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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2016

Published 07 January 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-01-07.9
Languages
English, Hindi

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(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

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जल संसाधन विभाग

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सं0 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014

22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014/2379—श्री रवीन्द्र चौधरी, आई0 डी0 क्रमांक-4626, कार्यपालक श्री रवीन्द्र चौधरी, आई0 डी0 क्रमांक-4626, कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, बौंसी के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल के दौरान हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के मामले अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, बौंसी के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल के दौरान हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के मामले अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, बौंसी के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल के दौरान हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के मामले कार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के कारण सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के कारण सर 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के ज्ञापांक 1520 दिनांक 16.10.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित किये जाने के उपरान्त पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों किये जाने के उपरान्त पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों किये जाने के उपरान्त पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों को प्रमाणित पाया गया हैः-

(i) राज्यस्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा म ) राज्यस्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये ) राज्यस्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा म जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं दिया जो जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं दिया जो जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं दिया जो स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है। स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है।

(ii) दिनांक 08.07.14 को मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा हि रम्बी बाँध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय 14 को मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा हिरम्बी बाँध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय 07.14 द्वारा इनको सूचना दी श्री चौधरी निरीक्षण स्थल पर उपस्थित नहीं थे जबकि विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07.07 श्री चौधरी निरीक्षण स्थल पर उपस्थित नहीं थे जबकि विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07 14 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो गयी थी। दिनांक 08.07.14 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो 14 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका।

फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री चौधरी, फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री चौधरी, फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में श्री चौधरी, कार्यपालक अभियंता से विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16.04.15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। कार्यपालक अभियंता से विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16 15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।

पालक अभियंता द्वारा समर्पित विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16.04.15 के आलोक में श्री रवीन्द्र चौधरी, कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16

द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर दिनांक 29.07.15 में निम्नांकित तथ्य आरोपवार प्रस्तुत किया गयाः- द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर दिनांक 29 15 में निम्नांकित तथ्य आरोपवार प्रस्तुत किया गयाः-

(i) हिरम्बी बॅाध एक अर्ध निर्मित गाइड बॅाध है, जिसमें पानी संग्रह हेतु रकौली नदी के वीयर में फॅालींग ) हिरम्बी बॅाध एक अर्ध निर्मित गाइड बॅाध है, जिसमें पानी संग्रह हेतु रकौली नदी के वीयर में फॅालींग ) हिरम्बी बॅाध एक अर्ध निर्मित गाइड बॅाध है, जिसमें पानी संग्रह हेतु रकौली नदी के वीयर में फॅालींग शटर का निर्माण सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, बा को खेतों तक ले जाने के लिए शटर का निर्माण सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, बौसी द्वारा किया गया था। संग्रहित पानी को खेतों तक ले जाने के लिए कोई नहर प्रणाली निर्मित नहीं है जिससे पानी का खपत लगभग नगण्य है। हिरम्बी गाइड वॅाल भी अधूरा है। कोई नहर प्रणाली निर्मित नहीं है जिससे पानी का खपत लगभग नगण्य है। हिरम्बी गाइड वॅाल भी अधूरा है। कोई नहर प्रणाली निर्मित नहीं है जिससे पानी का खपत लगभग नगण्य है। हिरम्बी गाइड वॅाल भी अधूरा है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 7 जनवर(cid:18) 2016 फालींग शटर के मरम्मति हेतु कृत कार्रवाई से संबंधित अभिलेख संचालन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया था। संचालन पदाधिकारी द्वारा पाया गया कि फालींग शटर की मरम्मति हेतु पर्याप्त कार्रवाई की गयी है एवं उक्त आरोप जो समस्त आरोपों का केन्द्र विन्दु था, से दोषमुक्त किया गया हैं।

(ii) प्रथत आरोप जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा दोषमुक्त किया गया है, से ही अन्य दोनों आरोप Co- related है, जो वेवजह बेबुनियाद एवं सत्य से परे है।

