(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:19)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
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सं0 2/नि0था0-307/2007-सा0प्र0—10472
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
21 जुलाई 2015
-सह-अंचलाधिकारी, अतरी, गया को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 20.06.2007 को रू0 -सह-अंचलाधिकारी, अतरी, गया को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 20
श्री अल्लामा मुख्तार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 987/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अल्लामा मुख्तार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 987/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अल्लामा मुख्तार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 987/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी 2007 को रू0 10,000/- fj'or लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी थाना कांड संख्या 78/07 दिनांक 21.06.2007 दर्ज किया गया। हाथ गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी थाना कांड संख्या 78/07 दिनांक 21 2007 दर्ज किया गया।
2. उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिए संकल्प ज्ञापांक 7571 दिनांक 24 2007 द्वारा श्री मुख्तार को निलंबित उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिए संकल्प ज्ञापांक 7571 दिनांक 24.07.2007 द्वारा श्री मुख्तार को निलंबित
श्री मुख्तार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5175 दिनांक 03.06.2009 द्वारा श्री मुख्तार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5175 दिनांक 03
संचालित की गयी। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 720 दिनांक 30.08.2012 संचालित की गयी। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 720 दिनांक 30 संचालित की गयी। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 720 दिनांक 30 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकार ी के जाँच प्रतिवेदन के अंतिम निष्कर्ष से असहमत होते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के अंतिम निष्कर्ष से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक 9916 दिनांक 28.
.06.2013 द्वारा संचालन पदाधिकारी से पुनर्जांच हेतु अनुरोध किया गया।
2013 द्वारा संचालन पदाधिकारी से पुनर्जांच हेतु अनुरोध किया गया।
श्री आल्लामा मुख्तार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 14443/08 में पुनः 4. श्री आल्लामा मुख्तार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 14443/08 में पुनः श्री आल्लामा मुख्तार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 14443/08 में पुनः Rejoinder application एवं
एवं I.A. संख्या ............/2013 दाखिल किया गया, जिसमें दिना
/2013 दाखिल किया गया, जिसमें दिनांक 24.09.2013 को पारित न्यायादे'ा में विभागीय पत्रांक 9916 दिनांक 28
ा में विभागीय पत्रांक 9916 दिनांक 28.06.2013 को निरस्त करते हुये दिया गया निदे
गया निदे'ा निम्नवत् है :-
of de novo enquiry, as "In that view of the matter, the impugned orders of remand of de novo enquiry, as "In that view of the matter, the impugned orders of remand
7 & 9, cannot be sustained and are quashed. It would be open to contained in Annexures- 7 & 9, cannot be sustained and are quashed. It would be open to 7 & 9, cannot be sustained and are quashed. It would be open to2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 31 माच(cid:24) 2016 the Department to consider whether in the departmental enquiry having exonerated the petitioner would it be advisable to continue with the suspension of the petition."
5. उपर्युक्त न्यायkns'k के आलोक में पुनर्जांच के बदले बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 के संगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। आरोप-पत्र, आरोपित पदाधिकारी का स्पष्टीकरण, संचालन पदाधिकारी का मंतव्य एवं निगरानी विभाग से प्राप्त दस्तावेजों की समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि परिवादी के द्वारा दिनांक 23.05.2007 को भूमि सत्यापन हेतु जिला उद्यान कार्यालय से प्राप्त पत्र आरोपी पदाधिकारी का दिया गया था, जिसे आरोपी पदाधिकारी द्वारा राजस्व कर्मचारी को प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु पृष्ठांकित कर दिया गया था, जिसे परिवादी द्वारा राजस्व कर्मचारी से प्रतिवेदन अंकित कराने हेतु स्वयं प्राप्त कर लिया गया था, जिसे आरोपी पदाधिकारी ने अपने स्पष्टीकरण में स्वीकार किया है। इससे यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा अंचल अधिकारी, अतरी से परिवादी के भूमि के स्वामित्व के प्रतिवेदन की मांग की गयी थी एवं अंचल अधिकारी के द्वारा भूमि सत्यापन प्रतिवेदन नहीं भेजा गया था, जिससे परिवादी के द्वारा लगाये गये आरोपों एवं घूस लिये जाने तथा रंगे हाथ पकड़े जाने संबंधी आरोपों की परोक्ष रूप से पुष्टि होती है। 6. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 (3) के प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के अंतिम निष्कर्ष से असहमति के उपर्युक्त बिन्दुओं को अंकित करते हुए विभागीय पत्रांक 11544 दिनांक 21.08.2014 द्वारा श्री मुख्तार से अभ्यावेदन की मांग की गयी।
