(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:18)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 21 प(cid:23)ष 1(cid:25)3(cid:27) (cid:28)श(cid:15)(cid:29)
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पटन(cid:4)(cid:30) स(cid:31)मव(cid:4)र, 11 जनवर" 2(cid:15)1#
संॉसंॉसंॉसंॉ 3ए-1-मुकॉ-203/20123ए-1-मुकॉ-203/20123ए-1-मुकॉ-203/20123ए-1-मुकॉ-203/2012—163/विॉविॉविॉविॉ
वित्त विभागवित्त विभागवित्त विभागवित्त विभाग
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संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प
8 जनवरी 20168 जनवरी 20168 जनवरी 20168 जनवरी 2016 विषयःविषयःविषयःविषयः—सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ-18015/2011, एलॉपीॉएॉ संख्या-1260/2012 एवं एसॉएलॉपीॉ संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन संख्या-21329/2015 में पारित आदेश के आलोक में लेखा लिपिकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के सम्बन्ध में।सम्बन्ध में।सम्बन्ध में।सम्बन्ध में। योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के योजना-2003 के अधीन देय वित्तीय उन्नयन हेतु अनुमान्य वेतनमान के सम्बन्ध में।सम्बन्ध में।सम्बन्ध में।सम्बन्ध में।
राज्य सरकार के द्वारा राज्यकर्मियों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना-2003 के अधीन प्रोन्नति के राज्य सरकार के द्वारा राज्यकर्मियों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना-2003 के अधीन प्रोन्नति के राज्य सरकार के द्वारा राज्यकर्मियों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना-2003 के अधीन प्रोन्नति के विहित पदसोपान के लिए स्वीकृत वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। वादी श्री विहित पदसोपान के लिए स्वीकृत वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। वादी श्री विहित पदसोपान के लिए स्वीकृत वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। वादी श्री
ायर किया गया। वादी द्वारा बिहार प्रमोद कुमार एवं अन्य द्वारा सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संख्या-18015/2011 दायर किया गया। वादी द्वारा बिहार प्रमोद कुमार एवं अन्य द्वारा सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संख्या-18015/2011 द
लेखा सेवा नियमावली-2000 के आलोक में लेखा सेवा के मूल कोटि के वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिये लेखा सेवा नियमावली-2000 के आलोक में लेखा सेवा के मूल कोटि के वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिये लेखा सेवा नियमावली-2000 के आलोक में लेखा सेवा के मूल कोटि के वेतनमान में वित्तीय उन्नयन दिये
16/02/2012 को माननीय उच्च जाने का दावा किया गया। इस वाद पर सुनवाई के उपरान्त दिनांक 16/02/2012 को माननीय उच्च जाने का दावा किया गया। इस "The petitioners are attached to be न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेश पारित किया गया— "The petitioners are attached to be न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेश पारित किया गया— considered for grant of A.C.P in the basic grade of Account Officer. The order be complied considered for grant of A.C.P in the basic grade of Account Officer. The order be complied considered for grant of A.C.P in the basic grade of Account Officer. The order be complied with within maximum period of four months." with within maximum period of four months."
उपर्युक्त न्याय निर्णय के पश्चात् बिहार लेखा सेवा नियमावली-2000 में संशोधन किया गया। उपर्युक्त न्याय निर्णय के पश्चात् बिहार लेखा सेवा नियमावली-2000 में संशोधन किया ग 2. उपर्युक्त न्याय निर्णय के पश्चात् बिहार लेखा सेवा नियमावली-2000 में संशोधन किया ग तत्पश्चात् प्रमोद एवं अन्य के मामले में एक सकारण आदेश पारित किया गया। तत्पश्चात् राज्य सरकार द्वारा तत्पश्चात् प्रमोद एवं अन्य के मामले में एक सकारण आदेश पारित किया गया। तत्पश्चात् राज् तत्पश्चात् प्रमोद एवं अन्य के मामले में एक सकारण आदेश पारित किया गया। तत्पश्चात् राज्
न्याय निर्णय दिनांक 16/02/2012 के विरुद्ध एल संख्या-1260/2012 दायर किया गया। इस एल. 16/02/2012 के विरुद्ध एल.पी.ए. संख्या-1260/2012 दायर किया गया। इस एल वाद में अन्तिम न्याय निर्णय 20/04/2015 को पारित किया गया जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत् वाद में अन्तिम न्याय निर्णय 20/04/2015 को पारित किया गया जिसका कार्यक पी.ए. वाद में अन्तिम न्याय निर्णय 20/04/2015 को पारित किया गया जिसका कार्यक2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 जनवर(cid:18) 2016 है— "Thus in our view, the denial of the first ACP to the writ petitioner was clearly illegal and without Jurisdiction. While affirming the order of the learned Single Judge, we would only add that the benefits of the first ACP, which became due to the writ petitioner in the year 2004 which he has since been denied, be given forthwith not later than two months from today, the responsibility of which shall be on the Principal Secretary, Department of Finance, Government of Bihar, Patna.
Needless to mention that any subsequent amendment to the Rules would not affect the right which had accrued to the writ petitioner."
