(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:21)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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नगर विकास एवं आवास विभाग
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अधिसूचनाएं
8 फरवरी 2016
2ब0/मु०मं०न०वि०यो०-08-01/2013-870/न0वि0एवंआ0वि0—बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 सं0 2ब0/मु०मं०न०वि०यो०-0 मय पर यथा संशोधित) की धारा-75(छ) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, 75(छ) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, 2014 की कंडिका-3 में अंतर्दिष्ट दोनों परन्तुकों को र् अधिसूचना संख्या- 2726, दिनांक 10.09.2014 की कंडिका-3 में अंतर्दिष्ट दोनों परन्तुकों को (समय समय पर यथा संशोधित) की धारा- बिहार एतद् द्वारा पूर्व अधिसूचना संख्या- 2726, दिनांक निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित करती है :- निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित करती है :-
"परन्तु, यह कि मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी द्वारा नगर निगमों मेंं 60 लाख से अधिक किन्तु 100 लाख परन्तु, यह कि मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी द्वारा नगर निगमों मेंं 60 लाख से अधिक किन्तु 100 लाख परन्तु, यह कि मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी द्वारा नगर निगमों मेंं 60 लाख से अधिक किन्तु 100 लाख से अनधिक तथा नगर पंचायतों के लिए 10 रुपये से अनधिक, नगर परिषदों में 20 लाख से अधिक किन्तु 40 लाख से अनधिक तथा नगर पंचायतों के लिए 10 रुपये से अनधिक, नगर परिषदों में 20 लाख से अधिक किन्तु 40 लाख लाख से अधिक किन्तु 20 लाख से अनधिक की संविदा, प्राधिकृत स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना, नहीं की जा लाख से अधिक किन्तु 20 लाख से अनधिक की संविदा, प्राधिकृत स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना, नहीं की जा लाख से अधिक किन्तु 20 लाख से अनधिक की संविदा, प्राधिकृत स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना, नहीं की जा सकेगी :
परन्तु यह और कि, यथास्थिति, नगर निगमों के लिए 100 लाख रुपये से अधिक, नगर परिषदों में 40 लाख परन्तु यह और कि, यथास्थिति, नगर निगमों के लिए 100 लाख रुपये से अधिक, नगर परिषदों में 40 लाख परन्तु यह और कि, यथास्थिति, नगर निगमों के लिए 100 लाख रुपये से अधिक, नगर परिषदों में 40 लाख अधिक तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये से अधिक के व्यय की कोई संविदा, नगर निगम, नगर परिषद् अधिक तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये से अधिक के व्यय की कोई संविदा, नगर निगम, नगर परिषद् रुपये से अधिक तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये से अधिक के व्यय की कोई संविदा, नगर निगम, नगर परिषद् या नगर पंचायत की स्वीकृति के बिना, नहीं की जा सकेगी। या नगर पंचायत की स्वीकृति के बिना, नहीं की जा सकेगी। स्पष्टीकरणः-नगर निगमों में मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी को 60 लाख रुपये तक, नगर परिषदों में 40 लाख रुपये नगर निगमों में मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी को 60 लाख रुपये तक, नगर परिषदों में 40 लाख रुपये नगर निगमों में मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी को 60 लाख रुपये तक, नगर परिषदों में 40 लाख रुपये तक तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये तक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये तक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति तथा नगर पंचायतों में 20 लाख रुपये तक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति होगी। इससे अधिक राशि की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, नगर निगम, नगर परिषद् या नगर पंचायत होगी। इससे अधिक राशि की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, नगर निगम, नगर परिषद् या नगर पंचायत होगी। इससे अधिक राशि की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, नगर निगम, नगर परिषद् या नगर पंचायत की प्राधिकृत स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना, नहीं होगी।" की प्राधिकृत स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना, नहीं होगी।
राज्यपाल के आदेश से,
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमृत लाल मीणा, अमृत लाल मीणा सरकार के प्रधान सचिव। सरकार के प्रधान सचिव।
The 8th February 2016
No. 2B/Mu० m० 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 10 फरवर(cid:21) 2016 "Provided that no contract involving an expenditure exceeding 60 lakh rupees but not exceeding 100 lakh rupees in case of a Municipal Corporation, Twenty lakh rupees but not exceeding Forty lakh rupees in a Municipal Council or Ten lakh rupees but not exceeding Twenty lakh rupees in case of a Nagar Panchayat may not be made by the Chief Municipal Officer without the sanction of the Empowered Standing Committee:
Provided further that no contract involving an expenditure exceeding 100 lakh in case of a Municipal Corporation, Forty lakh in case of a Municipal Council or Twenty lakh in case of Nagar Panchayat may not be made by the Chief Municipal Office without the sanction of the Municipal Corporation or Municipal Council or nagar Panchayat as the case may be. Justification:—The Chief Municipal officer will have power to give administrative sanction of a scheme upto Sixty lakh rupees in case of a Municipal Corporation, upto Forty lakh rupees in case of Municipal Council and upto Twenty lakh in case of Nagar Panchayat. The administrative sanction of the schemes exceeding the amount shall be accorded by the Empowered Standing Committee of the Municipal Corporation, Municipal Council and Nagar Panchayat.''
By order of the Governer of Bihar, AMRIT LAL MEENA, Principal Secretary to Government.
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ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 133%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in