(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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सं0 कारा/नि0को0(क)-17/2012—6285
कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग -------- संकल्प 13 अक्तूबर 2015
2012 धारा-420/409/ 467/468/471/120 बी0 भा.द. भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 दर्ज है। उक्त घटना के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध ि श्री देवेन्द्र प्रसाद, काराधीक्षक, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन अवधि के श्री देवेन्द्र प्रसाद, काराधीक्षक, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन अवधि के श्री देवेन्द्र प्रसाद, काराधीक्षक, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन अवधि के ाासनिक विफलता के लिए निगरानी थाना काण्ड वि. के अन्तर्गत एवं 13 (2) 1988 दर्ज है। उक्त घटना के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन 01.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन दौरान प्रतिवेदित वित्तीय अनियमितता, लापरवाही, कर्तव्यहीनता एवं प्र'ाासनिक विफलता के लिए दौरान प्रतिवेदित वित्तीय अनियमित संख्या-26/12 दिनांक 24.02.2012 धारा-420/409/ 467/468/471/120 बी0 भा सहपठित धारा-13 (1) सी.डी. भ्रष्टाचार अधिनियम संकल्प ज्ञापांक-187 दिनांक 11.01 पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, dks'kh प्रमण्डल, सहरसा नामित किए गए। पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच,
2. निगरानी विभाग द्वारा घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये कर्मियों/भ्रष्टाचार/वित्तीय अनियमितता एवं गबन से निगरानी विभाग द्वारा घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये कर्मियों/भ्रष्टाचार/वित्तीय अनियमितता एवं गबन से निगरानी विभाग द्वारा घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये कर्मियों/भ्रष्टाचार/वित्तीय अनियमितता एवं गबन से की समीक्षोपरांत श्री प्रसाद को उक्त घटना तथा उनके मंडल कारा कि'ानगंज में पदस्थापन के दौरान ानगंज में पदस्थापन के दौरान संबंधित मामलों की समीक्षोपरांत श्री प्रसाद को उ जिला पदाधिकारी, fd'kuxat द्वारा उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों यथा कारा के अंदर जादू-टोना का कार्य कराये द्वारा उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों यथा कारा के अंदर जादू-टोना का कार्य कराये द्वारा उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों यथा कारा के अंदर जादू-टोना का कार्य कराये चत दबाव, अनधिकृत अनुपस्थिति एवं वरीय जाने, महिला बंदियों के साथ दुव्र्यवहार, कारा चिकित्सक पर अनुचित दबाव, अनधिकृत अनुपस्थ्ि जाने, महिला बंदियों के साथ दुव्र्यवहार, कारा चिकित्सक पर अनुि पदाधिकारी के आदे'ा की अवहेलना संबंधी आरोपों के लिए उन्हें विभागीय संकल्प ज्ञापांक 673 दिनांक 05 ा की अवहेलना संबंधी आरोपों के लिए उन्हें विभागीय संकल्प ज्ञापांक 673 दिनांक 05.02.2014 ा की अवहेलना संबंधी आरोपों के लिए उन्हें विभागीय संकल्प ज्ञापांक 673 दिनांक 05 द्वारा निलंबित किया गया।
3. श्री प्रसाद के विरूद्ध मंडल कारा
श्री प्रसाद के विरूद्ध मंडल कारा, कि'ानगंज के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गठित पूरक आरोप प
ानगंज के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गठित पूरक आरोप पत्र को 2014 द्वारा पूर्व से संस्थित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 843 दिनांक 13.02.2014 द्वारा पूर्व से संस्थित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 843 दिनांक 13 ंच प्रतिवेदन समर्पित करने का निदे'ा दिया गया। उपलब्ध कराते हुए पूरक आरोप पत्र पर भी जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निदे उपलब्ध कराते हुए पूरक आरोप पत्र पर भी जांच कर जा
4. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त
विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, dks'kh
