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सं॰ 22/fu0 fl0 ¼nj0½&16
16&08@2011@409—श्री योगेन्द्र नारायण, तदेन सहायक अभियंता, प
श्री योगेन्द्र नारायण, तदेन सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल सं0 1, राजविराज सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय 1, राजविराज सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय 1, राजविराज सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय 11 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, अनियमितताओं हेतु विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 679 दिनांक 10.06.11 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, अनियमितताओं हेतु विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 679 दिनांक 10 ही संचालित किया गया। एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 09 द्वारा आपकी (श्री योगेन्द्र नारायण) सेवा उत्तर कोयल आरोप- विभागीय अधिसूचना सं0 2018 दिनांक 18.06.09 द्वारा आपकी (श्री योगेन्द्र नारायण) सेवा उत्तर कोयल आरोप- विभागीय अधिसूचना सं0 2018 दिनांक 18 नहर अवर प्रमण्डल सं0-1, देव (मुख्य अभियंता, औरंगाबाद के परिक्षेत्राधीन) से पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल नहर अवर प्रमण्डल सं0-1, देव (मुख्य अभियंता, औरंगाबाद के परिक्षेत्राधीन) से पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल नहर अवर प्रमण्डल सं0-1, देव (मुख्य अभियंता, औरंगाबाद के परिक्षेत्राधीन) से पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल दरभंगा के परिक्षेत्राधीन) स्थानान्तरित किया गया। सं0-1, राजविराज (मुख्य अभियंता, दरभंगा के परिक्षेत्राधीन) स्थानान्तरित किया गया।
09 को अपने पूर्व पद का प्रभार सौंपा गया और नव पदस्थापित स्थान पर दिनांक आपके द्वारा दिनांक 05.11.09 को अपने पूर्व पद का प्रभार सौंपा गया और नव पदस्थापित स्थान पर दिनांक 09 को अपने पूर्व पद का प्रभार सौंपा गया और नव पदस्थापित स्थान पर दिनांक 19.01.10 को योगदान किया गया। योगदान देने के पश्चात बिना कोई सूचना के अबतक आप अपने कार्य से अनुपस्थित 10 को योगदान किया गया। योगदान देने के पश्चात बिना कोई सूचना के अबतक आप अपने कार्य से अनुपस्थित 10 को योगदान किया गया। योगदान देने के पश्चात बिना कोई सूचना के अबतक आप अपने कार्य से अनुपस्थित हैं तथा अभीतक अवर प्रमण्डल का प्रभार भी ग्रहण नहीं किये हैं। विभागीय पत्रांक 6218 दिनांक 24 था अभीतक अवर प्रमण्डल का प्रभार भी ग्रहण नहीं किये हैं। विभागीय पत्रांक 6218 दिनांक 24.11.10 द्वारा आपके था अभीतक अवर प्रमण्डल का प्रभार भी ग्रहण नहीं किये हैं। विभागीय पत्रांक 6218 दिनांक 24 स्थायी पते पर आपको निदेश प्रेषित किया गया कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान पश्चिमी स्थायी पते पर आपको निदेश प्रेषित किया गया कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान पश्चिमी स्थायी पते पर आपको निदेश प्रेषित किया गया कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान पश्चिमी ्रहण कर अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए स्पष्टीकरण समर्पित कोशी नहर अवर प्रमण्डल सं0-1,राजविराज का प्रभार ग्रहण कर अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए स्पष्टीकरण समर्पित कोशी नहर अवर प्रमण्डल सं0-1,राजविराज का प्रभार ग करें, परन्तु आपके द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। पुनः विभागीय पत्रांक 6789 दिनांक 21.12.10 एवं करें, परन्तु आपके द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। पुनः विभागीय पत्रांक 6789 दिनांक 21 करें, परन्तु आपके द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। पुनः विभागीय पत्रांक 6789 दिनांक 21 पत्रांक 525 दिनांक 24.01.11 द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान का प्रभ 11 द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान का प्रभार 11 द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर नव पदस्थापित स्थान का प्रभ ग्रहण करने एवं अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं सरकारी आदेश की अवहेलना के लिए स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश ग्रहण करने एवं अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं सरकारी आदेश की अवहेलना के लिए स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश ग्रहण करने एवं अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं सरकारी आदेश की अवहेलना के लिए स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया परन्तु आपके द्वारा ऐसा नहीं किया गया जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी हैंंं। दिया गया परन्तु आपके द्वारा ऐसा नहीं किया गया जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी हैंंं।
