Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 February 2016

Published 22 February 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-02-22.164
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:22)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 3 फ(cid:4)(cid:26)ग१न 1(cid:28)3(cid:29) (cid:30)श(cid:15)(cid:31)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1(cid:20)4) पटन(cid:4)

पटन(cid:4) सोमवार 22 फरवर" 2(cid:15)1(cid:20)

श्रम संसाधन विभाग

--------

अधिसूचना

10 फरवरी 2016

एस0ओ0 42, दिनांक 22 फरवरी 2016

) के अंतर्गत उद्योगों/स्थापनाओं/कारखानों को निम्न, मध्यम तथा उच्च श्रेणी के जोखिम (

, दिनांक 22 फरवरी 2016—औद्योगिक नीति एवं सम्बर्धन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग औद्योगिक नीति एवं सम्बर्धन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग Business Reform Action मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 के लिए निरूपित व्यवसाय सुधार कार्य योजना (Business Reform Action मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 के लिए निरूपित व्यवसाय सुधार कार्य योजना ( Plan) के अंतर्गत उद्योगों/स्थापनाओं/कारखानों को निम्न, म ध्यम तथा उच्च श्रेणी के जोखिम (Risk) वाले इकाइयों में वर्गीकरण करते हुए विभिन्न श्रम अधिनियमों में निरीक्षण की व्यवस्था का पुनरीक्षण का परामर्श दिया गया है। में वर्गीकरण करते हुए विभिन्न श्रम अधिनियमों में निरीक्षण की व्यवस्था का पुनरीक्षण का परामर्श दिया गया है। में वर्गीकरण करते हुए विभिन्न श्रम अधिनियमों में निरीक्षण की व्यवस्था का पुनरीक्षण का परामर्श दिया गया है। तद्‌नुसार बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-1/एफ1-103/2016श्र0सं0 - 526 दिनांक 10.02.16 के द्वारा तद्‌नुसार बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-1/एफ1-103/2016श्र0सं0 - 526 दिनांक 10 तद्‌नुसार बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-1/एफ1-103/2016श्र0सं0 - 526 दिनांक 10 /स्थापनाओं/कारखानों को विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में वर्गीकरण के लिए मापदंड निर्धारित उद्योगों/स्थापनाओं/कारखानों को विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में वर्गीकरण के लिए मापदंड निर्धारित /स्थापनाओं/कारखानों को विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में वर्गीकरण के लिए मापदंड निर्धारित किया गया है। इस मापदंड के अनुसार विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में निरीक्षण की व्यवस्था निम्नवत्‌ किया गया है। इस मापदंड के अनुसार विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में निरीक्षण की व्यवस्था निम्नवत्‌ किया गया है। इस मापदंड के अनुसार विभिन्न श्रेणी के जोखिम वाले इकाइयों में निरीक्षण की व्यवस्था निम्नवत्‌ निरूपित की जाती है :-

(क) निम्न जोखिम वाले उद्योग

)ः बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या 1/एफ1-103/2016श्र0सं0 -

Low Risk Industries/ निम्न जोखिम वाले उद्योग/स्थापना/कारखाना (Low Risk Industries/ Establishment/Factories)ः बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या 1/एफ1-103/2016श्र0सं0 -526 दिनांक 10.02.16 के द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार जो उद्योग/स्थापना/कारखाना निम्न जोखिम वाले श्रेणी में आएंगे 16 के द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार जो उद्योग/स्थापना/कारखाना निम्न जोखिम वाले श्रेणी में आएंगे 16 के द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार जो उद्योग/स्थापना/कारखाना निम्न जोखिम वाले श्रेणी में आएंगे उन्हें दैनंदिनी निरीक्षण प्रक्रिया से विमुक्त करते हुए सभी श्रम अधिनियमों के अंतर्गत स्व-अभिप्रमाणन की सुविधा दी उन्हें दैनंदिनी निरीक्षण प्रक्रिया से विमुक्त करते हुए सभी श्रम अधिनियमों के अंतर्गत स्व-अभिप्रमाणन की सुविधा दी उन्हें दैनंदिनी निरीक्षण प्रक्रिया से विमुक्त करते हुए सभी श्रम अधिनियमों के अंतर्गत स्व-अभिप्रमाणन की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा निम्नांकित शत्र्ताें के अनुपालन होने पर दी जाएगी :-

शत्र्ताें के अनुपालन होने पर दी जाएगी :-

(i) संबंधित उद्योग/स्थापना/कारखाना सरकार के द्वारा निर्धारित स्व-अभिप्रमाणन की योजना में भागीदार संबंधित उद्योग/स्थापना/कारखाना सरकार के द्वारा निर्धारित स्व-अभिप्रमाणन की योजना में भागीदार संबंधित उद्योग/स्थापना/कारखाना सरकार के द्वारा निर्धारित स्व-अभिप्रमाणन की योजना में भागीदार बनने के लिए आवेदन करें तथा इस योजना के अंश बनें। बनने के लिए आवेदन करें तथा इस योजना के अंश बनें।

