(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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2014 द्वारा ये निलंबन मुक्त हुए। 2015) समर्पित किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ(cid:27)तूबर 2015 संधारण के आरोपों पर अपने बचाव में श्री कुमार ने यह उल्लेख किया है कि दिनांक 23.06.2004 को उक्त जाँच के समय वे प्रखंड विकास पदाधिकारी, बारसोई के पद पर पदस्थापित नहीं थे। अभिलेख उपलब्ध कराने की जवाबदेही तत्समय पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी की थी। इन्होंने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराये जाने में साजिश किये जाने का तथ्य भी स्पष्ट किया है। परन्तु इसका कोई प्रमाण नहीं दिया है। 5. अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार के द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर की समेकित रूप से समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि अनुसूचित जाति एवं जन जाति के लाभुकों का लक्ष्य दूसरे वर्ग को आवंटित करना एवं इस महत्वपूर्ण बिन्दू पर सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त किये बिना इनके द्वारा स्वयं निर्णय लेना पूर्णतः गलत था। जहाँ तक बी॰पी॰एल॰ सूची अद्यतन नहीं होने के कारण ग्राम सभा से पारित लाभुकों की सूची पर कार्रवाई किये जाने का तथ्य है ऐसी स्थिति में पंचायत स्तर पर लाभुकों की सूची निर्माण की प्रक्रिया को यदि इनके द्वारा कड़ाई के साथ अनुश्रवण किया गया होता तो उसमें गलत व्यक्तियों का नाम अंकित होने की संभावना नहीं रहती। इसके साथ ही जाँच के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं कराये जाने से यह भी पुष्टि होती है कि अभिलेख में त्रुटि थी जिसके कारण कार्यालय द्वारा उसे उपस्थापित नहीं किया गया। इस प्रकार श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं है तथा उक्त हद तक श्री कुमार के विरूद्ध इन्दिरा आवास योजना की मार्गदर्शिका के उल्लंघन एवं वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित होता है। 6. अतएव श्री परमानन्द कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1151/2008, 916/11 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बारसोई (कटिहार) सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, कटिहार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 में प्रावधानित निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :- (क) निन्दन, (ख) प्रोन्नति पर एक वर्ष के लिए रोक (प्रोन्नति की देय तिथि से प्रभावी)। 6. श्री कुमार के निलंबन अवधि के संबंध में अलग से आदेश निर्गत किया जायेगा। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।
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