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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2015

Published 01 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1144
Languages
English, Hindi

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जल संसाधन विभाग

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प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1300 दिनांक 17.11संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी 22/नि0सि0(वीर0)-07-06/2009/2030—श्री रेखा लाल राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंंता, पश्चिमी श्री रेखा लाल राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंंता, पश्चिमी , झंझारपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर अंचल, औरंगाबाद के विरूद्ध उड़नदस्ता कोशी नहर अंचल, झंझारपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर अंचल, औरंगाबाद के विरूद्ध उड़नदस्ता , झंझारपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर अंचल, औरंगाबाद के विरूद्ध उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि में पूर्वी कोशी एफलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट इंड में द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि में पूर्वी कोशी एफलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट इंड में द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि में पूर्वी कोशी एफलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट इंड में कराये गये सुरक्षात्मक कार्य में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में Void की मात्रा 20 (बीस) प्रतिशत रखने के निदेश के बावजूद की मात्रा 20 (बीस) प्रतिशत रखने के निदेश के बावजूद कराये गये सुरक्षात्मक कार्य में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में अप स्ट्रीम कट इंड में 30 (तीस) प्रतिशत वायड की कटौती की गयी। इस तरह 16 52 प्रतिशत अधिक बोल्डर की अप स्ट्रीम कट इंड में 30 (तीस) प्रतिशत वायड की कटौती की गयी। इस तरह 16.52 प्रतिशत अधिक बोल्डर की मात्रा के विरूद्ध 4,53,428/- (चार लाख तिरपन हजार चार सौ अठाइस) रूपये का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम मात्रा के विरूद्ध 4,53,428/- (चार लाख तिरपन हजार चार सौ अठाइस) रूपये का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम मात्रा के विरूद्ध 4,53,428/- (चार लाख तिरपन हजार चार सौ अठाइस) रूपये का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम 11.09 द्वारा बिहार सरकारी दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1300 दिनांक 17 सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। ार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरक कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये हैंः- कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये हैंः- (i) आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये बचाव बयान एवं प्रशासी विभाग द्वारा दिये गये अभिमत की समीक्षा ) आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये बचाव बयान एवं प्रशासी विभाग द्वारा दिये गये अभिमत की समीक्षा ) आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये बचाव बयान एवं प्रशासी विभाग द्वारा दिये गये अभिमत की समीक्षा से पता चलता है कि आरोपित पदाधिकारी ने प्रपत्र 24 में वायड की मात्रा 12 प्रतिशत अंकित करते हुए प्रतिवेदन से पता चलता है कि आरोपित पदाधिकारी ने प्रपत्र 24 में वायड की मात्रा 12 प्रतिशत अंकित करते हुए प्रतिवेदन अपने उच्चाधिकारी को समर्पित किया। आरोपित पदाधिकारी ने अपने बचाव में कार्य की प्रकृति, द्रूत गति से कार्य अपने उच्चाधिकारी को समर्पित किया। आरोपित पदाधिकारी ने अपने बचाव में कार्य की प्रकृति, द्रूत गति से कार्य अपने उच्चाधिकारी को समर्पित किया। आरोपित पदाधिकारी ने अपने बचाव में कार्य की प्रकृति, द्रूत गति से कार्य कराने की आवश्यकता तथा कार्यपालक अभियंता द्वारा दिये गये मौखिक निदेशों का अनुपालन नहीं करने से संबंधित कराने की आवश्यकता तथा कार्यपालक अभियंता द्वारा दिये गये मौखिक निदेशों का अनुपालन नहीं करने से संबंधित कराने की आवश्यकता तथा कार्यपालक अभियंता द्वारा दिये गये मौखिक निदेशों का अनुपालन नहीं करने से संबंधित ों का जिक्र किया गया है। मुख्य अभियंता ने बार-बार कार्यपालक अभियंता को वायड की मात्रा का वास्तविक ों का जिक्र किया गया है। मुख्य अभियंता ने बार-बार कार्यपालक अभियंता को वायड की मात्रा का वास्तविक तथ्यों का जिक्र किया गया है। मुख्य अभियंता ने बार-बार कार्यपालक अभियंता को वायड की मात्रा का वास्तविक मात्रा का आकलन करने का निदेश दिया है तथा दिये गये निदेश की प्रति अधीक्षण अभियंता को भी दी गई है। मात्रा का आकलन करने का निदेश दिया है तथा दिये गये निदेश की प्रति अधीक्षण अभियंता को भी दी गई है। मात्रा का आकलन करने का निदेश दिया है तथा दिये गये निदेश की प्रति अधीक्षण अभियंता को भी दी गई है। आरोपित पदाधिकारी ने केवल मौखिक निदेशों का ही जिक्र कि या है परन्तु उन्होंने अनुपालन कराने से संबंधित कोई आरोपित पदाधिकारी ने केवल मौखिक निदेशों का ही जिक्र किया है परन्तु उन्होंने अनुपालन कराने से संबंधित कोई साक्ष्य या अभिलेख उपस्थापित नहीं किया है। आरोपित पदाधिकारी को कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित प्रपत्र 24 साक्ष्य या अभिलेख उपस्थापित नहीं किया है। आरोपित पदाधिकारी को कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित प्रपत्र 24 साक्ष्य या अभिलेख उपस्थापित नहीं किया है। आरोपित पदाधिकारी को कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित प्रपत्र 24 को बिना वायड की मात्रा का वास्तविक आकलन कराये प्रतिहस्ताक्षरित कर उच्चाधिकारी को नहीं भेजना चाहिए था। को बिना वायड की मात्रा का वास्तविक आकलन कराये प्रतिहस्ताक्षरित कर उच्चाधिकारी को नहीं भेजना चाहिए था। को बिना वायड की मात्रा का वास्तविक आकलन कराये प्रतिहस्ताक्षरित कर उच्चाधिकारी को नहीं भेजना चाहिए था। यह बात सही है कि मुख्य अभियंता ने निदेश दिया था, परन्तु उसका अनुपालन कराना भी आरोपित पदाधिकारी का यह बात सही है कि मुख्य अभियंता ने निदेश दिया था, परन्तु उसका अनुपालन कराना भी आरोपित पदाधिकारी का यह बात सही है कि मुख्य अभियंता ने निदेश दिया था, परन्तु उसका अनुपालन कराना भी आरोपित पदाधिकारी का दायित्व था और इस दायित्व का निर्वहन नहीं करने के कारण ही प्रपत्र 24 में उनके द्वारा 12 (बारह) प्रतिशत वायड दायित्व था और इस दायित्व का निर्वहन नहीं करने के कारण ही प्रपत्र 24 में उनके द्वारा 12 (बारह) प्रतिशत वायड दायित्व था और इस दायित्व का निर्वहन नहीं करने के कारण ही प्रपत्र 24 में उनके द्वारा 12 (बारह) प्रतिशत वायड की मात्रा अंकित करते हुए प्रपत्र 24 भेजा गया है। अतः इससे स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा वायड की मात्रा की मात्रा अंकित करते हुए प्रपत्र 24 भेजा गया है। अतः इससे स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा वायड की मात्रा का वास्तविक आकलन कराये बिना प्रपत्र 24 भेज दिया गया जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी दोषी प्रतीत होते हैं। का वास्तविक आकलन कराये बिना प्रपत्र 24 भेज दिया गया जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी दोषी प्रतीत होते हैं। का वास्तविक आकलन कराये बिना प्रपत्र 24 भेज दिया गया जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी दोषी प्रतीत होते हैं। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अ(cid:27)तूबर 2015 (ii) आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि मात्र कार्यपालक अभियंता के प्रमाण पत्र के आधार पार 20 (बीस) प्रतिशत वायड की कटौती का निर्णय अभियंता प्रमुख (उत्तर) द्वारा लिया गया जिसके कारण ही 4 लाख 53 हजार 428 रू0 राशि का अधिकाई भुगतान हुआ। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं थी। आरोपित पदाधिकारी का यह कथन युक्तिसंगत नहीं प्रतीत होता है क्योंकि यह सही है कि भुगतान की कार्रवाई सीधे कार्यपालक अभियंता द्वारा की गई है जिसमें आरोपित पदाधिकारी की कोई भूमिका प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित नहीं होता है परन्तु यहॉं पर इस तथ्य को भी नकारा नहीं जा सकता है कि अगर आरोपित पदाधिकारी द्वारा वायड की मात्रा का वास्तविक आकलन करने से संबंधित निदेश का अनुपालन करवाया जाता तो ऐसी परिस्थिति उत्पन्न नहीं होती। अतः आरोपित पदाधिकारी को आरोप के इस भाग से पूर्णतः मुक्त नहीं किया जा सकता है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री रेखा लाल राम के विरूद्ध उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री रेखा लाल राम, सोन उच्चस्तरीय नहर अंचल, औरंगाबाद के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0 844 दिनांक 08.04.15 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः- (i) निन्दन (ii) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

