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सूचना
No. 1508—I, Arpana Prasad, W/O Ajay Prasad, R/o Flat No.- 403, Sunrise Rukmini Palace, Jagriti Nagar, Magistrate Colony, P.O.- B.V. College, P.S.- Rajiv Nagar, District- Patna, Bihar declare vide Affidavit No.15329 Dated. 10.10.2015 that my Certificate name is ARPANA KUMARI. After marriage, I have changed my name from ARPANA KUMARI to ARPANA PRASAD, Prasad is my husband's title. Both names, ARPANA KUMARI & ARPANA PRASAD is the one & same person.
ARPANA PRASAD.
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सं॰ 1509— मैं सविता भारती गुजर पुत्री स्व॰ छेदी राम, निवासी द्वारा सौरव कुमार 301, व्हाइट हाउस अपार्टमेंट खान मिर्जा गली, सुल्तानगंज, पी॰ओ॰ महेन्द्रु ,थाना सुल्तानगंज, जिला पटना-6, पूर्व मध्य रेल हाजीपुर में कार्यरत शपथ पत्र सं॰ 7139 दिनांक 15.09.2015 के द्वारा सविता भारती के नाम से जानी जाऊॅगी ।
सविता भारती गुजर।
No. 1509—I, SAVITA BHARTI GUJJAR , D/o. Late Chedi Ram R/o.C/o. Saurabh Kumar, 301, White House Apartment Khan Mirza Gail, Sultanganj, P/o. Mahendru, P.s. Sultanganj, Dist-Patan-6 working at Hajupur in East Central Railway do hereby vide affidavit no. 7139 Dated. 15.09.2015 known as savita Bharti.
SAVITA BHARTI GUJJAR.
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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समाहरणालय, समस्तीपुर (जिला स्थापना प्रशाखा) (जिला स्थापना प्रशाखा) (जिला स्थापना प्रशाखा) (जिला स्थापना प्रशाखा) ——— आदेशआदेशआदेशआदेश 21 मई 2015
सं॰ 490 स्था॰—पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, बिहार, पटना के धावा दल द्वारा श्री अशोक पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक प्रखण्ड दलसिंहसराय को कृृतबोधानन्द, अध्यक्ष, गुरूकूल अनाथ आश्रम, ग्रामपो॰ - महिसारी, कैम्प कार्यालय, भी॰आई॰पी॰ कॉलोनी, दलसिंहसराय, जिला - समस्तीपुर से कुल-76000.00 (छिहार हजार) रूपये रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। निगरानी थाना कांड संख्या 112/2009 दिनांक 14.11.2009 धारा-7/13(2) सह पठित धारा-13 (1) (डी॰) भ्र॰नि॰अधि॰-1998 के अन्तर्गत दर्ज मुकदमा के आलोक में इस कार्यालय के ज्ञापांक - 1541/स्था॰ दिनांक 22.12.2009 के द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार होने के फलस्वरूप दिनांक 13.11.2009 के प्रभाव से निलंबित किया गया था तथा अंचल अधिकारी, दलसिंहसराय को प्रपत्र-'क' में आरोप गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु भेजने का निदेश दिया गया था। जेल से जमानत पर रिहा होने के पश्चात श्री अशोक पासवान द्वारा दिये गये अभ्यावेदन के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9(3) (i) के आलोक में इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक 785/स्था0 दिनांक 16.07.2013 के द्वारा निलंबन से मुक्त किया गया। श्री पासवान पर प्रतिवेदित आरोप गंभीर प्रकृति एवं भ्रष्टाचार मामला से संबंधित रहने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के कंडिका 09 के उप कंडिका (3) (ii) के आलोक में कार्यालय आदेश ज्ञापांक 15(मु॰)/स्था॰ दिनांक 25.01.2014 से पुनः निलंबित किया गया।
श्री पासवान पर चल रही विभागीय कार्यवाही के लिए नियुक्त संचालन पदाधिकारी श्री एस॰जेड॰हसन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है।
आरेापी पर गठित प्रपत्र ''क'' में आरोप, उनका (आरोपी) स्पष्टीकरण, संचालन पदाधिकारी का मन्तव्य एवं आरोपी की द्वितीय कारण पृृच्छा की स्थिति निम्न प्रकार से है :-
