(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:19)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत (cid:24) च(cid:26)(cid:27) 1(cid:29)3(cid:24) (cid:30)श(cid:15)(cid:31)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 234) पटन(cid:4)
पटन(cid:4) स!मव(cid:4)र 28 म(cid:4)चZ 2(cid:15)1%
सं0 08/आरोप-01-277/2014,सा॰प्र॰—17118
सं0 08/आरोप-01-277
सामान्य प्रशासन विभाग
------
संकल्प
12 दिसम्बर 2014
श्री राजयनंद बार्डियार, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-814/08, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सोनपुर, सारण सम्प्रति श्री राजयनंद बार्डियार, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-814/08, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सोनपुर, सारण सम्प्रति श्री राजयनंद बार्डियार, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-814/08, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सोनपुर, सारण सम्प्रति सहायक निदेशक, आई॰सी॰डी॰एस॰, निदेशालय पटना के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही एवं अनाधि—त अनुपस्थिति सहायक निदेशक, आई॰सी॰डी॰एस॰, निदेशालय पटना के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही एवं अनाधि सहायक निदेशक, आई॰सी॰डी॰एस॰, निदेशालय पटना के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही एवं अनाधि
के लिए जिला पदाधिकारी, सारण, छपरा के पत्रांक-1691, दिनांक 11 2009 द्वारा गठित आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त पदाधिकारी, सारण, छपरा के पत्रांक-1691, दिनांक 11.05.2009 द्वारा गठित आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ।
प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर श्री बार्डियार से वि
प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर श्री बार्डियार से विभागीय पत्रांक-7548, दिनांक 31
31.07.2009 द्वारा स्पष्टीकरण
2009 को विभाग को प्राप्त हुआ में मूल रूप में की माँग की गयी। श्री बार्डियार ने अपने स्पष्टीकरण जो दिनांक 28.08.2009 को विभाग को प्राप्त हुआ में मूल रूप में की माँग की गयी। श्री बार्डियार ने
अंकित किया है कि तत्कालीन जिला पदाधिकारी के द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के कारण उनके विरूद्ध आरोप भेजा गया अंकित किया है कि तत्कालीन जिला पदाधिकारी के द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के कारण उनके विरूद्ध आरोप भेजा गया अंकित किया है कि तत्कालीन जिला पदाधिकारी के द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के कारण उनके विरूद्ध आरोप भेजा गया था। उनके द्वारा गोपनीय अभियुक्ति नहीं भेजी गयी थी जिसकी सूचना उन्होंने अपने पत्रांक-28, दिनांक 31.01.2009 से था। उनके द्वारा गोपनीय अभियुक्ति नहीं भेजी गयी थी जिसकी सूचना उन्होंने अपने पत्रांक-28, दिनांक 31 था। उनके द्वारा गोपनीय अभियुक्ति नहीं भेजी गयी थी जिसकी सूचना उन्होंने अपने पत्रांक-28, दिनांक 31 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 म(cid:4)चZ 2016 आरोप एवं आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण के सम्यक् समीक्षोपरांत पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर थे साथ ही असामान्य परिस्थिति में उनकी खोज की गयी थी तो उनका मोबाईल स्वीच ऑफ था साथ ही अपने वरीय पदाधिकारी पर द्ववेषवश आरोप लगाने की बात अंकित करना श्री बार्डियार का अनुशासनहीनता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही दर्शाता है।
तद्आलोक में श्री राजयनंद बार्डियार, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-814/08, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सोनपुर, सारण सम्प्रति सहायक निदेशक, आई॰सी॰डी॰एस॰, निदेशालय पटना को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष के प्रभाव से)
(ii) प्रोन्नति पर एक वर्ष के लिए रोक (संकल्प निर्गत होने की तिथि से प्रभावी)
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,