Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 April 2016

Published 11 April 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-04-11.296
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट$0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार गजटगजटगजटगजट हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण अंकअंकअंकअंक

असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण

सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत

ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 22 चैऽचैऽचैऽचैऽ 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 296) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार, 11 अूीलअूीलअूीलअूील 2016

जल संसाधन विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी 2016201620162016

सं0 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014/

22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014/221—श्री जितेन्द्र झा, (आई0 डी0 क्रमांक- एम0 489), तत्कालीन श्री जितेन्द्र झा, (आई0 डी0 क्रमांक- एम0 489), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी, बाँका के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल वर्ष 2014-15 के कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी, बाँका के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल वर्ष 2014-15 के कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी, बाँका के विरूद्ध उक्त पदस्थापन काल वर्ष 2014-15 के कारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता बरतने के लिए सरकार दौरान इनके द्वारा हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने तथा सर दौरान इनके द्वारा हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने तथा सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता बरतने के लिए सरकार 14 द्वारा बिहार सरकारी के स्तर पर लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1521 दिनांक 16.10.14 द्वारा बिहार सरकारी के स्तर पर लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1521 दिनांक 16 सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त यह पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन किये जाने के उपरान्त यह पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन किये जाने के उपरान्त यह पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों को प्रमाणित होने का मंतव्य दिया गया हैः- कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों को प्रमाण्ि ात होने का मंतव्य दिया गया हैः-

(i) सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के अन्तर्गत हिरम्बी बाँध से संबंधित वीयर पर लगा हुआ फालिंग शटर नहीं गिरने, ) सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के अन्तर्गत हिरम्बी बाँध से संबंधित वीयर पर लगा हुआ फालिंग शटर नहीं गिरने, ) सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के अन्तर्गत हिरम्बी बाँध से संबंधित वीयर पर लगा हुआ फालिंग शटर नहीं गिरने, जिसके कारण पिछले वर्ष भी बाँध क्षतिग्रस्त हुआ था, के बावजूद इस पूरे साल में भी इस गेट को ठीक करने के लिए जिसके कारण पिछले वर्ष भी बाँध क्षतिग्रस्त हुआ था, के बावजूद इस पूरे साल में भी इस गेट को ठीक करने के लिए जिसके कारण पिछले वर्ष भी बाँध क्षतिग्रस्त हुआ था, के बावजूद इस पूरे साल में भी इस गेट को ठीक करने के लिए कार्रवाई नहीं की गयी। यहाँ तक कि गेटों का सामान्य अनुरक्षण एवं मरम्मति, जो आगामी बरसात के पूर्व किया कार्रवाई नहीं की गयी। यहाँ तक कि गेटों का सामान्य अनुरक्षण एवं मरम्मति, जो आगामी बरसात के पूर्व किया कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यहाँ तक कि गेटों का सामान्य अनुरक्षण एवं मरम्मति, जो आगामी बरसात के पूर्व किया जाना था, वह भी नहीं किया गया जिसके कारण इस साल पुनः बाँध टूटने की घटना हुई। जाना था, वह भी नहीं किया गया जिसके कारण इस साल पुनः बाँध टूटने की घटना हुई।

(ii) राज्यस्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण् ा तथा मरम्मति कार्य के कराये ) राज्यस्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये जाने के संबंध में मांगी गयी विशिष्ट जानकारी के बावजूद बैठक में इसकी जानकारी नहीं देना, जो सरकारी कार्य में जाने के संबंध में मांगी गयी विशिष्ट जानकारी के बावजूद बैठक में इसकी जानकारी नहीं देना, जो सरकारी कार्य में जाने के संबंध में मांगी गयी विशिष्ट जानकारी के बावजूद बैठक में इसकी जानकारी नहीं देना, जो सरकारी कार्य में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है। उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है।

फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अ फलतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अ (याँत्रिक) से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। परन्तु द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने से पूर्व श्री जितेन्द्र (याँत्रिक) से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। परन्तु द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने से पूर्व श्री जितेन्द्र (याँत्रिक) से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। परन्तु द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने से पूर्व श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (याँत्रिक) के दिनांक 31.01.15 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप सरकार के 15 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप सरकार के झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (याँत्रिक) के दिनांक 31 विरूद्ध पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय आदेश सं0 स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में इनके विरूद्ध पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय आदेश सं0 स्तर पर लिए गये निर्णय के आलोक में इनके 105-सह-पठित ज्ञापांक 1066 दिनांक 11.05.15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत 15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत 105-सह-पठित ज्ञापांक 1066 दिनांक 11 15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के सम्परिवर्तित करते हुए विभागीय पत्रांक 1213 दिनांक 21.05.15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के सम्परिवर्तित करते हुए विभागीय पत्रांक 1213 दिनांक 21 तहत प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।

