(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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जल संसाधन विभाग
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17 fnlEcj 2015
सं0 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-01/2004/2
22 नि0 सि0 (भाग0)-09-01/2004/2698—श्री विष्णुदयाल सिंह (आई0 डी0-2459), तत्कालीन श्री विष्णुदयाल सिंह (आई0 डी0-2459), तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत को सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के सहायक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत को सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के सहायक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत को सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के टान के मामले में लापरवाही बरतने के प्रथम दृष्टया पदस्थापन काल में खड़गपुर झील के बॅाध दक्षिण डाईक टूटान के मामले में लापरवाही बरतने के प्रथम दृष्टया पदस्थापन काल में खड़गपुर झील के बॅाध दक्षिण डाईक टू प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय आदेश ज्ञापांक 1478 दिनांक 07.07.01 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरूद्व 01 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरूद्व प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय आदेश ज्ञापांक 1478 दिनांक 07 01 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2125 दिनांक 06.09.01 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2125 दिनांक 06 नियम-'55' के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया था।
2. उक्त विभागीय कार्यवाही
के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया था। उक्त विभागीय कार्यवाही का निष्पादन विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05
का निष्पादन विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08. 04 द्वारा श्री सिंह को निलंबन से मुक्त कर निम्न दण्ड संसूचित करते हुए किया गयाः- 04 द्वारा श्री सिंह को निलंबन से मुक्त कर निम्न दण्ड संसूचित करते हुए किया गयाः-
वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
(i) निन्दन 2000-2001 (ii) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (iii) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, परन्तु यह अवधि पेंशन ) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, परन्तु यह अवधि पेंशन ) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, परन्तु यह अवधि पेंशन प्रदायी होगी।
(iv) आगामी दस वर्षो तक कार्य कोटि में पदस्थापन नहीं। ) आगामी दस वर्षो तक कार्य कोटि में पदस्थापन नहीं। (v) प्रोन्नति की देय तिथि से अगले पॅाच (5) वर्षो तक ) प्रोन्नति की देय तिथि से अगले पॅाच (5) वर्षो तक रोक। (vi) निलंबन से मुक्त होने के बाद भी श्री विष्णुदयाल सिंह, सहायक अभियंता मुख्यालय (सिंचाई भवन, ) निलंबन से मुक्त होने के बाद भी श्री विष्णुदयाल सिंह, सहायक अभियंता मुख्यालय (सिंचाई भवन, ) निलंबन से मुक्त होने के बाद भी श्री विष्णुदयाल सिंह, सहायक अभियंता मुख्यालय (सिंचाई भवन, पटना) में योगदान देंगे।
3. उक्त दण्ड आदेश के विरूद्ध श्री विष्णुदयालय सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार उक्त दण्ड आदेश के विरूद्ध श्री विष्णुदयालय सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार उक्त दण्ड आदेश के विरूद्ध श्री विष्णुदयालय सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार े निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 560 के स्तर पर किये जाने के उपरान्त लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 560 के स्तर पर किये जाने के उपरान्त लिए गय 04 द्वारा सिंह को पूर्व संसूचित दण्ड में से ''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड को दिनांक 05.08.04 द्वारा सिंह को पूर्व संसूचित दण्ड में से ''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड को 04 द्वारा सिंह को पूर्व संसूचित दण्ड में से ''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड को त ज्ञापांक 653 दिनांक 23. समाप्त करते हुए शेष दण्ड यथावत रखने का निर्णय विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23 समाप्त करते हुए शेष दण्ड यथावत रखने का निर्णय विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठि 06.06 द्वारा संसूचित किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 7 जनवर(cid:18) 2016 विरूद्ध विभाग द्वारा सिविल रिभ्यू संख्या-01/2012 दायर किया गया, जिसे माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 17.04.13 को पारित न्याय निर्णय द्वारा खारिज कर दिया गया।
