(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:24) म(cid:4)घ 1(cid:24)3(cid:28) (cid:29)श(cid:15)(cid:30)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 12(cid:21)) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:31) सोमवार(cid:31) 8 फरवर" 2(cid:15)1#
सं0 08/आरोप-01-329/2014,सा॰प्र॰—17559
सं0
सामान्य प्रशासन विभाग
------
संकल्प
21 दिसम्बर 2015
श्री राजकिशोर लाल, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1132/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, अकोढ़ी गोला, रोहतास श्री राजकिशोर लाल, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1132/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, अकोढ़ी गोला, रोहतास श्री राजकिशोर लाल, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1132/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, अकोढ़ी गोला, रोहतास के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक-
2008 द्वारा जन शिकायत से संबंधित जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक-1601, दिनांक 01.11.2008 द्वारा जन शिकायत से संबंधित मामले में शिथिलता बरतने, प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने एवं आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने से संबंधित आरोप मामले में शिथिलता बरतने, प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने एवं आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने से संबंधित आरोप मामले में शिथिलता बरतने, प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने एवं आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने से संबंधित आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर श्री लाल को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर श्री लाल को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर श्री लाल को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण
2005 के नियम 9 के प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12385, दिनांक 26.11.2008 द्वारा 2005 के नियम 9 के प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12385, दिनांक 26 अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 के प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12385, दिनांक 26
निलंबित किया गया। निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री लाल ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका निलंबित किया गया। निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री लाल ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका निलंबित किया गया। निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री लाल ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका
2009 को पारित न्यायादेश में श्री लाल के निलंबन सं॰-17998/08 दायर किया। माननीय न्यायालय ने दिनांक 09.02.2009 को पारित न्यायादेश में श्री लाल के निलंबन सं॰-17998/08 दायर किया। माननीय न्यायालय ने दिनांक 09
आदेश को निरस्त कर दिया। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4795, आदेश को निरस्त कर दिया। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4795, आदेश को निरस्त कर दिया। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4795, दिनांक 26.05.2009 द्वारा श्री लाल को निलंबन से मुक्त किया गया।
2009 द्वारा श्री लाल को निलंबन से मुक्त किया गया।
प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर विभागीय प
प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर विभागीय पत्रांक-2465, दिनांक 01.03
03.2011 द्वारा श्री लाल से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री लाल ने अपने स्पष्टीकरण में मूल रूप में अंकित किया कि जन शिकायत में प्राप्त स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री लाल ने अपने स्पष्टीकरण में मूल रूप में अंकित किया कि जन शिकायत में प्राप्त स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री लाल ने अपने स्पष्टीकरण में मूल रूप में अंकित किया कि जन शिकायत में प्राप्त
2008 द्वारा जिला पदाधिकारी को आवेदन पर अग्रेत्तर कार्रवाई करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन पत्रांक-156, दिनांक 09.08.2008 द्वारा जिला पदाधिकारी को आवेदन पर अग्रेत्तर कार्रवाई करते हुए वि
ा दिया था। आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम से पत्रांक-5078, दिनांक भेजा दिया था। आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम से पत्रांक-5078, दिनांक ा दिया था। आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम से पत्रांक-5078, दिनांक 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 फरवर(cid:22) 2016 प्राप्त स्पष्टीकरण पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत पाया गया कि अपर समाहर्त्ता के पत्रांक-1464, दिनांक 15.09.2008 में अंचलाधिकारी के उक्त पत्र का उल्लेख किया गया है। इससे स्पष्ट है अंचलाधिकारी ने अपना प्रतिवेदन भेजा था। जिला पदाधिकारी द्वारा भेजे गये आरोप प्रपत्र 'क' में मूल रूप में जाँच प्रतिवेदन एवं स्पष्टीकरण नहीं देने के विषय को लेकर ही निलंबन की अनुशंसा की गयी थी। आरोप पत्र में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध कोई नियम विरूद्ध कार्य करने या आदेश देने का उल्लेख नहीं है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं आरोप की प्र—ति को दृष्टिगत करते हुए विषयांकित प्रकरण को संचिकास्त करते हुए दिनांक 26.11.2008 से दिनांक 26.05.2009 तक के निलंबन अवधि को पूर्ण कार्य अवधि के रूप में विनियमित करने एवं उक्त अवधि के लिए पूर्ण वेतन के भुगतान का निर्णय लिया जाता है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाये।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
केशव कुमार सिंह,
सरकार के अपर सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 128%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in