(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:19) प(cid:24)ष 1(cid:26)3(cid:19) (cid:28)श(cid:15)(cid:29)
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जल संसाधन विभाग
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12 vDrwcj 2015
सं0 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-01/2004/2338
स0 (भाग0)-09-01/2004/2338—श्री विष्णुदयाल सिंह (आई0 डी0-2459), सहायक श्री विष्णुदयाल सिंह (आई0 डी0-2459), सहायक अभियंता के सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के पदस्थापन काल में खड़गपुर झील अभियंता के सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के पदस्थापन काल में खड़गपुर झील अभियंता के सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के अधीन सिंचाई अवर प्रमण्डल, खड़गपुर के पदस्थापन काल में खड़गपुर झील ा, जल संसाधन विभाग, भागलपुर से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के बॅाध के दक्षिण डाईक टूटान के संबंध में मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के बॅाध के दक्षिण डाईक टूटान के संबंध में मुख्य अभियन्त समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व डाईक टूटान के लिए बरती गयी लापरवाही का आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित पाये समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व डाईक टूटान के लिए बरती गयी लापरवाही का आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित पाये समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व डाईक टूटान के लिए बरती गयी लापरवाही का आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित पाये 01 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरूद्व विभागीय जाने के फलस्वरूप विभागीय आदेश ज्ञापांक 1470 दिनांक 07.07.01 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरूद्व विभा जाने के फलस्वरूप विभागीय आदेश ज्ञापांक 1470 दिनांक 07 01 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-'55' 09.01 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-'55' संकल्प ज्ञापांक 2125 दिनांक 06.09 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।
2. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में जॅाच प्रतिवेदन से असहमति के विन्दुओं को परान्त सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में जॅाच प्रतिवेदन से असहमति के विन्दुओं को परान्त सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में जॅाच प्रतिवेदन से असहमति के विन्दुओं को 04 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न कर श्री विष्णुदयाल अंकित करते हुए विभागीय पत्रांक 125 दिनांक 19 अंकित करते हुए विभागीय पत्रांक 125 दिनांक 19.03.04 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न कर श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।
ी विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा 3. श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा ी विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त निम्न आरोप श्री सिंह के विरूद्व प्रमाणित पाये गयेः- सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त निम्न आरोप श्री सिंह के विरूद्व प्रमाणित पाये गयेः- सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त निम्न आरोप श्री सिंह के विरूद्व प्रमाणित पाये गयेः-
(i) वर्षा के पूर्व निरोधक कार्रवाई नहीं करने तथा सही समय पर गेट का संचालन नहीं करने ) वर्षा के पूर्व निरोधक कार्रवाई नहीं करने तथा सही समय पर गेट का संचालन नहीं करने के लिए श्री ) वर्षा के पूर्व निरोधक कार्रवाई नहीं करने तथा सही समय पर गेट का संचालन नहीं करने
सिंह के विरूद्व दोष प्रमाणित। साथ ही साथ यह इनकी कार्य के प्रति लापरवाही का परिणाम है। सिंह के विरूद्व दोष प्रमाणित। साथ ही साथ यह इनकी कार्य के प्रति लापरवाही का परिणाम है। सिंह के विरूद्व दोष प्रमाणित। साथ ही साथ यह इनकी कार्य के प्रति लापरवाही का परिणाम है।
4. उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री विष्णुदयाल सिंह, उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री विष्णुदयाल सिंह, उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री विष्णुदयाल सिंह, लंबन से मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड देते हुए तत्कालीन सहायक अभियंता को आदेश निर्गत होने की तिथि से नि तत्कालीन सहायक अभियंता को आदेश निर्गत होने की तिथि से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड देते हुए विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.2004 द्वारा संसूचित किया गयाः- विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05 2004 द्वारा संसूचित किया गयाः-
