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31 vxLr 2015
laŒ 1710—श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण मठ) ग्राम-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली पर्षद् के श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण मठ) ग्राम-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली पर्षद् के श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण मठ) ग्राम-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 4170 है। अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धामि 2015 को मंदिर प्रांगण में बैठक कर इस न्यास के संचालन हेतु स्थानीय ग्रामीण जनता द्वारा दिनांक 11.03.2015 को मंदिर प्रांगण में बैठक कर इस न्यास के संचालन हेतु स् सर्वसम्मति से न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का चयन किया गया तथा समिति की मान्यता हेतु शपथ सर्वसम्मति से न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का चयन किया गया तथा समिति की मान्यता हेतु शपथ सर्वसम्मति से न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का चयन किया गया तथा समिति की मान्यता हेतु शपथ परमहंस कुमार दिवाकर द्वारा दिनांक 25.05.2015 को दिया गया। स्थानीय लोगों से 2015 को दिया गया। स्थानीय लोगों से पत्र के साथ एक आवेदन श्री परमहंस कुमार दिवाकर द्वारा दिनांक ते हुए पर्षदीय पत्रांक-913 दिनांक 18.06.15 द्वारा थाना प्रभारी, जन्दाहा से सूची में वर्णित 15 द्वारा थाना प्रभारी, जन्दाहा से सूची में वर्णित प्राप्त नामों की सूची भेजते हुए पर्षदीय पत्रांक-913 दिनांक लोगों का चरित्र सत्यापन कर प्रतिवेदन देने का अनुरोध किया गया। थाना प्रभारी, जन्दाहा से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक जन्दाहा से प्राप्त प्रतिवेदन दिनांक लोगों का चरित्र सत्यापन कर प्रतिवेदन देने का अनुरोध किया गया। थाना प्रभारी, े सदस्यों के विरूद्ध थाना अभिलेख में कोई प्रतिकूल 2015 में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित समिति के सदस्यों के विरूद्ध थाना अभिलेख में कोई प्रतिकूल 10.07.2015 में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित समिति क टिप्पणी अंकित नहीं है।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
र हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त र हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री षिव मंदिर (बाला लक्ष्मण मठ) ग्राम-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली की सम्पत्तिय ों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे मठ) ग्राम-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है। लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है। लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) श्री उमाकांत साह पे0 स्व0 अमीर साह - अध्यक्ष (2) श्री युगल किषोर ंिसंह पे0 स्व0 रामपरीक्षण सिंह - उपाध्यक्ष (3) श्री परमहंस कुमार दिवाकर पे0 स्व0 सुखदेव सिह - सचिव (4) श्री उमाकांत सिंह पे0 स्व0 सुखदेव सिंह - कोषाध्यक्ष (5) श्री कैलास सहनी पे0 स्व0 सौदागर सहनी - सदस्य (6) श्री षिव चन्द्र सहनी पे0 स्व0 षिवमंगल सहनी - सदस्य (7) श्री महेष्वर सिंह पे0 स्व0 दारोगा सिंह - सदस्य (8) श्री सतीष प्रसाद सिंह उर्फ बबलू पे0 श्री चन्द्रषेखर सिंह - सदस्य (9) श्री मिथलेष कुमार पे0 श्री जयनन्दन शर्मा - सदस्य (10) श्री अरूण साह पे0 स्व0 विषुन साह - सदस्य (11) श्री विगन राम पे0 स्व0 रामस्वरूप राम - सदस्य
उपरोक्त सभी का पता :- ग्रामपो0-भथाही, अंचलथाना-जन्दाहा, जिला-वैषाली।
इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 1.9.2015 से पॉच वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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