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laŒ 1383—श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर, पूराना बाजार, गड़हनी, आरा
र्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 4069 है।
सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 01/09/2009 प्राप्त हुआ, जिसमें उक्त इस न्यास के संबंध में श्री विनोद गिरी का एक आवेदन दिनांक 01/09/2009 प्राप्त हुआ, जिसमें उक्त इस न्यास के संबंध में श्री ें मा0 अध्यक्ष महादेय द्वारा दिनांक 30/03/2010 को मंदिर का निबंधन करने का आग्रह किया गया। इसके आलोक में मा0 अध्यक्ष महादेय द्वारा दिनांक मंदिर का निबंधन करने का आग्रह किया गया। इसके आलोक म किया गया। पर्षदीय आदेष ये आदेष के अनुपालन में दिनांक 05/04/10 का उक्त न्यास का निबंधन पर्षद में किया गया। पर्षदीय आदेष दिये गये आदेष के अनुपालन में दिनांक दिनांक 15/09/11 के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-1401, दिनांक 30/11/11 द्वारा अंचलाधिकारी से जांच कर में पर्षदीय पत्रांक-1401, दिनांक 30/11/11 द्वारा अंचलाधिकारी से जांच कर प्रतिवेदन की मांग की गयी, जो अबतक अप्राप्त रहा। तत्पष्चात आम जनता द्वारा आम सभा में न्यास के विकास हेतु प्रतिवेदन की मांग की गयी, जो अबतक अप्राप्त रहा। तत्पष्चात आम जनता द्वारा आम सभा में न्यास के विकास हेतु प्रतिवेदन की मांग की गयी, जो अबतक अप्राप्त रहा। तत्पष्चात आम जनता द्वारा आम सभा में न्यास के विकास हेतु ार्दीय पत्रांक-1875, दिनांक एक न्यास समिति के गठन करने के मांग का आवेदन प्राप्त हुआ। इसके आलोक में पर्षदीय पत्रांक-1875, दिनांक एक न्यास समिति के गठन करने के मांग का आवेदन प्राप्त हुआ। इसके आलोक म 09/01/14 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी से ग्यारह सदस्यों का नाम मांगा गया। इसके अनुपालन में 09/01/14 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी से ग्यारह सदस्यों का नाम मांगा गया। इसके अनुपालन में 09/01/14 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी से ग्यारह सदस्यों का नाम मांगा गया। इसके अनुपालन में 28/01/14 द्वारा ग्यारह सदस्यों का नाम उनके पदनाम सहित न्यास समिति चलाधिकारी का पत्रांक-45, दिनांक 28/01/14 द्वारा ग्यारह सदस्यों का नाम उनके पदनाम सहित न्यास समिति अंचलाधिकारी का पत्रांक-45, दिनांक प्राप्त नामों पर मंदिर के पूजारी श्री विनोद गिरी द्वारा दो सदस्य- श्री लव कुमार प्राप्त नामों पर मंदिर के पूजारी श्री विनोद गिरी द्वारा दो सदस्य- श्री लव कुमार गठन हेतु पर्षद को प्राप्त हुआ। उक्त प्रसाद एवं श्री सोहन प्रसाद गुप्ता पर आरोप लगाया गया था, ने स्वेच्छा से स्वयंभू समिति की बैठक में प्रस्तावित प्रसाद एवं श्री सोहन प्रसाद गुप्ता पर आरोप लगाया गया था, ने स्वेच्छा से स्वयंभू समिति की बैठक में प्रस्तावित प्रसाद एवं श्री सोहन प्रसाद गुप्ता पर आरोप लगाया गया था, ने स्वेच्छा से स्वयंभू समिति की बैठक में प्रस्तावित 07/02/15 द्वारा श्री विनोद गिरी ने प्रस्तावित दिया। उसके बाद पत्रांक-2, दिनांक 07/02/15 द्वारा श्री विनोद गिरी ने प्रस्तावित समिति से अपना त्याग-पत्र दे दिया। उसके बाद पत्रांक-2, दिनांक न्यास समिति में स्वयं को पूजारी सह पदेन सदस्य बनाने का निवेदन किया। न्यास समिति में स्वयं को पूजारी सह पदेन सदस्य बनाने का निवेदन किया।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है। न्यास अधिनियम की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत हा
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री शुन्य कुमार परमार पिता- स्व0 आनन्देष्वरी प्रसाद सिंह, गड़हनी - अध्यक्ष (2) श्री वैद्यनाथ प्रसाद ठाकुर पिता- स्व0 सुरज ठाकुर, गड़हनी - सचिव (3) श्री नागेन्द्र प्रसाद धुरा जी पिता- स्व0 महादेव प्रसाद, गड़हनी - कोषाध्यक्ष (4) श्री विनोद गिरी पिता- स्व0 गंगाधर गिरी, गड़हनी - पूजारी सह पदेन सदस्य (5) श्री भूपेष कुमार पिता- शारदानंद प्रसाद, गड़हनी - सदस्य (6) श्री रामअयोध्या ओझा पिता- श्री रामलोचन ओझा, गड़हनी - सदस्य (7) श्री राम दयाल राम पिता- स्व0 हरि मुनी राम, गड़हनी - सदस्य (8) श्री राधेष्याम सिंह पिता- स्व0 रामेष्वर सिंह, गड़हनी - सदस्य (9) श्री वलिराम सिंह पिता- रामाधार सिंह, गड़हनी - सदस्य (10) श्री विष्वनाथ प्रसाद पिता- स्व0 गजाधर साह, गड़हनी - सदस्य 12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा एवं कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति भंग की जा सकती है।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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