Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 March 2016

Published 10 March 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-03-10.195
Languages
English, Hindi

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नगर विकास एवं आवास विभाग

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2 मार्च 20162 मार्च 20162 मार्च 20162 मार्च 2016

विषयः- पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन

पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन SPV Model मे अनुमानित लागत

मे अनुमानित लागत 16960.00 करोड़ रू0 (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए परियोजना प्रस्ताव (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए परियोजना प्रस्ताव (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए परियोजना प्रस्ताव को केन्द्र सरकार, JICA/ADB

JICA/ADB को भेजने हेतु सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति।

को भेजने हेतु सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति।

राज्य की राजधानी पटना का प्राचीन काल से ही व्यापारिक एवं ऐतिहासिक महत्व रहा है। पटना शहर बिहार राज्य की राजधानी पटना का प्राचीन काल से ही व्यापारिक एवं ऐतिहासिक महत्व रहा है। पटना शहर राज्य की राजधानी पटना का प्राचीन काल से ही व्यापारिक एवं ऐतिहासिक महत्व रहा है। पटना शहर प्रदेश की मुख्य गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण इसका शहरीकरण काफी तीव्र गति से हुआ है। साथ ही बढ़ती हुई प्रदेश की मुख्य गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण इसका शहरीकरण काफी तीव्र गति से हुआ है। साथ ही बढ़ती हुई प्रदेश की मुख्य गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण इसका शहरीकरण काफी तीव्र गति से हुआ है। साथ ही बढ़ती हुई

ण प्रायः शहर के चौराहों पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी शहरी आबादी एवं बढ़ते हुये मोटर वाहनों के दबाव के कारण प्रायः शहर के चौराहों पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी शहरी आबादी एवं बढ़ते हुये मोटर वाहनों के दबाव के कार

रहती है, जिसकी वजह से आम नागरिकों के आवागमन एवं तद्‌नुसार स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। रहती है, जिसकी वजह से आम नागरिकों के आवागमन एवं तद्‌नुसार स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। रहती है, जिसकी वजह से आम नागरिकों के आवागमन एवं तद्‌नुसार स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। पटना शहर का प्रस्तावित Master Plan-2031 के अनुसार पटना महानगर का फैलाव लगभग 1150 पटना शहर का प्रस्तावित

के अनुसार पटना महानगर का फैलाव लगभग 1150 Sq Km में होगा, जिसमें दानापुर, खगौल, सैदपुरा, फुलवारीशरीफ, बिहटा एवं फतुहाँ तक पटना महानगर की सीमा दानापुर, खगौल, सैदपुरा, फुलवारीशरीफ, बिहटा एवं फतुहाँ तक पटना महानगर की सीमा दानापुर, खगौल, सैदपुरा, फुलवारीशरीफ, बिहटा एवं फतुहाँ तक पटना महानगर की सीमा निर्धारित की गई है।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पटना की आबादी 20

2011 की जनगणना के अनुसार पटना की आबादी 20.32 लाख हो चुकी है, जिसे 2031 तक 36

32 लाख हो चुकी है, जिसे 2031 तक 36.3 लाख होने की संभावना है।

सड़के हैं, जिसका अधिकांश भाग शहरी आबादी में वर्त्तमान में पटना महानगर के अन्तर्गत 1500 कि.मी. सड़के हैं, जिसका अधिकांश भाग शहरी आबादी में वर्त्तमान में पटना महानगर के अन्तर्गत 1500

अवस्थित है। उक्त आकड़ों के आधार पर यह पाया गया है कि पटना महानगर में सार्वजनिक आवागमन हेतु पथों का अवस्थित है। उक्त आकड़ों के आधार पर यह पाया गया है कि पटना महानगर में सार्वजनिक आवागमन हेतु पथों का अवस्थित है। उक्त आकड़ों के आधार पर यह पाया गया है कि पटना महानगर में सार्वजनिक आवागमन हेतु पथों का 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 10 म(cid:4)चZ 2016 प्रतिशत मात्र 4-5% of the planned developed cities है, जबकि यह प्रतिशत 15-20% तक होना चाहिए। पटना महानगर में विगत 3 दशकों में 150 गुणा (अर्थात वर्ष 1981 में 4,400 अदद्‌ से वर्ष 2011 में लगभग 6,60,000 अदद्‌) वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पटना महानगर में कुल Registered वाहनों की संख्या 8.3 लाख है, जिसमें 68% दो पहिये वाहन तथा 13% चार पहिये वाहन है।

