(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:24)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 3(cid:15) म(cid:4)घ 1(cid:27)3(cid:28) (cid:29)श(cid:15)(cid:30)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 15(cid:21)) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:31) शु(cid:15)वार(cid:31) 19 फरवर" 2(cid:15)1$ खान एवं भूतत्व विभाग
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अध्सिूचना
12121212 tuojh 2016tuojh 2016tuojh 2016tuojh 2016
-02/आ0-04/12-92/एम0—गया जिलान्तर्गत मौजा-मुबारक चक, खाता संख्या-34,14,14,137 एवं गया जिलान्तर्गत मौजा-मुबारक चक, खाता संख्या-34,14,14,137 एवं सं0 अ0सू0सं0-02/आ0-
134, खेसरा संख्या-504, 501, 508, 502, 507 में मेसर्स बी0 एस0एस0 प्रोजेक्ट प्रा0लि0 द्वारा स्वचालित क्रशर संचालन 134, खेसरा संख्या-504, 501, 508, 502, 507 में मेसर्स बी0 एस0एस0 प्रोजेक्ट प्रा0लि0 द्वारा स्वचालित क्रशर संचालन 134, खेसरा संख्या-504, 501, 508, 502, 507 में मेसर्स बी0 एस0एस0 प्रोजेक्ट प्रा0लि0 द्वारा स्वचालित क्रशर संचालन
ा पदाध्किारी, गया के समक्ष समर्पित किया गया था, जिसे जिला हेतु भंडारण अनुज्ञप्ति की स्वीकृति का आवेदन जिला पदाध्किारी, गया के समक्ष समर्पित किया गया था, जिसे जिला हेतु भंडारण अनुज्ञप्ति की स्वीकृति का आवेदन जिल
पदाध्किारी, गया ने अपने पत्राांक-1307/खनन दिनांक 10 के द्वारा विभाग को प्रेषित किया गया था। जिला पदाध्किारी, ने अपने पत्राांक-1307/खनन दिनांक 31.07.10 के द्वारा विभाग को प्रेषित किया गया था। जिला पदाध्किारी, गया के एतद् पत्रा में कतिपय प्रतिकूल तथ्यों के होने के बावजूद आवेदक कम्पनी को अनुचित लाभ् गया के एतद् पत्रा में कतिपय प्रतिकूल तथ्यों के होने के बावजूद आवेदक कम्पनी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से एवं निजी लाभ के लिये आवेदक कम्पनी के पक्ष में श्री इन्द्रदेव पासवान, तत्कालीन अपर निदेशक, खान द्वारा सुरक्षित जमा राशि निजी लाभ के लिये आवेदक कम्पनी के पक्ष में श्री इन्द्रदेव पासवान, तत्कालीन अपर निदेशक, खान द्वारा सुरक्षित जमा राशि निजी लाभ के लिये आवेदक कम्पनी के पक्ष में श्री इन्द्रदेव पासवान, तत्कालीन अपर निदेशक, खान द्वारा सुरक्षित जमा राशि के निर्धरण की अनुशंसा की गयी, जबकि उक्त कंपनी के विरू) कानूनी कार्रवाई की जानी थी। के निर्धरण की अनुशंसा की गयी, जबकि उक्त कंपनी के विरू कानूनी कार्रवाई की जानी थी।
2. इस कृत्य के लिए विभागीय पत्राांक-
12 से स्पष्टीकरण समर्पित करने का आदेश दिया इस कृत्य के लिए विभागीय पत्राांक-362/एम0, दिनांक 13.02.12 से स्पष्टीकरण समर्पित करने का आदेश दिया गया तथा स्मार पत्राांक-715/एम0, दिनांक 19
ा तथा स्मार पत्राांक-715/एम0, दिनांक 19.03.12, 921/एम0, दिनांक 12.04.12, 1210/ एम0, दिनांक
