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;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
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2-5
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6-6
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7-14, 2
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;बपकरू12द्ध ;बपकरू16द्ध;बपकरू2द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध कृ;बपकरू20द्ध र ख्;बपकरू28द्ध ;बपकरू30द्ध ;बपकरू2द्धम
सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
5 जनवरी 2016
सं॰ 1/सह॰राज॰स्था॰(अति॰ प्रभार) 06/2015-18—विभाागीय अधिसूचना सं॰-3722, दिनांक 06.11.2015 द्वारा निलंबन मुक्त एवं दंडादेष के साथ विभागीय कार्यवाही समाप्त किये जाने के फलस्वरूप पदस्थापन की प्रतिक्षा में दिनांक 09.11.2015 को दिये गये योगदान के आलोक में श्री भोगेन्द्र नाथ झा, उप निबंधक, सहयोग समितियाँ को अपने ही वेतनमान में संयुक्त निबध्ांक, सहयोग समितियाँ, कोषी प्रमंडल, सहरसा के रिक्त पद पर तत्कालीक प्रभाव से पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।
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25 नवम्बर 2015
सं॰ 01/सह॰राज॰स्था॰(स्थानान्तरण)-04/2015-3889388938893889—श्री अखिलेष कुमार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ -सह- जनसम्पर्क पदाधिकारी, कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को माननीय मंत्री, सहकारिता के आप्त सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
2. यह अस्थायी व्यवस्था है जो माननीय मंत्री के आप्त सचिव के पद पर नियमित पदस्थापन के पश्चात स्वतः समाप्त हो जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से कामेष्वर प्रसादकामेष्वर प्रसादकामेष्वर प्रसादकामेष्वर प्रसाद, , , , उप-सचिव।
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2 दिसम्बर 2015
सं॰ 01/रा॰स्था॰/वि॰स॰से॰/40/2007-3948394839483948—श्री अभय झा, बिहार सहकारिता सेवा, वरीयता क्रमांक-49/09 (सम्प्रति उप महाप्रबंधक, बिहार राज्य सहकारिता बैंक लि॰, पटना) की सेवा श्री अषोक चौधरी, माननीय मंत्री, षिक्षा एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना के आप्त सचिव के रूप में कार्य करने हेतु इनकी सेवा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।
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2 दिसम्बर 2015
सं॰ 01/रा॰स्था॰वि॰स॰से॰/पद॰-53/2007-3943943943949999—श्री मनोज कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाािधकारी, भोजपुर (आरा) के अवकाष में रहने के कारण श्री अजय कुमार अलंकार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, बक्सर को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, आरा (भोजपुर) तथा प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, आरा एवं सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, आरा का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
श्री मनोज कुमार सिंह के योगदान करने के उपरांत यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।3
4 दिसम्बर 2015
सं॰ 01/रा॰स्था॰/वि॰स॰से॰/30/2007-3971397139713971—श्री विकास रंजन प्रसाद, बिहार सहकारिता सेवा, वरीयता क्रमांक-55/09 (सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में) की सेवा श्री चन्द्रिका राय, माननीय मंत्री, परिवहन विभाग, बिहार, पटना के आप्त सचिव के रूप में कार्य करने हेतु इनकी सेवा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।
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21 दिसम्बर 2015
सं॰ 01/सह॰राज॰स्था॰(स्थानान्तरण)-04/2015-4163416341634163—श्री दिनेष कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, मधुबनी (अतिरिक्त प्रभार रहिका सेन्ट्रल को-ऑपरेटव बैंक लि॰, मधुबनी एवं सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, झंझारपुर) की अस्वस्थता के कारण श्री आलोक रवि, व्याख्याता, सहकारिता प्रषिक्षण केन्द्र, पूसा (अतिरिक्त प्रभार, प्राचार्य, सहकारिता प्रषिक्षण केन्द्र, पूसा) को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, मधुबनी एवं प्रबंध निदेषक, रहिका सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, मधुबनी का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
श्री दिनेष कुमार के योगदान करने के उपरांत यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी। विभागीय अधिसूचना सं॰-ज्ञापांक-2994, दिनांक 28.08.2015 एवं 2752 दिनांक 10.08.2015 को इस हद तक संषोधित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।
