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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 March 2016

Published 28 March 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-03-28.233
Languages
English, Hindi

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प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर श्री शर्मा से विभागीय पत्रांक-7711, दिनांक 22.08सं0 08/आरोप-01-236/2014,सा॰प्र॰—16934 स सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 9 दिसम्बर 2014 तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सरायकेला, श्री राम सूचित शर्मा, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-328/08, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सरायकेला, श्री राम सूचित शर्मा, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-328/08, खरसावाँ, झारखण्ड के विरूद्ध कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड सरकार के पत्रांक-5108, खरसावाँ, झारखण्ड के विरूद्ध कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड सरकार के पत्रांक-5108, खरसावाँ, झारखण्ड के विरूद्ध कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड सरकार के पत्रांक-5108, दिनांक 09.09.03 द्वारा एक शादी-शुदा महिला श्रीमती रेखा रानी को उसके घर से बिना पति के इजाजत से लाया 03 द्वारा एक शादी-शुदा महिला श्रीमती रेखा रानी को उसके घर से बिना पति के इजाजत से लाया 03 द्वारा एक शादी-शुदा महिला श्रीमती रेखा रानी को उसके घर से बिना पति के इजाजत से लाया जाना एवं कई दिनों तक अपने आवास में रखना, ऋण आवेदन पत्र पर स्वयं को श्रीमती रेखा रानी के पति के रूप में कई दिनों तक अपने आवास में रखना, ऋण आवेदन पत्र पर स्वयं को श्रीमती रेखा रानी के पति के रूप में कई दिनों तक अपने आवास में रखना, ऋण आवेदन पत्र पर स्वयं को श्रीमती रेखा रानी के पति के रूप में दिखाने तथा हस्ताक्षर करने, श्रीमती रेखा रानी के साथ संयुक्त बैंक खाता रखने, दाखिल खारिज वाद दिखाने तथा हस्ताक्षर करने, श्रीमती रेखा रानी के साथ संयुक्त बैंक खाता रखने, दाखिल खारिज वाद दिखाने तथा हस्ताक्षर करने, श्रीमती रेखा रानी के साथ संयुक्त बैंक खाता रखने, दाखिल खारिज वाद ण पत्र देकर अपने पद का दुरूपयोग करने सं॰-156/2001-02 में अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर अनापत्ति प्रमाण पत्र देकर अपने पद का दुरूपयोग करने सं॰-156/2001-02 में अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर अनापत्ति प्रमा का आरोप प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर श्री शर्मा से विभागीय पत्रांक-7711, दिनांक 22 08.2005 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री शर्मा द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर उपायुक्त सरायकेला, खरसावाँ, झारखण्ड से मंतव्य प्राप्ति के माँग की गयी। श्री शर्मा द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर उपायुक्त सरायकेला, खरसावाँ, झारखण्ड से मंतव्य प्राप्ि माँग की गयी। श्री शर्मा द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर उपायुक्त सरायकेला, खरसावाँ, झारखण्ड से मंतव्य प्राप्ि 10.2007 द्वारा निलंबित करते उपरांत आरोप की गंभीरता को देखते हुए श्री शर्मा को संकल्प ज्ञापांक-10690, दिनांक 25.10 उपरांत आरोप की गंभीरता को देखते हुए श्री शर्मा को संकल्प ज्ञापांक-10690, दिनांक 25 हुए संकल्प ज्ञापांक-2053, दिनांक 20.03.