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27 vxLr 2015
अधिनियम की धारा-32 के तहत पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-845, दिनांक
ीय अधिसूचना ज्ञापांक-845, दिनांक 07.08. laŒ 1690—मधुबनी जिलान्तर्गत पंडौल अंचल के ग्राम-सागरपुर ब्रह्मोत्तरा स्थित श्री राम जानकी मन्दिर मधुबनी जिलान्तर्गत पंडौल अंचल के ग्राम-सागरपुर ब्रह्मोत्तरा स्थित श्री राम जानकी मन्दिर मधुबनी जिलान्तर्गत पंडौल अंचल के ग्राम-सागरपुर ब्रह्मोत्तरा स्थित श्री राम जानकी मन्दिर (श्री सीताराम पंचायतन) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 1729 है। (श्री सीताराम पंचायतन) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या (श्री सीताराम पंचायतन) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या इस न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु अधिनियम की धारा- 2012 द्वारा अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। 2012 द्वारा अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। 2012 द्वारा अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था।
अंचलाधिकारी, पंडौल-सह-अध्यक्ष, सीताराम पंचायतन मन्दिर न्यास समिति ने पत्रांक-694, दिनांक अंचलाधिकारी, पंडौल-सह-अध्यक्ष, सीताराम पंचायतन मन्दिर न्य ास समिति ने पत्रांक-694, दिनांक 12.06. 2013 द्वारा समिति के सचिव श्रीमती भारती ठाकुर को सूचित किया कि न्यास समिति के चार सदस्य सर्वश्री पिताम्बर द्वारा समिति के सचिव श्रीमती भारती ठाकुर को सूचित किया कि न्यास समिति के चार सदस्य सर्वश्री पिताम्बर द्वारा समिति के सचिव श्रीमती भारती ठाकुर को सूचित किया कि न्यास समिति के चार सदस्य सर्वश्री पिताम्बर झा, मोहन मंडल, मंटुन मिश्र एवं वंषी यादव ने सचिव के व्यवहार तथा विकास संबंधी कार्य नहीं होने के कारण झा, मोहन मंडल, मंटुन मिश्र एवं वंषी यादव ने सचिव के व्यवहार तथा विकास संबंधी कार्य नहीं होने के कारण झा, मोहन मंडल, मंटुन मिश्र एवं वंषी यादव ने सचिव के व्यवहार तथा विकास संबंधी कार्य नहीं होने के कारण ी रंजीत दास ने बाहर रहने के कारण समिति सामूहिक रूप से त्याग-पत्र दे दिया है। साथ ही समिति के उपाध्यक्ष श्री रंजीत दास ने बाहर रहने के कारण समिति सामूहिक रूप से त्याग-पत्र दे दिया है। साथ ही समिति के उपाध्यक्ष श्र में योगदान ही नहीं दिया है। इस तरह समिति निष्क्रिय हो गई है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि पर्षद को भी प्राप्त हुई में योगदान ही नहीं दिया है। इस तरह समिति निष्क्रिय हो गई है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि पर्षद को भी प्राप्त हुई में योगदान ही नहीं दिया है। इस तरह समिति निष्क्रिय हो गई है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि पर्षद को भी प्राप्त हुई 2013 द्वारा श्रीमती भारती ठाकुर को कारण-पृच्छा की क में पर्षदीय पत्रांक-652, दिनांक 10.07.2013 द्वारा श्रीमती भारती ठाकुर को कारण-पृच्छा की थी। इसके आलोक में पर्षदीय पत्रांक-652, दिनांक नोटिस दी गयी थी। अपने जबाब दिनांक 2013 में उन्होंने यह स्वीकार किया कि 24 वर्ष पूर्व इनके श्वसुर ने गयी थी। अपने जबाब दिनांक 30.07.2013 में उन्होंने यह स्वीकार किया कि 24 वर्ष पूर्व इनके श्वसुर ने मन्दिर की कुछ भूमि खरीदी थी। साथ ही उन्होंने नयी समिति के गठन हेतु कुछ नाम भी प्रस्तावित किया था, किन्तु मन्दिर की कुछ भूमि खरीदी थी। साथ ही उन्होंने नयी समिति के गठन हेतु कुछ नाम भी प्रस्तावित किया था, किन्तु मन्दिर की कुछ भूमि खरीदी थी। साथ ही उन्होंने नयी समिति के गठन हेतु कुछ नाम भी प्रस्तावित किया था, किन्तु सदस्यों के सामूहिक इस्तीफा का कोई संतोषप्रद जबाब नहीं दिया। सदस्यों के सामूहिक इस्तीफा का कोई संतोषप्रद जबाब नही
