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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 March 2016

Published 28 March 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-03-28.241
Languages
English, Hindi

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सं0 08/आरोप-1-320/2014,सा॰प्र॰—413

सामान्य प्रशासन विभाग

------

संकल्प

9 जनवरी 2015

2013 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध ''निन्दन'' (आरोप वर्ष-2009-10 के लिए) की शास्ति अधिरोपित की गई।

(आरोप वर्ष-2009-10 के लिए) की शास्ति अधिरोपित की गई। उक्त शास्ति के आलोक में श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 25.01

ति के है तथा इस आलोक में उन्हें संसूचित ''निन्दन'' की सजा पर्याप्त नहीं है।

दाधिकारी के स्पष्टीकरण पर मंतव्य दिया था कि दिनांक 23.09.

श्री विजय कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1229/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1229/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1229/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल) के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना एवं प्रखंड परिसर स्थित 10 (दस) सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल) के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना एवं प्रखंड परिसर स्थित 10 (दस) सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल) के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना एवं प्रखंड परिसर स्थित 10 (दस) शीशम एवं एक पीपल के पेड़ की निलामी में अनियमितता बरतने संबंधी जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-10, पेड़ की निलामी में अनियमितता बरतने संबंधी जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-10, पेड़ की निलामी में अनियमितता बरतने संबंधी जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-10, 2010 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक-10030, दिनांक 16.07.2012 द्वारा विभागीय दिनांक 04.02.2010 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक-10030, दिनांक 16 2010 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक-10030, दिनांक 16 पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-1410, कार्यवाही संचालित की गयी। जाँच पदाधिकारी, संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-1410, कार्यवाही संचालित की गयी। जाँच पदाधिकारी, संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, 2012 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमति के कारणों का दिनांक 31.12.2012 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमति के कारणों का 2012 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमति के कारणों का आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारणपृच्छा के तहत प्रत्युत्तर की मॉंग की गयी। जाँच पदाधिकारी से आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारणपृच्छा के तहत प्रत्युत्तर की मॉंग की गयी। उल्लेख करते हुए आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारणपृच्छा के तहत प्रत्युत्तर की मॉंग की गयी। प्रतिवेदन एवं द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की समीक्षा के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-19188, दिनांक 18. प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की समीक्षा के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-19188, दिनांक 18 प्रतिवेदन एवं द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की समीक्षा के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-19188, दिनांक 18 12.2013 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध '' 01.2014 समर्पित किया गया। 2. उक्त शास्ति के आलोक में श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध गठित अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध गठित अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप सं॰-1, जो एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों के नाम पर दो बार इंदिरा आवास का लाभ देने से संबंधित है आरोप सं॰-1, जो एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों के नाम पर दो बार इंदिरा आवास का लाभ देने से संबंधित है आरोप सं॰-1, जो एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों के नाम पर दो बार इंदिरा आवास का लाभ देने से संबंधित है ं॰-2, जो प्रखंड परिसर में स्थिति शीशम एवं पपील के पेड़ की अनियमित निलामी से संबंधित है, गंभीर ं॰-2, जो प्रखंड परिसर में स्थिति शीशम एवं पपील के पेड़ की अनियमित निलामी से संबंधित है, गंभीर एवं आरोप सं॰-2, जो प्रखंड परिसर में स्थिति शीशम एवं पपील के पेड़ की अनियमित निलामी से संबंधित है, गंभीर प्र—ति के है तथा इस आलोक में उन्हें संसूचित '' 3. वर्णित परिपे्रक्ष्य में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्रा वर्णित परिपे्रक्ष्य में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन, जाँच वर्णित परिपे्रक्ष्य में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्रा पदाधिकारी के प्रतिवेदन से विभागीय असहमति के आलोक में श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की पुनः पदाधिकारी के प्रतिवेदन से विभागीय असहमति के आलोक में श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की पुनः पदाधिकारी के प्रतिवेदन से विभागीय असहमति के आलोक में श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की पुनः समीक्षा की गयी एवं पाया गया कि :- समीक्षा की गयी एवं पाया गया कि :- आरोप संख्या-1 मामले की प्रारम्भिक जाँच उप विकास आयुक्त, सीतामढ़ी द्वारा की गयी थी एवं प्रतिवेदित मामले की प्रारम्भिक जाँच उप विकास आयुक्त, सीतामढ़ी द्वारा की गयी थी एवं प्रतिवेदित मामले की प्रारम्भिक जाँच उप विकास आयुक्त, सीतामढ़ी द्वारा की गयी थी एवं प्रतिवेदित किया गया था कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कई मामलों में पति-पत्नी दोनों के नाम पर अलग-अलग दो बार इंदिरा किया गया था कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कई मामलों में पति-पत्नी दोनों के नाम पर अलग-अलग दो बार इंदिरा किया गया था कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कई मामलों में पति-पत्नी दोनों के नाम पर अलग-अलग दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। इस तरह के कई मामले एक ही पंचायत के जॉंच में उप विकास आयुक्त को परिलक्षित आवास का लाभ दिया गया। इस तरह के कई मामले एक ही पंचायत के जॉंच में उप विकास आयुक्त को परिलक्षित आवास का लाभ दिया गया। इस तरह के कई मामले एक ही पंचायत के जॉंच में उप विकास आयुक्त को परिलक्षित हुआ। जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी ने भी आरोपित प हुआ। जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी ने भी आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर मंतव्य दिया था कि दिनांक 23 2009 को उप विकास आयुक्त द्वारा की गयी जॉंच के आलोक में जॉंच प्रतिवेदन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी से 2009 को उप विकास आयुक्त द्वारा की गयी जॉंच के आलोक में जॉंच प्रतिवेदन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी से 2009 को उप विकास आयुक्त द्वारा की गयी जॉंच के आलोक में जॉंच प्रतिवेदन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मॉंग की गयी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक 14.11.2009 स्पष्टीकरण की मॉंग की गयी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक स्पष्टीकरण की मॉंग की गयी थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक