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17 दिसम्बर 2015
सं॰ 01/रा॰स्था॰वि॰स॰से॰/पद॰-53/2007-4105410541054105—श्री मनोज कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, भोजपुर, आरा के अवकाष में रहने के कारण मो॰ मुर्जीबुर रहमान, उप निबंधक, सहयोग समितियाँ पटना प्रमंडल, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, आरा (भोजपुर) तथा प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, आरा एवं सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, आरा का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
श्री मनोज कुमार सिंह के योगदान करने के उपरांत यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी। विभागीय अधिसूचना सं॰-ज्ञापांक-3949, दिनांक 02.12.2015 को इस हद तक संषोधित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।
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निर्वाचन विभाग
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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
21 जनवरी 2016
सं॰ ई2-02-055/2010-330—श्रीमती संजुला कुमारी, (बि0नि0से0) अवर निर्वाचन पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज का दिनांक 05.08.2015 से दिनांक 15.12.2015 तक कुल 135 दिनों का प्रथम संतान हेतु मातृत्व अवकाष वित्त विभाग के संकल्प ज्ञापांक 3/F-1-04-2003/2498 दिनांक 12.04.2007 के आलोक में स्वीकृत किया जाता है। , 4 उक्त अवधि का अवकाष वेतन वही होगा जो अवकाष में जाने के पहले श्रीमती संजुला कुमारी, (बि0नि0से0) अवर निर्वाचन पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज कर्त्तव्य पर रहते हुए प्राप्त करती थी।
1. प्रसव/मातृत्व अवकाष अवकाष लेखा में विकलीत नहीं किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव ।
——— योजना एवं योजना एवं योजना एवं योजना एवं विकास विकास विकास विकास विभागविभागविभागविभाग ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 21 जनवरी 201621 जनवरी 201621 जनवरी 201621 जनवरी 2016
सं॰ यो॰स्था॰01/1-124/90-401—योजना एवं विकास विभाग, बिहार पटना के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन बिहार योजना सेवा संवर्ग के श्री संजीव कुमार, जिला योजना पदाधिकारी, जो पदस्थापन के प्रतीक्षा में थे, को जिला योजना पदाधिकारी, भागलपुर के रिक्त पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है ।
2. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुरेन्द्र कुमार राम, विषेष सचिव।
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जल संसाधन विभाग
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अधिसूचना
20 जनवरी, 2016
सं॰ 5/टी॰ (याँ०)- 3-10-101/2015-114—जल संसाधन विभाग के याँत्रिक अभियंता संवर्ग के अधीन निम्नलिखित सहायक अभियंता (याँ॰) को अस्थायी कामचलाउ व्यवस्था के तहत स्तंभ- 4 में अंकित कार्यपालक अभियंता (याँ॰) के रिक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी है, जो नियमित रुप से कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) के पदस्थापन के उपरान्त स्वतः समाप्त हो जाएगा।
| क्र॰ सं॰ | नाम/आई॰डी॰कोड॰ जन्म तिथि/गृह जिला | वर्त्तमान पदस्थापन | कार्यपालक अभियंता (याँ०) के पद का अतिरिक्त प्रभार | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री शिव नारायण सिंह/ जे 6849 | सहायक अभियंता(याँ०), सिंचाई याँत्रिक मोनिटरिंग एवं डिस्पोजल प्रमंडल, पटना | कार्यपालक अभियंता (याँ०), सिंचाई याँत्रिक मोनिटरिंग एवं डिस्पोजल प्रमंडल, पटना | श्री कोमल किशोर झा, कार्यपालक अभियंता(याँ०) का दिनांक 31.01.16 को वार्धक्य सेवानिवृत्ति के क्रम में |
| 2 | श्री जयन्त नारायण श्रीवास्तव/ जे 7070 | अवर सचिव (प्रबंधन), जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना | कार्यपालक अभियंता (याँ०), सिंचाई याँत्रिक मोनिटरिंग प्रमंडल, पटना | श्री कोमल किशोर झा, कार्यपालक अभियंता(याँ०) का दिनांक 31.01.16 को वार्धक्य सेवानिवृत्ति के क्रम में |
क्रम में लागू होगा।
2. संबंधित पदाधिकारी अपने मूल कार्यों के अलावे अतिरिक्त प्रभार से संबंधित प्रमंडल का प्रभार ग्रहण करते हुए ससमय प्रभार प्रतिवेदन की प्रति मुख्यालय को समर्पित करेंगे।
3. यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी है। अतिरिक्त प्रभार के लिए किसी प्रकार का दावा मान्य नहीं होगा।5 4. संबंधित नियंत्री पदाधिकारी उपरांकित आदेष का अनुपालन ससमय सुनिष्चित कर अनुपालन प्रतिवेदन विभाग को समर्पित करेंगे।
5. तत्संबंधी पूर्व के विभागीय आदेश इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, संजय कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव (प्रबंधन)।
