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2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 फरवर(cid:22) 2016 आवेदनों में अनुरोध किया गया है। श्री पासवान के सभी आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अगर पुनर्विलोकन अर्जी मान भी लिया जाय तो प्रमाणित आरोपों के लिए उनके द्वारा कोई आरोपवार ठोस तथ्य या तर्क नहीं दिया गया, जिससे यह सिद्ध हो कि उनके विरूद्ध लिये गये निर्णय सही नहीं थे। उनका यह कथन कि वे सख्त कार्रवाई कर रहे थे इसलिए उनके विरूद्ध आरोप पत्र गठित किया गया एवं माफियाओं को खुश करने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्त का दंड दिया गया जैसा तर्क स्वीकार योग्य नहीं है। 5. वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री राम सागर पासवान द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दंड के विरूद्ध समर्पित सभी अभ्यावेदनों को पुनर्विलोकन अर्जी मानते हुए सम्यक् रूप से विचारोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वी—त करने का निर्णय लिया जाता है। 6. उक्त प्रस्ताव में मंत्रिपरिषद् की स्वी—ति प्राप्त है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री राम सागर पासवान, बि॰प्र॰से॰, अनिवार्य सेवानिवृत्त 005, जनप्रिया अपार्टमेन्ट नार्थ श्री —ष्णापुरी, पटना-800013 एवं सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।
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