(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-18/2011/
का उल्लंघन किया गया है, जिसके लिए श्री साह दोषी प्रतीत होते हैं। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री साह को निम्न दण्ड देने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गयाः- ''पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती पाँच वर्षों के लिए।'' उक्त दण्ड विभागीय अधिसूचना सं0- 266 दिनांक 27.01.15 द्वारा श्री साह को संसूचित किया गया। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक 1 (शिविर) दिनांक 19.05.15 की समीक्षा सक्षम प्राधिकार द्वारा किया गया, जिसमें पाया गया कि श्री साह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में वही सारे तथ्य उद्धृत किया गया है जो उनके द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में दिये गये स्पष्टीकरण में दिया गया है। श्री साह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में आरोप से संदर्भित कोई नया तथ्य एवं साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। समीक्षोपरान्त श्री साह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी में कोई नया साक्ष्य/तथ्य नहीं दिये जाने के कारण उनके विरूद्ध विभागीय नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अधीक्षण अभियंता से अग्रिम की न्यूनतम राशि की स्वीकृति एवं बिना कार्य की प्रगति की समीक्षा किये ही अधीनस्थ पदाधिकारी को एकमुश्त अस्थायी अग्रिम देने के कारण सरकारी राशि का गबन होने में सहयोग करने के आरोप को प्रमाणित माना गया। अतएव श्री साह के अभ्यावेदन अर्थात पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करते हुए पूर्व में अधिरोपित निम्न दण्ड को बरकरार रखने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गया हैः- ''पाँच वर्षों के लिए पेंशन से दस प्रतिशत की कटौती।'' उक्त निर्णय श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
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