(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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26 vxLr 2015
सं0 22 नि0 सि0 (दर0)-16-03/2010
22 नि0 सि0 (दर0)-16-03/2010/1914—श्री हरि प्रसाद साह, माननीय मंत्री, पंचायती राज्य श्री हरि प्रसाद साह, माननीय मंत्री, पंचायती राज्य पिछड़ा/अति पिछड़ा कल्याण विभाग से प्राप्त परिवाद के आलोक में पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल, खुटौना अन्तर्गत पिछड़ा/अति पिछड़ा कल्याण विभाग से प्राप्त परिवाद के आलोक में पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल, खुटौना अन्तर्गत पिछड़ा/अति पिछड़ा कल्याण विभाग से प्राप्त परिवाद के आलोक में पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल, खुटौना अन्तर्गत पर निर्मित साइफन की गुणवत्ता की जाँच राजपुर वितरणी से निसृत धरहरा उप वितरणी के आर0 डी0 12.40 पर निर्मित साइफन की गुणवत्ता की जाँच राजपुर वितरणी से निसृत धरहरा उप वितरणी के आर0 डी0 12 उड़नदस्ता द्वारा किया गया। परन्तु जाँच सही ढंग से नहीं किये जाने के कारण उड़नदस्ता अंचल के किसी अन्य उड़नदस्ता द्वारा किया गया। परन्तु जाँच सही ढंग से नहीं किये जाने के कारण उड़नदस्ता अंचल के किसी अन्य उड़नदस्ता द्वारा किया गया। परन्तु जाँच सही ढंग से नहीं किये जाने के कारण उड़नदस्ता अंचल के किसी अन्य जाँच दल से गुणवतत्ता की जाँच कराकर मंतव्य सहित प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया। फलतः जाँच दल से गुणवतत्ता की जाँच कराकर मंतव्य सहित प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया। फलतः जाँच दल से गुणवतत्ता की जाँच कराकर मंतव्य सहित प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया। फलतः उड़नदस्ता अंचल द्वारा पूर्ण जाँच प ्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसकी गहन समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। उड़नदस्ता अंचल द्वारा पूर्ण जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसकी गहन समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल को प्रथम दृष्टया सम्यक समीक्षोपरान्त श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल को प्रथम दृष्टया सम्यक समीक्षोपरान्त श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए पत्रांक 585 दिनांक 07.06.12 द्वारा निम्न आरोप के संदर्भ में स्पष्टीकरण पूछने का दोषी पाते हुए पत्रांक 585 दिनांक 07 12 द्वारा निम्न आरोप के संदर्भ में स्पष्टीकरण पूछने का निर्णय लिया गया।
40 पर निर्मित साइफन की आरोपः- राजपुर वितरणी से निसृत धरहरा उप वितरणी के आर0 डी0 12.40 पर निर्मित साइफन की आरोपः- राजपुर वितरणी से निसृत धरहरा उप वितरणी के आर0 डी0 12 गुणवत्ता जाँच में संरचना के कौपिंग में किये गये पी0 सी0 सी0 एवं ईंट की जोड़ाई में प्रयुक्त सिमेन्ट मोर्टार के नमूनों गुणवत्ता जाँच में संरचना के कौपिंग में किये गये पी0 सी0 सी0 एवं ईंट की जोड़ाई में प्रयुक्त सिमेन्ट मोर्टार के नमूनों गुणवत्ता जाँच में संरचना के कौपिंग में किये गये पी0 सी0 सी0 एवं ईंट की जोड़ाई में प्रयुक्त सिमेन्ट मोर्टार के नमूनों की जाँच में सिमेन्ट एवं बालू का अनुपात विशिष्टियों के अनुरूप नहीं पाया जाना। की जाँच में सिमेन्ट एवं बालू का
आरोपी पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा उपलब्ध कराये गये स्पष्टीकरण की आरोपी पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा उपलब्ध कराये गये स्पष्टीकरण की आरोपी पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा उपलब्ध कराये गये स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध आरोप को प्रमाणित पाया गया। उक्त समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध आरोप को प्रमाणित पाया गया। उक्त समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध आरोप को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, े लिए श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, े लिए श्री मनोज कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 कम से कम तीन जगहों से नमूना संग्रह करने का प्रावधान है परन्तु जाँचदल द्वारा मात्र एक ही नमूना संग्रह किया गया जो नियम के विरूद्ध है।
श्री कुमार द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि मंत्रीमंडल निगरानी विभाग के पत्रांक 2961 दिनांक 29.12.90 से स्पष्ट है कि प्रयोगशाला जाँच विभिन्न कारणों से प्रमाणित होने के मद्धेनजर 25 प्रतिशत ही भिन्नता को मान्य सीमा के अन्तर्गत माना गया है। ''जाँचफल में पी0 सी0 सी0 एवं सिमेन्ट मोर्टार में पाये गये सिमेन्ट एवं बालू के अनुपात में बालू की मात्रा मान्य सीमा से अधिक पाया गया'' के आधार पर पूर्व में भी मामले केे समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध न्यून विशिष्टि के कार्य कराते हुए भुगतान प्रावधान के अनुरूप करने का आरोप प्रमाणित पाया गया।
उपरोक्त तथ्यों के अतिरिक्त श्री कुमार द्वारा ऐसा कोई नया तथ्य नहीं दिया गया है जिससे परिलक्षित हो सके कि कार्य विशिष्टि के अनुरूप कराया गया है।
अतः नये तथ्यों के अभाव के आलोक में श्री कुमार के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करते हुए इनके विरूद्ध पूर्व में निर्गत दण्डादेश अधिसूचना संख्या 1978 दिनांक 17.12.14 में अधिरोपित दण्ड ''एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' को बरकरार रखा गया है।
सरकार का उक्त निर्णय श्री मनोज कुमार, सहायक अभियंता (आई0 डी0-5205) को संसूचित किया जाता है।