बढ़ती हुई आबादी, वाहनों की संख्या एवं प्रदूषण को कम करने के लिये एक सार्वजनिक यातायात प्रणाली (Public Transport System) की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही है। वर्त्तमान में विश्व की प्रचलित Public Transport System में से मेट्रो रेल एक बेहतर विकल्प हो सकता है। सार्वजनिक यातायात को सुलभ बनाने एवं सस्ती यातायात की सुविधा आम नागरिकों को उपलब्ध कराने के उद्‌देश्य से मेट्रो रेल परिचालन के संबंध में विचार किया जाना है।

2. प्रस्तावित मेट्रो परियोजना से आमजनो को मुख्यतः निम्न लाभ होंगे-

- मेट्रो परियोजना बनने से निजी वाहनों का प्रयोग काफी कम हो जायेगा, जिससे नित्य लगने वाले जाम से छुटकारा पाया जा सकेगा।

- इससे पर्यावरण पर पड़ रहे कुप्रभाव को रोकने में भी मदद मिलेगी तथा इसके परिचालन से Carbon Foot Print घटाया जा सकता है।

- मेट्रो के परिचालन से आम नागरिकों के यात्रा समय में 50-75% की कमी हो सकेगी।

- मेट्रो रेल के निर्माण से Peak Hours में ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को अपने गंतव्य पर पहुँचना सुलभ हो सकेगा।

- मेट्रो रेल के निर्माण से प्रति Passenger प्रति कि.मी. 20 प्रतिशत उर्जा की भी बचत हो सकेगी। - मेट्रो रेल के निर्माण से 7 Lanes तक के रोड ट्रैफिक के मुकाबले नागरिकों को अपने गंतव्य पर पहुँचाया जा सकता है।

3. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पटना महानगर में मेट्रो की संभावना को तलाशने हेतु एवं प्रारंभिक योजना प्रतिवेदन देने हेतु भारत सरकार के उपक्रम M/s Rites Ltd को कार्य आवंटित किया गया था, जिसके आलोक में M/s Rites Ltd द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समर्पित किया गया है।

विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार पटना महानगर को 99 Traffic Analysis ज़ोनों में बांटकर Traffic forecast किया गया है तथा तैयार किये गये traffic model केे आधार पर यह पाया गया कि 61% बस से चलने वाले यात्री एवं 72% लघु व्यावसायिक गाड़ियों से चलने वाले यात्री प्रस्तावित मेट्रो में यात्रा की इच्छा रखते हैं। इसी प्रकार निजी वाहनों मेें 54% चार पहिये वाहक, 63% दो पहिये वाहक एवं 10% साईकिल यात्रियों ने सर्वेक्षण के दौरान मेट्रो में चलने की इच्छा व्यक्त की है। उनके द्वारा मेट्रो के उपयोग का कारण वातानुकुलित सुगम यात्रा, यात्रा सुरक्षा, वर्त्तमान में यात्रा व्यय में कमी तथा शहरी क्षेत्र में यात्रा अवधि की संभावित कमी भी बताई गयी है। प्रारंभ में M/s Rites Ltd द्वारा पटना में विभिन्न मेट्रो मार्ग (Metro Route) का अनुशंसा किया गया है, जो निम्नवत हैः-

Corridor I A - East West Metro Corridor (दानापुर से मीठापुर भाया बेली रोड एवं रेलवे स्टेशन)

Corridor IB - Digha Link Metro Corridor (दीघा घाट से उच्च न्यायालय/विकास भवन)3 (cid:23)बहार गजट (असाधारण), 10 म(cid:4)चZ 2016 Corridor II - North South Metro Corridor (पटना रेलवे स्टेशन से नया अन्तर्राजकीय बस अड्‌डा (New ISBT) भाया गांधी मैदान, PMCH तथा राजेन्द्रनगर रेलवे स्टेशन) Corridor III - Mithapur Bypass Chowk to Didarganj

Corridor IV - Mithapur Bypass Chowk to Phulwari Sharif / AIIMS

प्रथम चरण में उपर्युक्त प्रस्तावित कॉरिडोरों में से M/s Rites Ltd द्वारा निम्नलिखित दो कोरिडोर का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन बनाया गया है-

(i) East-West Corridor : Danapur-Mithapur via Patna Railway Station.

