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सं0 11/आ0-वि05-49/2008-सा0प्र0—1567
सामान्य प्रषासन विभाग
-------- संकल्प 5 Qjojh 20145 Qjojh 20145 Qjojh 20145 Qjojh 2014
विषयः—अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण-पत्रों की जाँच हेतु अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण-पत्रों की जाँच हेतु अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण-पत्रों की जाँच हेतु निदेशालय के गठन के संबंध में। निदेशालय के गठन के संबंध में।
सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 4604/2008 फरजाना सबा बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में दिनांक सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 4604/2008 फरजाना सबा बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में दिनांक 29.01.2014 को सुनवाई के पश्चात् माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा निदेश दिया गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के को सुनवाई के पश्चात् माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा निदेश दिया गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के को सुनवाई के पश्चात् माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा निदेश दिया गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित कमिटि में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य सम्मिलित हैं, परन्तु इसमें आदेश के अनुपालन में गठित कमिटि में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य सम्मिलित हैं, परन्तु इसमें आदेश के अनुपालन में गठित कमिटि में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य सम्मिलित हैं, परन्तु इसमें
आदेश का आशय यह है कि अनुसूचित पिछड़ा वर्ग के सदस्य सम्मिलित नहीं हैं। माननीय न्यायालय के उक्त आदेश का आशय यह है कि अनुसूचित पिछड़ा वर्ग के सदस्य सम्मिलित नहीं हैं। माननीय न्यायालय के उक्त
जाति/अनुसूचित जनजाति की भाँति अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्रों की जाति/अनुसूचित जनजाति की भाँति अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्रों की जाति/अनुसूचित जनजाति की भाँति अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु भी निदेशालय का गठन किया जाए। जाँच हेतु भी निदेशालय का गठन किया जाए।
अतः राज्य सरकार ने भलीभाँति विचार करने के उपरान्त यह निर्णय लिया है कि माननीय उच्चतम अतः राज्य सरकार ने भलीभाँति विचार करने के उपरान्त यह निर्णय लिया है कि मान 2. अतः राज्य सरकार ने भलीभाँति विचार करने के उपरान्त यह निर्णय लिया है कि मान
न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 5854/94 एराइजिंग आउट ऑफ एस0एल0पी0 (सी0) 14467/93} कुमारी न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 5854/94 एराइजिंग आउट ऑफ एस0एल0पी0 (सी0) 14467/93} कुमारी न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 5854/94 एराइजिंग आउट ऑफ एस0एल0पी0 (सी0) 14467/93} कुमारी माधुरी पाटिल एवं अन्य बनाम अपर आयुक्त, जनजाति (आदिवासी) विकास एवं अन्य में पारित न्याय निर्णय के आलोक माधुरी पाटिल एवं अन्य बनाम अपर आयुक्त, जनजाति (आदिवासी) विकास एवं अन्य में पारित न्याय निर्णय के आलोक माधुरी पाटिल एवं अन्य बनाम अपर आयुक्त, जनजाति (आदिवासी) विकास एवं अन्य में पारित न्याय निर्णय के आलोक
(सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग) के संकल्प संख्या 3887 में निर्गत तत्कालीन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग) के संकल्प संख्या 3887 में निर्गत तत्कालीन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग
2007 की भाँति सरकारी सेवाओं में नियुक्ति अथवा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों (यथा तकनीकी, गैर दिनांक 08.11.2007 की भाँति सरकारी सेवाओं में नियुक्ति अथवा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों (यथा तकनीकी, गैर 2007 की भाँति सरकारी सेवाओं में नियुक्ति अथवा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों (यथा तकनीकी, गैर 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 अ(cid:28)तूबर 2015 तकनीकी, सामान्य, व्यवसायिक आदि) में नामांकन आदि के क्रम में अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु एक स्वतंत्र निदेशालय का गठन किया गया जाए।
3. इस क्रम में सचिव/प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के नियंत्रणाधीन राज्य स्तर पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु एक स्वतंत्र निदेशालय का गठन किया जाता है, जिसका स्वरूप निम्नवत् होगा :-
(i) सामान्य समिति
(ii) निगरानी समिति
(i) सामान्य समिति का गठन निम्नांकित रूप से किया जाता हैः-
| (क) | प्रधान सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग। | अध्यक्ष |
| (ख) | पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग से संबंधित निदेशक/संयुक्त सचिव/उप सचिव/अवर सचिव स्तर के पदाधिकारी पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा मनोनित। | सदस्य |
| (ग) पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग से संबंधित निदेशक/संयुक्त सचिव/उप सचिव/अवर सचिव स्तर के पदाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मनोनित। | सदस्य |