2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 म(cid:4)चZ 2016 को प्राथमिकी दर्ज कराई गयी एवं लाभुकों से राशि की वसूली कराई गयी। संचालन पदाधिकारी ने भी अपने जॉंच प्रतिवेदन में इस आरोप संख्या-1 पर विस्तृत विवरण दिया और पाया कि आरोपित पदाधिकारी को भिन्न-भिन्न जिम्मेदारियों को निर्वहन करना पड़ता है एवं अभिलेख का रख रखाव भी ठीक नहीं था इसलिए उन्हें व्यवाहारिक कठिनाई हुई। जाँच पदाधिकारी ने अनियमित भुगतान के लिए लाभार्थियों के घोषणा-पत्र को ही कारण बताते हुए आरोप प्रमाणित नहीं होना प्रतिवेदित किया। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से प्राप्त मंतव्य से स्पष्ट होता है कि उप विकास आयुक्त द्वारा दिनांक 24.09.2009 को मामले की जॉंच की गयी एवं जॉंच में अनियमितता पाई गयी तत्पश्चात स्वाभाविक तौर पर आरोपित पदाधिकारी द्वारा तत्क्षण कार्रवाई की जानी चाहिए थी परंतु श्री कुमार द्वारा दिनांक 14.11.2009 को प्राथमिकी दर्ज कराई गयी एवं आश्चर्यजनक रुप में दी गई राशि को वापस बैंक में जमा भी करा लिया गया। इंदिरा आवास योजना समाज के सबसे कमजोर वर्गों के लिए है। इसके कार्यान्वयन में आरोपित पदाधिकारी द्वारा हुई लापरवाही को एक गंभीर —त्य माना जायेगा। उप विकास आयुक्त के जांच के लगभग डेढ़ माह बाद दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई करना भी एक बड़ी चूक मानी जायेगी एवं इस गंभीर अनियमितता के लिए श्री कुमार दोषी है। आरोप सं0-2 शीशम के पेड़ का मूल्यांकन वन विभाग से नहीं कराकर राजस्व कर्मचारी द्वारा कराया गया एवं न्यूनतम मूल्य 12,000/- (बारह हजार) से कम पर बंदोवस्ती की स्वीकृति दी गयी जबकि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक 601 दिनांक 17.8.1998 द्वारा निरूपित प्रावधान के तहत बंदोवस्ती की शक्ति वर्णित राशि के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को प्रदत्त थी। निलामी की प्रक्रिया में भी त्रुटि पायी गयी। हॉलकि जांच पदाधिकारी द्वारा यह प्रतिवेदित किया गया कि निलामी से संबंधित वृक्ष किसी अधिसूचित सैरात पंजी में दर्ज नहीं था इस कारण आरोपित पदाधिकारी द्वारा राजस्व विभागीय पत्रांक 601/रा0 दिनांक 17.8.1998 का अनुपालन किये जाने की बाध्यता नहीं थी। जांच पदाधिकारी ने आलेख में बीड सीट संलग्न नहीं करने के लिए संबंधित सहायक को जिम्मेवार माना तथा लेकिन कंडिकावार विश्लेषण करते हुए श्री कुमार को आरोपमुक्त करने की अनुशंसा की लेकिन विचारणीय बिन्दु यह है कि प्रखंड या अंचल परिसर में अगर लगे किसी पेड़ की डाक की जाती है तो वह भले ही सैरात पंजी में नहीं हो परन्तु उसके बंदोवस्ती की प्रक्रिया वही होनी चाहिए जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपने परिपत्रों द्वारा निरूपित किया है। जांच पदाधिकारी के मत से पूर्णतः सहमत नहीं हुआ जा सकता है तथा इस अनियमितता के लिए श्री कुमार दोषी है। 4. अतः पूरे मामले की सम्यक्‌ पुनर्समीक्षा के उपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकारण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 एवं नियम-19 के तहत श्री विजय कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1229/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल) से संबंधित पूर्व में निर्गत संकल्प ज्ञापांक-19188 दिनांक 18.12.2013 को संशोधित करते हुए उनके विरूद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :- (i) 'निन्दन' (संगत आरोप वर्ष 2009-10 के प्रभाव से) (ii) दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित एवं श्री विजय कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-1229/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सुपौल) को दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 241%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 March 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-03-28.241/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-03-28.241.