(ii) North-South Corridor : Patna Railway Station - New ISBT via Gandhi Maidan, PMC, Rajendra Nagar Railway Station.

M/s Rites Ltd द्वारा समर्पित East West Corridor की कुल लम्बाई 16.9 Km प्रस्तावित की गई है। जिसमें elevated Portion की लंबाई 5.29 Km, U.G की लंबाई 11.33 Km एवं At Grade 0.28 Km होगी। इस कोरिडोर में कुल 14 स्टेशनों का प्रस्ताव दिया गया है। जिसमें 4 elevated Station, 9 U.G. Station एवं एक Station At Grade होगा।

North - South Corridor की कुल लंबाई 14.02 Km प्रस्तावित की गई है। जिसमें elevated Portion की लंबाई 9.625 Km एवं U.G. की लंबाई 4.575 Km रखी गई है। इस कोरिडोर में कुल 12 स्टेशनों का प्रावधान किया गया है। जिसमें 9 elevated Station, एवं 3 U.G Station रखे गये है।

4. योजना के लिए आवश्यक निधि के स्रोत :-

M/s Rites Ltd द्वारा समर्पित Final DPR के अनुसार दोनों कोरिडोर के लिए परियोजना की कुल लागत Financial Plan के अनुसार 16960 करोड़ रू0 (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) आँकी गई है। जिसमें भूमि अधिग्रहण की राशि का समावेश भी किया गया है। समर्पित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) के अनुसार M/s Rites Ltd द्वारा भूमि अधिग्रहण की कुल राशि 3225 करोड़ रू0 (तीन हजार दो सौ पच्चीस करोड़ रू0) आंकी गयी है, जिसका व्यय राज्य सरकार द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित प्राक्कलित राशि में परियोजना की निर्माण लागत electrification, Signaling and Tele- communication, Rolling Stock, Construction Depots, Feeder buses आदि का समावेश किया गया है। प्राक्कलित राशि में 3 प्रतिशत Contigency, 2 प्रतिशत निरूपण एवं 7 प्रतिशत General Charges का प्रावधान किया गया है।

DPR के अनुसार परियोजना में विभिन्न प्रकार के केन्द्र एवं राज्य के कुल कर की राशि 1962 करोड़ रू0 (एक हजार नौ सौ बासठ करोड़ रू0) आंकी गई है। इस परियोजना का आकार काफी बड़ा है एवं इसके कार्यान्वयन हेतु काफी राशि की आवश्यकता होगी, अतः इसके लिए राशि की व्यवस्था देश में चल रहे विभिन्न मेट्रो रेल परियोजनाओं के अनुसार किया जा सकता है। वर्तमान में देश में निम्नलिखित Funding Model प्रचलित हैः-

I. Special Purpose Vehicle (Corporation) का गठन कर equity-debt के तहत्‌ SPV मॉडल में राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की 15-15 प्रतिशत की Funding होती है तथा करों का केन्द्र के अंश एवं राज्य के अंश में भी बराबर की भागीदारी होती है। शेष राशि के लिए JICA/ADB एवं अन्य बाह्‌य पोषित संस्थानों से ऋण प्राप्त कर परियोजना का संचालन किया जा4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 10 म(cid:4)चZ 2016 सकता है। ज्ञातब्य हो कि देश में चल रहे अधिकांश मेट्रो रेल परियोजना हेतु JICA द्वारा ऋण उपलब्ध कराया गया है।

