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ऊर्जा विभाग
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अधिसूचनाएं
4 सितम्बर 2015 सं0 प्र01/आयोग अध्यक्ष चयन-03/2015-10—विद्युत अधिनियम, 2003 (The Electricity Act,2003) की धारा-82 की उप-धारा (5) एवं धारा-85 की उप-धारा(1) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री शक्ति कुमार नेगी, भा0प्र0से0, विकास आयुक्त, बिहार, पटना को उनके प्रभार ग्रहण करने की तिथि से विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा-89 के प्रावधानों के अन्तर्गत 5 वर्ष अथवा 65 वर्ष की उम्र, जो भी पहले हो, तक अध्यक्ष, बिहार विद्युत विनियामक आयोग के पद पर नियुक्त किया जाता है ।
बिहार विद्युत विनियामक आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्यों की सेवाशर्त्त) नियमावली, 2003 के द्वारा बिहार सरकार ने अध्यक्ष एवं सदस्यों की सेवाशर्त्त को विहित किया है । इस सेवाशर्त्त के अनुसार अध्यक्ष के पद के लिए श्री शक्ति कुमार नेगी को पेंशन की सकल रकम के साथ-साथ उसमें किसी सारांशिकृत अंश, यदि पहले से प्राप्त कर रहे हों, की कटौती के अध्यधीन प्रति माह रूपया 80,000/- वेतन देय होगा ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रत्यय अमृत, सचिव ।
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16 अक्टूबर 2015
सं0 प्र02/बोर्ड पुर्न0 निदेषक नियुक्ति-58/13 (पार्ट 3)-12—सामान्य प्रषासन विभाग बिहार सरकार के अधिसूचना संख्या-1/पी0-1011/2015-सा0 प्र0-14671, दिनांक 03.10.2015 के द्वारा श्री राजेष्वर प्रसाद सिंह, भा0प्र0से0 (2007), संयुक्त सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना अतिरिक्त प्रभार निदेषक ब्रेडा, पटना अपने कार्यो के अतिरिक्त निदषक, (मानव संसाधन एवं प्रषासन) बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कम्पनी लिमिटेड के प्रभार में रहेगें। यह व्यवस्था सरकार के स्तर पर नियमित पदस्थापन किये जाने तक लागू रहेगी।
प्रस्ताव पर माननीय मंत्री ऊर्जा का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोदा नन्द झा, उप-सचिव।
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निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
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अधिसूचनाएं
11 फरवरी 2015
सं॰ V/ए1-103/2013-619—विभागीय अधिसूचना संख्या-3122 दिनांक 04.10.2013 के क्रमांक 25 में अंकित अस्थायी रूप से अवर निबंधक के पद पर नियुक्त श्री मदन कुमार चौरसिया द्वारा महालेखाकार (ले0 एवं हक0) झारखंड, राँची से दिनांक 15.01.2015 के अपराह्न से विरमित होने के फलस्वरूप दिनांक 19.01.2015 को विभाग में योगदान दिया गया।
2. विषेष परिस्थिति में श्री मदन कुमार चौरसिया के योगदान करने की 30 दिनों की अवधि को क्षांत करते हुए इन्हें दिनांक 19.01.2015 तक योगदान करने की अनुमति देते हुए उक्त तिथि से योगदान स्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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10 मार्च 2015
सं॰ V/ए1-103/2013-1111—श्री मदन कुमार चौरसिया, नवनियुक्त परीक्ष्यमान अवर निबंधक, (पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेष तक अवर निबंधक, कहलगाँव, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा। अधिसूचना निर्गत होने के तीन दिनों के अंदर प्रभार ग्रहण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नंदन दास, अवर सचिव।3
1 अप्रील 2015
सं॰ IV/स्था0 (रा0) र्ई1-405/2011-1570—श्री शैलेन्द्र नाथ सिन्हा, सहायक निबंधन महानिरीक्षक को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दिनांक 26.12.2014 से 15.01.2015 तक कुल 21 (इक्कीस) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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24 जून 2015
सं॰ V/एम1-430/2013-2885—श्रीमती रीता सिन्हा, जिला अवर निबंधक, दरभंगा का दिनांक 09.02.2015 से 09.05.2015 तक कुल 90 (नब्बे) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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24 जून 2015
सं॰ V/ई1-305/2015-2887—श्री संजय कुमार, जिला अवर निबंधक, वैषाली का दिनांक 15.12.2014 से 03.01.2015 तक कुल 20 (बीस) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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11 सितम्बर 2015
सं॰ IV/स्था0(रा0)ई1-405/2010-4220—श्री सुषील कुमार सुमन, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को दिनांक 03.05.2015 से 18.05.2015 तक कुल 16 (सोलह) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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9 सितम्बर 2015
सं॰ I/ई1-609/2004-4174—मो0 शहबाज आलम, अवर निबंधक, जयनगर, मधुबनी को दिनांक 03.11.2014 से 06.01.2015 तक कुल 65 (पैंसठ) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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——————— निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— अधिसूचना शुद्धिपत्र 11 सितम्बर 2015
