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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 October 2015

Published 08 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1174
Languages
English, Hindi

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सं॰ 1830—पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा स्थित श्री राम जानकी पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा स्थित श्री राम जानकी पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा स्थित श्री राम जानकी मंदिर पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2631 है। मंदिर पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2631 है। मंदिर पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2631 है।

09 द्वारा गठित न्यास समिति को इस न्यास के संचालन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1547 दिनांक 14.10.09 द्वारा गठित न्यास समिति को इस न्यास के संचालन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक आय के दुरूपयोग, मंदिर परिसर के व्यक्तिगत उपयोग तथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में विफल रहने के आय के दुरूपयोग, मंदिर परिसर के व्यक्तिगत उपयोग तथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में विफल रहने आय के दुरूपयोग, मंदिर परिसर के व्यक्तिगत उपयोग तथा अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में विफल रहने आरोप में अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत न्यास समिति को विघटित करते हुए पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-480 29 (2) के तहत न्यास समिति को विघटित करते हुए पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-480 29 (2) के तहत न्यास समिति को विघटित करते हुए पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-480 दिनांक 16.07.14 के द्वारा अधिनियम के धारा- 33 के तहत अंचलाधिकारी कोटवा को एक वर्ष के लिए अस्थाई 14 के द्वारा अधिनियम के धारा-33 के तहत अंचलाधिकारी कोटवा को एक वर्ष के लिए अस्थाई न्यासधारी नियुक्त किया गया था। अस्थाई न्यासी के रूप में अंचलाधिकारी कोटवा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। न्यासधारी नियुक्त किया गया था। अस्थाई न्यासी के रूप में अंचलाधिकारी कोटवा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। न्यासधारी नियुक्त किया गया था। अस्थाई न्यासी के रूप में अंचलाधिकारी कोटवा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। अंचलाधिकारी, कोटवा के पत्रांक-42 दिनांकद्वारा न्यास समिति के गठन से संबंधित कारी, कोटवा के पत्रांक-42 दिनांक 12.01.2015 के द्वारा न्यास समिति के गठन से संबंधित सदस्यों की दो सूची पर्षद को प्राप्त हुआ। उक्त दोनों सूची की प्रमाणिकता की जाँच पर्षद के निरीक्षक द्वारा करायी सदस्यों की दो सूची पर्षद को प्राप्त हुआ। उक्त दोनों सूची की प्रमाणिकता की जाँच पर्षद के निरीक्षक द्वारा करायी सदस्यों की दो सूची पर्षद को प्राप्त हुआ। उक्त दोनों सूची की प्रमाणिकता की जाँच पर्षद के निरीक्षक द्वारा करायी गयी। निरीक्षक ने अपने जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि सूची सं0-1 में उल्लेखित 9 नाम पूर्व न्यास समिति गयी। निरीक्षक ने अपने जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि सूची सं0-1 में उल्लेखित 9 नाम पूर्व न्यास समिति गयी। निरीक्षक ने अपने जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया है कि सूची सं0-1 में उल्लेखित 9 नाम पूर्व न्यास समिति सदस्य के परिवार के लोगों का है, जबकि सूची सं0-2 में उल्लेखित 3 नाम ऐसे है, जिनके पूर्वजों द्वारा पूर्व में न्यास े परिवार के लोगों का है, जबकि सूची सं0-2 में उल्लेखित 3 नाम ऐसे है, जिनके पूर्वजों द्वारा पूर्व में न्यास े परिवार के लोगों का है, जबकि सूची सं0-2 में उल्लेखित 3 नाम ऐसे है, जिनके पूर्वजों द्वारा पूर्व में न्यास की जमीन अवैध रूप से क्रय की गई थी। सूची के शेष लोगों पर जाँच में कोई आरोप नहीं पाया गया। की जमीन अवैध रूप से क्रय की गई थी। सूची के शेष लोगों पर जाँच में कोई आरोप नहीं पाया गया। की जमीन अवैध रूप से क्रय की गई थी। सूची के शेष लोगों पर जाँच में कोई आरोप नहीं पाया गया। णिकता की जाँच कर एक प्रतिवेदन समर्पित अतएव निरीक्षक द्वारा स्थानीय जाँचोपरान्त सदस्यों की प्रामाणिकता की जाँच कर एक प्रतिवेदन समर्पित अतएव निरीक्षक द्वारा स्थानीय जाँचोपरान्त सदस्यों की प्रामा किया गया है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों को रखा गया है, जो पूर्व में न्यास समिति से सम्बद्ध नहीं रहे है, और न न्यास से किया गया है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों को रखा गया है, जो पूर्व में न्यास समिति से सम्बद्ध नहीं रहे है, और न न्यास से किया गया है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों को रखा गया है, जो पूर्व में न्यास समिति से सम्बद्ध नहीं रहे है, और न न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित हुए है। इसके आलोक में एक नवीन न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित हुए है। इसके आलोक में एक नवीन न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित हुए है। इसके आलोक में एक नवीन न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ को प्रदत्त बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा स्थित श्री राम जान की मंदिर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा स्थित श्री राम जानकी मंदिर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 योजनायोजनायोजनायोजना 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''राम जानकी मंदिर, दीपऊ न्य''राम जानकी मंदिर, दीपऊ न्य''राम जानकी मंदिर, दीपऊ न्य''राम जानकी मंदिर, दीपऊ न्यास ास ास ास योजना होगा''योजना होगा''योजना होगा''योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''राम जानकी मंदिर, दीपऊ ''राम जानकी मंदिर, दीपऊ ''राम जानकी मंदिर, दीपऊ ''राम जानकी मंदिर, दीपऊ न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- (1) श्री संजय प्रसाद यादव पे0 श्री कोलाई राय - सदस्य (2) श्री बिन्देष्वरी राम पे0 प्रसाद राम - सदस्य (3) श्री राजेष धागड़ पे0 बीरा धागड़ - सदस्य (4) श्री राजेन्द्र पाण्डेय स्व0 रामविलास पांडेय - सदस्य (5) श्री रामजीवन महतो पे0 श्री भरत महतो - सदस्य (6) श्री कृपा महतो पे0 श्री जगरनाथ महतो - सदस्य (7) श्री मुन्नी लाल साह पे0 प्रसाद साह - सदस्य (8) श्री कृष्णा पासवान पे0 स्व0 गोविन्द पासवान - सदस्य (9) श्री छोटे लाल प्रसाद साह पे0 स्व0 हिकयत साह - सदस्य सभी ग्राम-दीपऊ पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा, जिला-पूर्वी चम्पारण। उपर्युक्त सभी सदस्य एक बैठक कर अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद को सूचित करेंगे। इस समिति का गठन तात्कालिक प्रभाव से किया जाता है और इसका कार्यकाल 05 (पॉच) वर्षो का होगा। आदेश, किषोर कुणालकिषोर कुणालकिषोर कुणालकिषोर कुणाल,,,, अध्यक्ष ।अध्यक्ष ।अध्यक्ष ।अध्यक्ष । ———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1174%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1174/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1174.