(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:17)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचना
22 जनवरी 2016
सं0 18/लो0शि0नि0-14-02
18/लो0शि0नि0-14-02/2015-1134—बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 की बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 की धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बिहार सरकार एतद् द्वारा निम्नलिखित नियमावली धारा 13 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बिहार सरकार एतद् द्वारा निम्नलिखित नियमावली धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बिहार सरकार एतद् द्वारा निम्नलिखित नियमावली बनाती हैः-
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार नियमावली, 2016 बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार नियम ावली, 2016
1. संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारंभ। -(1) यह नियमावली बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार नियमावली, संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह नियमावली बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार नियमावली, 2016 कही जा सकेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह उस तिथि से प्रवृत्त होगा जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे। (3) यह उस तिथि से प्रवृत्त होगा जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत (3) यह उस तिथि से प्रवृत्त होगा जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत - (1) इस नियमावली में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो- - (1) इस नियमावली में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो- 2. परिभाषाएँ।- (1) इस नियमावली में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो- (क) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015; (क) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015; (क) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015; (ख) ''केन्द्र'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम की धारा (6) के अधीन स्थापित सूचना एवं सहायता केन्द्र; (ख) ''केन्द्र'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम की धारा (6) के अधीन स्थापित सूचना एवं सहा (ख) ''केन्द्र'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम की धारा (6) के अधीन स्थापित सूचना एवं सहा (ग) ''प्रपत्र'' से अभिप्रेत है, इस नियमावली में परिशिष्ट के रूप में संलग्न प्रपत्र; (ग) ''प्रपत्र'' से अभिप्रेत है, इस नियमावली में परिशिष्ट के रूप में संलग्न प्रपत्र; (घ) ''धारा'' से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा; (घ) ''धारा'' से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा; (ङ) "लोक प्राधिकार" से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा 2 (ङ) में वर्णित राज्य सरकार और इसके विभाग (ङ) "लोक प्राधिकार" से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा 2 (ङ) में वर्णित राज्य सरकार और इसके विभाग (ङ) "लोक प्राधिकार" से अभिप्रेत है, अधिनियम की धारा 2 (ङ) में वर्णित राज्य सरकार और इसके विभाग विधान-मण्डल द्वारा बनायी गयी किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित या गठित विधान-मण्डल द्वारा बनायी गयी किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित या गठित और इसमें राज्य विधान-मण्डल द्वारा बनायी गयी किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित या गठित प्राधिकार या निकाय या संस्था सम्मिलित है। प्राधिकार या निकाय या संस्था सम्मिलित है।
इस नियमावली में प्रयुक्त किंतु अपरिभाषित शब्दों एवं अभिव्यक्तियोें के क्रमशः वही अर्थ होंगे, जो (2) इस नियमावली में प्रयुक्त किंतु अपरिभाषित शब्दों एवं अभिव्यक्तियोें के क्रमशः वही अर्थ होंगे, जो इस नियमावली में प्रयुक्त किंतु अपरिभाषित शब्दों एवं अभिव्यक्तियोें के क्रमशः वही अर्थ होंगे, जो अधिनियम में उनके लिए प्रयुक्त किये गये हाें। अधिनियम में उनके लिए प्रयुक्त किये गये
-(1) कोई भी व्यक्ति, जो अधिनियम के अधीन अपनी परिवाद पर सुनवाई और उसके निवारण का 3. परिवाद।