हत प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 11 अूीलअूीलअूीलअूील 2016 उक्त द्वितीय कारण पृच्छा के आलोक में श्री जितेन्द्र झा, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) द्वारा प्रत्युत्तर दिनांक 04.07.15 द्वारा समर्पित किया गया जिसमें निम्नांकित तथ्यों को प्रस्तुत किया गयाः-

(i) संचालन पदाधिकारी द्वारा इनके पत्रांक 1051 दिनांक 13.12.14 द्वारा समर्पित लिखित बचाव बयान की अनदेखी की गयी है। बचाव बयान की कंडिका 7 से 10 एवं 17 से 21 के पुनः अवलोकन से स्वतः स्पष्ट होगा कि आरोप सं0 1 एवं 2 का अनुपालन इनके द्वारा किया गया है। पुनः समीक्षा हेतु अनुरोध करते हुए पत्र को अनुलग्नक के रूप में संलग्न किया गया है।

(ii) याँत्रिक संगठन द्वारा कोई भी कार्य असैनिक अभियंता के साथ संयुक्त निरीक्षण में दर्शाये गये कार्य को ही प्राथमिकता के आधार पर कराया जाता है।

(iii) दिनांक 07.05.14 को असैनिक संगठन के साथ संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन पत्रांक 1051 दिनांक 13.10.14 को अनुलग्नक के रूप में संलग्न करने के बावजूद संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित करना कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया है, न्याय संगत नहीं है। संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन अनुलग्नक के रूप में संलग्न करते हुए उल्लेख किया गया है कि दिनांक 07.05.14 को संयुक्त निरीक्षण में सामान्य सम्पोषण का कार्य कराने का निदेश प्राप्त होने पर दिनांक 08.06.14 से 10.06.14 तक सामान्य सम्पोषण के बाद फालिंग शटर का अलायनमेंट मिलाकर खड़ा करने के बाद फोटोग्राफ लिया गया जिसकी प्रति बचाव बयान में संलग्न था। परन्तु संचालन पदाधिकारी द्वारा इसकी अनदेखी कर दी जो न्याय संगत नहीं है। पुनः फोटोग्राफ संलग्न किया गया है।

(iv) पूर्व में समर्पित लिखित बचाव बयान एवं द्वितीय कारण पृच्छा में लिखित बचाव बयान की समीक्षा कर नैसर्गिक न्याय देते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। श्री जितेन्द्र झा, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में प्रस्तुत तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई एवं समीक्षोपरान्त निम्नांकित तथ्यों को पाया गयाः-

(i) संचालन पदाधिकारी को समर्पित आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान की कंडिका-7 में श्री झा द्वारा फंडामेंटल्स ऑफ इरीगेशन इंजीनियरिंग से फॉलिंग शटर के हाइड्रोलिक स्टैबलिटी टेस्ट करने की विधि के अंश का उल्लेख किया है। कंडिका-8 में आरोपित पदाधिकारी के योगदान के पश्चात वर्ष 2013 में पानी के दवाब से फॉलिंग शटर नहीं गिरने की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित सहायक अभियंता/कनीय अभियंता को पत्रांक 742 दिनांक 13.09. 13 एवं पत्रांक 995 दिनांक 07.12.2013 द्वारा कार्रवाई हेतु निदेशित करने का उल्लेख है। साथ ही यह भी उल्लेख है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा स्थल पर स्थानीय पूछताछ में रिंग में बालू आदि घुस की वजह से शटर नहीं गिरने की शंका व्यक्त की गयी है एवं सत्य नारायण मूर्ति के वाटर रिसोर्स इंजीनियरिंग प्रिंसपुल्स प्रैक्टिस में उद्धृत फॉलिंग शटर के स्वतः गिरने के तकनीकी विश्लेषण का उल्लेख करते हुए कहा है कि फॉलिंग शटर के उपर पानी का वांछित गहराई तक बहाव नहीं होने के कारण भी शटर नहीं गिरने की संभावना व्यक्त की गयी है।

