस संदर्भ में आरोपी द्वारा कहा गया है कि इन दोनों वाक्यों से स्वतः स्पष्ट है कि कार्यपालक अभियंता के रूप में मुझे सारण तटबंध के कि0 मी0 35.52 से 80.00 कि0 मी0 तक की प्री-लेवल की जाँच गठित जॅाच दल से सुनिश्चित करना था, जिसका शत-प्रतिशत अनुपालन किया गया है। 2. संबंधित कार्य की कुल लम्बाई 44.55 कि0 मी0 (35.20 कि0 मी0 से 79.85 कि0 मी0) में मात्र 0.78 कि0 मी0 (76.75 कि0 मी0 से 77.53 कि0 मी0 तक) की जो कुल दूरी का मात्र 1.75% होता है, का प्री-लेवल की जाँच नहीं करने के लिए दोषी मानते हुए एक वेतनवृद्धि पर अंसचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड अधिरोपित करना न्याय संगत नहीं है। जबकि मुख्य अभियंता के निदेशानुसार प्री-लेवल का शत प्रतिशत जाँच असम्बद्ध प्रमंडल से करायी गयी है एवं सम्बद्ध पदाधिकारी मेरे द्वारा जाँचित प्री-लेवल के अनुरूप ही पाया गया है। साथ ही 3 वर्ष के बाद उड़नदस्ता द्वारा भी प्री लेवल की जाँच की गयी है तथा विषमता मान्य सीमा के अन्तर्गत ही पाया गया। 3. सारण तटबंध के कि0 मी0 76.75 से कि0 मी0 77.53 के बीच के प्री-लेवल की जाँच के संदर्भ में श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा कहा गया है कि तटबंध के उक्त भाग के प्री-लेवल की जाँच दिनांक 07.06.06 को सम्बद्ध सहायक अभियंता के साथ किया गया है। इसके समर्थन में प्री-लेवल बुक के पृष्ठ 35 एवं पृष्ठ 27 तथा उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन के साथ संलग्न सारणी दिया गया है एवं उल्लेख किया गया है कि अधोहस्ताक्षरी द्वारा दिनांक 07.06.06 को ही कि0 मी0 72.30 से 79.45 कि0 मी0 तक अपने सहायक अभियंता के साथ संयुक्त रूप से प्री-लेवल की जाँच बारम्बारता में किया गया है, जिसके अन्तर्गत ही कि0 मी0 76.75 से 77.53 आता है। लेवल बुक के अवलोकन से परिलक्षित है कि कि0 मी0 72.30, 76.72, 77.56 एवं उसके आगे अन्य बिन्दुओं पर कार्यपालक अभियंता द्वारा दिनांक 07.06.06 को ही किया गया है एवं सहायक अभियंता का भी हस्ताक्षर उसी तिथि 07.06.06 को ही किया गया है। अतएव माना जा सकता है कि आरोपी कार्यापालक अभियंता द्वारा कि0 मी0 76. 75 से 77.53 के बीच प्री-लेवल की भौतिक जाँच की गयी है। श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा दिये गये पूर्व के स्पष्टीकरण में उपरोक्त तथ्य स्पष्ट नहीं किया जा सका था, फलतः उनके विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाया गया। पुनर्विलोकन अर्जी में कार्यपालक अभियंता द्वारा विस्तृत एवं स्पष्ट रूप से प्री-लेवल की जाँच के संबंध में प्रतिवेदित किये जाने के कारण यह पूरी तरह माना जा सकता है कि कि0 मी0 76.75 से 77.53 तक प्री-लेवल की भौतिक जाँच की गई है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मुख्य अभियंता के निर्देश के अनुपालन में कार्यपालक अभियंता श्री नरेन्द्र कुमार द्वारा सहायक अभियंता के साथ संयुक्त रूप से प्री-लेवल की शत-प्रतिशत जाँच की गई परिलक्षित होता है अतएव प्रीलेवल की शत प्रतिशत जॅाच नहीं करने के आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। साथ ही किसी प्रकार की 3
!बहार गजट (असाधारण), 1 अ(cid:27)तूबर 2015
वित्तीय अनियमितता परिलक्षित नहीं है। अतः वर्णित स्थिति में श्री नरेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता के पुनर्विलोकन अर्जी स्वीकार योग्य मानते हुए सक्षम प्राधिकार द्वारा इनके विरूद्ध अधिरोपित दंड ''एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री नरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ठकराहा, शिविर- गोपालगंज सम्प्रति मुख्य अभियंता-सह-तकनीकी सचिव, मुख्य अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1122%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in