Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2016

Published 07 January 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-01-07.11
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:22) प(cid:23)ष 1(cid:25)3(cid:22) (cid:27)श(cid:15)(cid:28)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 11) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)(cid:29) व५ह प०तव(cid:4)र, (cid:22) जनवर! 2(cid:15)1#

जल संसाधन विभाग

&&&&&&&&

vf/klwpuk

15 vDrwcj 2015

सं0 22 नि0 सि0 (मोति0)-08-07/2013

22 नि0 सि0 (मोति0)-08-07/2013/2381—श्री सतीश प्रसाद सिंह (आई0 डी0-3929), तत्कालीन श्री सतीश प्रसाद सिंह (आई0 डी0-3929), तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, अवर प्रमण्डल सं0-1 चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्व पी0 डी0 रिंग बॅाध पर अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, अवर प्रमण्डल सं0-1 चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्व पी0 डी0 ि अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, अवर प्रमण्डल सं0-1 चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्व पी0 डी0 ि घोड़हिया स्थल पर कराये जा रहे बाढ़ संधर्षात्मक कार्यो में लापरवाही, कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों का घोड़हिया स्थल पर कराये जा रहे बाढ़ संधर्षात्मक कार्यो में लापरवाही, कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों का घोड़हिया स्थल पर कराये जा रहे बाढ़ संधर्षात्मक कार्यो में लापरवाही, कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंधन करने आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-905 दिनांक 01.08.13 उल्लंधन करने आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-905 दिनांक 01 उल्लंधन करने आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-905 दिनांक 01 द्वारा निलंबित किया गया। निलंबोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के निलंबोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के निलंबोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के 13 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित नियम 17(2) के तहत विहित रीति से विभागीय संकल्प सं0-1489 दिनांक 10.12.13 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित नियम 17(2) के तहत विहित रीति से विभागीय संकल्प सं0-1489 दिनांक 10 की गई।

4 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी अपने पत्रांक 322 दिनांक 31.03.14 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी अपने पत्रांक 322 दिनांक 31 किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत/असहमत होते हुए आरोप सं0-1, 2, 3 एवं 4 के लिए विभागीय पत्रांक 1733 दिनांक 19.11.14 द्वारा द्वितीय सहमत/असहमत होते हुए आरोप सं0-1, 2, 3 एवं 4 के लिए विभागीय पत्रांक 1733 दिनांक 19 सहमत/असहमत होते हुए आरोप सं0-1, 2, 3 एवं 4 के लिए विभागीय पत्रांक 1733 दिनांक 19 कारण पृच्छा की गई।

14 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, श्री सिंह अपने पत्रांक शून्य दिनांक 17.12.14 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, श्री सिंह अपने पत्रांक शून्य दिनांक 17 जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि आरोप सं0-1-आदेश की अवहेलना करते हुए जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि आरोप सं0-1-आदेश की अवहेलना करते हुए जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि आरोप सं0-1-आदेश की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से खाली सिमेंट बोरा निर्गत करने के आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। परन्तु दो संवेदक को मनमाने ढंग से खाली सिमेंट बोरा निर्गत करने के आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। परन्तु दो संवेदक को 3000 से 7000 अद्‌द खाली सिमेंट बोरा लगभग प्रतिदिन निर्गत किया जाना सत्यापित होता है। 3000 से 7000 अद्‌द खाली सिमेंट बोरा लगभग प्रतिदिन निर्गत किया जाना सत्यापित होता है। 3000 से 7000 अद्‌द खाली सिमेंट बोरा लगभग प्रतिदिन निर्गत किया जाना सत्यापित होता है।