(i) निन्दन 2000-2001 (ii) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (iii) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ
) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। देय नहीं, परन्तु यह अवधि पेंशन प्रदायी ) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं, परन्तु यह अवधि पेंशन प्रदायी होगी। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 7 जनवर(cid:18) 2016 (vi) निलंबन से मुक्त होने के बाद श्री विष्णुदयाल सिंह, सहायक अभियंता मुख्यालय (सिंचाई भवन, पटना) में योगदान देंगे।
5. श्री विष्णुदयाल सिंह, सहायक अभियंता द्वारा उपर्युक्त संसूचित दण्ड के विरूद्व विभाग में समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा पुनः सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23.06.06 द्वारा श्री विष्णुदयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता को विभागीय आदेश सं0-90 दिनांक 05.08.04 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.04 द्वारा पूर्व संसूचित दण्ड में से ''दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड को समाप्त करते हुए शेष दण्ड यथावत रखने का आदेश संसूचित किया गया।
6. श्री विष्णुदयाल सिंह द्वारा उपर्युक्त विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.04 एवं विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23.06.06 के विरूद्व माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-3964/07 विष्णुदयाल सिंह बनाम बिहार राज्य एवं अन्य याचिका दायर किया गया। जिसमें माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 28.09.11 को न्याय निर्णय पारित करते हुए उक्त याचिका का निस्तार किया गया।
7. माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-3964/07 विष्णुदयाल सिंह बनाम बिहार राज्य एवं अन्य के मामले में दिनांक 28.09.11 को पारित न्याय निर्णय पर पुनर्विचार हेतु विभाग द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय में सिविल रिव्यू सं0-01/2012 बिहार राज्य एवं अन्य बनाम विष्णु दयाल सिंह दायर किया गया जिसे माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 17.04.2013 को पारित न्याय निर्णय द्वारा खारिज कर दिया गया। 8. सिविल रिव्यू सं0-01/2012 बिहार राज्य एवं अन्य बनाम विष्णु दयाल सिंह को माननीय पटना उच्च न्यायलय द्वारा खारिज किये जाने के फलस्वरूप विभाग द्वारा विधिक परामर्श प्राप्त कर सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-3964/07 के मामले में दिनांक 28.09.11 एवं सिविल रिव्यू सं0-01/2012 के मामले में दिनांक 17.04.13 को माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के विरूद्व क्रमशः एल0 पी0 ए0 सं0-31/14 एवं एल0 पी0 ए0 सं0-215/14 दायर किया गया जिसमें दिनांक 17.08.15 को माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए उक्त एल0 पी0 ए0 सं0-31/2014 एवं 215/2014 को स्वीकार कर लिया गया तथा निम्नांकित निर्देश दिया गया।
(i) विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.04 एवं विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23.06.06 को निरस्त करते हुए उक्त आदेशों को ''(1) निन्दन 2000-2001 (2) देय तिथि से पॅाच वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक'' के दण्ड तक परिसीमित किया जाय।
(ii) वादी ( श्री विष्णु दयाल सिंह) के निलंबन अवधि के संबंघ में बिहार सेवा संहिता के नियम 97 के तहत इस न्यायादेश के प्राप्ति की तिथि के तीन माह के अन्दर तार्किक एवं मुखर आदेश पारित किया जाय।
9. माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा एल0 पी0 ए0ं सं0-31/2014 एवं एल0 पी0 ए0 सं0-215/2014 में दिनांक 17.08.15 को पारित उक्त न्याय निर्णय की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त न्याय निर्णय का अनुपालन करते हुए निम्न निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया हैः-
(i) विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 05.08.04 एवं विभागीय आदेश सं0-90 सह पठित ज्ञापांक 653 दिनांक 23.06.06 को निरस्त करते हुए उक्त आदेशों द्वारा संसूचित दण्ड के स्थान पर श्री विष्णु दयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को निम्न दण्ड दिया जाता है।
(क) निन्दन 2000-2001 (ख) देय तिथि से पॅाच वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक'' (ii) श्री विष्णु दयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के निलंबन अवधि (दिनांक 07.07.01 से 04.08.04 तक) के वेतन भत्ता आदि के संबंध में श्री सिंह को अवसर प्रदान कर उक्त अवधि के वेतन भत्ता के संबंध में बिहार सेवा संहिता के नियम 97 के तहत अलग से आदेश पारित किया जायेगा।
उक्त निर्णय श्री विष्णु दयाल सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
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