ै तथा प्रभार ग्रहण नहीं किया जाना इस प्रकार विभागीय आदेश की बार-बार अवहेलना आपके द्वारा की गयी है तथा प्रभार ग्रहण नहीं किया जाना इस प्रकार विभागीय आदेश की बार-बार अवहेलना आपके द्वारा की गयी ह स्पष्ट करता है कि सरकारी कार्यों के प्रति आप उदासीन एवं सरकारी कार्यों के प्रति पूर्णतः कर्त्त्ाव्यहीन एवं लापरवाह हैंंं। स्पष्ट करता है कि सरकारी कार्यों के प्रति आप उदासीन एवं सरकारी कार्यों के प्रति पूर्णतः कर्त्त्ाव्यहीन एवं लापरवाह हैंंं। स्पष्ट करता है कि सरकारी कार्यों के प्रति आप उदासीन एवं सरकारी कार्यों के प्रति पूर्णतः कर्त्त्ाव्यहीन एवं लापरवाह हैंंं। विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में ही दिनांक 31.07.11 को श्री नारायण सेवानिवृत हो गये। मामले के 11 को श्री नारायण सेवानिवृत हो गये। मामले के विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में ही दिनांक 31 11 द्वारा श्री नारायण के विरूद्ध संचालित न्त विभागीय ओदश सं0 72 सह पठित ज्ञापांक 1113 दिनांक 01.09.11 द्वारा श्री नारायण के विरूद्ध संचालित 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)ील 2016 ना ही अपना बचाव बयान दिये। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 392 दिनांक 17.04.14 द्वारा पे्रस विज्ञप्ति के माध्यम से श्री नारायण को उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। इसका प्रकाशन हिन्दुस्तान समाचार पत्र में दिनांक 25.04.14 को हुआ। श्री नारायण को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त मौका दिया गया, परन्तु उनके द्वारा बचाव पक्ष नहीं रखा गया। ऐसी स्थिति में श्री नारायण के विरूद्व गठित आरोप संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित माना गया।
श्री नारायण के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित करने से पूर्व विभागीय पत्रांक 6218 दिनांक 24.11.10 द्वारा श्री नारायण को पत्र प्राप्ति के सप्ताह के अन्दर पदभार ग्रहण करने हेतु निदेशित किया गया। विभाग द्वारा पे्रस विज्ञप्ति पत्रांक 6789 दिनांक 21.12.10 द्वारा भेजा गया। जिसका प्रकाशन दिनांक 28.12.10 को प्रभात खबर एवं राष्ट्रीय सहारा में हुआ। पुनः पे्रस विज्ञप्ति पत्रांक 525 दिनांक 24.01.11 द्वारा समान निदेश दिया गया जिसका प्रकाशन दिनांक 02.02.11 को हिन्दुस्तान एवं दैनिक जागरण में हुआ। किन्तु श्री नारायण द्वारा न ही पदभार ग्रहण किया गया और न ही अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। मामले के समीक्षोपरान्त श्री नारायण के विरूद्व गठित आरोप को प्रमाणित मानते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 1967 दिनांक 16. 12.14 द्वारा श्री नारायण से प्रमाणित आरोप के लिए द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। जवाब अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय पत्रांक 453 दिनांक 13.02.15 द्वारा स्मारित किया गया। किन्तु श्री नारायण की ओर से जवाब अप्राप्त रहा। मामले की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री नारायण को नैसर्गिक न्याय के तहत बचाव का पूरा मौका दिया गया। किन्तु श्री नारायण द्वारा अपना पक्ष नहीं रख सकें तदुपरान्त उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सरकार द्वारा श्री योगेन्द्र नारायण के विरूद्व गठित आरोपों को प्रमाणित माना गया एवं एक पक्षीय निर्णय लेते हुए उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री नारायण के विरूद्व निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः-
1. पेंशन से 5 (पॅाच) प्रतिशत की राशि 10 (दस) वर्षो तक कटौती एवं 2. दिनांक 05.11.09 के बाद के समयावधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ नहीं की जाएगी। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री योगेन्द्र नारायण, तदेन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल सं0 1, राजविराज सम्प्रति सेवानिवृत को उक्त दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता है।
उक्त निर्णय में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, सरकार के संयुक्त सचिव।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 307%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in