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laŒ 1471—पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पर्षद के अन्तर्गत पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़ पटना जिलान्तर्गत श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़
निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0
र्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 986 है।
इस न्यास की व्यवस्था हेतु पत्र सं0-520, दिनांक 19/05/1992 के माध्यम से एक न्यास समिति का गठन यवस्था हेतु पत्र सं0-520, दिनांक 19/05/1992 के माध्यम से एक न्यास समिति का गठन किया गया था। इस न्यास समिति का कार्य संतोषजनक नहीं था, तथा पर्षद को न्यास समिति के कार्यकलाप की किया गया था। इस न्यास समिति का कार्य संतोषजनक नहीं था, तथा पर्षद को न्यास समिति के कार्यकलाप की किया गया था। इस न्यास समिति का कार्य संतोषजनक नहीं था, तथा पर्षद को न्यास समिति के कार्यकलाप की जानकारी भी प्रेषित नहीं की गई। श्री अरूण कुमार सिन्हा, मुख्य सचेतक, मुख्य विरोधी दल, बिहार विधान सभा का जानकारी भी प्रेषित नहीं की गई। श्री अरूण कुमार सिन्हा, मुख्य सचेतक, मुख्य विरोधी दल, बिहार वि जानकारी भी प्रेषित नहीं की गई। श्री अरूण कुमार सिन्हा, मुख्य सचेतक, मुख्य विरोधी दल, बिहार वि पत्रांक-167, दिनांक 06/03/14 पर्षद कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा गया है कि पूर्व समिति के अधिकांष 06/03/14 पर्षद कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा गया है कि पूर्व समिति के अधिकांष 06/03/14 पर्षद कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा गया है कि पूर्व समिति के अधिकांष पदाधिकारियों की मृत्यु हो जाने के कारण संचालन समिति उदासीन हो गयी है। ठाकुरबाड़ी का रख-रखाव ठीक से पदाधिकारियों की मृत्यु हो जाने के कारण संचालन समिति उदासीन हो गयी है। ठाकुरबाड़ी का रख-रखाव ठीक से पदाधिकारियों की मृत्यु हो जाने के कारण संचालन समिति उदासीन हो गयी है। ठाकुरबाड़ी का रख-रखाव ठीक से ोहल्लेवासियों ने बैठक कर नई समिति का चयन किया है। पा रहा है। इस संबंध में दिनांक 23/02/14 को मोहल्लेवासियों ने बैठक कर नई समिति का चयन किया है। नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में दिनांक अतः इस समिति को मान्यता देने की कृपा करें। पर्षदीय पत्रांक-1402, दिनांक 21/01/15 द्वारा प्रस्तावित सदस्यों की 21/01/15 द्वारा प्रस्तावित सदस्यों की अतः इस समिति को मान्यता देने की कृपा करें। पर्षदीय ्रभारी, कदमकुआं ने अपने सूची थाना प्रभारी, कदमकुआं को चरित्र सत्यापन हेतु प्रेषित की गई। तत्पष्चात थाना प्रभारी, कदमकुआं सूची थाना प्रभारी, कदमकुआं को चरित्र सत्यापन हेतु प्रेषित की गई। तत्पष्चात थाना प पत्रांक-डी0आर0 1567/15, दिनांक 23/06/15 द्वारा सूचित किया कि सभी नामों का सत्यापन कराया गया। इसे 23/06/15 द्वारा सूचित किया कि सभी नामों का सत्यापन कराया गया। इसे सही पाया गया तथा थाना के अपराध अभिलेख में इनके विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं पायी गयी। सही पाया गया तथा थाना के अपराध अभिलेख में इनके विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं पायी गयी। सही पाया गया तथा थाना के अपराध अभिलेख में इनके विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं पायी गयी।
ु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम अतः उपरोक्त में इस न्यास की सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम अतः उपरोक्त में इस न्यास की सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेत
की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है। की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है। अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो र्क न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार ज श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, धार्मिक न्यास की उप विधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्र '' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे सैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़, पटनासैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़, पटनासैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़, पटनासैदपुर, भिखना पहाड़ी मोड़, पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे '' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है । योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है ।
योजनायोजनायोजनायोजना 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री भरत सिंह मेहता - अध्यक्ष (2) श्री राजकुमार सहनी - सचिव (3) श्री अरूण कुमार सिन्हा - कोषाध्यक्ष (4) श्री प्रेम कुमार सिंह - सदस्य (5) श्री धर्मेन्द्र यादव - सदस्य (6) श्री अरूण प्रसाद - सदस्य (7) श्री भरत प्रसाद गुप्ता - सदस्य (8) श्री रंजन उपाध्याय - सदस्य (9) श्री राजेष कुमार उर्फ राजु - सदस्य (10) श्री दुर्गा प्रसाद गुप्ता - सदस्य (11) श्री राजेष कुमार चन्द्रवंषी - सदस्य
12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा एवं कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति भंग की जा सकती है।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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