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ख्-ँ;बपकरू12द्ध ;बपकरू2द्ध द्ध;बपकरू2द्ध;बपकरू12द्ध
;बपकरू2द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू2द्ध ;बपकरू2द्ध;बपकरू2द्ध .;बपकरू2द्ध म द्धघ्
;बपकरू2द्ध ;बपकरू12द्ध 45————571+100;बपकरू4द्ध-3;बपकरू20द्ध3-3घ्
Website: http://egazette.bih.nic.in
, 6;बपकरू2द्ध;बपकरू4द्ध2
;बपकरू2द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू2द्धट्ठ;बपकरू2द्ध र ;बपकरू2द्ध;बपकरू2र्द्ध7ँ8 ;बपकरू2द्ध;बपकरू2द्ध ;बपकरू2द्ध9 9 ;बपकरू12द्ध
?9;बपकरू12द्ध ख्;बपकरू2द्धम र ?घ्
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सं॰ 5 नि0गो0वि0 (5) 28/2014-14नि॰गो॰
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
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शुद्धि-पत्र
૨૧ tuંjત્ર્ ૨૦૧૬
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागीय आदेश-359 नि0गो0 दिनांक 18.09.2015 के तीसरे ज्ञापांक में अंकित कोषागार पदाधिकारी, पटना कोषागार, पटना के स्थान पर शुद्ध रूप में कोषागार पदाधिकारी, सचिवालय कोषागार, विकास भवन बिहार, पटना पढा़ एवं समझा जाय।
2. उक्त आदेश की अन्य शर्ते यथावत् रहेगी।
आदेश से,
ब्रजेश्वर पाण्डेय, अवर सचिव।
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ख्-ँ;बपकरू12द्ध ;बपकरू2द्ध द्ध;बपकरू2द्ध;बपकरू12द्ध
;बपकरू2द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू2द्ध ;बपकरू2द्ध;बपकरू2द्ध .;बपकरू2द्ध म द्धघ्
;बपकरू2द्ध ;बपकरू12द्ध 45————571+10;बपकरू4द्ध-3;बपकरू20द्ध3-3घ्
Website: http://egazette.bih.nic.in
7;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध
;बपकरू13द्धख्;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध
;बपकरू17द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू4द्ध
सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
6 नवम्बर 2015
सं॰ 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-708/2013-3720372037203720—श्री पंकज कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, भागलपुर सम्प्रति जिला सहकारिता पदाधिकारी, पटना खरीफ विपणन वर्ष 2009-10 एवं ं2010-11 में धान/चावल अधिप्राप्ति में अनियमितता बरतने, रेखांकित चेक के स्थान पर नगद/वियरर चेक द्वारा भुगतान करने, किसानों को मनमाने ढ़ंग से नियम विरूद्ध प्रोत्साहन/बोनस राषि के भुगतान में अनियमितता बरतने, बिचौलियों के माध्यम से धान अधिप्राप्ति करने आदि आरोप में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3608, दिनांक 23॰08॰2013 द्वारा इनके विरूद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-''क'') गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई । इस संदर्भ में निबंधक, सहयोग समितियाँ बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 1299, दिनांक 03॰03॰2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम उपलब्ध कराया गया,जिसमें श्री झा के विरूद्ध प्रतिवेदित सभी आरोप प्रमाणित पाये गये। उक्त जाँच प्रतिवेदन/अधिगम पर विभागीय पत्रांक 921, दिनांक 20॰03॰2015 द्वारा श्री झा से द्वितीय कारण पृच्छा की गई । संचालन पदाधिकारी से प्राप्त अधिगम एवं श्री झा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की सम्यक् समीक्षा की गई । समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री झा का द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर संतोषजनक नहीं है, जिसके लिए वे दोषी हैं। अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री पंकज कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, भागलपुर सम्प्रति जिला सहकारिता पदाधिकारी, पटना को भविष्य के लिए चेतावनी के साथ-साथ दो वार्षिक वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड संसूचित किया जाता है एवं उनके विरूद्ध संचालित इस विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है । 2॰ इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कामेष्वर प्रसाद,उप-सचिव (निगरानी)।
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6 नवम्बर 2015