आरोपः- सं0 (आरोपः- सं0 (आरोपः- सं0 (आरोपः- सं0 (1) (भ्रष्ट आचरण)ः-(भ्रष्ट आचरण)ः-(भ्रष्ट आचरण)ः-(भ्रष्ट आचरण)ः- श्री आचार्य कृृतबोधानंद, ग्रापो-महिसारी, प्रखण्ड-दलसिंहसराय, जिला-समस्तीपुर के द्वारा दिनांक 12.11.2009 को पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्बेषण ब्यूरो, पटना को आवेदन दिया गया कि गुरूकूल अनाथ आश्रम, ग्रामपो0-महिसारी संस्था को स्वर्ण जयंति स्वरोजगार योजना अन्तर्गत जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, समस्तीपुर द्वारा ज्ञापांक 16/अभि॰ दिनांक 30.07.2008 के द्वारा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए अधिकृत किया गया। संस्था द्वारा दिया गया आवेदन एवं पूरी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरान्त प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय द्वारा इस संस्था को प्रशिक्षण प्रारम्भ करने हेतु 50000.00 (पचास हजार) रूपया अग्रिम के रूप में दिया गया। प्रशिक्षणोपरान्त संस्था द्वारा कुल 371330.00 (तीन लाख एकहार हजार तीन सौ तीस) रूपया का अभिश्रव प्रखण्ड कार्यालय में जमा किया गया। अग्रिम के समायोजन के पश्चात शेष राशि की निकासी हेतु श्री अशाोक पासवान नाजीर, प्रखण्ड कार्यालय दलसिंहसराय द्वारा रिश्वत के रूप में 76000.00 (छिहार हजार) रूपये खुद एवं बी॰डी॰ओ॰ के हिस्से की राशि की माँग की गयी।
प्राप्त शिकायत के आलोक में पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्बेषण ब्यूरो, पटना ने निगरानी थाना काण्ड संख्या 112/2009 दिनांक 14.11.2009 धारा-7/13 (2) सह पठित धारा-13(1)(डी॰) भ्र॰नि॰अधि॰-1988 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया एवं निगरानी धावा दल का गठन करते हुए परिवादी आचार्य कृृतबोधानन्द, अध्यक्ष गुरूकूल आश्रम, ग्राम पो॰- , 4 महिसारी कैम्प कार्यालय भी॰आई॰ पी॰ कॉलोनी दलसिंहसराय, जिला समस्तीपुर से कुल 76000.00 (छिहार हजार ) रूपये रिश्वत लेते हुए श्री अशोक पासवान, नाजिर, प्रखण्ड कार्यालय, दलसिंहसराय को गिरफ्तार किया गया। यह कृत्य भ्रष्ट आचरण का द्योेतक है।
अभियोजन की स्वीकृति अभियोजन की स्वीकृति अभियोजन की स्वीकृति अभियोजन की स्वीकृति :- :- :- :- श्री अशोक पासवान, निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक, दलसिंहसराय के विरूद्ध इस कार्यालय ज्ञापांक 64/विधि दिनांक 07.01.2010 द्वारा अभियोजन की स्वीकृति दी गयी है।
आरोपी द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत पृच्छा :- आरोपी द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत पृच्छा :- आरोपी द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत पृच्छा :- आरोपी द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत पृच्छा :- प्रतिवेदित आरोप के आलोक में श्री एस जेड हसन, संचालन पदाधिकारी-सह-जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा विभागीय कार्यवाही की सुनवाई प्रारंभ की गयी। अनेको अवसर दिये जाने के पश्चात भी श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0व0लिपिक द्वारा अपने आरोप के संबंध में कोई लिखित स्पष्टीकरण या साक्ष्य उपलब्ध नही कराया गया। उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य :-उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य :-उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य :-उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य :- उपस्थापन पदाधिकारी -सह- प्रखंड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय ने आरोपी के विरूद्ध लगाये गये आरोपों का मौखिक एवं लिखित समर्थन किया है साथ ही यह भी बताया कि दिनांक 13.11.2009 को निगरानी विभाग के द्वारा अशोक पासवान के गिरफ्तारी के बाद प्रखंड नजारत का सभी कागजात का सीजर लिस्ट तैयार कर श्री मनोरंजन कुमार उ0 व0 लिपिक अनुमंडल कार्यालय, दलसिंहसराय को सौंप दिया गया है।