7. श्री मुख्तार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 08.09.2014 में कहा है कि ''भवदीय कार्यालय द्वारा निर्गत कारण पृच्छा द्वारा जिन आरोपों की पुष्टि परोक्ष रूप से होने की बात की जा रही है उन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए विभागीय जाँच आयुक्त ने अपने जाँच प्रतिवेदन में प्रत्यक्ष अकाट्य प्रमाणों के साथ प्रत्यक्ष रूप से अप्रमाणित किया है एवं प्रत्यक्ष रूप से मंतव्य दिया है कि आरोपी के विरूद्ध सारी घटना षड्यंत्र अन्तर्गत रची दिखती है।''
8. आरोपी पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों एवं संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित मंतव्य से निगरानी धावा दल के किये गये टै्रप की त्रुटियाँ परिलक्षित होती है। फिर भी आरोपी पदाधिकारी के द्वारा अपने स्पष्टीकरण में स्वयं स्वीकार किया गया है कि परिवादी के द्वारा दिनांक 23.05.2007 को भूमि सत्यापन हेतु जिला उद्यान कार्यालय से प्राप्त पत्र को दिया गया था, जिसे उनके द्वारा राजस्व कर्मचारी को प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु पृष्ठांकित कर दिया गया था, जिसे परिवादी द्वारा राजस्व कर्मचारी से प्रतिवेदन अंकित कराने हेतु स्वयं प्राप्त कर लिया गया था। इससे यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि जिला उद्यान पदाधिकारी के द्वारा अंचल अधिकारी, अतरी से परिवादी के भूमि के स्वामित्व प्रतिवेदन की मांग की गयी थी एवं अंचल अधिकारी के द्वारा भूमि सत्यापन प्रतिवेदन नहीं भेजा गया था, जिससे परिवादी के द्वारा लगाये गये आरोपों एवं घूस लिए जाने तथा रंगे हाथ पकड़े जाने संबंधी आरोपों की पुष्टि होती है।
9. अनु'ाासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत श्री अल्लामा मुख्तार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (xi) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिये जाने का विनिि'चय किया गया।
10. विभागीय पत्रांक 16968 दिनांक 10.12.2014 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से श्री मुख्तार के विरूद्ध प्रस्तावित दंड पर पराम'ार् की मांग की गई एवं आयोग के पत्रांक 533 दिनांक 20.05.2015 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जो निम्नवत् है :-
(cid:27)बहार गजट (असाधारण), 31 माच(cid:24) 2016 3''संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को निष्कर्षतः प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य दिया गया है एवं जाँच प्रतिवेदन से विभागीय असहमति संबंधी बिन्दुओं में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होने का ठोस एवं स्पष्ट आधार अंकित नहीं है, अतः आयोग विभागीय दंड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त करता है।''
11. आयोग के उपर्युक्त असहमति के बिन्दु के संदर्भ में उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 (2) के प्रावधानों के तहत अनु'ाासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमत होने के बिन्दुओं का स्पष्ट उल्लेख करते हुए विभागीय पत्रांक 11544 दिनांक 21.08.2014 द्वारा श्री मुख्तार से अभ्यावेदन की मांग की गयी थी।
12. आरोपी पदाधिकारी के द्वारा अपने स्पष्टीकरण में स्वयं स्वीकार किया गया है कि परिवादी के द्वारा दिनांक 23.05.2007 को भूमि सत्यापन हेतु जिला उद्यान कार्यालय से प्राप्त पत्र को दिया गया था, जिसे उनके द्वारा राजस्व कर्मचारी को प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु पृष्ठांकित कर दिया गया था, जिसे परिवादी द्वारा राजस्व कर्मचारी से प्रतिवेदन अंकित कराने हेतु स्वयं प्राप्त कर लिया गया था। इससे यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि जिला उद्यान पदाधिकारी के द्वारा अंचल अधिकारी, अतरी से परिवादी के भूमि के स्वामित्व प्रतिवेदन की मांग की गयी थी एवं अंचल अधिकारी के द्वारा भूमि सत्यापन प्रतिवेदन नहीं भेजा गया था, जिससे परिवादी के द्वारा लगाये गये आरोपों एवं घूस लिए जाने तथा रंगे हाथ पकड़े जाने संबंधी आरोपों की पुष्टि होती है।
13. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनु'ाासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अल्लामा मुख्तार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 987/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, अतरी, गया सम्प्रति निलंबित मुख्यालय- आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (xi) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिये जाने का निर्णय लिया गया।
14. अनु'ाासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अल्लामा मुख्तार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 987/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, अतरी, गया सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (xi) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिया एवं संसूचित किया जाता है।
आदेषः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी
बिहार-राज्यपाल के vkns'k से,
हअनिल कुमार,
सरकार के अपर सचिव।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 254%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in