सं॰ V/ए1-103/2013-4199—बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 53वीं से 55वीं तक सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर विभागीय अधिसूचना संख्या-3122 दिनांक 04.10.2013 के द्वारा नियुक्त परीक्ष्यमान अवर निबंधक, श्री मदन कुमार चौरसिया का उक्त अधिसूचना में उनके नाम (क्रमांक-25) के सामने कॉलम-7 में अंकित जन्म तिथि को सत्यापन के पश्चात् संषोधित करते हुए 03.04.70 अंकित किया जाता है ।
अधिसूचना संख्या-3122 दिनांक 04.10.2013 को इस हद तक संषोधित समझा जाएगा। शेष सभी यथावत् रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
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अधिसूचनाएं
31 मार्च 2015
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-11/2013-1518—श्री सुरेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, शेखपुरा सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध मद्य भण्डागार-सह-देषी शराब निर्माणषाला, शेखुपरा में निर्धारित मानक शक्ति से कम शक्ति की शराब का निर्माण आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-525 दिनांक 31.01.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी, उपायुक्त उत्पाद, भागलपुर-सह-मुंगेर प्रमण्डल, भागलपुर द्वारा पत्रांक-102 दिनांक 17.05.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित किया गया, जिसमें आरोप संख्या-1 एवं 2 को प्रमाणित नही माना गया है तथा आरोप संख्या-3 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने तथा अधीनस्थों के अतिरिक्त जिला में कार्यरत्त महत्वपूर्ण इकाई पर उनका नियंत्रण नही रखने का उल्लेख किया गया तथा इस सरकारी सेवक आचार नियमावली के विरूद्ध मानते हुए उनके विरूद्ध गठित आरोप को आंषिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2292 दिनांक 03.06.2014 द्वारा श्री सुरेन्द्र प्रसाद से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
4. श्री प्रसाद द्वारा दिनांक 19.08.2014 को अपना बचाव बयान विभाग में समर्पित किया गया है। श्री प्रसाद द्वारा अपने बचाव बयान में प्रतिवेदित किया है कि दिनांक 11.07.2013 को शेखपुरा देषी मद्य भण्डागार के निरीक्षण में उनके द्वारा निरीक्षणकर्त्ता-सह-वरीय उप समाहर्त्ता को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया तथा शराब की शक्ति की जाँच भी उनके द्वारा की गई थी। उन्होने स्वीकार किया है कि चोरी से शराब निर्माण की घटना, उनके सेवाकाल की पहली घटना है। इस आधार पर आरोप से मुक्त करते का अनुरोध किया गया है।
5. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर श्री प्रसाद के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अस्वीकृत करते हुए बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) एवं 139 (बी0) के अधीन इनके पेंषन राषि से 15% (पन्द्रह प्रतिषत) की कटौती करने का निर्णय लिया गया।
6. विभागीय पत्रांक-4368 दिनांक 09.10.2014 द्वारा श्री सुरेन्द्र प्रसाद, से0नि0 प्रभारी अधीक्षक उत्पाद के विरूद्ध पेंषन से 15% (पन्द्रह प्रतिषत) कटौती करने के प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष/अभिमत हेतु अनुरोध किया गया।
7. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2774 दिनांक 02.03.2015 द्वारा सम्यक् विचारोपरांत विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त किया गया है। , 6 8. अतएव उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर पूर्ण विचारोपरांत श्री सुरेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, शेखपुरा सम्प्रति से0नि0 के बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 139 के प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनके पेंषन से 15% (पन्द्रह प्रतिषत) कटौती करने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।
9. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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16 अप्रील 2015
सं॰ 9/आरोप (राज0)(उ0)-2-14/2012-1787—श्री सरोज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध चालान का सत्यापन नहीं करने, पंजी का विधिवत् नहीं लिखे जाने के कारण सरकारी राजस्व की क्षति, प्रत्यायोजित शक्ति का विचलन, संचालन शुल्क के चालान का सत्यापन किये बिना पारक निर्गत करना, पंजी सं0-68 का विधिवत संधारण नहीं करना, प्रतिभूति राषि से बकाया की वसूली उच्चाधिकारी के निदेष की अवहेलना एवं निरीक्षण नहीं करने इत्यादि के आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-607 दिनांक 30.01.13 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. संचालन पदाधिकारी, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना द्वारा अपने पत्रांक-400 दिनांक 30.10. 2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित किया गया, जिसमें आरोप संख्या-01 को पूर्णतः प्रमाणित नही माना गया तथा आरोप संख्या-03 को प्रमाणित बताया गया है। आरोप संख्या-4 एवं 7 को आंषिक रूप से प्रमाणित बताया गया।
