Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 October 2015

Published 19 October 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-10-19.1230
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 2(cid:24) आि(cid:15)वन 1(cid:25)3(cid:24) (cid:26)श(cid:15)(cid:27)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 123(cid:15)) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)(cid:28) स(cid:29)मव(cid:4)र, 1(cid:25) [Çत३बर 2(cid:15)15

ं को आवंटित करने के संबंध में।

सं0 प्र0 7/नियम-01/2015-5931 (S) पथ निर्माण विभाग -------- संकल्प 1 जुलाई 2015 राज्य के सभी कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, विषयः-राज्य के सभी कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, राज्य के सभी कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद्‌ एवं निकाय के अधीन वैसे कार्यों, जिसकी प्राक्कलित राशि रू॰ निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद्‌ एवं निकाय के अधीन वैसे कार्यों, जिसकी प्राक्कलित राशि रू॰ निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद्‌ एवं निकाय के अधीन वैसे कार्यों, जिसकी प्राक्कलित राशि रू॰ 15.00 लाख (पन्द्रह लाख) या उससे कम है, से संबंधित अंचल स्तर पर वर्षवार कुल कार्यों का 50 00 लाख (पन्द्रह लाख) या उससे कम है, से संबंधित अंचल स्तर पर वर्षवार कुल कार्यों का 50 प्रतिशत कार्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़े प्रतिशत कार्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़े प्रतिशत कार्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़े वर्ग की महिलाओं के संवेदकों के लिए आरक्षित करते हुए उक्त कोटि के अन्तर्गत ही प्राप्त निविदा वर्ग की महिलाओं के संवेदकों के लिए आरक्षित करते हुए उक्त कोटि के अन्तर्गत ही प्राप्त निविदा वर्ग की महिलाओं के संवेदकों के लिए आरक्षित करते हुए उक्त कोटि के अन्तर्गत ही प्राप्त निविदा के माध्यम से कार्यों को आवंटित करने के संबंध में। भारत के संविधान के भाग-4, धारा-38 में निम्न प्रावधान है :- भाग 4 - राज्य की नीति के निदेशक तत्व

1. भारत के संविधान के भाग-4, धारा-38 में निम्न प्रावधान है :- भाग 4 - राज्य की नीति के निदेशक तत्व राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा- राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा- 1.1 (38) राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा- आर्थिक और राजनैतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की (1) राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की, जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की (1) राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की, जिसमें सामाजिक, सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करें, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और संरक्षण करके लोक कल्याण की अभिवृद्धि का सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करें, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और संरक्षण करके लोक कल्याण की अभिवृद्धि का सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करें, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और संरक्षण करके लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा। (2) राज्य, विशिष्टतया, आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा और न केवल व्यक्तियों के राज्य, विशिष्टतया, आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा और न केवल व्यक्तियों के राज्य, विशिष्टतया, आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा और न केवल व्यक्तियों के बीच बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, सुविधाओं बीच बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, सुविधाओं बीच बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले और विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करेगा। और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करेगा।

प्रत्येक क्षेत्र में सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व एवं अवसर प्रदान कर उनके सामाजिक एवं आर्थिक प्रत्येक क्षेत्र में सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व एवं अवसर प्रदान कर उनके सामाि 2. प्रत्येक क्षेत्र में सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व एवं अवसर प्रदान कर उनके सामाि उत्थान के लिए सामाजिक परिवेश, आर्थिक स्थिति एवं प्रतिस्पर्धा के मद्‌देनजर विभिन्न लोक कार्यों (Civil work) के उत्थान के लिए सामाजिक परिवेश, आर्थिक स्थिति एवं प्रतिस्पर्धा के मद्‌देनजर विभिन्न लोक कार्यों ( उत्थान के लिए सामाजिक परिवेश, आर्थिक स्थिति एवं प्रतिस्पर्धा के मद्‌देनजर विभिन्न लोक कार्यों ( लिए कार्य आवंटन हेतु उपबंधित प्रक्रियाओं के कारण सभी वर्गों की उचित भागीदारी नहीं हो पा रही है। लिए कार्य आवंटन हेतु उपबंधित प्रक्रियाओं के कारण सभी वर्गों की उचित भागीदारी नहीं हो पा रही है। लिए कार्य आवंटन हेतु उपबंधित प्रक्रियाओं के कारण सभी वर्गों की उचित भागीदारी नहीं हो पा रही है।