संचालन पदाधिकारी का मंतव्य :-संचालन पदाधिकारी का मंतव्य :-संचालन पदाधिकारी का मंतव्य :-संचालन पदाधिकारी का मंतव्य :- उपरोक्त आरोप के संबंध में सुनवाई हेतु कार्यालय ज्ञापांक 246/पं॰ समस्तीपुर दिनांक 07.02.2014 से आरोपी श्री अशोक पासवान, आरोपर्काा श्री आचार्य कृृतबोधानन्द, अध्यक्ष गुरूकूल आश्रम एवं संचालक महिसारी, संस्था दलसिंहसराय, उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय, स्थापना उप समार्हाा, समस्तीपुर और पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्बेषण ब्यूरो पटना को सूचना निर्गत किया गया। सुनवाई की तिथि दिनांक 18.02.2014 को आरोपी श्री अशोक पासवान एवं उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय उपस्थित हुए। आरोपी श्री अशोक पासवान ने मौखिक एवं लिखित ब्यान दिया कि वे आरोपों का उार देने के लिए अभी तैयार नहीं है अगली तिथि को वे अपनी सारी बातों को रखेंगें। उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय ने मौखिक एवं लिखित ब्यान दिया कि श्री अशोक पासवान को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के द्वारा गठित धावा दल के द्वारा आचार्य कृृतबोधानन्द अध्यक्ष गुरूकूल आश्रम से 76000.00 (छिहार हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। आरोपी श्री अशोक पासवान पर निगरानी दल के द्वारा लगाया गया आरोप सही हैं।
आरोपी श्री अशोक पासवान के द्वारा अगली तिथि में अपनी बातों को रखने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए दिनांक 25.02.2014 को अगली अंतिम तिथि निर्धारित की गई। इस तिथि की सूचना पंचायत प्रशाखा कार्यालय के ज्ञापांक 426/पं॰ समस्तीपुर दिनांक 18.02.2014 के द्वारा आरोपी श्री अशोक पासवान, आरोपर्काा श्री कृृतबोधानन्द, अध्यक्ष गुरूकूल आश्रम-सह-संचालक महिसारी संस्था, दलसिंहसराय, उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय और पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना को दी गई। दिनांक 25.02.2014 को आरोपी श्री अशोक पासवान एवं उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी दलंिसंहसराय उपस्थित हुए एवं अन्य संबंधित व्यक्ति अनुपस्थित रहे। अंतिम सुनवाई के क्रम में संचालन पदाधिकारी -सह- जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर के द्वारा आरोपी श्री अशोक पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक सह नाजिर से कुछ प्रश्न किए गए, जिसका उार आरोपी द्वारा निम्न प्रकार दर्ज कराया गया :-
प्रश्न - ''आप निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के द्वारा गिरफ्तारी के समय किस पद पर पदस्थापित थे''। उार - ''मैं दलसिंहसराय प्रखण्ड में नाजिर के पद पर पदस्थापित था''। प्रश्न - ''निगरानी विभाग अन्वेषण ब्यूरो के धावा दल ने किस आरोप में आपको गिरफ्तार किया था''। उार - ''आचार्य कृृतबोधानन्द, महिसारी एन॰जी॰ओ॰ के संचालक के द्वारा लगाए गये आरोप के आधार पर 76000.00 (छिहार हजार) रूपये रिश्वत लेने के आरोप में दिनांक 13.11.2009 को प्रखण्ड दलसिंहसराय के नजारत कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था''।
प्रश्न - ''आपको इस संदर्भ में और क्या कहना हैं''। उार - ''मेरे द्वारा पैसा की मांग नही की गई है। वह पैसा नही लिया गया है। इस संदर्भ में मेरे पास साक्ष्य के रूप कोई कागजात नहीं है।''
उपस्थित उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय ने पुनः आरेापी के विरूद्ध लगाये गये आरोपों का मौखिक एवं लिखित समर्थन किया। साथ ही यह बताया कि दिनांक 13.11.2009 को निगरानी विभाग के द्वारा श्री अशोक पासवान के गिरफ्तारी के बाद प्रखण्ड का सभी कागजात का सीजर लिस्ट तैयार कर श्री मनोरंजन कुमार उच्च वर्गीय लिपिक अनुमंडल कार्यालय, दलसिंहसराय को सौंप दिया गया। जिसके स्थानान्तरण के उपरान्त र्वामान नाजिर को प्रभार सौंपा गया है। अतएव, सुनवाई के क्रम में जिला स्थापना प्रशाखा से कराये गए उपलब्ध साक्ष्यों तथा आरोपी श्री अशोक पासवान एवं उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के