(ii) यह उद्योग/स्थापना/कारखाना सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के

यह उद्योग/स्थापना/कारखाना सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार विभिन्न श्रम अधिनियमों अनुसार विभिन्न श्रम अधिनियमों करेंगे एवं Online विहित समेकित के अंतर्गत विहित वार्षिक विवरणी सरकार द्वारा निर्धारित Portal पर Upload करेंगे एवं के अंतर्गत विहित वार्षिक विवरणी सरकार द्वारा निर्धारित पंजी में वांछित विवरणी का संघारण करेंगे। पंजी में वांछित विवरणी का संघारण करेंगे।

ऐसे निम्न जोखिम वाले उद्योग जो उपरोक्त दोनों शत्र्तों को पूरा करते हैं उन्हें दैनंदिनी निरीक्षण से मुक्त ऐसे निम्न जोखिम वाले उद्योग जो उपरोक्त दोनों शत्र्तों को पूरा करते हैं उन्हें ऐसे निम्न जोखिम वाले उद्योग जो उपरोक्त दोनों शत्र्तों को पूरा करते हैं उन्हें करते हुए उनका निरीक्षण प्रत्येक पाँच वर्ष में एक बार किया जाएगा तथा ऐसे उद्योग/स्थापना/कारखाना में से प्रत्येक करते हुए उनका निरीक्षण प्रत्येक पाँच वर्ष में एक बार किया जाएगा तथा ऐसे उद्योग/स्थापना/कारखाना में से प्रत्येक करते हुए उनका निरीक्षण प्रत्येक पाँच वर्ष में एक बार किया जाएगा तथा ऐसे उद्योग/स्थापना/कारखाना में से प्रत्येक वर्ष कुल संख्या का 20% (बीस प्रतिशत) से ज्यादा का निरीक्षण नहीं किया जाएगा।

(बीस प्रतिशत) से ज्यादा का निरीक्षण नहीं किया जाएगा।

ोगी जहाँ दुर्घटना आदि के मामले में संबंधित अधिनियम के यह निरीक्षण व्यवस्था उन मामलों में लागू नहीं होगी जहाँ दुर्घटना आदि के मामले में संबंधित अधिनियम के यह निरीक्षण व्यवस्था उन मामलों में लागू नहीं ह अंतर्गत निर्धारित अवधि में निरीक्षण करना आवश्यक हो। अंतर्गत निर्धारित अवधि में निरीक्षण करना आवश्यक हो। 2

ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:22) 2016 (ख) मध्यम जोखिम वाले उद्योग/स्थापना/कारखाना (Medium Risk Industries/ Establishment/Factories)ः-बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-1/एफ1-103/2016श्र0सं0-526 दिनांक 10.02.16 द्वारा उद्योग/स्थापना/कारखाना के वर्गीकरण अलग-अलग जोखिम वाले वर्गों में किया गया है। इनमें से मध्यम श्रेणी के जोखिम वाले उद्योग/स्थापना/कारखाना के लिए अन्य पक्ष प्रमाणन (Third Party Certification) की सुविधा कार्यान्वित की जाएगी। यदि मध्यम श्रेणी के जोखिम वाले ऐसे उद्योग/स्थापना/कारखाना संबंधित श्रम अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित अन्य पक्ष (Third Party)/ सुयोग्य व्यक्ति (Competent Person) के द्वारा संबंधित श्रम अधिनियमों के अनुपालन का अंकेक्षण कराकर संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत सरकार द्वारा विहित तिथि तक अंकेक्षण विवरणी दाखिल कर देते हैं, तो उन्हें दैनंदिनी निरीक्षण की प्रक्रिया से मुक्त रखा जाएगा।

ऐसे उद्योग/स्थापना/कारखाना का निरीक्षण तभी किया जाएगा अगर वे निर्धारित समय सीमा के अन्दर अन्य पक्ष से निरीक्षण कराकर विवरणी विहित तिथि तक नहीं प्रस्तुत करते हैं अथवा निर्धारित समय सीमा तक अपनी विहित वार्षिक विवरणी नहीं समर्पित करते हैं। यह निरीक्षण व्यवस्था उन मामलों में लागू नहीं होगी जहाँ दुर्घटना आदि के मामले में संंबंधित अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित अवधि में निरीक्षण करना आवश्यक हो।

(सं0 1/एफ01-105/2016श्र0सं0- 527) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, सरकार के अवर सचिव।

————

[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 164%5'1+200%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 February 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-02-22.164/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-02-22.164.