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास समिति को निष्प्रभावी एवं औचित्यहीन मानते हुए पर्षदीय पत्रांक-1272, दिनांक हुए पर्षदीय पत्रांक-1272, दिनांक उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास समिति को निष्प्रभावी एवं औचित्यहीन मानते 33 के अन्तर्गत जिला 2013 द्वारा इसे विघटित किया गया तथा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत जिला 05.10.2013 द्वारा इसे विघटित किया गया तथा बिहार हिन्दू पदाधिकारी, मधुबनी को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। पदाधिकारी, मधुबनी को अस्थायी न्यासधारी निय
चूंकि अस्थायी न्यासधारी का कार्यकाल अधिकतम एक वर्ष की होती है, अतः अपर समाहर्त्ता, मधुबनी से चूंकि अस्थायी न्यासधारी का कार्यकाल अधिकतम एक वर्ष की होती है, अतः अपर समाहर्त्ता, मधुबन चूंकि अस्थायी न्यासधारी का कार्यकाल अधिकतम एक वर्ष की होती है, अतः अपर समाहर्त्ता, मधुबन 2014 द्वारा नवीन न्यास समिति गठित करने हेतु सदस्यों का नाम भेजने का .2014 द्वारा नवीन न्यास समिति गठित करने हेतु सदस्यों का नाम भेजने का पर्षदीय पत्रांक-1109, दिनांक 25.11. आग्रह किया गया। पर्षदीय पत्रांक-818, दिनांक 015 द्वारा उन्हें स्मारित भी किया गया किन्तु प्रतिवेदन प्राप्त गया। पर्षदीय पत्रांक-818, दिनांक 15.06.2015 द्वारा उन्हें स्मारित भी किया गया किन्तु प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ। पर्षद को जानकारी मिली है कि लगभग 2 वर्षो से मन्दिर के पूर्व सचिव ने मन्दिर में ताला लगा रखा है नहीं हुआ। पर्षद को जानकारी मिली है कि लगभग 2 वर्षो से मन्दिर के पूर्व सचिव ने मन्दिर में ताला लगा रखा है नहीं हुआ। पर्षद को जानकारी मिली है कि लगभग 2 वर्षो से मन्दिर के पूर्व सचिव ने मन्दिर में ताला लगा रखा है और भगवान का राग-भोग भी बन्द है। यह गंभीर मामला है और भगवान के पूजा-पाठ, राग-भोग के और भगवान का राग-भोग भी बन्द है। यह गंभीर मामला है और भगवान के पूजा-पाठ, राग-भोग के लिए अबिलम्ब और भगवान का राग-भोग भी बन्द है। यह गंभीर मामला है और भगवान के पूजा-पाठ, राग-भोग के प्रबंध किया जाना आवष्यक है। अतः तत्काल एक 5 सदस्यीय न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। प्रबंध किया जाना आवष्यक है। अतः तत्काल एक 5 सदस्यीय न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। प्रबंध किया जाना आवष्यक है। अतः तत्काल एक 5 सदस्यीय न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। जो धार्मिक न्यास की उप-विधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष का
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार े प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मन्दिर 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मन्दिर 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 (सीताराम पंचायतन), सागरपुर ब्रह्मोत्तरा के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) मंदिर न्यास योजना''पंचायतन) मंदिर न्यास योजना''पंचायतन) मंदिर न्यास योजना''पंचायतन) मंदिर न्यास योजना'' होगा तथा इसके संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ''श्री ''श्री ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) न्यास समिति'' होगी। राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) न्यास समिति'' राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) न्यास समिति'' राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) न्यास समिति''
2. इसकी समस्त चल-अचल संपत्ति एवं आय के प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार न्यास समिति में निहित होगी।
3. इस न्यास समिति का मुख्य दायित्व मंदिर में परंपरागत पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव, समैया आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक् प्रबंधन अबिलम्ब सुनिष्चित करना होगा।
4. मंदिर परिसर में भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की समस्त नगदी राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाता में जमा की जायेगी।
5. मंदिर में प्राप्त होने वाले दान, चन्दा, चढ़ावा, उपहारों के लिए दाताओं को उचित पावती रसीद दी जायेगी और उन्हें सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद प्रदर्ष के रूप में रखी जायेगी।