उक्त दण्डादेश के क्रियान्वयन के क्रम में महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, पटना द्वारा विभाग को सूचित किया गया कि श्री रेखा लाल राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंंता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल, झंझारपुर के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0 121 दिनांक 14.01.15 द्वारा ''एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड संसूचित किया जा चुका है। पुनः अधिसूचना सं0 844 दिनांक 08.04.15 द्वारा ''निन्दन एवं एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड संसूचित किया गया। श्री रेखालाल राम दिनांक 31.01.16 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं जिसके कारण मात्र विभागीय अधिसूचना सं0 121 दिनांक 14.01.15 द्वारा ''एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड प्रभावी हो रहा है जबकि विभागीय अधिसूचना सं0 844 दिनांक 08.04.15 द्वारा दिया गया दण्ड प्रभावी नहीं हो पा रहा है। वर्णित स्थिति में महालेखाकार (ले0 एवं ह0) के पत्रांक 88 दिनांक 06.05.15 के आलोक में श्री राम के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0 844 दिनांक 08.04.15 की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री रेखालाल राम के विरूद्ध दिये गये ''निन्दन एवं एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड के स्थान पर ''एक वर्ष के लिए असंचयात्मक प्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' का दण्ड देने का निर्णय लिया गया है।

उक्त आदेश श्री रेखा लाल राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंंता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल, झंझारपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर अंचल, औरंगाबाद को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1144%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1144/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-01.1144.