3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर विभागीय पत्रांक-4449 दिनांक 23.12.2013 द्वारा श्री कुमार से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा सषोधित 2007 के नियम 18 (3) के तहत द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
4. पत्रांक-1605 दिनांक 11.01.2014 द्वारा श्री कुमार द्वारा अपना बचाव बयान विभाग में समर्पित किया गया है। श्री कुमार द्वारा अपने बचाव बयान में स्पष्टीकरण के अतिरिक्त कोई नई बात एवं तथ्य उल्लेख्ति नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट हो सके कि वे निर्दोष है। अतएव समीक्षोपरांत उनके बचाव बयान को स्वीकार योग्य नही पाया गया।
5. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को ठोस साक्ष्यों के अभाव में संतोषजन नहीं मानते हुए वृहद दण्ड के रूप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (VII) के अंतर्गत इनका वेतन वर्त्तमान वेतन से 15% (5 वेतन वृद्धि) कम करते हुए वेतन निर्धारित करने एवं इनका वेतन सेवानिवृत्ति तक यही रहने का दण्ड अधिरोपित किया गया है, जिस पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक-2787 दिनांक 02.07.2014 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष/ अभिमत की मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना का पत्रांक-2772 दिनांक 02.03.2015 द्वारा सूचित किया गया है कि सम्यक विचारोपरांत आयोग विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त करता है।
6. उक्त के आलोक में पूर्ण विचारोपरांत श्री सरोज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद का वेतन वर्त्तमान से 15% (पॉच वेतनवृद्धि) कम करते हुए वेतन निर्धारित करने एवं इनका वेतन सेवानिवृत्ति तक यही रहने का दण्ड बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषाोधित 2007 के नियम-14 (Vii) के तहत् अधिरोपित किया जाता है।
7. उक्त दण्ड प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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27 मई 2015
सं॰ 9/आरोप (राज0) (नि0)-1-06/2012-2441—श्री गिरिधारी लाल, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, भोजपुर सम्प्रत्ति सेवानिवृत्त के विरूद्ध जिला अवर निबंधक, भोजपुर के कर्त्तव्यकाल में गलत खाता संख्या के अंकन के आधार पर अनियमित रूप से प्रतिबंधित खाता की जमीन का निबंधन स्वीकार करने, सरकारी आदेष का उल्लंघन तथा विभागीय निर्देष के बावजूद शहरी क्षेत्र की जमीन के दस्तावेज को बिना गंभीरतापूर्वक जाँच के ही निबंधन स्वीकार कर अपने दायित्व के प्रति घोर लापरवाही बरतने व संदिग्ध आचरण अपनाने आदि आरोप में आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) के तहत संकल्प संख्या-27 दिनांक 05.01.2010 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-630 दिनांक 12.12.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया जिसमें आरोप संख्या-1 एवं 2 पूर्णतः प्रमाणित तथा आरोप संख्या-3 का मुख्य अंष प्रमाणित बतलाया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-51 दिनांक 06.01.2015 द्वारा श्री लाल से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी। दिनांक 19.01.2015 को श्री लाल द्वारा विभाग में द्वितीय बचाव बयान दी गयी, जिसमें तीनों आरोपों को निरस्त करने हेतु अनुरोध किया गया।7 4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त बचाव बयान के समीक्षोपरांत बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 139 के तहत 40 प्रतिषत पेंषन से कटौती के दण्ड प्रस्ताव पर माननीय विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
5. एक अन्य मामले में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2508 दिनांक 22.01.2015 द्वारा परामर्ष दी गयी है कि बिहार पेंषन नियमावली के नियम 139 के तहत् पेंषन से कटौती के विनिष्चित दण्ड प्रस्तावों मे आयोग की सहमति अथवा अभिमत प्राप्त किये जाने का प्रावधान नहीं है तथा ऐसे मामलों में आयोग का परामर्ष अपेक्षित नही है।
6. उक्त के आलोक में श्री गिरिधारी लाल, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, भोजपुर सम्प्रत्ति सेवानिवृत्त को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 139 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनके पेंषन से 40% (चालीस) प्रतिषत राषि अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है तथा एतद द्वारा विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
7. 40% (चालीस) प्रतिषत पेंषन की कटौती पूर्व में विभागीय अधिसूचना संख्या-2642 दिनांक 23.06.2014 द्वारा कटौती की गई 5% (पॉच) प्रतिषत के अतिरिक्त होगी।
8. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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15 सितम्बर 2015