II. जन निजी भागीदारी के अन्तर्गत Built Operate and Transfer (BOT) Model पर Concessionaire की नियुक्ति की जाती है तथा Vaibility gap funding के लिए equity-debt मॉडल में राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की प्रायः 15-15 प्र्रतिशत की Funding होती है तथा करों का केन्द्र के अंश एवं राज्य के अंश में भी बराबर की भागीदारी होती है। इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के समक्ष प्रस्तुतिकरण एवं विस्तृत चर्चा दिनांक 20.05.2015 को हुई थी तथा मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में गठित अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार परियोजना के कार्यान्वयन हेतु SPV Model अपनाने का निदेश प्राप्त हुआ है। जिसके अुनसार राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की बराबर की हिस्सेदारी होगी तथा शेष संसाधन बाह्‌य वित्तीय संस्थानों से प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

M/s Rites Ltd द्वारा समर्पित DPR के अनुसार इस प्रोजेक्ट के Financing का निम्नलिखित प्रारूप प्रस्तावित किया गया है।

Component बिहार सरकार केन्द्र सरकार JICA/ADB
इक्विटी Rs. 1765 करोड़ Rs. 1765 करोड़ -
राज्य करों के लिए कर्ज Rs. 715 करोड़ - -
केंद्रीय करो के लिए कर्ज Rs. 839 करोड़ Rs. 839 करोड़ -
भूमि अधिग्रहण हेतु कर्ज Rs. 3225 करोड़ - -
वाणिज्यिक कर्ज - - Rs. 7812 करोड़
कुल Rs. 6544 करोड़ Rs. 2604 करोड़ Rs. 7812 करोड़

सौ चौवालीस करोड़ रू0) व्यय करना होगा। इसके अतिरिक्त परियोजना हेतु JICA/ADB से Rs. 7812 करोड़ रू0 (सात हजार आठ सौ बारह करोड़ रू0) का ऋण प्रस्तावित है। इस योजना का कार्य लगभग 5 वर्षो में कराये जाने का प्रस्ताव है।

उपरोक्त प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन से पहले इस पर केन्द्र सरकार की स्वीकृति एवं कर्ज प्राप्त करने हेतु JICA/ADB या अन्य वाह्‌्‌य वित्तीय संस्थानों की स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक है, जिसके आलोक में वित्त विभाग द्वारा मेट्रो परियोजना को केन्द्र सरकार, JICA/ADB या अन्य के समक्ष भेजने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति की सहमति संचिका में दी गई है। केन्द्र सरकार, JICA/ADB से प्रोजेक्ट पर स्वीकृति प्राप्त होने के बाद प्रोजेक्ट कार्यान्वयन से पहले प्रशासी विभाग पुनः Scheme of financing के साथ वित्त विभाग की सहमति प्राप्त करेगा। 5. योजना के कार्यान्वयन हेतु Special Purpose Vehicle (Corporation) का गठन कर equity- debt के माध्यम से (loan from ADB, JICA, other Financing Institution) परियोजना हेतु राशि का प्रबंध किया जायेगा।5 (cid:23)बहार गजट (असाधारण), 10 म(cid:4)चZ 2016 6. गंगा के किनारे अवस्थित क्षेत्रों की सघन आबादी के मद्‌देनजर दानापुर से दीघा होते हुए गाँधी मैदान, दीघा से पटना रेलवे स्टेशन तथा पटना विश्वविद्यालय से पूरब पटना सिटी क्षेत्र को भी मेट्रो रेल से अच्छादित करने हेतु अध्ययन एवं इस हेतु Pre-Feasibility Report तैयार करने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। पटना सिटी क्षेत्र की संभावित भूगर्भीय धरोहर के मद्‌देनजर इस क्षेत्र में कोई अंडरग्राउण्ड निर्माण नहीं किया जाएगा।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 09.02.2016 के मद सं0-48 के रूप में प्रस्ताव पर स्वीकृृति प्राप्त है। 8. अतः पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन SPV Model मे अनुमानित लागत 16960.00 करोड़ रू0 (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए परियोजना प्रस्ताव को केन्द्र सरकार, JICA/ADB को भेजने हेतु सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति संसूचित की जाती है।

आदेश-आदेश-आदेश-आदेश- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी विभागों/विभागाध्यक्षों/प्रमंडलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारियों/नगर निकायों/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अमृत लाल मीणा,

सरकार के प्रधान सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 March 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-03-10.195/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-03-10.195.