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laŒ 1768—औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव औरंगाबाद जिलान्तर्गत पाताल गंगा धार्मिक न्यास देव
धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 975 है। धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 975 है।
इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुचारू प्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुचारू प्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-2800, दिनांक 18/03/2009 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद की अध्यक्षता में एक न्यास समिति का गठन किया गया 18/03/2009 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद की अध्यक्षता में एक न्यास समिति का गठन किया गया 18/03/2009 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद की अध्यक्षता में एक न्यास समिति का गठन किया गया था। इस न्यास समिति का कार्यकाल पूरा हो चुका है, साथ ही इसके न्यासधारी महंत राम अवतार ब्रहम्चारी का निधन था। इस न्यास समिति का कार्यकाल पूरा हो चुका है, साथ ही इसके न्यासधारी महंत राम अवतार ब्रहम्चारी का निधन था। इस न्यास समिति का कार्यकाल पूरा हो चुका है, साथ ही इसके न्यासधारी महंत राम अवतार ब्रहम्चारी का निधन हो गया है। पर्षदीय पत्रांक-613, दिनांक के माध्यम से जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद से न्यास के 613, दिनांक 27/05/2015 के माध्यम से जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद से न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु एक नवीन न्यास समिति के गठन के लिए समाज के सभी वर्गों से स्वच्छ छवि सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु एक नवीन न्यास समिति के गठन के लिए समाज के सभी वर्गों से स्वच्छ छवि सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु एक नवीन न्यास समिति के गठन के लिए समाज के सभी वर्गों से स्वच्छ छवि के प्रतिष्ठित ग्यारह व्यक्तियों का नाम, जो न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभांवित नहीं हो और जिनकी कोई के प्रतिष्ठित ग्यारह व्यक्तियों का नाम, जो न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभांवित नहीं हो और जिनकी का के प्रतिष्ठित ग्यारह व्यक्तियों का नाम, जो न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभांवित नहीं हो और जिनकी का आपराधिक पृष्टभूमि नहीं हो, की मांग की गयी थी। जिसके अनुपालन में पर्षद कार्यालय को अनुमंडल पदाधिकारी, आपराधिक पृष्टभूमि नहीं हो, की मांग की गयी थी। जिसके अनुपालन में पर्षद कार्यालय को अनुमंडल प आपराधिक पृष्टभूमि नहीं हो, की मांग की गयी थी। जिसके अनुपालन में पर्षद कार्यालय को अनुमंडल प औरंगाबाद का पत्रांक-1408/गो0, दिनांक 27/08/2015 दस व्यक्तियों के नामों की अनुषंसा के साथ प्राप्त हुआ। औरंगाबाद का पत्रांक-1408/गो0, दिनांक 27/08/2015 दस व्यक्तियों के नामों की अनुषंसा के साथ प्राप्त हुआ।
के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो र्क न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, पाताल गंगा धार्मिक न्यास, धार्मिक न्यास की उप विधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए '' '' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का देव, जिला- औरंगाबाददेव, जिला- औरंगाबाददेव, जिला- औरंगाबाददेव, जिला- औरंगाबाद'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का '' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है । निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. इस न्यास के महंत श्री आदित्य ब्रह्मचारी अव्यस्क हैं। अतः इनके बालिग होने तक इनके पिता- श्री षिव बिहारी मिश्र संरक्षक के रूप में कार्य करेंगे। न्यास समिति अपने प्रथम बैठक में सचिव तथा कोषाध्यक्ष का चयन करेगी तथा दोनों नामों को अनुमोदन हेतु पर्षद कार्यालय को भेजेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति का गठन किया जाता हैः-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, औरगाबाद - पदेन अध्यक्ष (2) श्री आदित्य ब्रहम्चारी - महंत
पिता- श्री षिव बिहारी मिश्र, स्थान- जलालपुर मठ, पो0- उच्चखैरा, थाना- सिन्धौली, जिला- सीतापुर (उत्तरप्रदेष)।
(3) श्री योगेन्द्र यादव
पिता- स्व0 बुढ़न यादव, ग्राम- गम्हौरी, पो0- चांदपुर, देव, जिला- औरंगाबाद (बिहार)। (4) श्री रमेष कुमार सिंह कोषाध्यक्ष पिता- स्व0 उदय नारायण सिंह, ग्राम- पडरिया, पो0- केताकी, देव, औरंगाबाद (बिहार)। (5) श्री बांके बिहारी सिंह सदस्य पिता- स्व0 नथुनी नारायण सिंह, ग्राम- पडरिया, पो0- केताकी, देव, औरंगाबाद (बिहार)। (6) श्री उमेष कुमार गुप्ता - पिता- श्री पकीरा साव, ग्रामपो0- देव, औरंगाबाद (बिहार)।
(7) श्री राजेन्द्र यादव - पिता- श्री फौदार यादव, ग्राम- बम्हौरी, पो0- चांदपुर, देव, औरंगाबाद (बिहार)।
(8) श्री बिगन भूईया, - पिता- सुखाड़ी भूईया, ग्राम- पातालगंगा, देव, औरंगाबाद (बिहार)।
13. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा एवं कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति भंग की जा सकती है।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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