मौखिक एवं लिखित ब्यानों की पूर्ण समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-जिला पंचायत राज पदाधिकारी समस्तीपुर के द्वारा पाया गया कि आरोपी श्री अशोक पासवान, उच्च वर्गीय लिपिक-सह-नाजिर, प्रखण्ड कार्यालय दलसिंहसराय, सम्प्रति विद्यापतिनगर (मुख्यालय) के तहत विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या 112/2009 दिनांक 14.11.2009 के तहत अंकित धारा-7/13 सह पठित धारा-13 (1)5 (डी॰)भ्र॰नि॰अधि॰ 1988 के तहत दायर वाद में 76000.00 (छिहार हजार) रूपये रिश्वत लेने संबंधी लगाए गये आरोप पूर्णतः प्रमाणित होता है।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त अधिगम के आलोक मेें श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0व0लिपिक से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 18(3) के आलोक में इस कार्यालय के ज्ञापांक 288/स्था॰ दिनांक 18.03.2014 से द्वितीय कारण पृृच्छा की माँग की गयी। श्री पासवान द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृृच्छा निम्न प्रकार है :-
आरोपी कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारआरोपी कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारआरोपी कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारआरोपी कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृृच्छाण पृृच्छाण पृृच्छाण पृृच्छा :- (1)(1)(1)(1) भवदीय आदेश ज्ञापांक 1541/स्था॰ दिनांक 11.12.2009 द्वारा मुझे निलंबित करते हुए अंचल अधिकारी सह प्रखण्ड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय को प्रपत्र ''क'' का गठन करने का आदेश दिया गया। अंचल अधिकारी सह प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय द्वारा गठित प्रपत्र ''क'' के आधार पर भवदीय आदेश ज्ञापांक 83 (अमु॰)/स्था॰ दिनांक 30.01.2012 द्वारा प्रपत्र ''क'' का गठन करते हुए श्री परमेश्वर राम, अपर समार्हाा, आपदा, समस्तीपुर को विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया। जो बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के भाग 4 नियम कंडिका 9(3) (1) उप नियम (2) एंव 9 की कंडिका 7 के प्रतिकूल है। (2) (2) (2) (2) भवदीय आदेश ज्ञापांक 785 /स्था॰ दिनांक 16.07.2013 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं नियम) नियमावली 2005 के भाग 4 नियम कंडिका 9 (3) (1) उप-नियम (2) के आलोक में मेरा निलंबन योगदान की तिथि से समाप्त किया गया। (3)(3)(3)(3) भवदीय आदेश ज्ञापांक 17 मु॰/स्था॰ दिनांक 25.01.2014 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के भाग 4 नियम कंडिका 9(3) (1) उप-नियम (2) के आलोक में पुनः निलंबित किया गया। जो बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के भाग 4 नियम कंडिका 9 (3) (1) उप-नियम (2) एवं 9 की कंडिका 7 के प्रतिकूल है। (4)(4)(4)(4) पुनः भवदीय आदेश ज्ञापांक 27मु॰/स्था॰ दिनांक 05.02.2014 द्वारा पुनः प्रपत्र 'क' का गठन करते हुए जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी दलसिंहसराय को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। पुनः प्रपत्र 'क' का गठन जो बिहार सरकारी सेवक, वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के भाग 4 नियम कंडिका 9 (3) (1) उप-नियम (2) एवं 9 की कंडिका 7 के प्रतिकूल है। (5)(5)(5)(5) संचालन पदाधिकारी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर के ज्ञापांक 246/पं॰ दिनांक 07.02.2014 द्वारा दिनांक 18.02.2014 को उपस्थित होने की तिथि निर्धारित की गई जो पत्र मुझे दिनांक 17.02.2014 को प्राप्त हुआ है। मै उार देने की स्थिति में नही था। मैंने उपस्थापन पदाधिकारी से समय की माँग की तो उन्होंने ज्ञापांक 246/पं॰ दिनांक 18.02.2014 द्वारा अगली तिथि 25.02.2014 को निर्धारित की। मैं अपने विद्वान अधिवक्ता से सम्पर्क किया तो उनके द्वारा भवदीय आदेश ज्ञापांक 27 (मु॰) /स्था॰दिनांक 05.02.2014 द्वारा गठित प्रपत्र 'क' के कंडिका 3 में अंकित साक्ष्य के रूप में दर्शाए गये पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा समर्पित धावा दल कार्रवाई प्रतिवेदन सहित कुल 13 पन्ने की माँग की गई जो मुझे उपलब्ध नही कराई गयी थी। जिसकी सूचना मैंने अगली तिथि 25.02.