राज्यस्तरीय बैठक में गेटों का संयुक्त निरीक्षण/सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति के संबंध में स्पष्ट तौर पर संसूचित किया था कि कार्यपालक अभियंता (यॅात्रिक) के साथ संयुक्त निरीक्षण कर लिया गया है लेकिन मरम्मति कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। अभी चन्दन डैम के गेटों का मरम्मति चल रहा है अन्य का बाकी है। कार्यपालक अभियंता (यॅात्रिक) को कार्य अविलम्ब पूरा करने का निदेश भी दिया गया था। पूछे जाने पर जिला पदाधिकारी, बांका द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी के साथ तटबंधों का संयुक्त निरीक्षण कर लिये जाने की भी सूचना दी गयी थी। स्पष्ट है कि गेटों के सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति को हल्के में नहीं लेकर गंभीरता से लिया गया था। सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति का प्रश्न सामान्य रूप से पूछा गया था और सभी प्रक्षेत्र से जवाब दिया गया था, लेकिन कार्यवाही प्रतिवेदन में अंकित नहीं किया गया। इस प्रकार स्वतः स्पष्ट है कि सरकारी कार्य के निष्पादन/अनुपालन में कोई उदासीनता अथवा लापरवाही नहीं बरती गयी बल्कि विभागीय निदेश का अक्षरशः पालन किया गया।

जिला पदाधिकारी, बांका के प्राधिकृत प्रतिनिधि के साथ संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन एवं राज्यस्तरीय बैठक की कार्यवाही प्रतिवेदन संलग्न करते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।

(iii) इनके क्षेत्राधीन हिरम्बी अर्द्वनिर्मित गाइड बॅाध, छोटे-छोटे जमींदारी बॅाधों के अतिरिक्त चन्दन डैम है। चन्दन डैम से बांका एवं भागलपुर जिला के सैंकड़ों गॅावों का पटवन किया जाता है। इस महत्वपूर्ण चन्दन डैम के गेटों का संचालन वर्तमान में भी मानव श्रम द्वारा किया जाता है। चन्दन नदी मूल रूप से बरसाती नदी है। दिनांक 01.07.14 से 08.07.14 तक प्रत्येक दिन मध्यम/तेज वर्षा के कारण डैम पूर्ण रूप से लबालब भरा हुआ था चन्दन डैम के गेटों पर काफी दबाव था तथा मानव श्रम से उठाने में काफी दिक्कत हो रही थी। डैम के प्रभारी सहायक अभियंता द्वारा लिखित सूचना दी गयी कि इमरजेंसी गेट फॅसा हुआ है और उपर नीचे नहीं हो रहा है। निरीक्षण करना अत्यावश्यक है। डैम की सुरक्षा को प्रथम प्राथमिकता देते हुए दिनांक 08.07.14 को डैम प्रभारी सहायक अभियंता के साथ तुरंत चन्दन डैम साइट के लिए प्रस्थान किया गया। साथ ही हिरम्बी डैक के प्रभारी सहायक अभियंता, प्राक्कलन पदाधिकारी एवं कनीय अभियंता को मुख्यालय से आये हुए पदाधिकारी के निरीक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग देने का सख्त निर्देश दिया एवं पूर्ण सहयोग भी किया।

चन्दन डैम साइट के कंट्रोल रूम में धंटो अथक प्रयास के पश्चात इमरजेंसी गेट को आवश्यकतानुसार उठाया जा सका। अगर थोड़ी सी लापरवाही अथवा शिथिलता बरती जाती तो कुछ भी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। इस प्रकार उस समय परिस्थिति के अनुसार विवेकपूर्ण एवं उचित कदम उठाया गया जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही अथवा चौकसी में कमी परिक्षित नहीं होती है।

डैम साइट पर मोबाइल टावर के कनेक्टीवीटी की शिकायत आज के तिथि में भी बराबर रहती है। अतः मोबाइल पर बाते नहीं हुई होगी इसमें इनकी कोई गलती नहीं है।

दूसरे दिन सुबह मुख्यालय द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी श्री संजय सिंह के साथ सचिवालय जाकर मोनिटरिंग अंचल-3 के अन्य पदाधिकारियों के साथ माननीय सचिव महोदय से मुलाकात कर हिरम्बी स्थल का सही सही प्रतिवेदन इनके द्वारा दी गयी है।

इस प्रकार उक्त तीनों स्पष्टीकरणों से सहमत होगे कि इनके उपर किसी प्रकार के कार्य में कोताही, अवहेलना अथवा अकर्मण्यता का बोध नहीं होता है। इनके द्वारा ईमानदारी पूर्वक हिरम्बी फॅालींग शटर के मरम्मति हेतु किये गये प्रयास के आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-1 से आरोपमुक्त किया गया है। ये एक जवाबदेह एवं कर्तव्यनिष्ट अभियन्ता है और अठ्‌ठाईस साल के इनके सेवाकाल में उच्चाधिकारियों द्वारा प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गयी है।