सं॰ 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-702/2015-3721372137213721—श्री जवाहर प्रसाद, तत्कालीन प्रबंध निदेषक, दी पूर्णियाँ डिस्ट्रीक्ट सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पूर्णियाँ सम्प्रति प्रबंध निदेषक, मुजफ्फरपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध बैंक में दैनिक जमा अभिकर्त्ता की नियम विरूद्ध नियुक्ति करने एवं सिक्यूरिटी मनी से अधिक कूपन निर्गत करने के आरोप में निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के पत्रांक 790, दिनांक 06॰02॰15 द्वारा आरोप पत्र गठित कर अनुषासनिक कार्रवाई की अनुषंसा की गई थी, जिस पर विभागीय पत्रांक 832, दिनांक 13॰03॰2015 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री प्रसाद के पत्र संख्या 62, दिनांक 04॰05॰2015 से प्राप्त स्पष्टीकरण पर निबंधक, सहयोग समितियाँ, , 8 बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्त की गई। निबंधक, सहयोग समितियाँ से प्राप्त मंतव्य एवं श्री प्रसादके स्पष्टीकरण की सम्यक् समीक्षा की गई । समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रसाद का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है,जिसके लिए वे दोषी हैं । अतएव उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री जवाहर प्रसाद, तत्कालीन प्रबंध निदेषक, दी पूर्णियाँ डिस्ट्रीक्ट सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पूर्णियाँ सम्प्रति प्रबंध निदेषक, मुजफ्फरपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, मुजफ्फरपुर का दो वेतनवृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकेजाने का दण्ड संसूचित किया जाता है 2॰ इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कामेष्वर प्रसाद,उप-सचिव (निगरानी)।
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6 नवम्बर 2015
सं॰ 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-705/2012-3723372337233723—श्री संजय कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, पष्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध विभागीय आदेषों की अवहेलना, कर्त्तव्यहीनता, फसल बीमा कार्य की जाँच/सत्यापन के कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने, बैठक में अनुपस्थित रहने, मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के निर्वाचन कार्यों में अभिरूचि नहीं लेने, दायित्व निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुषासनहीनता बरतने आदि के आरोप में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4104, दिनांक 10॰09॰12 द्वारा इनके विरूद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-''क'') गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई । इस संदर्भ में विभागीय जाँच आयुक्त, सामान्य प्रषासन, बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 379, दिनांक 30॰07॰2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री झा के विरूद्ध प्रतिवेदित सभी आरोप प्रमाणित पाये गये । उक्त जाँच प्रतिवेदन/अधिगम पर विभागीय पत्रांक 2839, दिनांक 17॰08॰2015 द्वारा श्री झा से द्वितीय कारण पृच्छा की गई । संचालन पदाधिकारी से प्राप्त अधिगम एवं श्री झा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की सम्यक् समीक्षा की गई । समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री झा का द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर संतोषजनक नहीं है, जिसके लिए वे दोषी हैं । अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री संजय कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, पष्चिमी चम्पारण, बेतिया (सम्प्रति निलंबित) को दो वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड संसूचित किया जाता है एवं उनके विरूद्ध संचालित इस विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है । 2॰ इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कामेष्वर प्रसाद,उप-सचिव (निगरानी)।
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31 दिसम्बर 2015
सं॰ 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-745/2012-4291429142914291—श्री बीरेन्द्र कुमार, तत्कालीन उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटना प्रमंडल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त सहायक निबंधक, (अ॰र॰), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के विरूद्ध निगरानी दस्ते ने ज्योतिपुरम सहकारी गृह निर्माण समिति , खाजपुरा, पटना के अध्यक्ष श्री अमरेन्द्र प्रसाद से 5,000/- (पाँच हजार रूपये) घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किये थे एवं इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-032/1992 दर्ज किया गया था । जिसके फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना सं॰ 2031, दिनांक 12॰08॰1992 द्वारा श्री कुमार को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर विभागीय संकल्प 382, दिनांक 10॰02॰93 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई ।