6. मंदिर परिसर में होने वाले समस्त मांगलिक/धार्मिक संस्कारों यथा- मुंडन, यज्ञोपवित, विवाह, वाहन पूजा आदि के लिए निर्धारित राषि ही ली जायेगी, जिसका सम्यक लेखा संधारण किया जायेगा। यथा निर्धारित राषि को सूचना पट्ट पर अंकित कर मंदिर परिसर में आम लोगों को जानकारी के लिए जगह-जगह लगाया जायेगा। 7. न्यास समिति की असली कसौटी न्यास की आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता सुनिष्चित करना होगा।
8. न्यास की समग्र आय, न्यास के नाम से संधारित राष्ट्रीयकृत बैंक खाता में जमा की जायेगी और आवष्यकतानुसार राषि की निकासी कर व्यय किया जायेगा।
9. न्यास के बैंक खाते का संचालन न्यास समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
10. न्यास की समस्त आय यथा- कृषि, बगीचा, दान/चढ़ावा आदि न्यास के नाम पर बैंक खाता खोलकर उसमें जमा की जायेगी और सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
11. न्यास की जमीन एवं बगीचा की बन्दोवस्ती खुले डाक द्वारा की जायेगी और प्राप्ति राषि को बैंक खाता में जमा किया जायेगा। अतीत में प्राप्त राषि को भी इसी बैंक खाता में जमा करायी जायेगी।
12. न्यास की अवैध रूप से बेची गयी जमीन या अतिक्रमण वाली जमीन को वापस लाने के लिए न्याय संगत कार्रवाई शीघ्र प्रारम्भ की जायेगी। साथ मधुबनी रेलवे स्टेषन के समीपस्थ भू-खण्ड की चाहरदिवारी कराकर उसे लोकोपयोगी कार्यो के लिए विकसित किया जायेगा।
13. न्यास समिति मन्दिर के जीर्णोद्धार का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करेगी ताकि इसे ध्वस्त होने से बचाया जा सके।
14. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए वार्षिक आय-व्यय विवरणी, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, बैठकों के कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक रूप से प्रेषण करेगी।
15. जिन नियमों का उल्लेख इस योजना में नहीं है, और न्यास हित में आवष्यक समझा जा रहा हो, तो न्यास समिति विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन से इसे लागू करेगी।
16. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे। सचिव न्यास समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष लेखा का सम्यक संधारण करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
17. न्यास समिति की बैठक सामान्यतया मंदिर परिसर में होगी। यह बैठक प्रत्येक तिमाही में कम-से-कम एक बार अवष्य होगी। 3
%बहार गजट (असाधारण), 8 अ तूबर 2015
18. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 19. न्यास समिति का कोई सदस्य न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे अथवा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास समिति से लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे या आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अहर्त्ता समाप्त हो जायेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
((((1111)))) अनुमण्डल पदाधिकारी, मधुबनीअनुमण्डल पदाधिकारी, मधुबनीअनुमण्डल पदाधिकारी, मधुबनीअनुमण्डल पदाधिकारी, मधुबनी - - - - अध्यक्षअध्यक्षअध्यक्षअध्यक्ष
((((2222)))) श्री शषि शेखर ठाकुरश्री शषि शेखर ठाकुरश्री शषि शेखर ठाकुरश्री शषि शेखर ठाकुर - - - - सचिवसचिवसचिवसचिव
((((3333)))) श्री जंग बहादुर ठाकुरश्री जंग बहादुर ठाकुरश्री जंग बहादुर ठाकुरश्री जंग बहादुर ठाकुर - - - - सदस्यसदस्यसदस्यसदस्य
((((4444)))) श्री दामोदर झाश्री दामोदर झाश्री दामोदर झाश्री दामोदर झा - - - - सदस्यसदस्यसदस्यसदस्य
((((5555)))) श्री मनोज राम पिता-षिवन रामश्री मनोज राम पिता-षिवन रामश्री मनोज राम पिता-षिवन रामश्री मनोज राम पिता-षिवन राम - - - - सदस्यसदस्यसदस्यसदस्य
सभी ग्राम-ब्रह्मोत्तरा, पो0- पंडौल, जिला- मधुबनी। यह योजना तत्काल प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने की स्थिति में न्यास समिति की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेश्आदेश्आदेश्आदेश से,ा से,ा से,ा से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
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