सं॰ I/एम1-707/2009-4234—श्री अरविन्द कुमार खाँ, तत्कालीन अवर निबंधक, शेरघाटी, गया सम्प्रति अवर निबंधक, बाढ, (पटना) के विरूद्ध उच्चाधिकारियों के आदेष का लगातार उल्लंघन, आयकर कानून के प्रति प्रतिकूल आचरण, अनावष्यक पत्राचार एवं अनुषासनहीनता आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-1585 दिनांक 27.05.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जॉच आयुक्त ने अपने पत्रांक-382 सी0डी0ई0 दिनांक 30.07.2015 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग मेंं समर्पित किया गया, जिसमें आरोप संख्या-1 (क) तकनीकी रूप से प्रमाणित (ख) विभाग की समीक्षा में आरोप प्रमाणित नही (ग) प्रषासी विभाग को अपने स्तर से जॉच कराने का निदेष, आरोप संख्या-2 को प्रमाणित तथा आरोप संख्या-3 को आपसी सामंजस्य के कमी में दोनो पक्ष को उत्तरदायी बताया गया है। 3. आरोप की प्रकृति एवं जॉच प्रतिवेदन से यह विदित होता है कि श्री खाँ के विरूद्ध लगाये गये आरोप गंभीर प्रकृति यथा वित्तीय अनियमितता, राजस्व क्षति आदि से संबंधित नही है। स्थानांतरित लिपिक को ससमय विरमित नही करने का दोष प्रमाणित पाया गया है जबकि अन्य आरोपो के संबंध में जिला अवर निबंधक एवं अवर निबंधक के बीच आपसी सामंजस्य का अभाव के कारण घटित पाया गया है। आरोपों की प्रकृति एवं संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष के आलोक में इन्हें लघु दण्ड की श्रेणी मानते हुए चेतावनी का दण्ड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। 4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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10 सितम्बर 2015
सं॰ 1/ई1-504/2004-4186—सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-17058/2008, गोरख लाल विष्वास बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 07.05.2015 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेष एवं तत्संबंध में विधि विभाग से प्राप्त परामर्ष के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-2691 दिनांक 25.11.2006 के द्वारा श्री गोरखलाल विष्वास, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, सारण, सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध अधिरोपित निंदन एवं संचयात्मक प्रभाव से तीन वार्षिक वेतन वृद्धियाँ रोके जाने संबंधी दण्डादेष को निर्गत तिथि से निरस्त (quash) किया जाता है। इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। उपरोक्त के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2082 दिनांक 25.07.2007 स्वतः निरस्त समझा जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-01/2015-2229 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— संकल्प 14 मई 2015
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री संजय कुमार ग्वालिया, तत्का0 जिला अवर निबंधक, कटिहार सम्प्रति जिला अवर निबंधक लखीसराय के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना तथा जिला समाहर्त्ता-सह-जिला निबंधन पदाधिकारी द्वारा दिये गये निदेश का उल्लंघन करना, पद का दुरूपयोग , 8 कर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना वैधानिक राय प्राप्त करना एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता बरतते हुए बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रावधान के प्रतिकूल आचरण करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री संजय कुमार ग्वालिया के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री अयाज अहमद खाँ, सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री संजय कुमार ग्वालिया के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्रीमती नीलिमा लाल, जिला अवर निबंधक, कटिहार को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री संजय कुमार ग्वालिया से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा
इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं संजय
कुमार ग्वालिया को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-02/2015-2490
संकल्प
28 मई 2015
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री राजन कुमार गुप्ता, तत्का0 जिला अवर निबंधक, रोहतास (सासाराम) के विरूद्ध चेनारी अंचल की निबंधित भूमि का गलत वर्गीकरण से 13.13 लाख रू0 राजस्व की क्षति, तथ्य छिपाकर निबंधन करना, कार्य के प्रति लापरवाही आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री राजन कुमार गुप्ता के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री राजन कुमार गुप्ता के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में जिला अवर निबंधक, रोहतास (सासाराम) को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री राजन कुमार गुप्ता से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा
इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री राजन
कुमार गुप्ता को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विषेष सचिव।