3. उक्त कंडिका-2 के आलोक में कंडिका-1 में उल्लिखित उद्‌देश्यों की पूर्त्ति हेतु सामाजिक एवं आर्थिक उक्त कंडिका-2 के आलोक में कंडिका-1 में उल्लिखित उद्‌देश्यों की पूर्त्ति हेतु सामाजिक एवं आर्थिक रूप से अभिवंचित समुहों को निविदा के माध्यम से लोक कार्योें के सम्पादन हेतु सुनिश्चित अवसर प्रदान किया जाना रूप से अभिवंचित समुहों को निविदा के माध्यम से लोक कार्योें के सम्पादन हेतु सुनिश्चित अवसर प्रदान किया जाना रूप से अभिवंचित समुहों को निविदा के माध्यम से लोक कार्योें के सम्पादन हेतु सुनिश्चित अवसर प्रदान किया जाना 00 लाख (पन्द्रह लाख) की निविदा स्थानीय प्रचार-प्रसार के अपेक्षित प्रतीत होता है। लोक निर्माण कार्यों में रू॰ 15 अपेक्षित प्रतीत होता है। लोक निर्माण कार्यों में रू॰ 15.00 लाख (पन्द्रह लाख) की निविदा 2015 द्वारा निर्गत संकल्प के माध्यम से किया माध्यम से करने का प्रावधान विभागीय ज्ञापांक-5676 (ऽ) दिनांक 24.06.2015 द्वारा निर्गत संकल्प के माध्यम से किया माध्यम से करने का प्रावधान विभागीय ज्ञापांक-5676 (ऽ) दिनांक 24 गया है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग के पत्रांक ए-2 एम-1-88/75 लो॰नि॰-25595 दिनांक गया है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग के पत्रांक ए-2 एम-1-88/75 लो॰नि॰-25595 गया है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग के पत्रांक ए-2 एम-1-88/75 लो॰नि॰-25595 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 अ(cid:28)तूबर 2015 31.12.75 द्वारा निर्गत राज्यादेश एवं अनुर्वाी तत्सम्बन्धी आदेशों के माध्यम से समुह विशेष के लिए सीमित राशि की निविदा का निर्धारित प्रतिशत उक्त समुह के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया जाता रहा है।

4. अतः उपरोक्त कंडिका में निहित सिद्धांतों के आलोक में निर्णय लिया जाता है कि राज्य के सभी कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद्‌ एवं निकाय के अधीन क्रियान्वित होने वाले लोक निर्माण कार्यों जिसकी प्राक्कलित राशि 15.00 लाख (पन्द्रह लाख) अथवा उससे कम है का कार्य निम्नवत आरक्षित रहेगा :-

(i) अनुसूचित जाति - 16% (ii) अनुसूचित जनजाति - 01% (iii) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग - 18% (iv) पिछड़ा वर्ग - 12% (v) पिछड़े वर्ग की महिला - 03% कुल - 50% शेष 50% कार्य सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। 5. अन्य शर्त्ते निम्नवत होगें :- 5.1 अंचल का प्रशासनिक स्तर कंडिका-5 के प्रावधान के कार्यान्वन का स्तर रहेगा। 5.2 बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) (संशोधन) अधिनियम 2002 (बिहार अधिनियम-17/2002) के आलोक में सभी सरकारी तथा सभी अर्द्ध सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति एवं प्रोन्नति में आरक्षण के संबंध में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग) के पत्रांक-458 दिनांक 30.09.2002 द्वारा आदर्श रोस्टर की व्यवस्था लागू की गई है। इसी के अनुरूप संबंधित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में रोस्टर पंजी संधारित किया जायेगा तथा उनके अधीनस्थ कार्य प्रमंडलों के कार्यो को क्रमवार वर्ग विशेष के लिए आरक्षित करने का आदेश निर्गत किया जायेगा। चालू विाीय वर्ष की समाप्ति के बाद अगले विाीय वर्ष में भी आदर्श रोस्टर का बिन्दु लगातार क्रमवार जारी रहेगा।

5.3 किसी वर्ग विशेष के लिए आरक्षित कार्यों में एक से अधिक संवेदक का दर न्यूनतम एवं समान रहने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग की कंडिका 163 के अधीन draw of lots के अनुसार निविदा का निष्पादन होगा। 5.4 निविदा में भाग लेने हेतु कार्य की प्राक्कलित राशि के अनुरूप समुचित श्रेणी में यथा प्रावधानित ठीकेदारी पंजीकरण होना आवश्यक होगा।

5.5 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यन्त पिछड़े वर्ग, पिछड़े वर्ग एवं पिछड़े वर्ग की महिलाओं के एक संवेदक को एक वित्तीय वर्ष में उक्त प्रावधानों के अधीन सभी कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद्‌ एवं निकाय द्वारा आवंटित कार्यों की अधिकतम सीमा रू॰ 25.00 लाख (पचीस लाख़) होगी। इस हेतु संबंधित निविदादाता को एक शपथ पत्र के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में विषयांकित प्रावधान के आधार पर अबतक उन्हें आवंटित सभी कार्यों की कुल राशि की सूचना देना अनिवार्य होगा। 5.6 सक्षम प्राधिकार से निर्गत जाति प्रमाण-पत्र की अभिप्रमाणित प्रति तथा शपथ पत्र निविदा के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा। निविदाकार द्वारा दी गई सूचना गलत पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा विषयांकित सुविधा से उन्हें हमेशा के लिए वंचित कर दिया जाएगा।

5.7 निविदा की अन्य शर्त्तें यथा प्रावधानित लागू मानी जाएँगी। 6. उक्त कंडिका-4, 5 एवं संबंधित अन्य उपकंडिकाओं में निरूपित प्रावधान में परिलक्षित त्रुटि या कठिनाई का परिमार्जन करने तथा उपबंध के अनुरूप कार्यान्वयन संबंधित दिशा निदेश निर्गत करने हेतु पथ निर्माण विभाग प्राधि—त होगा।

बिहार-राज्यपाल के vkns'k से, रमा कान्त प्रसाद, संयुक्त सचिव (प्र0को0)।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1230%5'1+1000%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 October 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-10-19.1230/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-10-19.1230.