-(1) कोई भी व्यक्ति, जो अधिनियम के अधीन अपनी परिवाद पर सुनवाई और उसके निवारण का -(1) कोई भी व्यक्ति, जो अधिनियम के अधीन अपनी परिवाद पर सुनवाई और उसके निवारण का इच्छुक हो, प्रपत्र-1 अथवा सादे कागज में अपना नाम, पता, मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल, आधार कार्ड अथवा सादे कागज में अपना नाम, पता, मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल, आधार कार्ड अथवा सादे कागज में अपना नाम, पता, मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल, आधार कार्ड संख्या और परिवाद की विशिष्टयों का उल्लेख करते हुए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को परिवाद संख्या और परिवाद की विशिष्टयों का उल्लेख करते हुए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को परिवाद प्रस्तुत करेगा किन्तु मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल एवं आधार कार्ड संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं प्रस्तुत करेगा किन्तु मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल एवं आधार कार्ड संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं प्रस्तुत करेगा किन्तु मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल एवं आधार कार्ड संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं होगा।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27 जनवर(cid:17) 2016 (2) लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या उनके द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य पदाधिकारी या कर्मचारी या केन्द्र प्रभारी द्वारा परिवाद प्राप्त किया जायेगा।
(3) परिवाद प्राप्त करने वाले पदाधिकारी/कर्मचारी का र्काव्य होगा कि वे परिवाद में उल्लिखित अपूर्ण सूचना के संबंध में परिवादी से, यदि वह उपस्थित हो, से सूचना प्राप्त कर परिवाद में उल्लिखित करेगा तथा परिवाद पर परिवादी का, यथास्थिति, हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान प्राप्त करेगा।
(4) यदि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी किसी परिवाद के संबंध में किसी सूचना को अपर्याप्त या अपूर्ण पाता है तो वह परिवाद प्राप्त करने के सात दिनों के भीतर परिवादी को वांछित सूचना उपलब्ध कराने हेतु नोटिस तामील करेगा।
(5) अधिनियम के अधीन परिवाद दायर करने हेतु इच्छुक व्यक्ति द्वारा परिवाद दाखिल करने के संबंध में, सूचना माँगे जाने पर, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी/कर्मचारी या केन्द्र प्रभारी यथासंभव परिवादी की सहायता करेंगे।
(6) राज्य सरकार परिवाद को प्राप्त करने एवं उसकी पावती देने के संबंध में निम्नलिखित माध्यमों के उपयोग की स्वीकृति देने हेतु सक्षम होगीः-
क) डाक; ख) इलेक्ट्रॅानिक माध्यम यथा- ई-मेल, एस.एम.एस एवं ऑनलाईन पोर्टल आदि; ग) कॉल सेन्टर।
(7) परिवाद प्राप्त होने पर, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या परिवाद प्राप्त करने हेतु उनके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति या केन्द्र प्रभारी प्रत्येक परिवाद को एक अनन्य पंजीयन संख्या आवंटित करेगा और इसी अनन्य पंजीयन संख्या का उपयोग सभी स्तरों, यथा-परिवाद की सुनवाई, प्रथम अपील, द्वितीय अपील या पुनरीक्षण में किया जायेगा।
4. परिवाद की पावती।- परिवाद प्राप्त होने पर, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या उनके द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य पदाधिकारी या कर्मचारी या केन्द्र प्रभारी परिवादी को प्रपत्र-2 में परिवाद की पावती देगा। इलेक्टॅानिक माध्यम से प्राप्त होने वाले परिवाद की पावती प्रपत्र-2 के बदले उसी इलेक्टॅानिक माध्यम से दी जा सकेगी जिस माध्यम से परिवाद प्राप्त हुआ हो।
5. परिवाद का अंतरण।-जहाँ परिवाद प्राप्त करने वाला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी यह पाता है कि परिवाद की विषय-वस्तु किसी अन्य लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की अधिकारिता के भीतर है, तो वह परिवाद को संबंधित लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को अंतरित कर देगा और परिवाद प्राप्त करने के सात दिनों के अन्दर, ऐसे अंतरण की सूचना परिवादी को देगा।
6. सुनवाई दिवस।- प्रत्येक लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, इस अधिनियम के अधीन प्राप्त परिवादों की सुनवाई के लिए, सप्ताह में कम-से-कम एक दिन निश्चित करेगा और इसे अपने कार्यालय के सूचना-पट्ट पर प्रदर्शित करेगा।
7. परिवाद की सुनवाई।-लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी परिवाद प्राप्त होने पर, नियत समय-सीमा के भीतर परिवादी को उसके शिकायत निवारण से संबंधित सुनवाई का अवसर देगा। सुनवाई के दौरान परिवादी अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सकेगा। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी परिवादी को सुनवाई का समुचित अवसर देने के उपरान्त तथा संबंधित लोक सेवक द्वारा प्रस्तुत अभिलेख के अवलोकनोपरान्त मामले के संबंध में नियत समय सीमा के अन्दर अपना निर्णय पारित करेगा। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी प्रपत्र-3 में परिवादी को मामले में पारित अपने निर्णय से अवगत करायेगा।
8. सूचना-पट्ट पर सूचना को प्रदर्षित करना।-लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अधिनियम के अधीन सुनवाई से संबंधित सभी सुसंगत सूचनाओं को प्रपत्र-4 में सूचना-पट्ट पर प्रदर्शित करेगा। सूचना-पट्ट लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय के सहज-दृश्य स्थान पर लगाया जाएगा।