2. संयुक्त निबंधक, स॰स॰, पटना प्रमंडल, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही का अंतरिम अधिगम उपलब्ध कराया गया था, जिसमें संचालन पदाधिकारी ने न्याय-निर्णय की प्रत्याषा में विभागीय कार्यवाही को स्थगित रखने का अभिमत दिया गया था।
3. इसी बीच माननीय विषेष न्यायाधीष, निगरानी पटना द्वारा अभियुक्त श्री बीरेन्द्र कुमार को तीन वर्ष की सजा एवं 10,000/- (दस हजार रूपये) का जुर्माना की सजा सुनाई गई थी, जिसके आलोक में अधिसूचना ज्ञापांक 3861, दिनांक 16॰09॰08 द्वारा श्री कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया । 4. श्री कुमार द्वारा विषेष न्यायाधीष, निगरानी के पारित आदेष के विरूद्धमाननीय उच्च न्यायालय में फौजदारी अपील संख्या-11/2000 दायर कर चुनौती दी गई । माननीय उच्च न्यायालय ने निम्न न्यायालय के आदेष को निरस्त करते हुए श्री कुमार को दण्डादेष से मुक्त कर दिया ।
5. फौजदारी अपील सं॰-11/2000 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेष के विरूद्ध बिहार सरकार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में Special Leave to Appeal (Crl.)-7914/2013 दायर किया गया, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14॰08॰2014 को निरस्त कर दिया गया ।9 6. श्री कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर CWJC No. 4883/2013 में दिनांक 10॰11॰2014 को पारित आदेष के आलोक में श्री बीरेन्द्र कुमार को विभागीय आदेष ज्ञापांक 64, दिनांक 06॰01॰15 द्वारा सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ के पद पर पुर्न स्थापित कर विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 67 दिनांक 06॰01॰15 द्वारा उन्हें सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, (अ॰र॰), बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया गया ।
7. विद्वान महाधिवक्ता के परामर्ष के आलोक में श्री बीरेन्द्र कुमार के विरूद्ध पूर्व से संचालित लंबित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 514, दिनांक 13॰02॰15 द्वारा संचालित की गई ।
श्री कुमार के दिनांक 28॰02॰2015 को सेवानिवृत्त होने के कारण विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1008 दिनांक 25॰03॰2015 द्वाराउक्त विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43(बी॰) में सम्परिवर्त्तित किया गया है । 8. इस संदर्भ में श्री पी॰के॰ सिन्हा, अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2851, दिनांक 12॰05॰15 द्वारा अधिगम उपलब्ध कराया गया जिसके सम्यक् समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं । अतएव श्री बीरेन्द्र कुमार तत्कालीन उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटना प्रमंडल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त सहायक निबंधक, (अ॰र॰), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को आरोप मुक्त किया जाता है एवं उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है ।
9. श्री कुमार के निलंबन अवधि (दिनांक 24॰07॰1992 से दिनांक 10॰08॰2001 तक) को कर्त्तव्य पर मानते हुए उक्त अवधि के बकाया वेतनादि भुगतान का आदेष दिया जाता है ।
इस संबंध में विभागीय आदेष ज्ञापांक 1915, दिनांक 15॰06॰2015 द्वारा श्री कुमार के बर्खास्तगी आदेष से पुनस्र्थापन की तिथि के बीच के बकाये वेतन दावे को अस्वीकृत करने का निर्गत आदेष यथावत् रहेगा ।
10. इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कामेष्वर प्रसाद,उप-सचिव (निगरानी)।
——— निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— अधिसूचनाएं 19 जनवरी 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-02-31/2015-333—निगरानी अन्वेषण व्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-2144 दिनांक 31.12.2015 के द्वारा श्री सरोज कुमार, प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के विरूद्ध 1,09,04,053/- (एक करोड़ नौ लाख चार हजार तिरपन रूपये) के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड सं0-110/2015 दिनांक 23.12.2015 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13 (1) (ई) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किया गया है।
2. श्री कुमार के विरूद्ध प्रथम दृष्टया समाधान होता है कि इन्होनें सरकारी सेवा को अवैध धर्नाजन का स्रोत बना रखा है। अतः श्री सरोज कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (ग) में निहित प्रावधान के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री कुमार का मुख्यालय उपायुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना निर्धारित किया जाता हे। 4. निलंबन अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 (1) के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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6 नवम्बर 2015