12, 1210/ एम0, दिनांक 19.05. 12 एवं पत्राांक- 1377/एम0, दिनांक 29.05.15 द्वारा श्री पासवान को स्मारित किया गय 12 एवं पत्राांक- 1377/एम0, दिनांक 15 द्वारा श्री पासवान को स्मारित किया गया। श्री पासवान ने अपने पत्रा 12 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का उत्तर दिया गया। श्री पासवान के प्रस्तुत स्पष्टीकरण को दिनांक 30.05.12 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का उत्तर दिया गया। श्री पासवान के प्रस्तुत स्पष्टीकरण को 12 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का उत्तर दिया गया। श्री पासवान के प्रस्तुत स्पष्टीकरण को2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 फरवर(cid:24) 2016 असंतोषजनक पाते हुए विभागीय अध्सिूचना संख्या-1014/एम0 दिनांक 15.04.13 द्वारा तीन कंडिकाओं में आरोप-पत्रा ;प्रपत्रा 'क'द्ध गठित करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया जो निम्न है :-
i. जिला पदाध्किारी, गया द्वारा प्रतिकूल प्रतिवेदन एवं उप निदेशक, खान एवं भूतत्व, मुख्यालय की टिप्पणी में उठाई गयी आपत्तियों एवं सुझावों के बावजूद आपके द्वारा बी0एस0एस0 प्रोजेक्ट ;प्रा0लि0द्ध के लिए सुरक्षित जमा राशि के निर्धरण की अनुशंसा अपने निजी लाभ एवं आवेदक कम्पनी को अनुचित लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया कृत्य है, जो भ्रष्ट आचरण एवं कदाचार का द्योतक है। ii. बी0एस0एस0 प्रोजेक्ट ;प्रा0लि0द्ध के विरू( जिला पदाध्किारी, गया के प्रतिकूल प्रतिवेदन का आपके द्वारा बिल्कुल संज्ञान नहीं लिया गया है, जो नाजायज लाभ पहुँचाने के लिए समाहर्त्ता के बेसिक रिपोर्ट की अनदेखी है और वरीय पदाध्किारी के आचरण के विरू( है।
iii. सुरक्षित जमा राशि निर्धरण एवं पट्टा के निष्पादन में हुई अनियमितता के लिए आप उत्तरदायी हैं। 3. विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में आरोपित सेवानिवृत्त पदाध्किारी द्वारा संचालन पदाध्किारी-अपर विभागीय जाँच आयुक्त के समक्ष अपने पत्राांक-12 ;आवासद्ध, दिनांक 28.05.13 के द्वारा स्पष्टीकरण का उत्तर प्रस्तुत किया। अपर विभागीय जाँच आयुक्त-सह-अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, पटना के ज्ञाप संख्या-69/गो0, दिनांक 21 जून 2013 के निदेश के आलोक में आरोपित के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्राांक-2870/एम0, दिनांक 20.11.13 द्वारा बिन्दुवार विभागीय मंतव्य अपर विभागीय जाँच आयुक्त को भेजा गया।
4. सचिव, जल संसाध्न विभाग-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के द्वारा अपने पत्राांक-140/अ0वि0जां0आ0, दिनांक 17.03.15 द्वारा आरोप सं0-1 एवं 3 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या-2 को प्रमाणित होने का अभिमत अंकित करते हुए जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आरोपित सेवानिवृत्त पदाध्किारी से विभागीय पत्राांक- 1565/एम0, दिनांक 14.05.15 द्वारा द्वितीय-कारण पृच्छा पर 15 ;पन्द्रहद्ध दिनों के अन्दर जवाब मांगा गया। श्री पासवान द्वारा दिनांक 18.05.15 को जवाब प्रस्तुत किया गया।