9. नियत समय-सीमा की संगणना।- इस नियमावली के अधीन नियत समय-सीमा की संगणना करते समय सार्वजनिक अवकाश की गणना नहीं की जाएगी।
10. सुनवाई से इन्कार या सुनवाई में विलम्ब।- लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नियत समय-सीमा के भीतर परिवादी को उसके परिवाद की सुनवाई और निवारण का अवसर देगा और सुनवाई एवं निवारण के अवसर से इन्कार या विलम्ब की स्थिति में अथवा जब नियत समय-सीमा के भीतर परिवाद पर लिए गए निर्णय से परिवादी को सूचित न किया जा सके, तो लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी परिवादी को निम्नलिखित के संबंध में सूचित करेगा :-
(क) ऐसे इन्कार या विलम्ब का कारण; (ख) अवधि, जिसके भीतर ऐसे इन्कार या विलम्ब के विरूद्ध अपील किया जा सकेगा और
(ग) सुसंगत अपीलीय प्राधिकार के बारे में सूचना।
11. फीस।-परिवाद, प्रथम अपील या द्वितीय अपील या पुनरीक्षण आवेदन के साथ कोई फीस भुगतेय नहीं होगी। 12. प्रथम अपील या द्वितीय अपील या पुनरीक्षण आवेदन की विषय वस्तु।-प्रत्येक प्रथम अपील या द्वितीय अपील या पुनरीक्षण आवेदन में निम्नलिखित सूचनाओं का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगाः-(cid:27)बहार गजट (असाधारण), 27 जनवर(cid:17) 2016 3 (क) अपीलकर्त्ता का नाम, पता, मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल, आधार कार्ड संख्या; किन्तु मोबाईल/फोन नम्बर, ई-मेल एवं आधार कार्ड संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं होगा;
(ख) लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकार या द्वितीय अपीलीय प्राधिकार या अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (3) के प्रावधानो के अधीन अभिहित लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के रूप में माने गए, पदाधिकारी या कर्मचारी का नाम और पता, यथास्थिति, जिनके आदेश अथवा जिन्होंने इन्कार या विलम्ब किया है, के विरूद्ध अपील या पुनरीक्षण किया जाना है;
(ग) उस आदेश की विशिष्टयाँ जिसके विरूद्ध अपील या पुनरीक्षण किया जाना है; (घ) अपील या पुनरीक्षण का आधार, (ड) माँगी गई राहत; और (च) कोई अन्य सुसंगत सूचना, जो अपील या पुनरीक्षण के निष्पादन के लिए आवश्यक हो।
13. प्रथम अपील, द्वितीय अपील या पुनरीक्षण के साथ संलग्न किये जाने वाले दस्तावेज।-
अपील या पुनरीक्षण के आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न किए जाएँगे, यथा- (क) उस आदेश की स्वअभिप्रमाणित प्रति, जिसके विरूद्ध अपील या पुनरीक्षण किया जाना है; (ख) अपील या पुनरीक्षण आवेदन में उल्लिखित दस्तावेजों की प्रतियाँ; और (ग) अपील या पुनरीक्षण आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों की सूची।
14. प्रथम अपील, द्वितीय अपील और पुनरीक्षण के निष्पादन की प्रक्रिया। प्रथम अपील, द्वितीय अपील एवं पुनरीक्षण आवेदन का निष्पादन करते समय- (क) सुसंगत दस्तावेजों, लोक दस्तावेजों या उनकी प्रतियों का निरीक्षण किया जा सकेगा;
(ख) आवश्यकता होने पर समुचित जाँच के लिए किसी अन्य पदाधिकारी को प्राधिकृत किया जा सकेगा; और (ग) यथास्थिति, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या प्रथम अपीलीय प्राधिकार या द्वितीय अपीलीय प्राधिकार को क्रमशः प्रथम अपील, द्वितीय अपील या पुनरीक्षण में सुनवाई का अवसर प्रदान किया जा सकेगा। 15. सुनवाई की नोटिस का तामिला।-यथास्थिति प्रथम अपील, द्वितीय अपील या पुनरीक्षण की सुनवाई की नोटिस का तामिला निम्नलिखित किसी भी रीति से कराया जायेगा, यथा :-
(क) प्रोसेस सर्वर द्वारा; (ख) सम्यक् रूप से पावती के साथ रजिस्ट्रीकृत डाक से; या (ग) इलेक्ट्रॉनिक माध्यम यथा- ई-मेल या एस0एम0एस0 के द्वारा। 16. परिवादी या अपीलकर्त्ता का व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना।-(1) सुनवाई की तिथि से निश्चित रूप से कम-से-कम सात दिन पूर्व यथास्थिति, परिवादी या अपीलकर्ता को सुनवाई की तिथि से अवगत कराया जाएगा।
(2) अपील या पुनरीक्षण की सुनवाई के समय यथास्थिति, अपीलकर्ता स्वयं उपस्थित रह सकेगा या इच्छानुसार अनुपस्थित रह सकेगा।
(3) यदि अपीलीय प्राधिकार या पुनरीक्षण प्राधिकार यथास्थिति, इस बात से संतुष्ट हो कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान रही हैं, जिसके कारण अपीलकर्ता या आवेदक सुनवाई में उपस्थित होने से वंचित रहा है, तो अंतिम निर्णय पारित करने से पहले अपीलकर्त्ता या आवेदक को सुनवाई का एक अवसर दिया जा सकेगा। (4) यदि कोई पक्षकार सुनवाई की नियत तिथि को नोटिस की सम्यक् रूप से तामिला होने के बाद भी अनुपस्थित रहता है, तो ऐसी स्थिति मे यथास्थिति, अपील या पुनरीक्षण का निपटारा, उसकी अनुपस्थिति में किया जा सकेगा।