अंत में नैसर्गिक न्याय से वंचित नहीं करते हुए आरोपमुक्त करने का अनुरोध किया गया है ताकि अधिक उत्साह एवं मेहनत के साथ सरकारी कार्य किया जा सकें। डैम प्रभारी का पत्र एवं फोटोग्राफ तथा वर्षापात की विवरणी अपने उत्तर के साथ संलग्न किया गया है।

श्री चौधरी, कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित उपर्युक्त तथ्यों की समीक्षा पुनः सरकार के स्तर पर की गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त निम्नांकित तथ्य पाये गयेः-

संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-1 इनके विरूद्व प्रमाणित नहीं पाया गया है एवं उक्त विन्दु पर इनसे द्वितीय कारण पृच्छा भी नहीं की गयी है।

आरोप सं0-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बचान एवं द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में समर्पित बचाव बयान में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा राज्यस्तरीय बैठक में गेटों के सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति के संबंध में स्थिति का उल्लेख उनके द्वारा किये जाने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा है कि बैठक की कार्यवाही प्रतिवेदन में इसका उल्लेख नहीं है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा साक्ष्य के रूप में संलग्न दिनांक 20.06.14 एवं 21.06.14 के राज्यस्तरीय बैठक की कार्यवाही प्रतिवेदन में इस आशय के कथन/निदेश की पुष्टि नहीं होती है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी द्वारा राज्यस्तरीय बैठक में इनके द्वारा संयुक्त निरीक्षण/सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति के संदर्भ में उल्लेखित बयान की पुष्टि में साक्ष्य उपलब्ध नहीं3 (cid:28)बहार गजट (असाधारण), 7 जनवर(cid:18) 2016 करा पाये। अतएव संचालन पदाधिकारी के समीक्षा एवं निष्कर्ष से सहमत होते हुए आरोप सं0-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं है।

आरोप सं0-3 जो दिनांक 08.07.14 को विभागीय सूचना के बावजूद मुख्यालय के पदाधिकारी के निरीक्षण के समय उपस्थित नहीं रहने एवं उक्त तिथि को मोबाइल पर भी सम्पर्क नहीं होने से संबंधित है, को संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय पत्र प्राप्त होने के बावजूद मुख्यालय के निरीक्षण पदाधिकारी को वस्तुस्थिति की जानकारी दिये बिना मुख्यालय से बाहर जाने के आलोक में प्रमाणित पाया है।

आरोपित पदाधिकारी द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बयान एवं द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में समर्पित बचाव बचान में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। साक्ष्य के रूप में दो अद्‌द फोटोग्राफ्‌स संलग्न किया गया है जिस पर कनीय अभियन्ता, सहायक अभियन्ता एवं कार्यपालक अभियन्ता का दिनांक 08.07.14 में हस्ताक्षर किया हुआ है। उक्त फोटोग्राफ्‌स चन्दन डैम के कंट्रोल रूम का दिनांक 08.07.14 का ही है, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में भी निरीक्षण तिथि को सूचना के बावजूद मुख्यालय छोड़ने के पूर्व निरीक्षी पदाधिकारी को सूचित करने अथवा अनुमति प्राप्त करने संबंधी कोई तथ्य नहीं दिया गया है जबकि आरोपित पदाधिकारी को सूचित कर ही मुख्यालय छोड़ना चाहिए था। उक्त तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री चौधरी का द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं है।

फलस्वरूप उपर्युक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर श्री रवीन्द्र चौधरी, कार्यपालक अभियंता को निम्नाकित दण्ड देने का निर्णय लिया गया है।

(i) निन्दन वर्ष 2014-15 (ii) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त निर्णय पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। सरकार के स्तर पर लिए गये उक्त निर्णय के आलोक में श्री रवीन्द्र चौधरी, आई0 डी0 क्रमांक-4626, कार्यपालक अभियंता को निम्नांकित दण्ड देते हुए उन्हें संसूचित किया जाता है।

(i) निन्दन वर्ष 2014-15 (ii) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 9%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-01-07.9/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-01-07.9.