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-28/2013-4782—श्री श्रीकृष्ण पासवान तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद, पटना सम्प्रति उपायुक्त उत्पाद, तिरहुत-सह-सारण प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध सहायक आयुक्त उत्पाद, पटना के कार्यालय में अनुज्ञाधारियों द्वारा फर्जी चालान के माध्यम से धोखाधड़ी कर सरकारी राजस्व रू0 39,35,126/- (उनचालीस लाख पैतीस हजार एक सौ छब्बीस) रूपये की क्षति के आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-5004 दिनांक 19.11.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी, सचिव, जल संसाधन विभाग-सह-अपर विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना ने अपने पत्रांक-478 दिनांक 01.09.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा जॉच प्रतिवेदन में निष्कर्षित किया गया है कि आरोप प्रपत्र 'क' में लगाये गये आरोप एवं इसके साथ दिये , 10 गये साक्ष्य, आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये बचाव बयान, विभागीय मंतव्य एवं की गयी सुनवाई के आधार पर आरोपी पदाधिकारी के ऊपर आरोप संख्या-01 से 07 तक प्रमाणित नही होता है।
3. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर सम्यक विचारोपरांत विभागीय कार्यवाही समाप्त करते हुए श्री पासवान पर लगाये गये आरोपो से उन्हें मुक्त किया जाता है। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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17 दिसम्बर 2015
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-10/2014-5291—पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध इकाई-3 बिहार पटना के पत्रांक-233 दिनांक 07.12.2015 द्वारा सूचित किया गया है कि कोतवाली (मुंगेर) थाना कांड सं0-74/14 दिनांक 02.03.2014 धारा-406/409/420/467/468/471/120 (बी0) एवं 7/12/13/14 भ्र0नि0अधि0 तथा 65/66 (ii)/72 आई0टी0 एक्ट में अप्राथमिकी अभियुक्त श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर को दिनांक 26.11.2015 को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
2. श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, अररिया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1) (ग), (2) (क) में निहित प्रावधानों के अंतर्गत न्यायिक हिरासत में जाने की तिथि 26.11.2015 के प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 (1) के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
4. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-21/2014-184
संकल्प
12 जनवरी 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री देवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी सम्प्रत्ति निरीक्षक उत्पाद, मुंगेर के विरूद्ध महालेखाकार (अंकेक्षण) द्वारा अपने निरीक्षण प्रतिवेदन संख्या-137/2012-13 में प्रतिवेदित किया गया है कि अधीक्षक उत्पाद कार्यालय, सीतामढ़ी में वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 एवं 2012-13 (अगस्त माह तक) के उत्पाद शीर्ष 0039 में जमा अनुज्ञाषुल्क के रूप में 7.10 लाख रू0 जमा नही पाये जाने के कारण कर्त्तव्यहीनता, सरकारी कार्यो में लापरवाही एवं नियमों की अनदेखी कर सरकारी राजस्व की क्षति पहुँचाना के आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि सभी पदाधिकारियों के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए उपायुक्त उत्पाद, दरभंगा-सह-कोषी-सह-पूर्णियॉ प्रमण्डल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री देवेन्द्र प्रसाद के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री देवेन्द्र प्रसाद से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषषषषः- आदेषेषेषेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषिषिषिषित किया जाय
तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण
पदाधिकारी एवं श्री देवेन्द्र प्रसाद को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।11
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-14/2015-190
संकल्प