5. जाँच-प्रतिवेदन में जाँच प्राध्किार के अंकित अभिमत एवं आरोपित सेवानिवृत्त पदाध्किारी के द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा के क्रम में जवाब की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में विभागीय पत्राांक-2238/एम0, दिनांक 23.06.15 और पत्राांक 2391/एम0, पटना दिनांक 01.07.15 के द्वारा जिलाध्किारी, गया से पूछा गया कि अवैध् रूप से भंडारित पत्थर और बिक्री किये गये पत्थर आदि के बारे में क्या कानूनी कार्रवाई की गयी। इस पर जिला पदाध्किारी, गया ने अपने पत्राांक-1248, दिनांक 02.07.15 द्वारा जवाब दिया कि उन्होंने बिहार खनिज ;अवैध् खन, परिवहन, भंडारण निवारणद्ध नियमावली 2003 के नियम-7-1;dद्ध एवं 8;dद्ध के तहत अवैध् रूप से भंडारित खनिज का खनिज मूल्य, रॉयल्टी, जुर्माना, भुगतेय किस्त एवं ब्याज आदि जोड़कर कुल रु0 1,37,93,505/-;एक करोड़ सैंतीस लाख तिरानवे हजार पांच सौ पांचद्ध की डिमाण्ड नोटिस संबंध्ति कम्पनी बी0एस0एस0 प्रोजेक्ट3 (cid:30)बहार गजट (असाधारण), 19 फरवर(cid:24) 2016 प्रा0लि0 को भेज दी है, और उन्हें तीस दिनों का समय दिया गया है। उक्त राशि में रु0 33,33,300/-;तैंतीस लाख तैंतीस हजार तीन सौद्ध तृतीय किस्त की राशि और रु0 22,66,644/-;बाईस लाख छियासठ हजार छः सौ चौवालीसद्ध तृतीय किस्त के सूद की राशि शामिल है। यदि उसे घटा दिया जाता है, ;क्याेंकि वह बाद में भुगतेय थीद्ध तो भी उक्त खनिज की जब्ती के बाद समाहर्त्ता, गया के प्रतिवेदन प्राप्त होने के तुरंत बाद कुल रु0 81,93,561/-;इकासी लाख तिरानवे हजार पांच सौ इकसठद्ध ;अवैध् भंडारित खनिज का मूल्य रु0 75,65,020अवैध् भंडारित खनिज की रॉयल्टी रु0 6,18,541/- तथा क्रशर स्थल पर अवैध् रूप से भंडारण के जुर्माना की रु0 10000/- ;दस हजारद्ध की वसूली हेतु डिमांड नोटिस निर्गत करने के लिए समाहर्त्ता, गया को निदेशित किया जाना चाहिए था, किन्तु तत्कालीन उच्चत्तम तकनीकी पदाध्किारी श्री इन्द्रदेव पासवान ;तत्कालीन अपर निदेशक, खान एवं भूतत्वद्ध ने ऐसा नहीं किया, बल्कि उसे आवेदक कम्पनी के साथ बन्दोबस्ती हेतु सुरक्षित जमा निर्धरण का प्रस्ताव दे दिया, जो निश्चित रूप से उनकी बदनीयती एवं कदाचार का द्योतक है। उनके इस कृत से कम-से-कम रु0 81,93,561/-;इकासी लाख तिरानवे हजार पांच सौ इकसठद्ध राजस्व की क्षति बिहार सरकार को हुई, जिसके लिए आरोपित पदाध्किारी जिम्मेवार हैं।
6. अतः सम्यक् समीक्षोपरांत श्री इन्द्रदेव पासवान, तत्कालीन अपर निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना, ;सम्प्रति सेवानिवृत्तद्ध के विरू( गंभीर आरोपों में दोषी पाते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43;बी0द्ध के तहत 50 प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से जब्त करने का शास्ति अध्रिोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आरोपित पदाध्किारी का व्यक्तिगत विवरणः-
सुशील कुमार,
नाम-श्री इन्द्रदेव पासवान
सरकार के अवर सचिव। पिता का नाम- स्व0 हरखु पासवान पता- एच0आई0जी0-4 ;SFद्ध, हाउसिंग कॉलोनी, ध्नवाद, झारखण्ड, 826001
जन्म तिथि - 28.10.1953
जि0ख0 पदाध्किारी के पद पर पदभार ग्रहण-21.06.1983
सेवा सम्पुष्टि की तिथि- 17.12.1987
प्रोन्नति का पद-अपर निदेशक ;सेवानिवृत्तद्ध।
पी0पी0ओ0 नं0-201411111122
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 158%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in