'ाासनिक कठोरता बरते जाने के कारण कक्षपाल यूनियन के एक सदस्य ब्रज 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26 अ(cid:24)तूबर 2015 पुलिस अधीक्षक, कि'ानगंज द्वारा दिया गया, जो इसके लिए सक्षम पदाधिकारी नहीं है। साथ ही यह भी अंकित किया गया कि कक्षपाल, श्री ब्रजे'ा कुमार के द्वारा दिये गये आवेदन पर विभागीय अनु'ांसा के उपरांत निगरानी न्यायालय में दर्ज वाद संख्या-26/12 प्रक्रियाधीन है। अतः न्यायिक प्रक्रिया तक विभागीय कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। श्री प्रसाद के अनुसार संचालन पदाधिकारी द्वारा न तो स्थल निरीक्षण किया गया एवं न ही साक्ष्य प्रस्तुत करने वाले किसी भी पदाधिकारी/कर्मचारी का भौतिक परीक्षण ही किया गया है। अतः जांच प्रतिवेदन को ही जांच के घेरे में होने का मत व्यक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही की जांच किसी वरीय अथवा सेवानिवृत्त भारतीय प्र'ाासनिक सेवा के अधिकारी से कराने का अनुरोध किया है।
5. श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर, उनके विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी का अधिगम एवं संचिका में उपलब्घ अन्य अभिलेखों की सम्यक् समीक्षा से स्पष्ट होता है कि अपने अभ्यावेदन में श्री प्रसाद द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं विभागीय कार्यवाही संस्थित किए जाने के आदे'ा को रद्द करते हुए नया संचालन पदाधिकारी नियुक्त किए जाने का अनुरोध किया गया है जो अप्रांसगिक एवं नियमसंगत नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि श्री प्रसाद ने अपने विरूद्ध गठित आरोपों का बिंदुवार कोई उत्तर नहीं दिया है, अपितु विभागीय कार्यवाही संस्थित किए जाने संबंधी सरकार के संकल्प को ही गलत कहते हुए उसे रद्द करने का अनुरोध किया है, जो नियमानुकूल नहीं है।
6. संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँचोपरान्त समर्पित जांच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध मूल आरोप पत्र में गठित कुल 13 आरोप तथा पूरक आरोप पत्र में गठित कुुल 6 आरोप, सभी प्रमाणित पाए गए हैं जिसके आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित सभी आरोप उनके द्वारा पद के दुरूपयोग, वित्तीय अनियमितता, सरकारी राशि के गबन आदि से संबंधित हैं। उक्त परिप्रेक्ष्य में श्री प्रसाद का अनुरोध प्रासंगिक एवं नियमसंगत नहीं है और अविचारणीय है।
7. यह भी स्पष्ट है कि विभागीय कार्यवाही के संचालन में उनके विरूद्ध प्रक्रियाधीन न्यायिक मामला बाधक नहीं हो सकता, जबतक कि संबंधित न्यायालय द्वारा इस प्रकार का कोई आदे'ा निर्गत न किया गया हो। इस प्रकार श्री प्रसाद का संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में समर्पित उत्तर तथ्यहीन एवं अप्रासंगिक कथनों तथा नियमसंगत अनुरोध नहीं करने के आलोक में स्वीकारयोग्य नहीं है।
8. उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में संचालन पदाधिकारी के अधिगम एवं श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षोपरांत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री देवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा/fd'kuxat, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के प्रावधानों के तहत '' सेवा से बर्खास्तगी '' का दंड निरूपित करने का विनि'चय किया गया। 9. उपर्युक्त fofuf'pr दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 1113 दिनांक 19.02.2015 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से पराम'ार् की मांग की गई। इसके आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1096 दिनांक 17. 07.2015 द्वारा प्रस्तावित दंड से सहमति व्यक्त की गई है। प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के सम्यक् वि'लेषणोपरांत श्री देवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा/कि'ानगंज (सम्प्रति निलंबित) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के तहत् निम्न दंड अधिरोपित किया जाता हैः-
'' सेवा से बखार्स्तगी का दंड। ''
आदेषः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री देवेन्द्र प्रसाद (बिहार कारा सेवा) सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ) एवं सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राजीव वर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1233%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in