़2014 को उपस्थापन पदाधिकारी से मौखिक एवं लिखित रूप से उपलब्ध कराने हेतु एवं समय की माँग की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से साक्ष्य एवं समय देने से इन्कार कर दिए, जबकि बिना साक्ष्य देखे उार देना मेरे लिए सम्भव नही था। साथ ही मैने मौखिक रूप से बताया कि निगरानी थाना काण्ड संख्या 112/2009 दिनांक 11.02.2009 के तहत अंकित धारा-07/13 सह पठित धारा-13 (1) डी॰ भ्र॰नि॰अधि॰ 1988 के अन्तर्गत विशेष न्यायालय निगरानी, पटना में वाद संख्या 36/09 चल रही है। जिसको उनके द्वारा अभिलेखबद्ध अथवा मेेरे ब्यान में अंकित नही किया गया है।
(6)(6)(6)(6) संचालन पदाधिकारी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा बिना किसी भी गवाह की उपस्थित कराये एवं बिना गवाही लिए ही विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई और न ही मुझे अपना पक्ष रखने का समय दिया गया जो विभागीय कार्रवाई के नियम के प्रतिकूल प्रतीत होता है। (7)(7)(7)(7) विदित हो कि निगरानी थाना काण्ड संख्या 112/2009 दिनांक 14.11.2009 के तहत् अंकित धारा-07/13 सह पठित धारा-13 (1) (डी॰)भ्र॰नि॰अधि॰ 1988 के अन्तर्गत विशेष न्यायालय निगरानी, में वाद संख्या 36/09 चल रहा है।
निष्कर्ष निष्कर्ष निष्कर्ष निष्कर्ष :- :- :- :- श्री अशोक पासवान द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा स्वीकार करने योग्य नहीं है। श्री परमेश्वर राम, तत््कालीन संचालन पदाधिकारी -सह- अपर समार्हाा (आपदा प्रबन्धन), समस्तीपुर का संयुक्त सचिव समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पद पर स्थानान्तरणोपरान्त जिला पंचायत राज पदाधिकारी, समस्तीपुर को संचालन पदाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, दलसिंहसराय को उपस्थापन पदाधिकारी इस कार्यालय के ज्ञापांक 27(मु॰)/स्था॰ दिनांक 05.02.2014 के द्वारा नियुक्त किया गया।
आरोपी को पूर्व पे्रषित प्रपत्र ''क'' में वर्णित तथ्य पूर्ण नही रहने के कारण उपरोक्त आरोप के आलोक में पूरक प्रपत्र ''क'' का गठन करने एवं पुनः विभागीय कार्यवाही के संचालन करने का निर्णय कार्यालय ज्ञापांक 27(मु॰)/स्था॰ दिनांक 05.02.2014 के द्वारा लिया गया।
इस कार्यालय के ज्ञापांक 83(अमु॰)/स्था॰ दिनांक 30.01.2012 के द्वारा श्री अशोक पासवान को प्रपत्र ''क'' अनुलग्नक सहित भेजा गया था। इसके अतिरिक्त पुलिस उपाधीक्षक -सह- धावा दल प्रभारी, निगरानी अन्बेषण ब्यूरो, पटना के द्वारा दिनांक 13.11.2009 को कार्रवाई के उपरान्त मेमोरंडम एवं तलाषी सह जब्ाी सूची की एक प्रति श्री पासवान को हस्तगत करा दिया गया था। इस प्रकार श्री पासवान के द्वारा समर्पित कारण पृृच्छा तथ्यहीन है। , 6 अपराधिक अभियोजन के साथ-साथ विभागीय कार्यवाही चलाने के संबंध में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग) के पत्र संख्या 3150 दिनांक 21.03.2007 में पारित आदेश निम्न प्रकार है -
''सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार ने यह निर्णय लिया है कि लोक सेवक के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के साथ - ''सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार ने यह निर्णय लिया है कि लोक सेवक के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के साथ - ''सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार ने यह निर्णय लिया है कि लोक सेवक के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के साथ - ''सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार ने यह निर्णय लिया है कि लोक सेवक के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के साथ - साथ विभागीय कार्यवाही भी चलायी जा सकती है। उसी प्रकार जब लोक सेवक के विरूद्ध सरकारी दायित्वों के निष्पादन में साथ विभागीय कार्यवाही भी चलायी जा सकती है। उसी प्रकार जब लोक सेवक के विरूद्ध सरकारी दायित्वों के निष्पादन में साथ विभागीय कार्यवाही भी चलायी जा सकती है। उसी प्रकार जब लोक सेवक के विरूद्ध सरकारी दायित्वों के निष्पादन में साथ विभागीय कार्यवाही भी चलायी जा सकती है। उसी प्रकार जब लोक सेवक के विरूद्ध सरकारी दायित्वों के निष्पादन में ें आपराधिक अभियोजन किये जाते है, उन मामले में बिना आपराधिकपराधिकपराधिकपराधिक/ / / / कदाचार, विशेषकर घूस लेते पकड़े जाने के मामले मकदाचार, विशेषकर घूस लेते पकड़े जाने के मामले मकदाचार, विशेषकर घूस लेते पकड़े जाने के मामले मकदाचार, विशेषकर घूस लेते पकड़े जाने के मामले में आपराधिक अभियोजन किये जाते है, उन मामले में बिना आ ें आपराधिक अभियोजन किये जाते है, उन मामले में बिना आ ें आपराधिक अभियोजन किये जाते है, उन मामले में बिना आ फौजदारी मामला के निष्पादन का इंतजार किये स्वतंत्र रूप से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है।'' फौजदारी मामला के निष्पादन का इंतजार किये स्वतंत्र रूप से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है।'' फौजदारी मामला के निष्पादन का इंतजार किये स्वतंत्र रूप से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है।'' फौजदारी मामला के निष्पादन का इंतजार किये स्वतंत्र रूप से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है।''
इस प्रकार विभागीय निदेश के अनुरूप श्री अशोक पासवान के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही विधिसम्मत तरीके से संचालित की गई है।
आरोप पत्र में गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन, आरोपी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा तथा पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरा, बिहार, पटना द्वारा समर्पित प्री ट्रैप एवं पोस्ट ट्रैप मेमोरेंडम में रिश्वत लेने संबंधी प्राप्त साक्ष्य से यह प्रमाणित होता है कि श्री अशोक पासवान निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक, प्रखंड कार्यालय दलसिंहसराय के विरूद्ध रिश्वत लेने का आरोप सही है। इनका आचरण सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय है तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 का उल्लंघन है। रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार होने संबंधी प्रमाणित आरोप इतने गंभीर हैं कि यदि इन्हें कठोरतम दंड नहीं दिया जाता है तो सरकारी सेवकों में अपने कर्तव्य एवं दायित्वों के निर्वहन में शील, निष्ठा, कर्तव्य के प्रति निष्ठा सुनिश्चित करने एवं लोक सेवकों में व्याप्त भ्रष्ट आचरण जैसे जघन्य कुकृत्य को रोकना संभव नहीं है।
बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के नियम-165 में स्पष्ट किया गया है कि कपट एवं बेईमानी, लगातार जानबूझकर की जाने वाली उपेक्षा और नैतिक कलंक के सभी अपराधाें का समुचित दंड बर्खास्तगी है।
इसके अतिरिक्त श्री अशोक पासवान, पर दलसिंहसराय प्रखण्ड में पदस्थापन के समय धीमीगति से कार्य करने एवं 4366710.00 (तैतालीस लाख छियासठ हजार सात सौ दस) मात्र रूपये का अभिश्रव ससमय समायोजित नहीं कराने के आरोप में एक दूसरी विभागीय कार्यवाही इस कार्यालय के ज्ञापांक 866/स्था॰दिनांक 10.09.2014 के द्वारा चलायी गई जिसमें संचालन पदाधिकारी -सह- अपर समार्हाा, विभागीय जाँच, समस्तीपुर द्वारा उनके पत्रांक 65 दिनांक 18.03.2015 से प्रेषित जाँच प्रतिवेदन में भी श्री पासवान के विरूद्ध लगाए गए आरोपों को प्रमाणित पाया गया है।