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस बीच श्री शर्मा को 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस बीच श्री शर्मा को हुए संकल्प ज्ञापांक-2053, दिनांक 20 08 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया एवं निलंबन अवधि के संबंध में निर्णय विभागीय संकल्प ज्ञापांक-61, दिनांक 02 विभागीय संकल्प ज्ञापांक-61, दिनांक 02.01.2008 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया एवं निलंबन अवधि के संबंध में निर्णय विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करने का आदेश दिया गया। विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करने का आदेश दिया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर श्री शर्मा से द्वितीय कारण-पृच्छा की माँग की गयी प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत ीय कारण-पृच्छा की माँग की गयी प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत ीय कारण-पृच्छा की माँग की गयी प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्ति के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3505, दिनांक 13.03.2014 द्वारा श्री बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्ति के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3505, दिनांक 13 बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्ति के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3505, दिनांक 13 शर्मा को निम्नलिखित शास्ति संसूचित की गई :- शर्मा को निम्नलिखित शास्ति संसूचित की गई :- (i) दो वेतन वृद्धि पर संचयात्म दो वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक, (ii) तीन वर्षो के लिए प्रोन्नति पर रोक। तीन वर्षो के लिए प्रोन्नति पर रोक। ंबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा। श्री शर्मा के निलंबन अवधि के वेतनादि के भुगतान के संबंध में अलग से निर्णय लिया श्री शर्मा के निलंबन अवधि के वेतनादि के भुगतान के स लोकन आवेदन पत्रांक-243-1 दिनांक 16.06.2014 उक्त शास्ति के विरूद्ध श्री शर्मा द्वारा अंतरिम पुनर्विलोकन आवेदन पत्रांक-243-1 दिनांक उक्त शास्ति के विरूद्ध श्री शर्मा द्वारा अंतरिम पुनर्वि 2014 सूचित किया गया कि उनके अंतरिम ज्ञापन को ही ा गया एवं पुनः पत्रांक-1822-2, दिनांक 14.11.2014 सूचित किया गया कि उनके अंतरिम ज्ञापन को ही समर्पित किया गया एवं पुनः पत्रांक-1822-2, दिनांक 14 अन्तिम ज्ञापन मान कर निर्णय लिया जाय। श्री शर्मा ने पुनर्विलोकन आवेदन में मूल रूप में अंकित किया है कि बैंक अन्तिम ज्ञापन मान कर निर्णय लिया जाय। श्री शर्मा ने पुनर्विलोकन आवेदन में मूल रूप में अंकित किया है कि बैंक अन्तिम ज्ञापन मान कर निर्णय लिया जाय। श्री शर्मा ने पुनर्विलोकन आवेदन में मूल रूप में अंकित किया है कि बैंक 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 म(cid:4)चZ 2016 ऋण प्राप्त करने में उन्होंने श्रीमती रेखा रानी को सह ऋणी के रूप में सहयोग किया था उन्होंने केवल ऋण आवेदन पर हस्ताक्षर किया इसमें उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी उनके द्वारा यह भी अंकित किया गया की उनके द्वारा तीन भू-धारियों, श्री मनोज कुमार, श्री अमीत प्रकाश, एवं श्रीमती रेखा रानी को दाखिल-खारिज करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र दी गयी थी परन्तु प्रश्नगत मामले में श्रीमती रेखा रानी के मामले को अलग कर आरोप गठित किया गया। श्री शर्मा द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन आवेदन/ज्ञापन के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री शर्मा ने पुनर्विलोकन आवेदन/ज्ञापन में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। श्रीमती रेखा रानी एक विवाहिता स्त्री थी उनके साथ इनका कोई वैवाहिक संबंध या खून का रिस्ता नहीं था। श्रीमती रेखा रानी के ऋण आवेदन पर सह ऋणी बनना एवं पति के रूप में नाम दर्ज कराना एवं अन्य आरोप किसी सरकारी सेवक के मर्यादा के अनूकूल नहीं माना जा सकता है। इस तरह स्पष्ट है कि श्री शर्मा द्वारा संसूचित शास्ति के विरूद्ध ऐसा कोई तर्क या साक्ष्य नहीं दिया गया है, जिसके आधार पर पूर्व निर्गत संकल्प में संशोधन किया जा सके। उपरोक्त के आलोक में श्री शर्मा के पुनर्विलोकन आवेदन पर सम्यक रूप से विचार करते हुए अस्वी—त करने का निर्णय लिया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 March 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-03-28.233/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-03-28.233.