(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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30 vDrwcj 2015
सं0 22 नि0 सि0 (मोति0)-08-04/2015/
सि0 (मोति0)-08-04/2015/2441—श्री अर्जुन प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, श्री अर्जुन प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, दोन नहर प्रमण्डल, रामनगर, पश्चिम चम्पारण को दोन नहर प्रमण्डल, गंडक योजना में कार्यो के लिए आमंत्रित दोन नहर प्रमण्डल, रामनगर, पश्चिम चम्पारण को दोन नहर प्रमण्डल, गंडक योजना में क दोन नहर प्रमण्डल, रामनगर, पश्चिम चम्पारण को दोन नहर प्रमण्डल, गंडक योजना में क निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता एवं कार्यो में प्रयोग किये गये ईटों की गुणवत्ता में कमी के लिए आरोपों निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता एवं कार्यो में प्रयोग किये गये ईटों की गुणवत्ता में कमी के लिए आरोपों निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता एवं कार्यो में प्रयोग किये गये ईटों की गुणवत्ता में कमी के लिए आरोपों 06 के द्वारा निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1167 दिनांक 15.11.06 के द्वारा निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1167 दिनांक 15 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के धारा-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1312 दिनांक 20 नियमावली 2005 के धारा-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1312 दिनांक 20.12. नियमावली 2005 के धारा-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1312 दिनांक 20 06 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलाई गई। विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा 06 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलाई गई। विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा 06 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलाई गई। विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा े विभागीय पत्रांक 69 दिनांक 22. जॅाच पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर श्री सिन्हा से विभागीय पत्रांक 69 दिनांक 22 जॅाच पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर श्री सिन्हा स 01.08 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
08 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
''एजेण्डा सं0-78/93 के अन्तर्गत दोन शाखा नहर के विन्दु सं0-152 से उद्गमित मसान नदी पर ''एजेण्डा सं0-78/93 के अन्तर्गत दोन शाखा नहर के विन्दु सं0-152 से उद्गमित मसान नदी पर ''एजेण्डा सं0-78/93 के अन्तर्गत दोन शाखा नहर के विन्दु सं0-152 से उद्गमित मसान नदी पर अवस्थित ढ़ाका मार्जिनल बॅाध के बिन्दू 11 35 तक पुनस्र्थापन एवं सुरक्षात्मक कार्य बाढ़ 2004 के पूर्व कराया अवस्थित ढ़ाका मार्जिनल बॅाध के बिन्दू 11.50 से 12.35 तक पुनस्र्थापन एवं सुरक्षात्मक कार्य बाढ़ 2004 के पूर्व क गया। इस कार्य में प्रयुक्त ईटों की गुणवत्ता विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाई गई। स्वीकृत प्राक्कलन एवं एकरारनामा के गया। इस कार्य में प्रयुक्त ईटों की गुणवत्ता विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाई गई। स्वीकृत प्राक्कलन एवं एकरारनामा के गया। इस कार्य में प्रयुक्त ईटों की गुणवत्ता विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाई गई। स्वीकृत प्राक्कलन एवं एकरारनामा के अनुसार इस कार्य में 100 बी0 ईट का प्रयोग किया जाना था, जिसका क्रसींग स्टे्रथ 100 के0 जी0/सी0 एम0 होना अनुसार इस कार्य में 100 बी0 ईट का प्रयोग किया जाना था, जिसका क्रसींग स्टे्रथ 100 के0 जी0/सी0 एम0 होना अनुसार इस कार्य में 100 बी0 ईट का प्रयोग किया जाना था, जिसका क्रसींग स्टे्रथ 100 के0 जी0/सी0 एम0 होना चाहिए था, परन्तु जॅाच प्रतिवेदन में इसे 79 30 के0 जी0/सी0 एम0 के बीच पाया गया है जो निर्धारित चाहिए था, परन्तु जॅाच प्रतिवेदन में इसे 79.32 से 70.30 के0 जी0/सी0 एम0 के बीच पाया गया है जो निर्धारित मापदंड से लगभग 20 प्रतिशत कम पाया गया। फलतः विभाग को काफी क्षति पहुॅची एवं किया गया निर्माण भी मापदंड से लगभग 20 प्रतिशत कम पाया गया। फलतः विभाग को काफी क्षति पहुॅची एवं किया गया निर्माण भी मापदंड से लगभग 20 प्रतिशत कम पाया गया। फलतः विभाग को काफी क्षति पहुॅची एवं किया गया निर्माण भी कमजोर रहा''। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 7 जनवर(cid:18) 2016 उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-17771/2008 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-17771/2008 में दिनांक 14.05.15 को पारित न्याय निर्णय में विभागीय अधिसूचना सं0-214 दिनांक 06.03.08 द्वारा संसूचित दण्ड में तीसरा दंड निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा को निरस्त किया जा चुका है तथा शेष दो दंड को यथावत रखा गया है।
उक्त न्याय निर्णय के अनुपालन के क्रम में सरकार द्वारा पूर्व में निर्गत अधिसूचना सं0- सं0-214 दिनांक 06.03.08 में संशोधन करते हुए तीसरा दंड यथा ''निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा'' को समाप्त करने एवं शेष दो दंड यथाः-
1. निन्दन वर्ष 2004-05 2. ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्वि पर रोक'' को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री सिन्हा को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।