(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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20 vxLr 2015
सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-21/2011/
05 कि0 मी0 से 124.25 कि0 मी0 (सिकटिया-बधवारा गाँव)
2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 घनमीटर के विरूद्ध रू0 38037167.00 का अनियमित राशि का विपत्र के भुगतान हेतु अनुशंसा की गयी। जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये। साथ ही, उक्त मामले की विस्तृत जाँच मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग से अलग से भी कराने का निर्णय लिया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन के उपरांत तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। निगरानी विभाग, पटना से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त समेकित कार्यमद का सृजन करने तथा बिना डे्रजिंग कार्य कराये ही समेकित कार्यमद दर से अनियमित भुगतान करने के लिए जिम्मेदार मानते हुए विभागीय पत्रांक 1367 दिनांक 16.09.14 द्वारा निगरानी विभाग से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गई। प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब तथा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि निविदा शर्त्त का अनुपालन करना मुख्य रूप से कार्यपालक अभियंता की जिम्मेवारी होती है। कार्य से संलग्न सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता मुख्य रूप से कराये कार्य की मात्रा एवं गुणवत्ता के लिए जिम्मेवार होते हैं। प्रस्तुत मामले में कराये गये कार्य की मात्रा पर कोई विवाद नहीं है फिर भी विपत्र तैयार करने से पूर्व इनसे अपेक्षा थी कि वस्तुस्थिति की जानकारी अपने नियंत्री पदाधिकारी को देते हुए दिशा-निर्देश प्राप्त करते जो इनके द्वारा नहीं किया गया। अतएव श्री मृत्युंजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता के विरूद्ध समेकित कार्यमद का गठन एवं बिना डे्रजिंग कार्य कराये ही समेकित कार्यमद दर पर विपत्र तैयार कर भुगतान हेतु अनुशंसा करने एवं बिना I I T से जाँच कराये ही द्वितीय विपत्र तैयार करने के आरोप को इस सीमा तक प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री मृत्युंजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा, शिविर- गोपालगंज को निलम्बन मुक्त करते हुए निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः- (क) ''कालमान वेतन के पाँच वेतन प्रक्रम नीचे पाँच वर्षों के लिए अवनति''। (ख) निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं, परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायेगी। उक्त निर्णय के आलोक में श्री मृत्युंजय प्रसाद सिंह, सहायक अभियंता को विभागीय अधिसूचना सं0 536 दिनांक 27.02.15 द्वारा निलंबन मुक्त किया जा चुका है। एतद् द्वारा सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री मृत्युंजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ठकराहा, शिविर-गोपालगंज को निम्न दंड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया जाता है- (क) ''कालमान वेतन के पाँच वेतन प्रक्रम नीचे पाँच वर्षों के लिए अवनति''। (ख) निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं, परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1135%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in