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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 October 2015

Published 08 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1204
Languages
English, Hindi

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श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर (उगना मंदिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, थाना-

हादेव मंदिर (उगना मंदिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, थाना-सकरी, जिला- मधुबनी धार्मिक न्यास पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसका निबंधन संख्या जिला- मधुबनी धार्मिक न्यास पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसका निबंधन संख्या जिला- मधुबनी धार्मिक न्यास पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसका निबंधन संख्या 3903 है।

2010 द्वारा बिहार हिन्दू न्यास के सुचारू प्रबंधन के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 2038 दिनांक 13.01.2010 द्वारा बिहार हिन्दू न्यास के सुचारू प्रबंधन के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 2038 दिनांक 13 धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति पाँच वर्षो के लिए गठित की गयी थी। धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति पाँच वर्षो के लिए गठित की गयी थी। धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति पाँच वर्षो के लिए गठित की गयी थी। न्यास समिति अपने कार्य-कलाप में पूर्णतः विफल रही। न्यास समि ति द्वारा अपने कार्यकाल में कभी भी आय-व्यय न्यास समिति अपने कार्य-कलाप में पूर्णतः विफल रही। न्यास समिति द्वारा अपने कार्यकाल में कभी भी विवरणी, बजट एवं अंकेक्षित प्रतिवेदन पर्षद को सम्यक्‌ रूप से प्रेषित नहीं कर पायी। न्यास समिति के बैठको का विवरणी, बजट एवं अंकेक्षित प्रतिवेदन पर्षद को सम्यक्‌ रूप से प्रेषित नहीं कर पायी। न्यास समिति के बैठको का विवरणी, बजट एवं अंकेक्षित प्रतिवेदन पर्षद को सम्यक्‌ रूप से प्रेषित नहीं कर पायी। न्यास समिति के बैठको का न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक कार्यवृत एवं न्यास द्वारा पर्षद को देय शुल्क का भुगतान भी कभी नहीं किया गया। न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक कार्यवृत एवं न्यास द्वारा पर्षद को देय शुल्क का भुगतान भी कभी नहीं किया गया। 2010 से पांच वर्षो के लिए निर्धारित किया गया था जो कि पूरा हो चुका है। 20.01.2010 से पांच वर्षो के लिए निर्धारित किया गया था जो कि पूरा हो चुका है।

तत्पष्चात्‌ पर्षद के निरीक्षक द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षक ने प्रतिवेदित किया है कि तत्पष्चात्‌ पर्षद के निरीक्षक द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षक ने प्रतिवेदित किया है कि तत्पष्चात्‌ पर्षद के निरीक्षक द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षक ने प्रतिवेदित किया है कि इस प्रसिद्ध मंदिर में लाखो का वार्षिक आय है। दूकान किराया तथा पोखरा से लगभग तीन लाख और दान/चढ़ावा से इस प्रसिद्ध मंदिर में लाखो का वार्षिक आय है। दूकान किराया तथा पोखरा से लगभग तीन लाख और दान/चढ़ावा से लगभग चार-पाँच लाख रूपये की वार्षिक आय की जानकारी मिली किन्तु न तो आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता है लगभग चार-पाँच लाख रूपये की वार्षिक आय की जानकारी मिली किन्तु न तो आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता है लगभग चार-पाँच लाख रूपये की वार्षिक आय की जानकारी मिली किन्तु न तो आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता है और न इसे विकाष तथा दान कल्याण के कार्यो में व्यय किया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस न्यास समिति के प्रति और न इसे विकाष तथा दान कल्याण के कार्यो में व्यय किया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस न्यास समिति के प्रति और न इसे विकाष तथा दान कल्याण के कार्यो में व्यय किया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस न्यास समिति के प्रति नाराजगी है। इस तरह यह समिति अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत कार्य करती है तथा पर्षद के आदेषों/निर्देषों तरह यह समिति अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत कार्य करती है तथा पर्षद के आदेषों/निर्देषों तरह यह समिति अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत कार्य करती है तथा पर्षद के आदेषों/निर्देषों का भी अवहेलना की है। निरीक्षक ने न्यास समिति के गठन हेतु स्थानीय भक्तों से विमर्ष कर ग्यारह नामों का अनुषंसा का भी अवहेलना की है। निरीक्षक ने न्यास समिति के गठन हेतु स्थानीय भक्तों से विमर्ष कर ग्यारह नामों का अनुषंसा का भी अवहेलना की है। निरीक्षक ने न्यास समिति के गठन हेतु स्थानीय भक्तों से विमर्ष कर ग्यारह नामों का अनुषंसा की है।