आरोप सं0-2- एजेण्डा सं0-118/56 के तहत कटाव निरोधक कार्य विशिष्टि एवं गुणवत्ता के अनुरूप नहीं आरोप सं0-2- एजेण्डा सं0-118/56 के तहत कटाव निरोधक कार्य विशिष्टि एवं गुणवत्ता के अनुरूप नहीं आरोप सं0-2- एजेण्डा सं0-118/56 के तहत कटाव निरोधक कार्य विशिष्टि एवं गुणवत्ता के अनुरूप नहीं ाना जा सकता, परन्तु उच्चाधिकारियों के निदेशानुसार कार्य में पाये गये त्रुटियों के करने के आरोप को प्रमाणित नहीं म करने के आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता, परन्तु उच्चाधिकारियों के निदेशानुसार कार्य में पाये गये त्रुटियों के सुधारोपरान्त अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित नहीं करने के लिए दोषी माना जा सकता है। सुधारोपरान्त अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित नहीं करने के लिए दोषी माना जा सकता है।70 मील के पास लगभग 02 कि0मी0 में अनाधिकृत रूप से अन्य आरोप सं0-3- चम्पारण तटबंध के 20.70 मील के पास लगभग 02 कि0मी0 में अनाधिकृत रूप से अन्य आरोप सं0-3- चम्पारण तटबंध के 20 द्वारा तटबंध के स्लोप से मिट्‌टी काटकर तटबंध के शीर्ष पर सड़क निर्माण कराये जाने का ससमय सूचना विभाग द्वारा तटबंध के स्लोप से मिट्‌टी काटकर तटबंध के शीर्ष पर सड़क निर्माण कराये जाने का ससमय सूचना द्वारा तटबंध के स्लोप से मिट्‌टी काटकर तटबंध के शीर्ष पर सड़क निर्माण कराये जाने का ससमय सूचना नहीं देने के लिए दोषी माना जा सकता है। नहीं देने के लिए दोषी माना जा सकता है। आरोप सं0-4- गंडक नदी वाले तट पर कराये गये कटाव निरोधक कार्य के तहत परक्यूपाईन लेईंग का आरोप सं0-4- गंडक नदी वाले तट पर कराये गये कटाव निरोधक कार्य के तहत परक्यूपाईन लेईंग का आरोप सं0-4- गंडक नदी वाले तट पर कराये गये कटाव निरोधक कार्य के तहत परक्यूपाईन लेईंग का गलत सूचना देने को साक्ष्य के अभाव में प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। गलत सूचना देने को साक्ष्य के अभ् 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 7 जनवर(cid:18) 2016 अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप सं0-1 एवं 2 को अांशिक तथा आरोप सं0-3 को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह, सहायक अभियन्ता को विभागीय अधिसूचना सं0-579 दिनांक 09. 03.15 द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-

(i) निन्दन वर्ष 2013-14 (ii) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (iii) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। उक्त दण्ड के विरूद्व श्री सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 22.05.15 समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि आरोप सं0-1 चहेते संवेदक को ही प्रतिदिन 3000 से 7000 अद्‌द खाली सिमेंट बोरा निर्गत करने के आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता है, परन्तु आरोप सं0-2 एवं 3 यथा एजेण्डा सं0-118/56 के तहत कटाव निरोधक कार्य में पायी गई त्रुटियों के निराकरण के संदर्भ में उच्च पदाधिकारियों के निदेशानुसार अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित नहीं करने तथा अनाधिकृत रूप से अन्य विभाग द्वारा तटबंध के स्लोप से मिट्‌टी काटकर तटबंध के शीर्ष पर सड़क निर्माण कराये जाने का ससमय सूचना नहीं देने तथा ससमय प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने/करने के आरोप को प्रमाणित माना जा सकता है। परन्तु कोई वित्तीय क्षति होना परिलक्षित नहीं होता है।

अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह का पुनर्विलोकन अर्जी को अांशिक स्वीकार योग्य मानते हुए आरोप सं0-1 को अप्रमाणित तथा आरोप सं0-2 एवं 3 को प्रमाणित माना जा सकता है। परन्तु कोई वित्तीय क्षति परिलक्षित नहीं होने की स्थिति में इनके विरूद्व पूर्व अधिरोपित दण्डों में से एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक के दण्ड को समाप्त करते हुए निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः-

(i) निन्दन वर्ष 2013-14 (ii) निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। उक्त निर्णय के आलोक में पूर्व निर्गत अधिसूचना सं0-579 दिनांक 09.03.15 द्वारा दिये गये दण्डादेश में परिवर्तन करते हुए निम्न दण्ड निर्गत किया जाता है।

(i) निन्दन वर्ष 2013-14 (ii) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। उक्त दण्ड श्री सिंह, सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता हैं।बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी। ———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 11%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-01-07.11/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-01-07.11.