17. अपील या पुनरीक्षण में आदेश।-(1) अपील या पुनरीक्षण पर आदेश खुली कार्यवाही में घोषित किया जायेगा और, यथास्थिति, अपीलीय प्राधिकार या पुनरीक्षण प्राधिकार द्वारा लिखित में आदेश पारित किया जाएगा। (2) प्रथम अपीलीय प्राधिकार के आदेश की प्रति अपीलकर्त्ता और सम्बद्ध लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को दिया जाएगा।
(3) द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के आदेश की प्रति अपीलकर्त्ता, संबद्ध लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकार को दिया जाएगा।
(4) दण्ड दिए जाने की स्थिति में, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, यथास्थिति, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या संबद्ध लोक प्राधिकार या प्रथम अपीलीय प्राधिकार, के अगले वेतन से दण्ड की राशि की वसूली के निदेश के साथ, संबद्ध निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को भी आदेश की प्रति भेजेगा।
(5) उस स्थिति में जहॉं, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार द्वारा यथास्थिति, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या किसी अन्य संबद्ध लोक प्राधिकार या प्रथम अपीलीय प्राधिकार के विरूद्ध विभागीय जाँँच की अनुशंसा की जाती है, तो वह संबद्ध अनुशासनिक प्राधिकार को आवश्यक अनुशासनिक कार्रवाई हेतु अपने द्वारा पारित आदेश की प्रति भेजेगा।
(6) पुनरीक्षण में यदि द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के आदेश को पुनरीक्षित या उपांतरित किया जाता है, तो पुनरीक्षण प्राधिकार उक्त आदेश की प्रति द्वितीय अपीलीय प्राधिकार या, यथास्थिति, उपनियम (4) में विनिर्दिष्ट पदाधिकारियों को देगा।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27 जनवर(cid:17) 2016 18. दण्ड की राषि की वसूली।-(1) अधिनियम की धारा 8 के अधीन दण्ड दिए जाने का आदेश प्राप्त होने पर, निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकार द्वारा पारित किसी आदेश के अध्यधीन, संबद्ध लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी या प्रथम अपीलीय प्राधिकार के अगले वेतन से दण्ड की राशि वसूल करेगा, और सरकारी खाता में उसे जमा करेगा तथा चालान की एक प्रति सम्बद्ध द्वितीय अपीलीय प्राधिकार को भेज देगा।
(2) किसी पुनरीक्षण में द्वितीय अपीलीय प्राधिकार द्वारा पारित किसी आदेश को यदि पुनरीक्षित या उपांतरित किया जाता है, तो उस आदेश की प्रति सम्बद्ध निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को अनुपालनार्थ भेजी जाएगी। 19. अभिलेख का संधारण।- लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकार, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार और पुनरीक्षण प्राधिकार, मामलों से संबंधित अभिलेख, यथास्थिति, प्रपत्र 5, प्रपत्र 6, प्रपत्र 7 या प्रपत्र 8 में संधारित करेगा।
20. सूचना एवं सहायता केंद्र की स्थापना।-(1) राज्य सरकार सूचना एवं सहायता केंद्र स्थापित कर सकेगी और जिसमें राज्य पोर्टल, हेल्प डेस्क, कॉल सेंटर, और जनसाधारण सेवा-केन्द्र सम्मिलित किए जा सकेंगे। (2) परिवाद प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत किसी सूचना एवं सहायता केन्द्र द्वारा परिवाद प्राप्त होने पर, सूचना एवं सहायता केन्द्र का प्रभारी उस परिवाद को तुरंत संबद्ध लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को भेज देगा और परिवाद केे अंतरण में लगे समय की गणना नियत समय-सीमा में नहीं की जायेगी। (3) परिवाद पर दी गई अनन्य पंजीयन संख्या और परिवाद पर की गई कार्रवाई या परिवाद के अंतरण को भी लोक शिकायत की समुचित और प्रभावी सुनवाई के लिए ऑनलाईन किया जा सकेगा।
(4) परिवादों को प्राप्त करने, पंजीकृत करने और उनका अनुश्रवण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्यव्यापी नेटवर्क विकसित किया जा सकेगा।
21. कार्यान्वयन का अनुश्रवण।- अधिनियम का प्रशासी विभाग सामान्य प्रशासन विभाग होगा और राज्य सरकार परिवादों की ससमय सुनवाई के लिए केन्द्रीयकृत अनुश्रवण और अधिनियम के विभिन्न उपबंधों के प्रभावी कार्यान्वयन और अनुश्रवण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के सामान्य नियंत्राणाधीन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए एक समुचित प्रणाली स्थापित कर सकेगी।
22. प्रसारण और प्रशिक्षण।- राज्य सरकार वित्तीय एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता की हद तक - (1) अधिनियम के अधीन प्रदत अधिकारों के प्रयोग के संबंध में जनसाधारण, विशेषकर कमजोर एवं वंचित समुदायों की समझ को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों को विकसित एवं आयोजित कर सकेगी;
(2) उपर्युक्त खंड (1) में निदेशित कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेवारी लेने एवं ऐसे कार्यक्रमों के विकास एवं आयोजन में सहभागिता के लिए लोक प्राधिकारों को निदेश एवं प्रोत्साहन दे सकेगी;
