Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1128
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत (cid:24) आि(cid:15)वन 1(cid:24)3(cid:26) (cid:27)श(cid:15)(cid:28)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 112(cid:21)) पटन(cid:4)

2(cid:15)15

पटन(cid:4)(cid:29) व५ह प०तव(cid:4)र, 1 [Çत३बर 2(cid:15)15

जल संसाधन विभाग

&&&&&&&&

vf/klwpuk

17 vxLr 2015

सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-18/2011/

का उल्लंघन किया गया है, जिसके लिए श्री साह दोषी प्रतीत होते हैं।22/नि0सि0(सिवान)-11-18/2011/1810—श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, तत्कालीन कार्यपालक श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, तत्कालीन कार्यपालक , कार्य प्रमंडल सं0-2, सिवान सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध उनके पदस्थापन अवधि में अभियन्ता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सं0-2, सिवान सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध उनके पदस्थापन अवधि में , कार्य प्रमंडल सं0-2, सिवान सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध उनके पदस्थापन अवधि में बरती गई अनियमितता के संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र 'क' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए बरती गई अनियमितता के संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र 'क' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए बरती गई अनियमितता के संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र 'क' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का अनुरोध किया गया। उक्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि विभागीय कार्यवाही संचालित करने का अनुरोध किया गया। उक्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद श्री केदार नाथ पाण्डेय की अनुशंसा के आलोक में उनके वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद श्री केदार नाथ पाण्डेय की अनुशंसा के आलोक में उनके वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद श्री केदार नाथ पाण्डेय की अनुशंसा के आलोक में उनके ऐच्छिक कोष से सिवान जिलान्तर्गत कुल 10 (दस) शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्धार हेतु PRDA, सिवान द्वारा ऐच्छिक कोष से सिवान जिलान्तर्गत कुल 10 (दस) शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्धार हेतु ऐच्छिक कोष से सिवान जिलान्तर्गत कुल 10 (दस) शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्धार हेतु शासनिक स्वीकृति के विरूद्ध रू0 11,59,760/- की राशि विमुक्त की गई थी, जिसे एक शासनिक स्वीकृति के विरूद्ध रू0 11,59,760/- की राशि विमुक्त की गई थी, जिसे एक रू0 16,56,800/- की प्रशासनिक स्वीकृति के विरूद्ध रू0 11,59,760/- की राशि विमुक्त की गई थी, जिसे एक मुश्त श्री साह द्वारा संबंधित सहायक अभियंता श्री महावीर राम को अस्थायी अग्रिम के रूप में दिया गया, जबकि मुश्त श्री साह द्वारा संबंधित सहायक अभियंता श्री महावीर राम को अस्थायी अग्रिम के रूप में दिया गया, जबकि मुश्त श्री साह द्वारा संबंधित सहायक अभियंता श्री महावीर राम को अस्थायी अग्रिम के रूप में दिया गया, जबकि अस्थायी अग्रिम की राशि कार्य की भौतिक प्रगति एवं मापी पुस्तिका में अंकित किये गये का अस्थायी अग्रिम की राशि कार्य की भौतिक प्रगति एवं मापी पुस्तिका में अंकित किये गये कार्य के आलोक में विभिन्न अस्थायी अग्रिम की राशि कार्य की भौतिक प्रगति एवं मापी पुस्तिका में अंकित किये गये का चरणों में दिया जाना चाहिए था। इस प्रकार अस्थायी अग्रिम देने में श्री साह द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के चरणों में दिया जाना चाहिए था। इस प्रकार अस्थायी अग्रिम देने में श्री साह द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के चरणों में दिया जाना चाहिए था। इस प्रकार अस्थायी अग्रिम देने में श्री साह द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र संख्या निग0/सारा 4-24/92-4053 (अनु0) दिनांक 30.07.1992 में नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र संख्या निग0/सारा 4-24/92-4053 (अनु0) दिनांक 30 नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र संख्या निग0/सारा 4-24/92-4053 (अनु0) दिनांक 30 उल्लिखित अनुदेशों का उल्लंघन किया गया है, जिसके लिए श्री साह दोषी प्रतीत होते हैं। उक्त अनियमितता के लिए श्री साह से आरोप पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की माँग की उक्त