कंडिका-9 एवं 10 में मई, 2014 में संयुक्त निरीक्षण करने तथा दिनांक 08.06.14 से 10.06.14 तक सामान्य संपोषण करने के उपरान्त संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ्स संलग्न करने का उल्लेख किया गया है। कंडिका-17 में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि गाईड बैंक जिसके चेन 42.0 पर टूटान हुआ, पर फ्री बोर्ड का निर्माण नहीं हुआ था। वीयर हेड वक्र्स निर्माण के पूर्व ही फ्री बोर्ड लेवल तक निर्माण हो जाना चाहिए था। नया Escape पुराने Escape से कम डिस्चार्ज के लिए बनाया गया। इन्हीं कारणों से टूटान हुआ। इस संदर्भ में सहायक अभियंता, योजना एवं मोनिटरिंग अंचल सं0-3, जल संसाधन विभाग, पटना के प्रतिवेदन को संदर्भित किया गया है।

कंडिका-18 में आरोपित पदाधिकारी द्वारा हिरम्बी वीयर से निकलने वाली मुख्य नहर का फुल सप्लाई लेवल 60.35 मी0 एवं कैनाल/गाईड बैंक का टॉप लेवल 60.30 मी0 होने तथा फुल सप्लाई की स्थिति में 0.5 मी0 पानी बैंक के उपर से बहने की बात कही गयी है।

कंडिका-19 में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि फ्री बोर्ड का निर्माण होने पर 60.95 मी0 (60.350.60) से उपर पानी का जलस्तर होने पर ही टूटान होता जबकि टूटान के समय जलस्तर 60.0 मी0 था।

कंडिका-20 में आरोपित पदाधिकारी द्वारा वीयर का क्रेस्ट लेवल 58.25 मी0फॉलिंग शटर की ऊंचाई 1.6 मी0 गाईड बैंक का फ्री बोर्ड 0.60 मी0 कुल 60.45 मी0 होने एवं टूटान के समय जलस्तर 60.00 मी0 रहने का उल्लेख करते हुए फ्री बोर्ड का निर्माण नहीं होने के कारण टूटान होने की बात कही गयी है।

कंडिका-21 में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि नहर का एफ0 एस0 एल0-60.35 मी0 एवं चेन 42.00 पर बाँध की ऊंचाई 60.30 मी0 है। सहायक अभियंता, योजना एवं मोनिटरिंग अंचल सं0-3, जल संसाधन विभाग के प्रतिवेदन में स्पष्ट अंकित है कि ''बाँध के उस बिन्दु पर बाँध के सेक्शन के कमजोर एवं टॉप लेवल नीचे रहने के कारण टूटान हुआ है।''

आरोपित पदाधिकारी द्वारा साक्ष्य के रूप में संलग्न किये गये संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ्स से संयुक्त निरीक्षण करने एवं फॉलिंग शटर के खड़ा रहने की स्थिति का बोध तो होता है परन्तु राज्यस्तरीय बैठक में विशिष्ट रूप से पृच्छा के बावजूद जानकारी नहीं देने के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा न तो बयान अंकित किया गया है और न ही तत्संबंधी कोई साक्ष्य संलग्न किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी राज्यस्तरीय बैठक में वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराने की स्थिति में आरोप प्रमाणित माना गया है। उक्त तथ्यों के3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 11 अूीलअूीलअूीलअूील 2016 आलोक में संचालन पदाधिकारी के समीक्षा/निष्कर्ष से सहमत होते हुए आरोप संख्या-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का बयान स्वीकार योग्य नहीं है।

संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बयान के कंडिका-7 से 10 एवं 17 से 21 में आरोपित पदाधिकारी ने हिरम्बी बाँध के टूटान के लिए नवनिर्मित Escape Regulator के कम डिस्चार्ज का होना एवं गाईड बाँध (टूटान स्थल) फ्री बोर्ड तक निर्मित नहीं होना तथा कमजोर सेक्शन होने को मुख्य कारण माना गया है। इस संदर्भ में सहायक अभियंता, योजना एवं मोनिटरिंग अंचल सं0-3, जल संसाधन विभाग, पटना के जाँच प्रतिवेदन के अन्तिम अंश को संदर्भित किया गया है जिसमें बाँध के सेक्शन को कमजोर एवं टॉप लेवल का नीचे रहना, टूटान का कारण माना गया है। परन्तु आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान में जलस्तर बढ़ने पर फॉलिंग शटर के स्वतः नहीं गिरने के तकनीकी कमी को दूर करने से संबंधित किसी प्रकार की कार्रवाई उनके स्तर से किये जाने का उल्लेख नहीं है। मात्र पानी के दवाब में फॉलिंग शटर नहीं गिरने की सूचना वर्ष 2013 में आरोपित पदाधिकारी को प्राप्त होने पर संबंधित सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को पत्रांक 742 एवं 743 दिनांक 13.09.13 तथा पत्रांक 995 दिनांक 07.12.13 द्वारा कार्रवाई हेतु निदेशित करने का उल्लेख है। जबकि पानी के दवाब में फॉलिंग शटर के स्वतः नहीं गिरने की त्रृटि को ठीक करने के लिए वर्ष 2013 में टूटान के पूर्व एवं टूटान के बाद तथा वर्ष 2014 में भी मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर के पत्रांक 3032 दिनांक 13.09.13, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अंचल, भागलपुर के पत्रांक 1511 दिनांक 10.09.13 एवं पत्रांक 1687 दिनांक 08.10.13 तथा कार्यपालक अभियंता (असैनिक), सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के पत्रांक 931 दिनांक 05.09.13, पत्रांक 304 दिनांक 31.03.14 एवं पत्रांक 411 दिनांक 12.05.14 द्वारा आरोपित पदाधिकारी को पत्र लिखा गया था परन्तु इन पत्रों को संज्ञान में लेकर फॉलिंग शटर के तकनीकी त्रुटि को दूर करने की दिशा में किसी प्रकार की कार्रवाई किये जाने का उल्लेख आरोपित पदाधिकारी द्वारा न तो बचाव बयान में किया गया है और न ही कोई साक्ष्य दिया गया है।

मात्र बचाव बयान की कंडिका 12 से 15 में अंकित तथ्य से फॉलिंग शटर के रूपांतरित भार के निर्मित हो जाने के आलोक में रिंग पोजीशन में परिवर्तन किये जाने की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है। आरोपित पदाधिकारी का यह कहना कि गाईड बैंक फ्री बोर्ड को सन्निहित करने पर ऊॅंचाई 60.45 मी0 (58.251.600.60) होता है टूटान के समय जलस्तर 60.00 मीटर था एवं दिनांक 08.07.14 का संयुक्त जाँच प्रतिवेदन, जिसपर आरोपित पदाधिकारी का भी हस्ताक्षर है, में टूटान के समय जलस्तर 60.36 मी0 का उल्लेख है, से आरोपित पदाधिकारी यह प्रमाणित करना चाहते हैं कि 60.45 मी0 के जलस्तर पर ही फॉलिंग शटर गिरेगा परन्तु मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर के पत्रांक 1955 दिनांक 05.07.14 एवं कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के पत्रांक 931 दिनांक 05.09.13 से स्पष्ट है कि वर्ष 2013 में टूटान के समय जलस्तर 60.45 मी0 (58.251.600.60) के समय बाँस के सहारे शटर गिराने का प्रयास असफल रहा था एवं वर्ष 2014 में भी सुरक्षा उपाय के तहत शटर गिराने का प्रयास कारगर नहीं हो पाया था। उक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि किसी तकनीकी कारणों से शटर स्वतः नहीं गिरा न कि जलस्तर के कारण।

चूॅंकि संचालन पदाधिकारी ने फॉलिंग शटर के रिंग की देख-रेख, मरम्मति एवं त्रुटि का निराकरण बरसात पूर्व नहीं होने के लिए आरोपित पदाधिकारी को जिम्मेवार माना है तथा आरोपित पदाधिकारी द्वारा भी द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में नया तथ्य नहीं देकर पूर्व के बचाव बयान की कतिपय कंडिकाओं पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया है जिसकी पुर्नसमीक्षा में भी संचालन पदाधिकारी के मंतव्य/निष्कर्ष से पुनः सहमति व्यक्त किया गया।

उक्त वर्णित तथ्यों/संचालन पदाधिकारी के समीक्षा एवं निष्कर्ष के परिप्रेक्ष्य में श्री जितेन्द्र झा, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक) का द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया एवं प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी सम्प्रति सेवानिवृत को निम्नांकित दण्ड देने का निर्णय सरकार के स्तर पर लिय गयाः-

(i) 5% (पाँच प्रतिशत) पेंशन पर दो वर्ष तक रोक। उक्त दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा प्राप्त है। उक्त निर्णय एवं अनुशंसा के आलोेक में श्री जितेन्द्र झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी सम्प्रति सेवानिवृत को निम्नांकित दण्ड अधिरोपित करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता हैः- (i) 5% (पाँच प्रतिशत) पेंशन पर दो वर्ष तक रोक।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

———— अधी+कअधी+कअधी+कअधी+क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, पपपपटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु/ित।मु/ित।मु/ित।मु/ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 296-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 April 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-04-11.296/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-04-11.296.