अतः उपरोक्त अतः उपरोक्त अतः उपरोक्त अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित तथ्यों के आलोक में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित तथ्यों के आलोक में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित तथ्यों के आलोक में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 (2007 के नियम 14 (2007 के नियम 14 (2007 के नियम 14 (X) एवं बिहार बोर्ड प्रर्क्रीण नियमावली के नियम 165 में निहित प्रावधानों के तहत प्रदा शक्तियों का ) एवं बिहार बोर्ड प्रर्क्रीण नियमावली के नियम 165 में निहित प्रावधानों के तहत प्रदा शक्तियों का ) एवं बिहार बोर्ड प्रर्क्रीण नियमावली के नियम 165 में निहित प्रावधानों के तहत प्रदा शक्तियों का ) एवं बिहार बोर्ड प्रर्क्रीण नियमावली के नियम 165 में निहित प्रावधानों के तहत प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं एम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 से0, समार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारी, समस्तीपुर यथा उपर वर्णित आरोपो प्रयोग करते हुए मैं एम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 से0, समार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारी, समस्तीपुर यथा उपर वर्णित आरोपो समार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारी, समस्तीपुर यथा उपर वर्णित आरोपो समार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारी, समस्तीपुर यथा उपर वर्णित आरोपो प्रयोग करते हुए मैं एम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 से0, प्रयोग करते हुए मैं एम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 से0, के प्रमाणित पाए जाने के फलस्वरूप श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0 व0 लि पिक, प्रखण्ड कार्यालय, दलसिंहसराय-सम्प्रति के प्रमाणित पाए जाने के फलस्वरूप श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0 व0 लिपिक, प्रखण्ड कार्यालय, दलसिंहसराय-सम्प्रति पिक, प्रखण्ड कार्यालय, दलसिंहसराय-सम्प्रति पिक, प्रखण्ड कार्यालय, दलसिंहसराय-सम्प्रति के प्रमाणित पाए जाने के फलस्वरूप श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0 व0 लि के प्रमाणित पाए जाने के फलस्वरूप श्री अशोक पासवान, निलंबित उ0 व0 लि मुख्यालय अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को आदेश निर्गत होने के तिथि से सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ।) करता हूँ।) करता हूँ।) करता हूँ। ----मुख्यालय अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को आदेश निर्गत होने के तिथि से सेवा से बर्खास्त ( मुख्यालय अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को आदेश निर्गत होने के तिथि से सेवा से बर्खास्त ( मुख्यालय अंचल कार्यालय विद्यापतिनगर को आदेश निर्गत होने के तिथि से सेवा से बर्खास्त (
श्री अशोक पासवान से संबंधित सूचना निम्नवत्् है :- श्री अशोक पासवान से संबंधित सूचना निम्नवत्् है :- श्री अशोक पासवान से संबंधित सूचना निम्नवत्् है :- श्री अशोक पासवान से संबंधित सूचना निम्नवत्् है :-
1. नाम ः- श्री अशोक पासवान 2. पिता का नाम ः- श्री शीतल पासवान 3. पदनाम ः- उच्च वर्गीय लिपिक 4. जन्म तिथि ः- 19.11.1962 5. नियुक्ति तिथि ः- 31.03.1982 6. वेतनमान ः- 5200-20200 7. स्थायी पता ः- काशीपुर, थानाजिला :- समस्तीपुर
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एम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 सएम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 सएम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 सएम0 रामचंद्रुडु, भा0 प्र0 से0, े0, े0, े0, समार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारीसमार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारीसमार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारीसमार्हाा -सह- जिला दण्डाधिकारी।।।।