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(स(cid:28)(cid:18) पटन(cid:4) 1(cid:30)3) पटन(cid:4)(cid:31) सोमवार(cid:31) 29 फरवर! 2(cid:18)1# सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 11/आ0-11/आ0-11/आ0-11/आ0-4-आ0नी0-03/2000-आ0नी0-03/2000-आ0नी0-03/2000-आ0नी0-03/2000-3080-3080-3080-3080 सा0प्र0सा0प्र0सा0प्र0सा0प्र0 lkekU; iz'kklu foHkkx ———
प्रेषक, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव। सेवा में, सभी प्रधान सचिव/सचिव। सभी विभागाध्यक्ष। सभी प्रमण्डलीय आयुक्त। सभी जिला पदाधिकारी। सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग, पटना। सचिव, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना। सचिव, केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), पटना। परीक्षा नियंत्रक, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद, पटना। निबंधक, महाधिवक्ता, बिहार का कार्यालय, उच्च न्यायालय, पटना। सचिव, बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार, पटना।
पटना-15, दिनांकपटना-15, दिनांकपटना-15, दिनांकपटना-15, दिनांक 29 फरवरी 201629 फरवरी 201629 फरवरी 201629 फरवरी 2016 विषयः-विषयः-विषयः-विषयः- माननीय सर्वोच्च न्यायालयमाननीय सर्वोच्च न्यायालयमाननीय सर्वोच्च न्यायालयमाननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली, नई दिल्ली, नई दिल्ली, नई दिल्ली द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या 867/द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या 867/द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या 867/द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या 867/2013, परिवर्त्तन 2013, परिवर्त्तन 2013, परिवर्त्तन 2013, परिवर्त्तन केन्द्र बनाम युनियनकेन्द्र बनाम युनियनकेन्द्र बनाम युनियनकेन्द्र बनाम युनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक 07070707....12121212....2015 को पारित न्यायादेश के अनुपालन 2015 को पारित न्यायादेश के अनुपालन 2015 को पारित न्यायादेश के अनुपालन 2015 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में तेजाब हमले (एसिड अटैक) से पीड़ित व्यक्तियों को विकलांगता की श्रेणी में सम्मिलित करने के में तेजाब हमले (एसिड अटैक) से पीड़ित व्यक्तियों को विकलांगता की श्रेणी में सम्मिलित करने के में तेजाब हमले (एसिड अटैक) से पीड़ित व्यक्तियों को विकलांगता की श्रेणी में सम्मिलित करने के में तेजाब हमले (एसिड अटैक) से पीड़ित व्यक्तियों को विकलांगता की श्रेणी में सम्मिलित करने के संबंध में।संबंध में।संबंध में।संबंध में। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 फरवर(cid:15) 2016 न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या-867/2013, परिवर्त्तन केन्द्र बनाम युनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक 07.12.2015 को निम्नवत् आदेश पारित पारित किया गया है :- Disposing of the present writ petition, we additionally direct all the States and Union Territories to consider the plight of such victims and take appropriate steps with regard to inclusion of their names under the disability list. ज्ञातव्य है कि तत्कालीन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की संख्या 62 दिनांक 05.01.2007 की कंडिका-5 में आरक्षण के लिए निःशक्तता की मात्रा के संबंध में निम्न प्रावधान है :-
''केवल ऐसे व्यक्ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, जो कम-से-कम 40 प्रतिशत संगत ''केवल ऐसे व्यक्ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, जो कम-से-कम 40 प्रतिशत संगत ''केवल ऐसे व्यक्ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, जो कम-से-कम 40 प्रतिशत संगत ''केवल ऐसे व्यक्ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, जो कम-से-कम 40 प्रतिशत संगत निःशक्तता से ग्रस्त हो, जो व्यक्ति इस आरक्षण का लाभ उठाना चाहते हो, उन्हें अनुबंध-I में दिये गए प्रारूप में सक्षम में दिये गए प्रारूप में सक्षम में दिये गए प्रारूप में सक्षम में दिये गए प्रारूप में सक्षम निःशक्तता से ग्रस्त हो, जो व्यक्ति इस आरक्षण का लाभ उठाना चाहते हो, उन्हें अनुबंध- निःशक्तता से ग्रस्त हो, जो व्यक्ति इस आरक्षण का लाभ उठाना चाहते हो, उन्हें अनुबंध- निःशक्तता से ग्रस्त हो, जो व्यक्ति इस आरक्षण का लाभ उठाना चाहते हो, उन्हें अनुबंध- शक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।'' प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया निःप्राधिकारी द्वारा जारी किया गया निःप्राधिकारी द्वारा जारी किया गया निःप्राधिकारी द्वारा जारी किया गया निःशक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।'' शक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।'' शक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।''
माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित उपर्युक्त न्यायादेश के अनुपालन के क्रम मेंं सम्यक् विचारोपरान्त निर्णय लेते हुए तेजाब से पीड़ित व्यक्तियों (Face Disfigurment (चेहरा विकृत) तथा Hand Lock (एसिड अटैक से हाथ का काम नहीं करना सहित) को विकलांगों के तीन प्रवर्गों में विभक्त करते हुए निम्नांकित प्रावधान किया गया है :-
1. तेजाब अटैक से दृष्टि बाधित होने पर - इसे दृष्टि विकलांगता प्रवर्ग में रखा जायेगा। 2. तेजाब अटैक से मूक बधिर होने पर - इसे मूक बधिर विकलांगता प्रवर्ग में रखा जायेगा। 3. तेजाब अटैक से शेष अन्य पीड़िताें को - चलन विकलांगता के प्रवर्ग में रखा जायेगा।
परन्तु क्षैतिज आरक्षण का लाभ हेतु इन प्रवर्गों के पीड़ितों की विकलांगता कम-से-कम 40% होना आवश्यक होगा।
विश्वासभाजन, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।
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