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सं0 08/आरोप-01-54/2014,सा॰प्र॰—17290
सं0
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
16 दिसम्बर 2015
श्रीमती सुषमा, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा कार्यान्वयन में अनियमितता आदि के ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-8351, दिनांक आवास योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता आदि के ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-8351, दिनांक कार्यान्वयन में अनियमितता आदि के ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-8351, दिनांक 14.09.2009 द्वारा प्रतिवेदित आरोप पर संकल्प ज्ञापांक-9292, दिनांक 14 2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन का 2009 द्वारा प्रतिवेदित आरोप पर संकल्प ज्ञापांक-9292, दिनांक 14.06.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन का
प्रतिवेदन पर सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक निर्णय लिया गया था। आरोप एवं जाँच पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक निर्णय लिया गया था। आरोप एवं जाँच पदाधिकारी से प्राप्त जाँच
प्राधिकार द्वारा श्रीमती सुषमा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) में नियम 2005 के सुसंगत प्राधिकार द्वारा श्रीमती सुषमा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) में नियम 2005 के सुसंगत प्राधिकार द्वारा श्रीमती सुषमा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) में नियम 2005 के सुसंगत प्रावधान के तहत संकल्प ज्ञापांक-918, दिनांक 20.01.2015 द्वारा निन्दन की शास्ति अधिरोपित की गयी। प्रावधान के तहत संकल्प ज्ञापांक-918, दिनांक 20 2015 द्वारा निन्दन की शास्ति अधिरोपित की गयी।
उक्त शास्ति को निरस्त करने हेतु पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया। उनका कहना श्रीमती सुषमा द्वारा उक्त शास्ति को निरस्त करने हेतु पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया। उनका कहना उक्त शास्ति को निरस्त करने हेतु पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया। उनका कहना है कि जाँच पदाधिकारी ने योजना में कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी के कारण दृष्टिगत चुक के लिए Advisory है कि जाँच पदाधिकारी ने योजना में कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी के कारण दृष्टिगत चुक के लिए है कि जाँच पदाधिकारी ने योजना में कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी के कारण दृष्टिगत चुक के लिए
की शास्ति दी गयी। उनका यह भी निर्गत करने की आवश्यकता बताया थी, परन्तु उन्हें आरोप वर्ष के प्रभाव से निन्दन की शास्ति दी गयी। उनका यह भी निर्गत करने की आवश्यकता बताया थी, परन्तु उन्हें आरोप वर्ष के प्रभाव से निन्दन
कहना है कि लाभुकों का सत्यापन बी॰पी॰एल॰ सूची से किया गया था जिसे जाँच में सही पाया गया एवं संचालन कहना है कि लाभुकों का सत्यापन बी॰पी॰एल॰ सूची से किया गया था जिसे जाँच में सही पाया गया एवं संचालन कहना है कि लाभुकों का सत्यापन बी॰पी॰एल॰ सूची से किया गया था जिसे जाँच में सही पाया गया एवं संचालन पदाधिकारी ने भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया तो वैसे स्थिति में निन्दन की शास्ति नही दी जाय। पदाधिकारी ने भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया तो वैसे स्थिति में निन्दन की शास्ति नही दी जाय। पदाधिकारी ने भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया तो वैसे स्थिति में निन्दन की शास्ति नही दी जाय।
जाँच प्रतिवेदन में आरोपित प दाधिकारी के स्तर पर अनियमितता के आरोप प्रमाणित नहीं हुए परन्तु इन्दिरा जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के स्तर पर अनियमितता के आरोप प्रमाणित नहीं हुए परन्तु इन्दिरा 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 फरवर(cid:22) 2016 ससमय निर्माण करने तथा बिचौलियों से बचाने का दात्यिव भी संबंधित पदाधिकारियों का होता है। जाँच पदाधिकारी ने भी योजना के कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी एवं सजगता की कमी को आरोप सं॰-02 एवं 04 के निष्कर्ष में बताया है। आरोपित पदाधिकारी इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में निरीक्षण एवं सजगता के लिए दोषी सिद्ध हुई। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा श्रीमती सुषमा, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक 03.03.2015 को सम्यक् विचारोपरांत अस्वी—त करने का निर्णय लिया गया। तद्लोक में श्रीमती सुषमा द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक 03.03.2015 अस्वी—त किया जाता है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
केशव कुमार सिंह,
सरकार के अपर सचिव।
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