3. राज्य सरकार द्वारा एल.पी.ए. संख्या-1260/2012 में पारित न्याय निर्णय दिनांक 20/04/2015 के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एसॉएलॉपीॉ संख्या-21329/2015 दायर किया गया। जिसमें दिनांक 07/12/2015 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई के उपरान्त निम्नलिखित आदेश पारित किया गया—
"Delay condoned. The special leave petition is dismissed."
4. एसॉएलॉपीॉ को खारिज हो जाने के उपरान्त सीॉडब्ल्यूॉजेॉसीॉ संॉ 18015/2011 में पारित न्यायादेश का अनुपालन बाध्यकारी हो गया है। न्यायादेश का आधार वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या-769 दिनांक 28.01.2008 है । उक्त अधिसूचना के द्वारा सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना, 2003 में निम्न परन्तुक जोड़ा गया था :-
''परन्तु यदि एक संवर्ग से दूसरे संवर्ग में प्रोन्नति का प्रावधान हो तो इस संवर्ग के सरकारी सेवक को दूसरे संवर्ग के निम्नतम वेतनमान में वित्तीय उन्नयन अनुमान्य होगा । दूसरे संवर्ग के निम्नतम वेतनमान में से अगले उच्चतर पद का वेतनमान द्वितीय वित्तीय उन्नयन के रूप में, अनुमान्य होने पर, प्राप्त होगा ।''
बिहार लेखा सेवा नियमावली 2000 दिनांक 28.03.2000 को प्रवृत्त हुई है जिसके नियम 20(1) में विहित किया गया है कि कोषागार, सामान्य भविष्य निधि या अन्य लेखा संवर्ग के कर्मियों से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति की जा सकेगी ।
सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना मे विहित है कि वृत्ति उन्नयन के लिए अध्यपेक्षाएँ वहीं होंगी जो नियमित प्रोन्नति के लिए है । चूँकि बिहार लेखा सेवा नियमावली में सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से मूल कोटि के पद पर चयन हेतु आवश्यक अर्हत्ता यह विहित की गयी थी कि कर्मी स्नातक हो, अतः निम्न अतः निम्न अतः निम्न अतः निम्न में वर्णित संशोधित/उत्क्रमित वेतनमान में वृत्ति उन्नयन का लाभ मात्र वैसे कर्मियों को ही देय होगा, जो में वर्णित संशोधित/उत्क्रमित वेतनमान में वृत्ति उन्नयन का लाभ मात्र वैसे कर्मियों को ही देय होगा, जो में वर्णित संशोधित/उत्क्रमित वेतनमान में वृत्ति उन्नयन का लाभ मात्र वैसे कर्मियों को ही देय होगा, जो में वर्णित संशोधित/उत्क्रमित वेतनमान में वृत्ति उन्नयन का लाभ मात्र वैसे कर्मियों को ही देय होगा, जो स्नातक हैं स्नातक हैं स्नातक हैं स्नातक हैं ।
5. अतः वैसे सभी संवर्ग, जिनसे सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से बिहार लेखा सेवा के मूल कोटि के पद पर चयन बिहार लेखा सेवा नियमावली में विहित किया गया है, उनका दिनांक 28.03.2000 के प्रभाव से प्रथम सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना का वेतनमान 6500-10500 हो जाएगा तथा द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना का वेतनमान 10000-15200 होगा । प्रत्यक्ष है कि सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना, 2003 के दिनांक 13.07.2010 को निरसित होने की तिथि से आगे इन वेतनमानों में वृत्ति उन्नयन का लाभ अनुमान्य नहीं होगा क्योंकि रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना की व्यवस्था इससे भिन्न है । उसी प्रकार यदि किसी कर्मी को दिनांक 28.03.2000 के पूर्व सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना का लाभ प्राप्त हो चुका है तो उसके विकल्प पर दिनांक 28.03.2000 को वृत्ति उन्नयन के वेतनमान का उत्क्रमण उपर वर्णित वेतनमानों में अनुमान्य होगा । परन्तु इस दशा में उन्हें वेतन निर्धारण का लाभ देय नहीं होगा, वरन् मौलिक नियमावली के नियम 22(1)(2) के तहत वेतन निर्धारण किया जाएगा । 6. संक्षेपतः, इन संवर्गों के स्नातक योग्यताधारी कर्मियों के संदर्भ में निम्नरूपेण स्थिति होगी :-
3 (cid:27)बहार गजट (असाधारण), 11 जनवर(cid:18) 2016| वित्तीय उन्नयन | दिनांक 15 2000 से दिनांक 15....04040404....2000 से दिनांक 15 दिनांक 15 2000 से 2000 से दिनांक 31 2005 तक दिनांक 31....12121212....2005 तक दिनांक 31 दिनांक 31 2005 तक 2005 तक अपुनरीक्षित वेतनमान | दिनांक 01/01/2006 से पुनरीक्षित वेतनमान (दिनांक 12 2010 तक (दिनांक 12....07070707....2010 तक (दिनांक 12 (दिनांक 12 2010 तक उन्नयन देय होने पर) |
| प्रथम वित्तीय उन्नयन - | 6500-10500/- - | PB-2+4800/- |
| द्वितीय वित्तीय उन्नयन - | 10000-15200/- - | PB-3+6600/- |
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश से,,,,
राहुल सिंह,राहुल सिंह,राहुल सिंह,राहुल सिंह,
सचिव (व्यय), वित्त विभाग।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 22%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in