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संचालन के लिए अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण एवं इसके सं॰ 1208—श्री बिक्रमादित्य चतुर्भुज महादेव मन्दिर, कम्मन छपरा, वैषाली, जिला-वैषाली पर्षद के श्री बिक्रमादित्य चतुर्भुज महादेव मन्दिर, कम्मन छपरा, वैषाली, जिला-वैषाली पर्षद के श्री बिक्रमादित्य चतुर्भुज महादेव मन्दिर, कम्मन छपरा, वैषाली, जिला-वैषाली पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3916 है। यह एक ऐतिहासिक अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3916 है। यह एक ऐतिहासिक अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3916 है। यह एक ऐतिहासिक गुप्तकालीन षिव मन्दिर है, जिसमें विषाल चतुर्मुख षिव लिंग स्थापित है। स्थानीय भक्तों द्वारा एक समिति का गुप्तकालीन षिव मन्दिर है, जिसमें विषाल चतुर्मुख षिव लिंग स्थापित है। स्थानीय भक्तों द्वारा एक समिति का गठन कर यहाँ एक भव्य मन्दिर का निर्माण कराया जा रहा है। मन्दिर निर्माण कार्य में पर्षद द्वारा भी 15 लाख गठन कर यहाँ एक भव्य मन्दिर का निर्माण कराया जा रहा है। मन्दिर निर्माण कार्य में पर्षद द्वारा भी 15 लाख गठन कर यहाँ एक भव्य मन्दिर का निर्माण कराया जा रहा है। मन्दिर निर्माण कार्य में पर्षद द्वारा भी 15 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। यद्यपि न्यास के संचालन हेतु स्थानीय स्तर पर गठित न्यास रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। यद्यपि न्यास के संचालन हेतु स्थानीय स्तर पर गठित न्यास रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। यद्यपि न्यास के संचालन हेतु स्थानीय स्तर पर गठित न्यास नियमावली तैयार की गई थी, किन्तु पर्षद द्वारा उसको मान्यता नहीं दी गई है। समिति द्वारा एक नियमावली तैयार की गई थी, किन्तु पर्षद द्वारा उसको मान्यता नहीं दी गई है। चूंकि यह ऐतिहासिक महत्व का प्राचीन मन्दिर है, अतः इसके जीर्णोद्धार/पुनर्निमाण एवं इसके सुचारू चूंकि यह ऐतिहासिक महत्व का प्राचीन मन्दिर है, अतः इसके जीर्णोद्धार/पुनर्निमाण एवं इसके सुचारू चूंकि यह ऐतिहासिक महत्व का प्राचीन मन्दिर है, अतः इसके जीर्णोद्धार/पुनर्निमाण एवं इसके सुचारू 32 के तहत एक योजना का निरूपण एवं इसके प्रबंधन, संरक्षण तथा संचालन के लिए अधिनियम की धारा- कार्यान्वयन के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक है। कार्यान्वयन के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक है। 32 में न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, ज अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- धार्मिक न्यास की उप विधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख मन्दिर, वैषाली की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का मन्दिर, वैषाली की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का महादेव मन्दिर, वैषाली की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम
2. श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर
''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव ख महादेव ख महादेव ख महादेव 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मु होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' मन्दिर न्यास योजना'' नाम ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' होगा। ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' ''श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर न्यास समिति, वैषाली'' एवं इसकी समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के प्रबंधन, संचालन श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर एवं इसकी समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार न्यास समिति में निहित होगा।
प्रषासन का अधिकार न्यास समिति में निहित होगा।
के जीर्णोद्धार कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी श्री बिक्रमादित्य चतुर्मुख महादेव मन्दिर के जीर्णोद्धार कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 5. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा । 6. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी । 7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, वार्षिक बजट अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।
8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी । 9. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।
10. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि यदि कोई हो तो, उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी ।
11. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।
12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।
13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहनें की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. न्यास समिति न्यास के किसी भू-खंड का अन्य संक्रमण या अन्य किसी भी तरह हस्तान्तरण नहीं करेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री रामसेवक राम, पिता-स्व0 भिखारी राम, ग्रामपो0-वैषाली, वैषाली - अध्यक्ष (2) श्री लखिन्द्र प्रसाद सिंह, ग्राम-रोहना, वैषाली - उपाध्यक्ष (3) श्री हरिहर प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 महावीर सिंह - सचिव (4) श्री संजय कुमार सिंह, पिता-स्व0 ऋषिकेष ंिसंह - उप सचिव (5) श्री राज किषोर राय, वैषाली - कोषाध्यक्ष (6) श्री राजगीर राय, पिता-स्व0 चुल्हाई राय - सदस्य (7) श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 महेन्द्र सिंह - सदस्य (8) श्री रीतलाल राय, पिता-स्व0 ब्रह्मदेव राय - सदस्य (9) श्री सामंत कुमार, पिता-स्व0 नीतीष्वर प्रसाद सिंह - सदस्य (10) श्री दिनेष्वर प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 रामलखन सिंह, नया टोला, वैषाली - सदस्य (11) श्री शषिभूषण, पिता- स्व0 जगदेव प्रसाद सिंह - सदस्य यह आदेष तत्काल प्रभावी होगा और न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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