ॢबह(cid:4)र
ह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 22 च(cid:26)(cid:27) 1(cid:28)3(cid:29) (cid:30)श(cid:15)(cid:31)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 314) पटन(cid:4)
पटन(cid:4) स!मव(cid:4)र 11 अ(cid:15)ील 2(cid:15)1$
ty lalk/ku foHkkx
———
vf/klwpuk
28 ekpZ 2016
सं॰ 22/fu0 fl0 ¼eksfr0½&
0½&08&15@2014@486—श्री अशोक कुमार (आई0 डी0-
श्री अशोक कुमार (आई0 डी0-5197), तत्कालीन सहायक अभियन्ता, चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्व चम्पारण तटबंध के कि0मी0 9 00 पर हुए टुटान/कटाव में सहायक अभियन्ता, चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्व चम्पारण तटबंध के कि0मी0 9.00 पर हुए टुटान/कटाव में बरती गई लापरवाही आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक बरती गई लापरवाही आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक बरती गई लापरवाही आदि कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक वहित रीति से विभागीय संकल्प सं0 26 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विहित रीति से विभागीय संकल्प सं0 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावल दिनांक 06.01.15 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गईं।
15 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गईं।
2299 दिनांक 07.10.15 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया एवं विभागीय पत्रांक 2458
15 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया एवं विभागीय पत्रांक 2458 दिनांक विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी अपने पत्रांक 602 दिनांक 25.06.15 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित 15 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी अपने पत्रांक 602 दिनांक 25 इर््र समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए की गई, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गइर््र समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए की गई, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की ग असहमति के बिन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा करने एवं निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया तथा तदालोक असहमति के बिन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा करने एवं निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया तथा तदा असहमति के बिन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा करने एवं निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया गया तथा तदा में विभागीय अधिसूचना सं0 2299 दिनांक 07 15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 02.11.15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
असहमति के विन्दु सं0-01- आरोपी सहायक अभियन्ता का यह कहना कि उक्त तटबंध अपने से नहीं टूटा, असहमति के विन्दु सं0-01- आरोपी सहायक अभियन्ता का यह कहना कि उक्त तटबंध अपने से नहीं टूटा, असहमति के विन्दु सं0-01- आरोपी सहायक अभियन्ता का यह कहना कि उक्त तटबंध अपने से नहीं टूटा, 4 के अनुसार जब नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर रहे बल्कि उसे काटा गया हैं एस0 ओ0 पी0 की कंडिका 4.4 के अनुसार जब नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर रहे बल्कि उसे काटा गया हैं एस0 ओ0 पी0 की कंडिका 4 या तटबंध के टो में नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंध नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंध नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंध की गश्ति करेंगे एवं आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित श्रमिकों को तटबंध की गश्ति में प्रतिनियुक्त करेंगे, किन्तु इस मामले में की गश्ति करेंगे एवं आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित श्रमिकों को तटबंध की गश्ति में प्रतिनियुक्त करेंगे, किन्तु इस मामले में की गश्ति करेंगे एवं आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित श्रमिकों को तटबंध की गश्ति में प्रतिनियुक्त करेंगे, किन्तु इस मामले में तो उसे कटने से बचाया जा सकता था। तटबंध ऐसा नहीं किया गया। अगर प्रशिक्षित श्रमिको की प्रतिनियुक्ति होती तो उसे कटने से बचाया जा सकता था। तटबंध ऐसा नहीं किया गया। अगर प्रशिक्षित श्रमिको की प्रतिनियुक्ति होती
की स्थिति में था एवं Cattle Crossing इत्यादि के कारण जहॅा कमजोर हुआ वहॅा पर इत्यादि के कारण जहॅा कमजोर हुआ वहॅा पर पर पानी Over Topping की स्थिति में था एवं तटबंध टूट गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)ील 2016 क्षतिग्रस्त हो गया। श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 07.12.15 समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व आरोप सं0-01 एवं 02 यथा SOP के कंडिका 4.4 का उल्लंधन करते हुए प्रशिक्षित श्रमिकों की प्रतिनियुक्ति करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं करने तथा तटबंध पर सत्त निगरानी एवं गश्ति नहीं करने के कारण तटबंध में टूटान की सूचना नहीं देने के लिए दोषी पाया गया।
अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों/ दोषों के लिए श्री अशोक कुमार, सहायक अभियन्ता के विरूद्व निम्न दण्ड देने का निर्णय सरकार द्वारा ली गईः-
(i). एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
(ii) तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।
(iii) निलंबन अवधि के बारे में अलग से निर्णय संसूचित किया जायेगा। उक्त निर्णय के आलोक में श्री अशोक कुमार, सहायक अभियन्ता के विरूद्व निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता है।
(i). एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
(ii) तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।
(iii) निलंबन अवधि के बारे में अलग से निर्णय संसूचित किया जायेगा। उक्त दण्ड श्री अशोक कुमार, सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, सरकार के संयुक्त सचिव।
————
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 314'5)1+10'ड(cid:17),ट-,प(cid:17),? Website: http://egazette.bih.nic.in