(3) परिवादों की सुनवाई, समय सीमा और परिवादो की सुनवाई के संबंध में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में लोक प्राधिकारों द्वारा सही सूचना के ससमय एवं प्रभावी प्रसारण को प्रोत्साहित कर सकेगी; (4) अधिनियम के अधीन लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकार, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, पुनरीक्षण प्राधिकार और अन्य लोक प्राधिकारों को, उनके कर्त्तव्यों के संबंध में, प्रशिक्षित कर सकेगी;
(5) अधिनियम के अधीन विनिर्दिष्ट किसी अधिकार के प्रयोग के इच्छुक व्यक्ति द्वारा युक्तियुक्त रूप से यथापेक्षित ऐसी सूचनाओं से युक्त एक मार्गदर्शिका का निर्माण कर सकेगी; और
(6) उपर्युक्त खंड (5) में यथा निर्देशित मार्गदर्शिका को नियमित अंतरालों पर अद्यतन और प्रकाशित कर सकेगी, और इसमें विशिष्टतया और उपर्युक्त खंड (5) की पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, निम्नलिखित सम्मिलित होंगी :-
(क) अधिनियम का उद्देश्य; (ख) लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से सुनवाई एवं निवारण हेतु किये जानेवाले अनुरोध या अपीलीय प्राधिकारों के समक्ष अपील दायर करने की रीति और प्रपत्र;
(ग) अधिनियम के अधीन सुनवाई का अवसर प्राप्त करने के संबंध में बनायी गई या निर्गत कोई अतिरिक्त विनियमावली या परिपत्र।
23. राज्य सरकार का निदेश। -राज्य सरकार अधिनियम के उपबंधों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, अधिनियम के अधीन दायर मामलों के अधीक्षण और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकार, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, पुनरीक्षण प्राधिकार, कोई सम्बद्ध लोक प्राधिकार और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के कार्यालयों के निरीक्षण के लिए, समय-समय पर निदेश निर्गत कर सकेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामेश्वर प्रसाद दास, सरकार के उप-सचिव।(cid:27)बहार गजट (असाधारण), 27 जनवर(cid:17) 2016 5
प्रपत्र 1
आवेदन का प्रपत्र
(देखे नियम 3)
सेवा में, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, .................................................................. .................................................................. (लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का नाम और कार्यालय पता) 1. परिवादी का नाम :- 2. पिता का नाम :- 3. पता :-
4. (क) मोबाईल/फोन संख्या
(ख) ई-मेल (ग) आधार कार्ड संख्या :-
5. परिवाद :- (क) लाभ या राहत जिसका दावा किया जाए ........................................................................... .......................................................................... ........................................................................ (अलग से पन्ने लगाये जा सकते हैं) (ख) पदाधिकारी और विभाग का नाम जिससे परिवाद संबंधित हो :- ................................................................................ 4. दस्तावेजों का ब्योरा (यदि परिवाद के समर्थन में दस्तावेज संलग्न हों)ः-
(i) (ii) (iii)
5. क्या परिवाद पहले भी किया गया था?ः हाँ/नहीं :- (यदि हाँ, तो संबंधित पदाधिकारी/विभाग का नाम)
6. पहले से किये गये परिवाद पर जवाब प्राप्त है? : हाँ/नहीं
(यदि हाँ, तो जवाब का ब्योरा दें) .............................................................. .............................................................. ............................................................... (अलग से पन्ने लगाये जा सकते हैं)
7. कोई अन्य सूचना जिसका आवेदक में उल्लेख करना चाहें।
.................................................................. .................................................................. तिथि......................................................... परिवादी का हस्ताक्षर........................................................ (कृपया अपने परिवाद की अभिस्वीकृति अनिवार्य रूप से प्राप्त करें) नोटः-क्रमांक-4 में मांगी गयी सूचना देना ऐच्छिक है।6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27 जनवर(cid:17) 2016
प्रपत्र 2
पावती
(देखे नियम 4)
अनन्य पंजीयन संख्या .......................................... तिथि ...................................... 1. परिवादी का नाम :- 2. परिवाद के साथ संलग्न दस्तावेज की संख्या ................................................................................................. ......................................................................................................................................................................................
