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सं0 08/आरोप-01-54/2014, सा॰प्र॰—918
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
20 जनवरी 2015
श्रीमती सुषमा, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-11
(बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-
06/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के विरूद्ध इन्दिरा
बिहार, पटना के पत्रांक-8351, आवास योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता आदि का आरोप ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-8351, आवास योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता आदि का आरोप ग्रामीण विकास विभाग,
2009 द्वारा प्रतिवेदित किया गया था। प्रतिवेदित आरोप के जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9292, दिनांक 14.09.2009 द्वारा प्रतिवेदित किया गया था। प्रतिवेदित आरोप के जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9292, 2009 द्वारा प्रतिवेदित किया गया था। प्रतिवेदित आरोप के जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9292, दिनांक 14.06.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन का निर्णय लिया गया।
2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन का निर्णय लिया गया।
2. संचालन पदाधिकारी, प्रधान सचिव, जल संसधान विभाग-स ह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना संचालन पदाधिकारी, प्रधान सचिव, जल संसधान विभाग-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना
2014 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जाँच के पत्रांक-86/प्र॰स॰को॰/ए॰सी॰डी॰ई॰, दिनांक 31.03.2014 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जाँच के पत्रांक-86/प्र॰स॰को॰/ए॰सी॰डी॰ई॰, दिनांक 31
प्रतिवेदन पर आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारण-पृच्छा के तहत स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। आरोप, साक्ष्य एवं प्रतिवेदन पर आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारण-पृच्छा के तहत स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। आरोप, साक्ष्य एवं प्रतिवेदन पर आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारण-पृच्छा के तहत स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। आरोप, साक्ष्य एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की गहन समीक्षा की गयी।
े मंतव्य की गहन समीक्षा की गयी।
श्रीमती सुषमा के विरूद्ध इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता संबंधी छः 3. श्रीमती सुषमा के विरूद्ध इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता संबंधी छः श्रीमती सुषमा के विरूद्ध इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता संबंधी छः आरोपों को प्रतिवेदित किया गया था। इनमें से आरोप सं॰-1,3,5 एवं 6 को जाँच पदाधिकारी द्वारा अप्रमाणित पाया आरोपों को प्रतिवेदित किया गया था। इनमें से आरोप सं॰-1,3,5 एवं 6 को जाँच पदाधिकारी द्वारा अप्रमाणित पाया आरोपों को प्रतिवेदित किया गया था। इनमें से आरोप सं॰-1,3,5 एवं 6 को जाँच पदाधिकारी द्वारा अप्रमाणित पाया वं 4 को मूल रूप से अप्रमाणित परन्तु आरोपित पदाधिकारी के स्तर पर सजगता एवं गया जबकि आरोप सं॰-2 एवं 4 को मूल रूप से अप्रमाणित परन्तु आरोपित पदाधिकारी के स्तर पर सजगता एवं वं 4 को मूल रूप से अप्रमाणित परन्तु आरोपित पदाधिकारी के स्तर पर सजगता एवं योजना के कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी के कारण दृष्टिगत चूक के लिए Advisory निर्गत की आवश्यकता बतायी निर्गत की आवश्यकता बतायी योजना के कार्यान्वयन में निरीक्षण की कमी के कारण दृष्टिगत चूक के लिए 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 म(cid:4)चZ 2016 4. आरोप, आरोपित पदाधिकारी का स्पष्टीकरण एवं बचाव बयान तथा संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन पर सम्यक् रूप से विचार किया गया। जाँच पदाधिकारी ने किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया। पंचायत समिति के सदस्य ने कुछ लाभुकों से सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर राशि ले ली परन्तु किसी लाभुक ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को या उच्चापदाधिकारियों को शिकायत नहीं की। आरोपित पदाधिकारी श्रीमती सुषमा, बि॰प्र॰से॰, प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़हनी से निरीक्षण में चूक हुई। इन्दिरा आवास के कार्यान्वयन में कठोर निरीक्षण एवं शतत् सजगता की आवश्यकता होती है।
अतः श्रीमती सुषमा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1106/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़हनी, भोजपुर को इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में संघन पर्यवेक्षण में हुई चूक के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) एवं 19 के तहत निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :-
(i) 'निन्दन' (आरोप वर्ष के प्रभाव से)।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
केशव कुमार सिंह,
सरकार के अपर सचिव।
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