, अतः इस न्यास की सुरक्षा, सुव्यवस्था तथा सम्यक्‌ विकास चूंकि न्यास समिति का कार्यकाल पूरा हो गया है, अतः इस न्यास की सुरक्षा, सुव्यवस्था तथा सम्यक्‌ विकास चूंकि न्यास समिति का कार्यकाल पूरा हो गया है 32 के तहत एक योजना का निरूपण तथा नवीन न्यास र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण तथा नवीन न्यास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- अतः अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति के गठन का समिति का गठन आवष्यक है। अतः अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति के गठन का अतः अंचलाधिकारी, पंडौल की अध्यक्षता में ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुये श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुये श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव धार्मिक न्यास की उपविधि सं0 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुये श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मधुबनी की परिसंपत्तियों की सुरक्षा, सुचारू , पो0-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी की परिसंपत्तियों की सुरक्षा, सुचारू मंदिर (उगना मंदिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, थाना-सकरी, जिला- 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 अ तूबर 2015 प्रबंधन तथा सर्वांगीण विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा उसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजनायोजनायोजनायोजना

''श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर ''श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर ''श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर (उगना मंदिर)''(उगना मंदिर)''(उगना मंदिर)''(उगना मंदिर)'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' श्री श्री 108 उग्रनाथ '' श्री श्री 108 उग्रनाथ '' श्री श्री 108 उग्रनाथ '' श्री श्री 108 उग्रनाथ महादेव मंदिर (उगना मंदिर), न्यास समिति ग्राम- भवानीपुर, प महादेव मंदिर (उगना मंदिर), न्यास समिति ग्राम- भवानीपुर, पो0-पंडौल, थाना- सकरी, जिला-ो0-पंडौल, थाना- सकरी, जिला-ो0-पंडौल, थाना- सकरी, जिला-ो0-पंडौल, थाना- सकरी, जिला-मधुबनमधुबनमधुबनमधुबनी होगी''ी होगी''ी होगी''ी होगी'' जिसमें महादेव मंदिर (उगना मंदिर), न्यास समिति ग्राम- भवानीपुर, प महादेव मंदिर (उगना मंदिर), न्यास समिति ग्राम- भवानीपुर, प न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. इस न्यास समिति का प्रमुख दायित्व मंदिर में परम्परागत पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव-समैया आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक्‌ प्रबंधन सुनिष्चित करना होगा।

4. मंदिर परिसर के दान-पात्र निर्धारित तिथि को न्यास समिति के दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाता में जमा की जायेगी।

5. मंदिर में प्राप्त होने वाले सभी चन्दा, चढ़ावा एवं मांगलिक/धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित राषि के लिए दाताओं को उचित पावती रसीद दी जायेगी और उसका सम्यक्‌ लेखा संधारण किया जायेगा।

6. न्यास समिति के आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। जो न्यास समिति की असली चुनौती होगी।

7. मंदिर में आने वाले आस्थावान भक्तों के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों त्योहारों आदि विषेष अवसरों पर भक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जायेगा।

8. न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में रखी जायेगी और बैंक खाता का संचालन समिति के अध्यक्ष या सचिव, एवं कोषाध्यक्ष में से किन्ही दों के हस्ताक्षर से होगा।

9. न्यास समिति न्यास परिसर को स्वच्छ एवं अतिक्रमणमुक्त, यदि हो तो, रखेगी। 10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक्‌ अनुपालन सुनिष्चित करेगी तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट, देय शुल्क की राषि एवं बैठकों की कार्यवृत्त पर्षद को ससमय भेजेगी।

11. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेगें। सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्तरूप देने के लिए उत्तरदायी होगें और कोषाध्यक्ष लेखा की सम्यक्‌ संधारण के लिए जिम्मेवार होंगे।

12. न्यास समिति की बैठक सामान्यतः मंदिर परिसर में होगी। यह बैठक प्रत्येक तिमाही में कम-से-कम एक बार अवष्य होगी।

13. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा 14. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास की सम्पत्ति से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभान्वित होगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

15. उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) अंचल अधिकारी, पंडौल, मधुबनी, - पदेन अध्यक्ष (2) श्री राम लषण दास उर्फ दिगम्बर जी, ग्राम- कयटोला, पो0- शंभुआर, थाना- पंडौल, जिला- मधुबनी - उपाध्यक्ष

(3) श्री सूर्यवंषी ठाकुर, पिता-स्व0 कमलाकांत ठाकुर, स्ेावानिवृत प्राघ्यपक, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सचिव, (4) श्री पिताम्बर झा, पिता-स्व0 भागवत नारायण झा, सेवानिवृत सरकारी कर्मचारी, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - कोषाध्यक्ष, (5) थानाध्यक्ष, सकरी, - पदेन सदस्य, (6) श्री शत्रुध्न दास पिता-स्व0 कौषीक दास, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य, (7) श्री शम्भु नाथ झा, पिता-स्व0 दिनानाथ झा, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य, (8) श्री मोहन मंडल, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य, 3

%बहार गजट (असाधारण), 8 अ तूबर 2015

(9) श्री लक्ष्मी कांत ठाकुर, पिता-स्व0 हरिकान्त ठाकुर, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य, (10) श्री ध्यानी यादव पिता-स्व0 तनुक यादव, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य, (11) श्री विजय कांत झा, पिता-स्व0 कपिलेष्वर झा, पंडा प्रतिनिधी, ग्राम-भवानीपुर, पोस्ट-पण्डौल,

थाना-सकरी, जिला-मधुबनी - सदस्य। यह योजना तत्काल प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1204/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-08.1204.