अनियमितता के लिए श्री साह से आरोप पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की माँग की उक्त अनियमितता के लिए श्री साह से आरोप पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की माँग की गई जिसके आलोक में श्री साह द्वारा पत्रांक 1529 दिनांक 15.11.11 द्वारा जवाब समर्पित किया गया। प्राप्त 11 द्वारा जवाब समर्पित किया गया। प्राप्त गई जिसके आलोक में श्री साह द्वारा पत्रांक 1529 दिनांक 15 12 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप बिहार पेंशन ा की समीक्षा के दरम्यान श्री साह के दिनांक 30.06.12 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप बिहार पेंशन स्पष्टीकरण की समीक्षा के दरम्यान श्री साह के दिनांक 30 नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई तथ संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई तथा समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई तथ संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 156 दिनांक 30.01.2014 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 156 दिनांक 30 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 156 दिनांक 30 द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री साह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री साह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री साह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री साह के विरूद्ध बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र सं0- हार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र सं0- हार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र सं0- निग0/सारा-4-92-4053 (अनु0) दिनांक 30.07.92 में निहित निदेशों का उल्लंघन करने, बिना प्रगति की सम्पूर्ण 92 में निहित निदेशों का उल्लंघन करने, बिना प्रगति की सम्पूर्ण निग0/सारा-4-92-4053 (अनु0) दिनांक 30 ापरवाही बरते जाने के कारण समीक्षा किये बगैर ही एक मुश्त अस्थायी अग्रिम प्रदान करने तथा कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरते जाने के कारण समीक्षा किये बगैर ही एक मुश्त अस्थायी अग्रिम प्रदान करने तथा कर्त्तव्य के प्रति ल सरकारी राशि के गबन होने में अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने को आरोप को प्रमाणित पाया गया। सरकारी राशि के गबन होने में अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने को आरोप को प्रमाणित पाया गया। सरकारी राशि के गबन होने में अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने को आरोप को प्रमाणित पाया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री साह को निम्न दण्ड देने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गयाः- ''पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती पाँच वर्षों के लिए।'' उक्त दण्ड विभागीय अधिसूचना सं0- 266 दिनांक 27.01.15 द्वारा श्री साह को संसूचित किया गया। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक 1 (शिविर) दिनांक 19.05.15 की समीक्षा सक्षम प्राधिकार द्वारा किया गया, जिसमें पाया गया कि श्री साह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में वही सारे तथ्य उद्धृत किया गया है जो उनके द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में दिये गये स्पष्टीकरण में दिया गया है। श्री साह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में आरोप से संदर्भित कोई नया तथ्य एवं साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। समीक्षोपरान्त श्री साह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी में कोई नया साक्ष्य/तथ्य नहीं दिये जाने के कारण उनके विरूद्ध विभागीय नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अधीक्षण अभियंता से अग्रिम की न्यूनतम राशि की स्वीकृति एवं बिना कार्य की प्रगति की समीक्षा किये ही अधीनस्थ पदाधिकारी को एकमुश्त अस्थायी अग्रिम देने के कारण सरकारी राशि का गबन होने में सहयोग करने के आरोप को प्रमाणित माना गया। अतएव श्री साह के अभ्यावेदन अर्थात पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करते हुए पूर्व में अधिरोपित निम्न दण्ड को बरकरार रखने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गया हैः- ''पाँच वर्षों के लिए पेंशन से दस प्रतिशत की कटौती।'' उक्त निर्णय श्री विश्वनाथ प्रसाद साह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1128%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1128/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1128.