पदाधिकारी/कर्मचारी से कार्य लिया जाएगा।
(ii) निगरानी कोषांग का गठन निम्नांकित रूप से किया जाता है :-
राज्याधीन जाली जाति प्रमाण पत्र संबंधी जाँच आदि कार्य पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना द्वारा निष्पादित किया जाता है। अतः निगरानी कोषांग का कार्य पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना द्वारा निष्पादित किया जायेगा।
4. सामान्य समिति द्वारा कार्य निष्पादन की प्रक्रिया :-
जाली जाति प्रमाण पत्र संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर सचिव/प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसकी जाँच पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना द्वारा करायी जायेगी। अपराध अनुसंधान विभाग से प्राप्त रिपोर्ट पर सामान्य समिति द्वारा निम्न प्रक्रिया अपनाते हुए अपेक्षित कार्रवाई की जायेगी :-
(क) सामान्य समिति, यदि सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यह पाती है कि आवेदक का सामाजिक स्तर का क्लेम सही नहीं है या संदेहास्पद है या गलत रूप से क्लेम प्रस्तुत कर रहे हैं तब समिति ऐसे आवेदक को सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट की प्रति के साथ पंजीकृत डाक के रसीद सहित, कारण बताओं सूचना पत्र, शैक्षणिक संस्था या कार्यालय प्रमुख के माध्यम से भेजेंगे। कारण बताओं सूचना पत्र में इस बात का उल्लेख होगा कि आवेदक अपना अभ्यावेदन या उत्तर कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर आरक्षण प्रभारी, अवर सचिव/उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्तुत करें और किसी भी परिस्थिति में अभ्यावेदन अथवा उत्तर प्रस्तुत करने के लिए 30 दिन से अधिक का समय नहीं दिया जायेगा। यदि आवेदक (प्रमाण पत्र धारक) उसे सुनने का और वाद प्रस्तुत करने का अवसर चाहता है, तो ऐसा आवेदन या उत्तर प्राप्त होने के पश्चात समिति की बैठक आरक्षण प्रभारी अवर सचिव/उप सचिव बुलायेगें और प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग ऐसी समिति के अध्यक्ष के रूप में आवेदक को सुनवाई एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूर्ण अवसर देंगे। आवेदक को ऐसा अवसर देने के बाद भी आवेदक को उसके 3
"बहार गजट (असाधारण), 19 अ(cid:28)तूबर 2015
अभिभावक के माध्यम से या अन्य अवसर देने के बाद समिति ऐसी जाँच कर सकेगी, जिससे आवेदक के क्लेम और अन्य आपत्तियों पर विचार करने पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए यदि आवश्यक हो तो उभय पक्षों को सुनकर समिति एक उचित निर्णय लेगी।
(ख) ऐसे प्रकरणों जहाँ सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट (प्रमाण पत्र धारक) के पक्ष में हो तो समिति को किसी कार्यवाही की आवश्यकता नहीं होगी।
(ग) समिति द्वारा जाँच दिन प्रतिदिन के आधार पर की जायेगी और किसी भी स्थिति में इसे पूर्ण करने के लिए 2 माह से ज्यादा समय नहीं लेगी। यदि जाँच समिति यह पाती है कि आवेदक (प्रमाण पत्र धारक) का क्लेम झूठा या असत्य है तो समिति ऐसी जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त करते हुए एक उचित आदेश पारित करेगी।
समिति यह भी निर्णय ले सकेगी कि जो व्यक्ति अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ प्राप्त किये हैं, जो इसके पात्र नहीं हैं, वैसे लाभार्थी के विरूद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करा कर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले पदाधिकारी/कर्मचारी यदि जालसाजी में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी।
5. निगरानी कोषांग द्वारा कार्य निष्पादन की प्रक्रियाः-
निगरानी कोषांग द्वारा किसी व्यक्ति विशेष के विरूद्ध प्राप्त शिकायत की जाँच के क्रम में उसके पैतृक निवास/रिश्ते-नातेदार/स्कूल कॉलेज में उपलब्ध अभिलेख/भू-राजस्व संबंधी अभिलेख/समाज के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त प्रतिवेदन, जो साक्ष्य के लिए आवश्यक हो, के आधार पर कार्रवाई की जायेगी। निगरानी कोषांग द्वारा जाँच प्रतिवेदन के एक माह के अन्दर सामान्य समिति को निश्चित रूप से सौंपा जायेगा।
6. नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा सामान्य परिस्थितियों में नियुक्ति के क्रम में आवेदक के जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन प्रमाण-पत्र निर्गत करने वाले संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा ही कराया जायेगा।
7. यह आदेश तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
आदेशः—अतः यह आदेश है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाए और इसकी प्रति महालेखाकार, बिहार, पटना/बिहार लोक सेवा आयोग/बिहार कर्मचारी चयन आयोग/बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगता परीक्षा पर्षद/केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्त्ती)/सभी विभाग/सभी विभागाध्यक्ष/सभी प्रमण्डलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी/मुख्य मंत्री सचिवालय/बिहार विधान सभा/बिहार विधान परिषद को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाए।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से,
राजेन्द्र राम,
सरकार के संयुक्त सचिव।
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