12 जनवरी 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री कुमार अमित, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध महालेखाकार (अंकेक्षण) द्वारा अपने निरीक्षण प्रतिवेदन संख्या-137/2012-13 में प्रतिवेदित किया गया है कि अधीक्षक उत्पाद कार्यालय, सीतामढ़ी में वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 एवं 2012-13 (अगस्त माह तक) के उत्पाद शीर्ष 0039 में जमा अनुज्ञाषुल्क के रूप में 7.10 लाख रू0 जमा नही पाये जाने के कारण कर्त्तव्यहीनता, सरकारी कार्यो में लापरवाही एवं प्रषासनिक क्षमता के अभाव के कारण अधीनस्थ कर्मियो/कार्यालय पर प्रभावकारी नियंत्रण नही रखने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि सभी पदाधिकारियों के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, तिरहुत-सह-सारण प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री कुमार अमित के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री कुमार अमित से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषेषेषेषः- आदेष ष ष ष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषिषषषत किया
जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण
पदाधिकारी एवं श्री कुमार अमित को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-39/2014-191
संकल्प
12 जनवरी 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री निलेष कुमार, तत्कालीन अवर निबंधक, दानापुर सम्प्रति जिला अवर निबंधक, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध पक्के मकान को परती जमीन दिखाकर वसीका संख्या-2636 दिनांक 05.04.2008 को निबंधित कर सरकारी राजस्व की क्षति पहुँचाना, कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरतना तथा सरकारी सेवक के लिए निर्धारित आचरण के प्रतिकूल कार्य करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि सभी पदाधिकारियों के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री निलेष कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में जिला अवर निबंधक, पटना को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री निलेष कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषेषेषेषः- आदेष ष ष ष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषिषषषत किया
जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण
पदाधिकारी एवं श्री निलेषषषष कुमार को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव। ,
12 सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-33/2014-210
संकल्प
13जनवरी 2016
श्री रामप्रवेष चौाहान, तत्कालीन अवर निबंधक, हिलसा (नालंदा) सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-जिला अवर निबंधन कार्यालय, पटना के विरूद्ध श्री योगेन्द्र यादव से उनके संबंधी के नाम जमीन रजिस्ट्री करने के एवज में रू0 8000/-(आठ हजार) रू0 रिष्वत लेते रंगे हाथों निगरानी विभाग के धावा दल द्वारा गिरफ्तार कर न्यायायिक हिरासत में भेजे जाने तथा निगरानी थाना कांड सं0-055/2014 दिनांक 26.08.2014 धारा-7/8/13 (2)-सह-पठित धारा-13 (1)(डी0) भ्र0नि0अभि0 1988 के तहत् प्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने आदि आरोप के लिए आरोप प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-5188 दिनांक-02.12.2014 द्वारा श्री अभय राज, विषेष सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को संचालन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी तथा संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 (1) में निहित प्रावधानों के प्रतिकूल आचरण एवं सरकारी कर्त्तव्य पालन में गंभीर कदाचार का आरोप को पूर्णतः प्रमाणित बतलाया गया है।
2. दिनांक 11.09.2015 को सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-3803/2015 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेष में विभागीय जॉच आयुक्त से जॉच कराई जानी है। उक्त के आलोक में श्री चौहान के विरूद्ध पुनः जॉच हेतु विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री रामप्रवेष चौहान के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री देवकी नंदन दास, अवर सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री रामप्रवेष चौहान से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हो।
5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी श्री देवकी नंदन दास, अवर सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग एवं श्री रामप्रवेष चौहान को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-41/2014-5257
संकल्प
16 दिसम्बर 2015
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री धनन्जय कुमार राव, अवर निबंधक, दानापुर के विरूद्ध निबंधन अधिनियम 1908 एवं निबंधन नियमावली 2008 में वर्णित प्रावधानों की अनदेखी कर फर्जी निबंधन को स्वीकार करना, प्रषासनिक क्षमता की कमी एवं दायित्व बोध का अभाव आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री धनन्जय कुमार राव के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री मणिभूषण प्रसाद, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री धनन्जय कुमार राव के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री देवकी नंदन दास, अवर सचिव, निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री धनन्जय कुमार राव से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री धनन्जय कुमार राव को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।13