3. परिवाद की सुनवाई और निवारण के लिए नियत तिथि .......................................................................... 4. कोई अन्य विशिष्टियाँ जिसे लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा उल्लेख किया जाना आवश्यक समझा जाये :- .................................................................................................................................................................................................................. .......................................................................................................................................................... स्थान :-....................................... तिथि :-........................................ परिवाद के प्राप्तिकर्त्ता का हस्ताक्षर :- .................................................... नाम एवं पदनाम मोहर सहित :-...................................................................................................................................................... ...............................................................................................................................................................
प्रपत्र 3 लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा परिवाद पर लिए गए निर्णय से संबंधित सूचना।
(देखें नियम 7)
कार्यालय/विभाग का नाम :- .......................................................................... निर्गत संख्या :-....................................................................................................
1. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का नाम :- ..................................................................... 2. परिवादी का नाम :- ................................................................................................................ 3. परिवाद की अनन्य पंजीयन संख्या और तिथि का सन्दर्भ :-
संख्या ......................................................... तिथि .....................................................................
4. परिवाद का विषय :-........................................................................................................................................................... .................................................................................................................................................................................................. .........................................................................................................................
5. सुनवाई की तिथि/तिथियाँ :-....................................................................................................................
निर्णयः-................................................................................................................................................................................... ................................................................................. (अलग से पन्ने लगाये जा सकते हैं) लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का हस्ताक्षर :-...........................................................................
निर्णय से व्यथित परिवादी 30 दिनों के भीतर प्रथम अपीलीय प्रधिकार के समक्ष अपील दायर कर सकेगा (प्रथम अपीलीय प्राधिकार का ब्योरा) :-...................................................................... ............................................................................................................... लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का हस्ताक्षर :-................................................................................. नाम और पदनाम मोहर सहित :-.................................................................................................................
(cid:27)बहार गजट (असाधारण), 27 जनवर(cid:17) 2016 7प्रपत्र 4
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के अधीन सुनवाई से संबंधित सूचना।
(देखे नियम 8)
लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का नाम :-................................................................................ कार्यालय पता :-................................................................................................................................. 1. व्यक्ति का नाम जो आवेदन प्राप्त करने हेतु प्राधिकृत है :-..................................................................................
................................................................................................................................................