5. सिविल रिव्यू सं0-01/2012 माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा खारित किये जाने के उपरान्त विभाग द्वारा सी0 डब्लू0 जे0 सी संख्या-3964/2007 में दिनांक 28.09.11 एवं सिविल रिभ्यू संख्या-01/2012 में दिनांक 17. 04.13 को माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय के विरूद्ध क्रमशः एल0 पी0 ए0 संख्या- 31/2014 एवं एल0 पी0 ए0 संख्या-215/2014 दायर किया गया जिसमें दिनांक 17.08.15 को माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा समेकित न्याय निर्णय पारित किया गया।
6. माननीय पटना उच्च न्यायलय द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0-31/14 एवं एल0 पी0 ए0 सं0-215/14 के मामले में दिनांक 17.08.15 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में विभाग द्वारा उक्त न्याय निर्णय का अनुपालन करते हुए श्री विष्णुदयाल सिंह को विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.04 एवं विभागीय आदेश संख्या 90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23.06.2006 द्वारा पूर्व संसूचित दण्ड को विभागीय अधिसूचना संख्या 2338 दिनांक 12.10.15 द्वारा निरस्त करते हुए निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-
(i) निन्दन 2000-2001 (ii) देय तिथि से पॅाच वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक'' एवं श्री सिंह के निलंबन अवधि (दिनांक 07.07.01 से 04.08.04 तक) के संबंध में बिहार सेवा संहिता के नियम-97 के तहत निर्णय लिए जाने से पूर्व विभागीय पत्रांक 2395 दिनांक 16.10.05 द्वारा इन्हें अपना पक्ष रखने का निदेश दिया गया।
7. विभागीय पत्रांक 2395 दिनांक 16.10.15 के आलोक में श्री विष्णुदयाल सिंह, सेवानिवृत सहायक अभियंता के अभ्यावेदन दिनांक 16.11.15 द्वारा निम्न तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए पूर्ण भुगतान का अनुरोध किया गयाः- ''निलंबन अवधि में इनके द्वारा नियमित निर्धारित मुख्यालय में अपेक्षित उपस्थिति दर्ज कराता रहा तथा उक्त अवधि में इनकी जो भी जिम्मेवारी रही, उसका निर्वहन किया जाता रहा। उक्त अवधि में कोई अन्य कार्य या नौकरी इनके द्वारा नहीं किया गया तथा किसी सरकारी या गैर-सरकारी संस्थान में कोई पद या लाभ प्राप्त नहीं किया गया। हर प्रकार से ये अपने विभाग के प्रति समर्पित रहे तथा आगे की कार्रवाई में उपस्थित रहे।''
8. श्री विष्णुदयाल सिंह द्वारा समर्पित उपर्युक्त तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री सिंह द्वारा समर्पित तथ्य मात्र जीवन-निर्वाह भत्ता प्राप्त करने का आवश्यक शर्त्त है क्योंकि वहीं सरकारी सेवक नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता पाने का हकदार होता है जो निलंबन अवधि के दौरान वास्तव में निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहा हो और ऐसे सरकारी सेवकों के लिए बनायी गयी उपस्थिति पंजी में अपनी उपास्थिति दर्ज करने की अपेक्षा भी की जाती है।
इसके अतिरिक्त वैसे सरकारी सेवकों को ही निलंबन अवधि के लिए पूर्ण वेतन एवं भत्ते देय है जो विभागीय कार्यवाही में पूर्णतः आरोपमुक्त पाये गये हों। परन्तु श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत को विभागीय कार्यवाही में दोषी पाया गया है एवं उन्हें दण्डित किया गया है। माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय द्वारा भी श्री सिंह को दण्ड से पूर्णतः मुक्त नहीं किया गया है।
9. उपर्युक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में पूर्ण विचारोपरान्त सरकार के स्तर पर श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर सम्प्रति सेवानिवृत के निलंबन अवधि (दिनांक 07.07.01 से 04.08.04 तक) में ''उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ और देय नहीं होगा, परन्तु पेंशन के प्रयोजनार्थ उक्त अवधि की गणना की जायेगी'' का निर्णय लिया गया है।
10. सरकार के स्तर पर लिए गये उक्त निर्णय के आलोक में श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर सम्प्रति सेवानिवृत को उनके निलंबन अवधि (दिनांक 07.07.01 से 04.08.04 तक) के संबंध में ''उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा, परन्तु पेंशन के प्रयोजनार्थ उक्त अवधि की गणना की जायेगी'' का आदेश संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
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