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
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अधिसूचनाएं
14 जनवरी 2016
सं॰ 5 नि0गो0वि0 (8) 03/2015-08 नि0गो0—श्री योगेन्द्र कुमार मधुप, संयुक्त मत्स्य निदेशक (रा0प0ई), मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के द्वारा प्रत्यानुपातिक धनार्जन संबंधी निगरानी थाना कांड संख्या-037/2015 दिनांक 11.05.2015, धारा-13 (2), सह पठित धारा-13 (1) (ई), भ्र0नि0अधि0, 1988 के तहत दर्ज किया गया, जिसमें श्री मधुप को प्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (1) (ग) के अन्तर्गत श्री योगेन्द्र कुमार मधुप, संयुक्त मत्स्य निदेशक (रा0प0ई), मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. निलंबन अवधि में श्री मधुप को अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
3. निलंबन अवधि में श्री मधुप का मुख्यालय निदेशक, मत्स्य का कार्यालय, बिहार, पटना रहेगा।
4. श्री मधुप के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अलग से संचालित की जायेगी एवं आरोप पत्रा अलग से संसूचित किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
ब्रजेश्वर पाण्डेय, अवर सचिव।
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21 जनवरी 2016
सं॰ 5 नि0गो0वि0 (1) 08/2012-19 नि0गो0—डा0 राजेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, नवगछिया, भागलपुर सम्प्रति रक्षित पशु चिकित्सा पदाधिकारी, क्षेत्राीय निदेशक पशुपालन का कार्यालय, कोशी प्रक्षेत्रा, सहरसा को निगरानी विभाग के धावा दल द्वारा दिनांक 07.07.2008 को 1000/- (एक हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया एवं डा0 प्रसाद के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-40/2008 दर्ज किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (2) (क) के तहत पूरी हिरासत अवधि के लिए विभागीय आदेश-256 नि0गो0 दिनांक 28.07.2008 के द्वारा निलंबित किया गया एवं जेल से रिहा होने के पश्चात् विभागीय आदेश-465 नि0गो0 दिनांक 04.
12.2009 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (3) (1) के तहत डा0 प्रसाद को निलंबन मुक्त मानते हुए उनके द्वारा दिनांक 22.10.2008 को प्रस्तुत योगदान स्वीकार किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (1) (ग) के तहत विभागीय आदेश-465 नि0गो0 दिनांक 04.12.2009 के द्वारा ही पुनः अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया, तत्पश्चात् विभागीय संकल्प-214 नि0गो0 दिनांक 30.05.2011 के द्वारा डा0 प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा डा0 प्रसाद को सिर्फ निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया था, परन्तु विभागीय आदेश-379 नि0गो0 दिनांक 26.11.2012 के द्वारा डा0 प्रसाद को निलंबन मुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही के दायित्व से भी मुक्त किये जाने का तथ्य अंकित हो गया। इस तरह अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव से भिन्न आदेश निर्गत हो गया। उक्त आलोक में भ्रष्टाचार से संबंधित इस मामले की समीक्षा सरकार स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरांत भ्रष्टाचार से संबंधित अत्यंत ही गंभीर मामला पाते हुये विभागीय आदेश-379 नि0गो0 दिनांक 26.11.2012 को विभागीय आदेश-506 नि0गो0 दिनांक 30.12.2015 से परिमार्जित किया गया। उक्त से स्पष्ट है कि डा0 प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही निष्पादित नहीं हुयी है तथा अंतिम निर्णय लिया जाना शेष है। ,
14 3. उक्त परिप्रेक्ष्य में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9 (1) (क) के आलोक में डा0 राजेन्द्र प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
4. उक्त निर्णय के आलोक में डा0 राजेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, नवगछिया, भागलपुर सम्प्रति रक्षित पशु चिकित्सा पदाधिकारी, क्षेत्राीय निदेशक पशुपालन का कार्यालय, कोशी प्रक्षेत्रा, सहरसा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
5. निलंबन अवधि में डा0 प्रसाद को अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
6. निलंबन अवधि में डा0 प्रसाद का मुख्यालय, क्षेत्राीय निदेशक गया का कार्यालय निर्धारित किया जाता है। मुख्यालय आने-जाने के लिए डा0 प्रसाद को किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
ब्रजेश्वर पाण्डेय, अवर सचिव।