2. परिवाद की सुनवाई के लिए नियत दिन :- .................................................................................. 3. परिवाद के निष्पादन के लिए नियत समय सीमा :- ......................................................................... 4. प्रथम अपील दायर करने के लिए समय-सीमा : नियत समय सीमा की समाप्ति के या निर्णय की तिथि से 30 दिनों के भीतर :- ..............................................................................
5. द्वितीय अपील दायर करने के लिए समय सीमा : प्रथम अपीलीय प्राधिकार के निर्णय की तिथि से 30 दिनों के भीतर :- .............................................................................................................
6. प्रथम अपीलीय प्राधिकार का नाम और पता :- .......................................................................................................
....................................................................................................................................................
7. द्वितीय अपीलीय प्राधिकार का नाम और पता :-......................................................................................................
..................................................................................................................................................
8. परिवाद पर लिए गए निर्णय से परिवादी को सूचित किये जाने की समय सीमा :-..................................... (नोट - कृपया अपने आवेदन की पावती अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का हस्ताक्षर, नाम और पदनाम मोहर सहित :-.............................................. .......................................................................................................................................................
प्रपत्र-5 लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में संधारित किये जाने वाले रजिस्टर का प्रपत्र (देखें नियम-19)
लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय का नामः-
माह.............................................................वर्ष........................................................../
| क्रम संख्या | अनन्य पंजीयन संख्या | परिवाद प्राप्ति की तिथि | परिवादी का नाम और पता | परिवाद के विषय | नियत समय-सीमा की अंतिम तिथि | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | NaN |
| स्वीकृत/ अस्वीकृत आवेदन | अन्य लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी को अन्तरण | पारित आदेष की तिथि एवं विवरण | निर्णय की तिथि | परिवादी को अवगत कराने हेतु निर्णय के प्रेषण का पत्रांक/दिनांक | NaN | |
| 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | NaN |
प्रपत्र-6 प्रथम अपीलीय प्राधिकार केे कार्यालय में संंधारित किये जाने वाले रजिस्टर का प्रपत्र। (देखें नियम-19)
प्रथम अपीलीय प्राधिकार के कार्यालय का नामः-
माह....................................................................वर्ष............................................./ ..........................................................वष्
| क्रम संख्या | प्रथम अपील दायर करने की तिथि | परिवाद की अनन्य पंजीयन संख्या | अपीलकर्ता का नाम ओर पता | लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी का नाम और पता | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | NaN |
| नियत समय सीमा की अंतिम तिथि | अपील स्वीकृत/अस्वीकृत | निर्णय की तिथि | अपीलकर्ता को अवगत कराने हेतु निर्णय के प्रेषण का पत्रांक/दिनांक | NaN | |
| 6 | 7 | 8 | 9 | NaN |
प्रपत्र-7 द्वितीय अपीलीय प्राधिकार केे कार्यालय में संंधारित किये जाने वाले रजिस्टर का प्रपत्र। (देखें नियम-19)
द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के कार्यालय का नामः-...
. माह............................................................वर्ष.................................../... ..
| क्रम संख्या | द्वितीय अपील दायर करने की तिथि | परिवाद की अनन्य पंजीयन संख्या | अपीलकर्ता का नाम और पता | लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी/प्रथम अपीलीय प्राधिकार का नाम और पता | अपील स्वीकृत/अस्वीकृत | दण्ड (यदि कोई हो) रूपये | निर्णय की तिथि | अपीलकर्ता को अवगत कराने हेतु निर्णय के प्रेषण का पत्रांक/दिनांक |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
प्रपत्र-8 पुनरीक्षण प्राधिकार केे कार्यालय में संंधारित किये जाने वाले रजिस्टर का प्रपत्र। (देखें नियम-19)
पुनरीक्षण प्राधिकार के कार्यालय का नाम और पताः-
माह..........................................................वर्ष............................................../मा
| क्रम संख्या | पुनरीक्षण दायर करने की तिथि | परिवाद की अनन्य पंजीयन संख्या | पुनरीक्षण दायर करने वाले आवेदक का नाम और पता | लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी/ प्रथम अपीलीय प्राधिकार/द्वितीय अपीलीय प्राधिकार का नाम और पता | पुनरीक्षण स्वीकृत/ अस्वीकृत | दण्ड (यदि कोई हो) रूपये | निर्णय की तिथि | निर्णय से अवगत कराने हेतु निर्णय प्रेषण का पत्रांक/ दिनांक |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 79%5'1+1000%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in